9/11 से लेकर वर्ल्ड ट्रेड सेंटर तक...टापू जहाँ बड़े चरमपंथी पनाह लेते हैं

सुलु
इमेज कैप्शन, खूबसूरत टापुओं के दरम्यां चरमपंथ भी पनाह लेता है.

रेत, समंदर और नीला आसमां. पहली नजर में फिलीपींस का सुलु टापू जन्नत सरीखा लगता है. लेकिन ये खूबसूरती आपको धोखा दे सकती है.

अमरीका में <link type="page"> <caption> 9/11 हमले</caption> <url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/news/2011/09/110909_9-11_timeline_pp.shtml" platform="highweb"/> </link> के साज़िशकर्ता खालिद शेख मोहम्मद, 90 के दशक में वर्ल्ड ट्रेड सेंटर पर हमले में संदिग्ध रमज़ी युसुफ, बाली हमलों के साज़िशकर्ता-इन सबने सुलु में वक़्त गुजारा है.

<link type="page"> <caption> 9/11 के दिन वो 73 मिनट</caption> <url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/news/2011/09/110909_9-11_experience_pp.shtml" platform="highweb"/> </link>

यही वजह थी कि न्यूयॉर्क और वाशिंगटन में सितंबर 11 के हमलों के ठीक बाद अमरीकी फौज यहां पहुंच गई थी.

अमरीकी टास्क फोर्स के कमांडर कर्नल मार्क मिलर सुलु के बारे में कहते हैं,“साल 1994 और 2001 के बीच जहां कहीं भी चरमपंथी हिंसा हुई है उसके तार कहीं न कहीं से सुलु से जुड़े हुए है. या तो इसका इस्तेमाल सुरक्षित पहनाहगाह के तौर पर या योजना बनाने के लिए या फिर प्रशिक्षण के लिए किया गया है”.

अबू सय्याफ

इराक और <link type="page"> <caption> अफगानिस्तान</caption> <url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/international/2012/10/121029_international_others_kandahar_murder_capital_sdp.shtml" platform="highweb"/> </link> की तरह सुलु भले ही बहुत मशहूर न हो लेकिन ये चीजें यहां पिछले दस सालों से चल रही हैं और खत्म होने का नाम नहीं ले रही हैं.

मलेशिया और इंडोनेशिया में सक्रिय जेमाह इस्लामिया जैसे संगठनों के सदस्यों की मौजदूगी भी सुलु में देखी जा सकती है. इनके तार अल कायदासे जुड़े होने की बात जग जाहिर है.

सुलु
इमेज कैप्शन, सुलु दक्षिण पश्चिमी फिलिपींस के सागर तट पर स्थित है.

9/11 हमले से जुड़े लोगों समेत दुनिया भर के चरमपंथियों को किसी न किसी मौके पर पनाह देने वाले स्थानीय चरमपंथी संगठन अबू सय्याफ का कहना है कि वे इस्लामी राज्य को लेकर लड़ रहे हैं. लेकिन हकीकीत इससे अलग है. दरअसल यह संगठन लोगों को अगवा करके उगाही करता हुआ अधिक मालूम देता है.

स्थानीय मुस्लिम समुदाय के बीच ठोस आधार रखने वाले अबू सय्याफ किसी रहस्यमयी संगठन की तरह लगता है.

सुलु के स्थानीय नागरिकों के लिए अपने आस पास हिंसक चरमपंथियों की मौजूदगी और उनसे जुड़ी बातें रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा हो गई हैं.

16 साल लोवेल लौज़ेन कहती हैं,“डर आपको अपनी पसंद का काम करने से रोकता है. अगर आप दरिया किनारे, जंगलों में जाना चाहते हैं तो आप इन खतरों की वजह से डर जाते हैं”.

सुलु का पिछड़ापन

सुलु
इमेज कैप्शन, सुलु में सरकार अमरीकी मदद से चरमपंथियों पर बढ़त बना रही है.

डर का साया यहां के कारोबार और विकास दोनो पर महसूस किया जा सकता है. <link type="page"> <caption> मुस्लिम</caption> <url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/news/2012/04/120424_amnesty_muslim_da.shtml" platform="highweb"/> </link> मिंडानाओ का स्वायत्त इलाका फिलिपींस का सबसे निर्धनतम क्षेत्र है. सुलु भी इसी का एक हिस्सा है.

सुलु में बाल मृत्यु की दर सबसे अधिक है. यहां व्यस्क साक्षरता की स्थिति भी सबसे खराब है.

फिलिपींस के दूसरे क्षेत्रों में दिखने वाले आधुनिक विकास के चिह्न भी सुलु में दिखाई नहीं देते.

हालांकि कई चरमपंथी संगठनों की मौजूदगी के बावजूद फिलिपींस की सेना धीरे-धीरे इस इलाके में बढ़त बना रही है.

इसमें कोई संदेह नहीं है कि उनकी कामयाबी का श्रेय अमरीकी मदद को भी जाता है.

चरमपंथियों के पास इस इलाके के एक तिहाई हिस्से पर ही अब असर रह गया है. लेकिन यह केवल जमीन पर कब्जे की लड़ाई भर की बात नहीं है. सुलु के स्थानीय लोगों का भरोसा जीतना भी इस लड़ाई का एक हिस्सा है.