ग्रीस: नाज़ी सलामी के कारण आजीवन प्रतिबंध

नाज़ी तरीक़े से अभिवादन करने के बाद ग्रीस के एक फ़ुटबॉल खिलाड़ी पर राष्ट्रीय टीम में खेलने से ज़िदगी भर के लिए पाबंदी लगा दी गई है.
शनिवार को एक मैच में जीत का गोल दाग़ने के बाद जियोर्गोस काटिदिस ने जश्न मनाते हुए नाज़ी शैली में यह अभिवादन किया था.
जियोर्गोस अभी महज़ 20 साल के हैं और फुटबॉल के मिडफ़िल्डर खिलाड़ी हैं.
ग्रीस के फुटबॉल फ़ेडरेशन ने जियोर्गोस की हरकत को उकसाने वाला क़रार दिया और कहा है कि इससे नाज़ियों के अत्याचार का शिकार होने वाले पीड़ितों का अपमान हुआ है.
हालांकि जियोर्गोस ने इन आरोपों से इनकार किया कि उन्होंने नाज़ी शैली में कोई अभिवादन किया था.
जियोर्गियो का खंडन
उन्होंने ट्विटर पर कहा, ''मैं कोई फासीवादी आदमी नहीं हूं और अगर मुझे इसका मतलब पता होता तो मैं ऐसा हरगिज नहीं करता.''
इस घटना के बाद ग्रीस के अंडर-19 टीम के कप्तान रह चुके जियोर्गोस की सोशल मीडिया पर कड़ी आलोचना की गई.
शनिवार को ओलंपिक स्टेडियम में हुए मैच में उनके क्लब ने अपनी प्रतिद्वंदी टीम पर 2-1 से जीत दर्ज की थी.
जियोर्गोस का कहना है कि वह सिर्फ़ दीर्घा में खड़े अपने साथी खिलाड़ी की तरफ़ इशारा कर रहे थे.
उनके फुटबॉल क्लब ने भी बोर्ड की अगले हफ्ते होने वाली बैठक में उनसे सफ़ाई देने के लिए कहा है.
हालांकि जियोर्गोस के क्लब एईके के कोच इवाल्ड लीनेन ने उनका समर्थन किया है. लीनेन ख़ुद जर्मन मूल के हैं.
समाचार एजेंसी रायटर्स से लीनेन ने कहा, ''वह एक छोटा बच्चा है और उसकी कोई राजनीतिक विचारधारा नहीं है. इस तरह से अभिवादन करते हुए उसने इंटरनेट या कहीं और देखा होगा और उसने बिना इसका मतलब समझे ऐसा किया होगा.''












