चीन में नेतृत्व परिवर्तन की कवायद शुरू

चीन में कम्युनिस्ट पार्टी का हफ्ते भर चलने वाले अधिवेशन शुरू हो गया है जिसके जरिए देश के नए नेतृत्व का निर्धारण होगा.
<link type="page"> <caption> क्या चाहते हैं चीन के लोग</caption> <url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/multimedia/2012/11/121108_chinese_views_pix_gallery_sdp.shtml" platform="highweb"/> </link>
राजधानी बीजिंग के 'ग्रेट हॉल ऑफ पीपल' में हो रहे इस अधिवेशन में 2000 से अधिक प्रतिनिधि हिस्सा ले रहे हैं.
दस वर्ष में एक बार होने वाले इस अधिवेशन का शुभारम्भ राष्ट्रपति हू जिंताओ ने किया जो अब शीर्ष नेतृत्व से हट सकते हैं.
<link type="page"> <caption> कबूतरों को भी उड़ने की मनाही</caption> <url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/international/2012/11/121108_china_security_arm.shtml" platform="highweb"/> </link>
अधिवेशन के मद्देनज़र बीजिंग में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं जहां कबूतरों को भी उड़ने की अनुमति नहीं है.
मानवाधिकार समूहों का कहना है कि सरकार से असंतुष्ट कई लोगों को हिरासत में लिया गया है या घरों में नजरबंद किया गया है.
हू जिंताओ का संबोधन
अधिवेशन में आए प्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति हू जिंताओ ने पार्टी के समक्ष अवसर और चुनौतियों का जिक्र किया.
उन्होंने कहा कि पार्टी ऐसा माहौल बनाने का प्रयास जारी रखेगी जहां लोग मिल-जुलकर रह सकें और सम्पत्ति अर्जित कर सकें.
पार्टी प्रवक्ता काई मिंगझाओ ने बुधवार को कहा कि ये अधिवेशन ऐसे समय हो रहा है जब चीन हर तरह से एक आधुनिक और समृद्ध समाज बनाने की जटिल प्रक्रिया से गुजर रहा है.
चाइना डेली अखबार ने अपने संपादकीय में कहा है कि अधिवेशन में देखने वाली बात ये होगी कि चीन के नेता घरेलू मुद्दों की प्राथमिकता किस तरह तय करते हैं और भ्रष्टाचार की चिंता कैसे दूर करते हैं.
अधिवेशन के किसी औपचारिक कार्यक्रम की घोषणा नहीं की गई है लेकिन परम्परा के मुताबिक ये एक हफ्ते तक जारी रहेगा.












