मुशर्रफ की जमानत बढ़ी, जूता भी चला

पाकिस्तान की एक अदालत ने पूर्व राष्ट्रपति <link type="page"><caption> परवेज मुशर्रफ</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/international/2013/03/130327_musharraf_karachi_ia.shtml" platform="highweb"/></link> की जमानत की अवधि को बढ़ा दिया है. हालांकि इस दौरान भारी अव्यवस्था दिखी जिसमें उन पर जूता भी फेंका गया.
ये पहला मौका है जब पूर्व सैन्य शासक हत्या की साजिश और जजों को बर्खास्त करने के मामले में अदालत में पेश हुए.
जब उनके समर्थक और विरोधी नारेबाजी कर रहे थे तो किसी ने मुशर्रफ की तरफ एक जूता फेंका जो उन्हें नहीं लगा.
पिछले महीने ही मुशर्रफ वर्षों के स्वनिर्वासन के बाद पाकिस्तान लौटे हैं और वो वहां मई में होने वाले <link type="page"><caption> आम चुनावों</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/multimedia/2013/03/130327_pakistan_politicians_elections_gallery_vr.shtml" platform="highweb"/></link> में हिस्सा लेना चाहते हैं.
मुशर्रफ की <link type="page"><caption> पाकिस्तान वापसी</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/international/2013/03/130323_musharraf_home_coming_aa.shtml" platform="highweb"/></link> से ऐन पहले उन्हें तीन मामलों में दस दिन की जमानत दी गई थी.
संवाददाताओं का कहना है कि कराची की अदालत ने जब मुशर्रफ की जमानत अवधि को कुछ और हफ्तों के लिए बढ़ा दिया था तो अदालत के बाहर कुछ लोगों में रोष देखा गया.
'निराधार मुकदमे'
मुशर्रफ पर अपने शासन के आखिरी दिनों से जुड़े कुछ मामलों में मुकदमे चल रहे हैं.
उन पर पूर्व प्रधानमंत्री बेनजीर भुट्टो को पर्याप्त सुरक्षा मुहैया न कराने के भी आरोप हैं जिनकी 2007 में हत्या कर दी गई थी.
इसके अलावा बलोच नेता अकबर खान बुगटी की हत्या के सिलसिले में भी वो वांछित हैं. उनके खिलाफ 2007 में जजों को बर्खास्त करने के मामले में भी मुकदमा चल रहा है.
पूर्व राष्ट्रपति मुशर्रफ अपने खिलाफ मुकदमों को 'निराधार' और राजनीति से प्रेरित बताते हैं.
उन्होंने 1999 में प्रधानमंत्री नवाज शरीफ की सरकार का तख्ता पलट कर देश की बागडोर संभाली और 2008 तक वो सत्ता में रहे.
मुशर्रफ ने महाभियोग के खतरे को देखते हुए अगस्त 2008 में राष्ट्रपति का पद छोड़ा था और उसके बाद से वो दुबई और लंदन में स्वनिर्वासन की जिंदगी जी रहे थे. कई बार अपनी वतन वापसी को टालने वाले मुशर्रफ आखिरकार पिछले दिनों पाकिस्तान लौटे.
एक तरफ जहां उन्हें मुकदमों का सामना करना है, वहीं तालिबान से भी उन्हें खतरा बताया जाता है.












