क्या मैडोना दबंगई कर रही हैं?

मालावी ने अमरीका की मशहूर पॉप गायिका <link type="page"><caption> मैडोना</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/entertainment/story/2008/01/080131_madonna_forbes.shtml" platform="highweb"/></link> पर यहां के अधिकारियों को धमकाने का आरोप लगाया है. यह आरोप कथित तौर पर मालावी की हाल की यात्रा के दौरान लगाया गया है.
मैडोना ने मालावी के दो अनाथ <link type="page"><caption> बच्चों को गोद</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/entertainment/story/2009/04/090413_madonna_adoption_mb.shtml" platform="highweb"/></link> लिया है. उन्होंने अनाथ बच्चों की मदद के लिए यहां एक चैरिटी संस्था भी बनाई है.
मैडोना हाल-फिलहाल मालावी में 10 स्कूलों के दौरे पर थीं. इन स्कूलों को उनकी चैरिटी संस्था वित्तीय मदद उपलब्ध करवाती है.
वीआईपी सुविधाएं
मालावी सरकार का आरोप है कि मैडोना ने यहां के लोगों की जितनी भी मदद की हैं उसे वे दुनिया के सामने बढ़ा-चढ़ा कर कहती हैं. मैडोना पर यह आरोप भी है कि उन्होंने मलावी की हाल की यात्रा के दौरान वीआईपी सुविधाओं की मांग रखी. मगर मैडोना के मैनेजर मालावी सरकार के इस आरोप का खंडन करते हैं. उल्टा वे आरोप लगाते हैं कि सरकार मालावी की उन्नति में मैडोना के वित्तीय योगदान को अनदेखा कर रही है. बीबीसी से हुई एक बातचीत में ट्रेवोर नीलसन ने सरकार पर इस बात का भी इल्जाम लगाया है कि सरकार द्वारा ‘स्कूल प्रोजेक्ट फंड’ में कई वित्तीय गड़बड़ियां की गई हैं.
इसके अलावा नीलसन ने “ मलावी की तरक्की के लिए फंड मुहैया करने वाली प्रतिबद्ध संस्था ‘रेजिंग मलावी’” को परेशान करने का भी आरोप लगाया.
ब्रिटेन के डेली टेलीग्राफ की रिपोर्ट के मुताबिक मलावी में मैडोना और उनके दल को विशेष सुविधाएं उपलब्ध नहीं करवाए जाने से मैडोना बेहद नाराज थीं.
सार्वजनिक प्रदर्शन
टेलीग्राफ की रिपोर्ट बताती है कि मैडोना को इन वीआईपी सुविधाओं के अभाव में एअरपोर्ट पर अन्य यात्रियों के साथ कतार में खड़ा होना पड़ा. यही नहीं उन्हें और उनकी टीम को सुरक्षा अधिकारियों की तलाशी का भी सामना करना पड़ा.
ऐसा कयास लगाया जा रहा है कि यह सब मैडोना द्वारा मालावी के लिए किए गए अपने चैरिटी के कामों का सार्वजनिक तौर पर बखान करने का नतीजा है. राष्ट्रपति जॉइस बांदा के कार्यालय ने इस संदर्भ में बेहद कड़ा बयान जारी किया है. बुधवार को जारी अपने इस बयान में कार्यालय ने मेडोना पर <link type="page"><caption> आरोप</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/entertainment/2013/03/130306_madonna_bra_exhibition_vd.shtml" platform="highweb"/></link> लगाया है कि ”मेडोना मालावी को अपने अहसानों की जंजीरों में जकड़ लेना चाहती हैं.” कार्यालय द्वारा जारी बयान में कहा गया कि, “माना कि मैडोना अंतरराष्ट्रीय स्तर की एक नामचीन कलाकार हैं. मगर इसका ये मतलब तो नहीं कि वे मालावी सहित देश के अन्य हिस्सों में वीआईपी सुविधाओं की हकदार हो जाती हैं.” जॉइस बांदा आगे कहते हैं, “यदि मान भी लिया जाए कि वे वीआईपी सुविधाओं की हकदार हैं, तो इसके लिए वे सरकार को बाध्य नहीं कर सकतीं.”
दबंगई

इस बयान के बाद यह आरोप लगाया जा रहा है कि “मैडोना पर एक ऐसी गायिका हैं जो स्टेज पर अपनी मधुर आवाज पेश कर लोगों का प्यार और तवज्जो हासिल करने की बजाय अधिकारियों को अपनी दबंगई दिखाकर चर्चा में रहना चाहती हैं.” इसके अलावा यह भी कहा जा रहा है कि “ मैडोना को जल्द से जल्द यह सीख लेना चाहिए कि सच को शालीनता से कैसे बयां किया जाए.”
मैडोना को और भी कई बातों के लिए दोषी ठहराया जा रहा है. कहा जा रहा है कि “मैडोना पूरी दुनिया को ये बता रही हैं कि उन्होंने मालावी में स्कूलों का निर्माण करवाया. जबकि तथ्य यह है कि उन्होंने केवल क्लासरुम बनवाने में मदद की है.”
इसमें आगे बताया गया है कि “तथ्यों को इस तरह तोड़ मरोड़ कर पेश करने वाले व्यक्ति द्वारा सरकार से विशेष सुविधाओं की मांग करना कतई उचित नहीं है.”
मैडोना पर लगाए जा रहे इन दोषारोपणों के जवाब में मैडोना के मैनेजर ट्रेवर नीलसन का कहना है कि ‘बिल्ड ऑन’ ग्रुप जो ‘रेजिंग मलावी’ का नॉन प्रॉफिट पार्टनर है, स्कूल बिल्डिंग से संबंधित दावों से चकित है. नीलसन ने बीबीसी को बताया है कि, “ यह ग्रुप मालावी में बन रहे स्कूलों के निर्माण की हर प्रक्रिया में शामिल रहा है.’ नीलसन ने आगे कहा कि, “मैडोना मालावी की सबसे बड़ी हितैषी हैं. हम मालावी के बच्चों की सहायता के लिए आगे भी फंड का प्रबंध करते रहेंगे.”












