जवाँ हाथों में 40 साल पुराना मोबाइल

हमें पूरी दुनिया से जोड़ने वाला नन्हा सा मोबाइल फ़ोन अब 40 साल का हो गया है. उस समय की एक छोटी सी कंपनी मोटोरोला के इंजीनियर मॉर्टिन कूपर ने 3 अप्रैल 1973 को मोबाइल फ़ोन का सपना सच कर दिखाया था.
इस तरह मॉर्टिन मोबाइल फ़ोन से कॉल करने वाले पहले व्यक्ति बन गये. हालाँकि व्यवसायिक नज़रिये से मोबाइल फ़ोन को व्यावहारिक बनने में 10 साल लग गये.
बेहद सादगी के साथ शुरू हुए मोबाइल फोन के सफर ने देखते-देखते अरब़ों लोगों की ज़िंदगी बदल कर रख दी.
मॉर्टिन ने बीबीसी के साथ एक खास बातचीत में बताया कि, “इस फ़ोन को बनाने का मकसद यह साबित करना था कि मोटोरोला जैसी छोटी सी कंपनी की भी विश्वसनीयता है.”
उन्होंने कहा कि मोटोरोला ने न्यूयार्क और वाशिंगटन में प्रदर्शन करके यह साबित कर दिया कि निजी मोबाइल फ़ोन रखना संभव है.
पहली कॉल
मोबाइल फ़ोन से की गई पहली कॉल के बारे में पूछने पर उन्होंने बताया कि उन्होंने पहली कॉल अपने प्रमुख प्रतिस्पर्धी जोएल एंगल को की.
उन्होंने एंगल से कहा, “जोएल, मैं मार्टिन बोल रहा हूँ. मैं एक सेल फ़ोन से बात कर रहा हूँ, एक असली हाथ में पकड़े जा सकने वाले पोर्टेबल सेल फ़ोन से.”
मॉर्टिन ने बताया कि पत्रकारों के सामने की गई इस कॉल का मकसद आत्म संतुष्टि को प्रगट करना था. हालांकि एंगल ने बाद में बताया कि उन्हें इस कॉल के बारे में याद नहीं है.
नये झरोखे
मॉर्टिन ने कहा कि मोबाइल फोन मानवता के लिए काफी फायदेमंद साबित हो सकता है. उन्होंने कहा कि, “यदि कोई इंसान बाकी दुनिया से जुड़ता है तो कई काम किये जा सकते हैं. मेरे लिए सबसे रोमांचक चिकित्सा क्रांति है, क्योंकि आज हमारे पास अपने शरीर के बारे में पता लगाने की क्षमता है.”
एक सवाल के जवाब में उन्होंने बताया कि मोबाइल सेवा प्रदाता कंपनियों का पूरा ध्यान नेटवर्क कवरेज़ के बजाये स्पीड पर है. आज ऐसी तकनीक उपलब्ध हैं जो भरोसेमंद कवरेज दे सकती हैं और सिस्टम की क्षमता को बढ़ा सकतीं हैं, लेकिन उसे अपनाने की गति काफी धीमी है.












