पाकिस्तान के ये दूल्हा-दुल्हन शादी के बाद प्रदर्शन क्यों करने लगे

डॉक्टर सहरिश पीरज़ादा और यासिर बरड़ू ने शादी के बाद महंगाई के ख़िलाफ़ प्रदर्शन किया

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इमेज कैप्शन, दुल्हन डॉक्टर सहरिश पीरज़ादा और दूल्हा यासिर बरड़ू ने शादी के बाद महंगाई के ख़िलाफ़ प्रदर्शन किया
    • Author, रियाज़ सोहेल
    • पदनाम, बीबीसी उर्दू डॉट कॉम, कराची

डॉक्टर सहरिश पीरज़ादा की माता-पिता के घर से विदाई हुई तो वह अपने पति के घर के जाने की बजाए शादी का सुर्ख़ जोड़ा पहने सड़क पर अपने दूल्हे और बारातियों के साथ महंगाई के ख़िलाफ़ प्रदर्शन कर रही थीं.

ये घटना सिंध के नवाबशाह शहर की है.

पाकिस्तान में हाल ही में केंद्रीय वित्त मंत्री इसहाक़ डार ने अतिरिक्त राजस्व के लिए जीएसटी की दर को 17 से 18 फ़ीसद कर दिया जबकि लग्ज़री सामान पर जीएसटी की दर को 17 से बढ़ाकर 25 प्रतिशत कर दिया.

इसके अलावा इनकम टैक्स की कैटेगरी में शादी और दूसरे उत्सवों पर 10 प्रतिशत के हिसाब से एडवांस टैक्स लगा दिया गया.

डॉक्टर सहरिश और यासिर बरड़ू की शादी के बाद महंगाई के ख़िलाफ़ प्रदर्शन की वीडियो क्लिप सोशल मीडिया पर वायरल हुई जिसमें बाराती 'आटा महंगा, गैस महंगी, चीनी महंगी, बिजली महंगी' और 'हाय-हाय' के नारे लगा रहे थे.

डॉक्टर सहरिश ने बीबीसी से बात करते हुए बताया कि विदाई के बाद उनके शौहर ने उनसे कहा कि वह घर नहीं जाएंगे बल्कि पहले महंगाई के ख़िलाफ़ प्रदर्शन करेंगे जिस पर उन्होंने हामी भरी.

"बारात में दो-तीन पिकअप वैन, तीन कारें थीं जिनमें बाराती थे. उनमें औरतें और मर्द दोनों ही शामिल थे. उन सब ने प्रदर्शन में हिस्सा लिया. मैं नारे तो नहीं लगा रही थी, सिर्फ़ शर्मा रही थी, थोड़ा-सा अजीब ज़रूर लग रहा था, लेकिन यह यादगार था."

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अनोखा प्रदर्शन

25 फ़रवरी को सूरज ढल चुका था, आसपास की गाड़ियों की लाइटें और शहर में दुकानों के बल्ब जल चुके थे. इसी बीच ये दूल्हा-दुल्हन बारातियों संग नारे लगाते हुए प्रेस क्लब गए.

वहां दूसरे आम लोग भी इस अनोखे प्रदर्शन को देखने के लिए जमा हो गए. सहरिश के अनुसार, लोगों ने समझा कि यह कोई बनावटी प्रदर्शन है या कोई शूटिंग हो रही है. लेकिन बाद में उन्हें मालूम हुआ कि यह तो सचमुच का प्रदर्शन है.

यासिर बरड़ू पहले राजनीतिक कार्यकर्ता रहे हैं और अब सरकारी स्कूल में टीचर हैं. उन्होंने बीबीसी को बताया कि इस प्रदर्शन की योजना पहले से नहीं बनाई गई थी बल्कि वहां बैठे-बैठे ही इसका ख़्याल आया था क्योंकि अभी की महंगाई से हर कोई प्रभावित है और वह भी इसका सामना कर रहे हैं. प्रदर्शन के लिए उन्होंने अपने दोस्तों से राय मशवरा किया जिन्होंने इसका समर्थन किया.

यासिर बरड़ू के अनुसार, उन्होंने विदाई के बाद अपनी दुल्हन को प्रदर्शन के फ़ैसले की जानकारी दी जिन्होंने इसके लिए रज़ामंदी जताई. इसके बाद वह दौलतपुर की सड़क पर प्रदर्शन के लिए निकल पड़े.

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पाकिस्तान में महंगाई बड़ा मुद्दा

यासिर बरड़ू के अनुसार, वह महंगाई के साथ-साथ सिंध मार्च के भागीदारों से एकजुटता भी दिखाना चाहते थे.

सिंध यूनाइटेड पार्टी के अध्यक्ष और सिंधी राष्ट्रवाद के नेता जे.एम. सैयद के पोते ज़ैन शाह के नेतृत्व में सक्खर से कराची तक पैदल लॉन्ग मार्च किया जा रहा है जिसमें महंगाई, बेरोज़गारी से मुक्ति और बाढ़ से प्रभावित लोगों के पुनर्वास की मांगें शामिल हैं.

पाकिस्तान में दैनिक इस्तेमाल के सामान के दाम में वृद्धि के ख़िलाफ़ राजनीतिक व धार्मिक दलों की ओर से भी प्रदर्शन का सिलसिला जारी है.

इमरान ख़ान की तहरीक-ए-इंसाफ़ ने पिछले दिनों प्रदर्शन किए जबकि तहरीक-ए-लब्बैक पाकिस्तान की ओर से कराची समेत पाकिस्तान भर में हड़ताल का आह्वान किया गया था जिस पर कई शहरों में कारोबार बंद रहा था.

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