अमरीकी और यूरोपीय शेयर बाजारों में रिकॉर्ड तेजी

अमरीकी स्टॉक एक्सचेंज डाउ जोंस में मंगलवार को पिछले पांच साल में सबसे ज्यादा बढ़ोत्तरी दर्ज की गई. वहीं लंदन के स्टॉक एक्सचेंज में भी जबर्दस्त बढ़ोत्तरी दर्ज की गई है.
इसके अलावा दुनिया के कई और देशों के शेयर बाजारों में भी तेजी का रुख देखने को मिला.
जानकारों का कहना है कि शेयर बाजारों में ये बढ़ोत्तरी अंतरराष्ट्रीय आर्थिक मंदी के बाद अर्थव्यवस्था के पटरी पर लौटने का संकेत है.
इससे पहले एशियाई देशों के शेयर बाजारों में भी सकारात्मक रुख देखने को मिला था. हॉन्ग कॉन्ग के हैंग सेंग, शंघाई और भारतीय शेयर बाजारों में भी तेजी आई है.
न्यू यॉर्क स्थित डाउ जोंस सूचकांक मंगलवार दोपहर तक 14,273 अंक पहुंच चुका था. ये बढ़ोत्तरी साल 2007 के अक्टूबर महीने में 14,198 अंकों के बाद से अब तक की सबसे बड़ी वृद्धि है.
शेयर बाजारों में इस तेजी से पता चलता है कि निवेशकों का विश्वास अब बढ़ रहा है और वैश्विक मंदी का दौर अब खत्म हो रहा है.
अमरीका के दूसरे शेयर बाजारों में भी तेजी का दौर जारी रहा.
रियल इस्टेट में उछाल
हाल के कुछ महीनों में रियल इस्टेट में वसूली का स्तर सुधरने की वजह से अमरीकी निवेशकों का बाजार में विश्वास काफी मजबूत हुआ है. इसकी वजह से उपभोक्ताओं में भी काफी उत्साह दिखा और यही वजह है कि इसका असर शेयर बाजारों पर अब दिख रहा है.
वहीं, चीन में सत्तारूढ़ कम्युनिस्ट पार्टी की सालाना बैठक के बाद अपना पद छोड़ रहे राष्ट्रपति वेन जियाबाओ ने कहा था कि सरकार आर्थिक विकास दर को 7.5 फीसद पर बनाए रखने के लिए हर संभव कोशिश करेगी.
इसके बाद से ही यूरोपीय शेयर बाजारों में भी तेजी देखी गई.
उत्तर अमरीकी शेयर बाजार संघ के प्रमुख पॉल एटकिंसन का कहना है, “बाजार के आँकड़े काफी उत्साहजनक हैं. कंपनियां अब दोबारा निवेश करने में उत्साह दिखा रही हैं. जल्द ही बाजार में सुधार दिखने लगेगा.”
अमरीकी बाजारों की बात करें तो सबसे ज्यादा तेजी गैर-निर्माण उद्योगों में देखी गई. अर्थव्यवस्था में इस क्षेत्र की हिस्सेदारी करीब नब्बे फीसद है.












