कोई देश भारत को हल्के में न ले: सोनिया गांधी

कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने कहा है कि किसी भी देश को भारत को हल्के में लेने की ग़लती नहीं करनी चाहिए.
सोनिया गांधी का ये बयान कांग्रेस संसदीय दल की आम बैठक के दौरान आया है. वे बजट सत्र शुरु होने के बाद पहली बार संसदीय दल के सदस्यों से मुलाकात कर रहीं थी.
दूरदर्शन ने सूत्रों के हवाले से लिखा है कि कांग्रेस अध्यक्ष ने सीधे-सीधे इटली का नाम लेते हुए कहा है कि, इटली को अपने दोनों नौसैनिकों के मामले में भारत की सर्वोच्च अदालत को किए वादे को निभाना चाहिए.
इन दोनों इतालवी नौसैनिकों पर फरवरी 2012 में केरल के नज़दीक समुद्र में दो निहत्थे भारतीय मछुआरों को मारने का आरोप है.
इटली द्वारा दोनों मछुआरों को भारत वापस भेजने से इंकार करने पर भारत की सुप्रीम कोर्ट ने इतालवी राजदूत डैनियल मानचिनि के भारत छोड़ कर जाने पर रोक लगा दी है.
इटली ने भारत पर कूटनीतिक संरक्षण के अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन करने का आरोप लगाया है.
इटली का ये बयान भारत में तैनात इतालवी राजदूत डैनियल मानचिनि के देश छोड़ने पर सुप्रीम कोर्ट की ओर से रोक लगाए जाने के बाद आया है.
इटली के विदेश मंत्रालय ने कहा है कि ये कूटनीतिक संबंधों पर <link type="page"> <caption> वियना समझौते </caption> <url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/india/2013/03/130315_italy_marine_dp.shtml" platform="highweb"/> </link> का 'स्पष्ट तौर पर उल्लंघन' है.

सोमवार को सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि दो भारतीय मछुआरों की हत्या के <link type="page"> <caption> अभियुक्त दो इतालवी नौसैनिकों </caption> <url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/india/2013/03/130313_italian_marines_questions_rj.shtml" platform="highweb"/> </link>को भारत भेजने से इटली के इनकार के बाद राजदूत मानचिनि को मुकदमे से राजयनिक संरक्षण प्राप्त नहीं है.
'खो दिया विश्वास'
इतालवी राजदूत के आश्वासन पर ही इन नौसैनिकों को इस विश्वास के साथ आम चुनाव में हिस्सा लेने इटली भेजा गया था कि वे चार हफ्ते के अंदर मुकदमे के लिए वापस लौटेंगे. लेकिन अब ऐसा न होने पर दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ रहा है.
भारत के मुख्य न्यायाधीश अल्तमस कबीर ने कहा कि <link type="page"> <caption> सुप्रीम कोर्ट</caption> <url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/international/2013/03/130311_italy_marine_india_va.shtml" platform="highweb"/> </link> ने इतालवी राजदूत में ‘विश्वास खो दिया है’.
उन्होंने सोमवार को भी अपने इस आदेश को दोहराया कि मानचिनि ‘अगले आदेश तक’ भारत नहीं छोड़ सकते हैं. उनके मामले की अगली सुनवाई 2 अप्रैल को है.
इतालवी विदेश मंत्रालय ने अपने बयान में कहा है कि इस मामले को हल कर लिया जाएगा और भारत के साथ उसके संबंध दोस्ताना बने रहेंगे.
'अधिकारक्षेत्र में नहीं'
इन इतालवी नौसैनिकों पर फरवरी 2012 में केरल के नजदीक समुद्र में दो भारतीय मछुआरों की हत्या का आरोप है. नौसैनिकों का कहना है कि उन्होंने मछुआरों को गलती से समुद्री डाकू समझकर गोली चलाई थी.
इटली चाहता है कि उनके नागरिकों पर मुकदमे उनके देश में ही हो. उनका कहना है कि चूंकि ये घटना अंतराष्ट्रीय जलक्षेत्र में हुई, इसलिए ये मामला भारत के अधिकारक्षेत्र में नहीं आता है.

लेकिन भारत का कहना है कि इतालवी नौसैनिकों का पोत भले ही कहीं रहा हो, लेकिन उसे इस मामले की सुनवाई करने का हक है क्योंकि मारे गए लोग निहत्थे भारतीय थे जो एक भारतीय नौका पर सवार थे.
भारतीय प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह कह चुके हैं कि अगर इतालवी नौसैनिक भारत नहीं लौटे तो इसके गंभीर परिणाम होंगे.
कभी कभार ही कड़े शब्द इस्तेमाल करने वाले मनमोहन सिंह ने कहा कि नौसैनिकों को भेजने से इटली का इनकार अस्वीकार्य है.












