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कनाडा के आसमान में दिखी 'मानवरहित अनजान वस्तु', पीएम ट्रूडो के आदेश पर नीचे गिराई गई
- Author, थॉमस मैकिन्टोश
- पदनाम, बीबीसी संवाददाता
कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रू़डो ने पुष्टि की है कि उत्तरी अमेरिकी वायुक्षेत्र के ऊपर आसमान में दिखी एक और 'अनजान वस्तु' को गिरा दिया गया है.
उन्होंने कहा कि इस अनजान वस्तु ने कनाडा के "हवाई क्षेत्र का उल्लंघन" किया था और इसे उत्तर पश्चिम कनाडा के युकोन के पास गिरा दिया गया है.
इस वस्तु को ट्रैक करने के लिए अमेरिका और कनाडा दोनों ने ही अपने विमान काम पर लगाए थे. ट्रूडो का कहना है कि एक अमेरिकी एफ़-22 जेट ने इस वस्तु पर हमला कर इसे गिरा दिया है.
पहले बलून और फिर अनजान वस्तुएं मिलीं
- बीते सप्ताह में ये तीसरी बार है जब उत्तर अमेरिका के आसमान में किसी उड़ती हुई वस्तु को गिराया गया है.
- पिछले हफ़्ते शनिवार को चीन के एक बलून को अमेरिकी सेना ने दक्षिण कैरोलिना के अटलांटिक तट के पास गिरा दिया था.
- इसके बाद इस शुक्रवार को अलास्का के पास एक छोटी कार जैसे आकार की एक अनजान वस्तु को गिराया गया था.
- इसके मलबे की तलाश के लिए ब्यूफ़ोर्ट सागर के जमे हुए पानी के आसपास हेलीकॉप्टर और ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ़्ट को तैनात किया गया है.
- इसके बाद अब कनाडा ने एक और अनजान वस्तु को गिराने की पुष्टि की है. कनाडाई सेना इसके मलबे की तलाश कर रही है.
कनाडा ने क्या बताया
कनाडाई रक्षा मंत्री अनीता आनंद ने बताया कि अब जो वस्तु आसमान में दिखी है उसे केंद्रीय यूकोन के ऊपर 40 हज़ार फीट पर हवा में उड़ता देखा गया है. शनिवार को स्थानीय समयानुसार 3 बजे 41 मिनट पर इसे गिराया गया.
उन्होंने कहा कि ये 'सिलेन्डर की तरह दिखने वाली एक छोटी वस्तु' है जिसके मलबे की तलाश शुरू हो चुकी है.
अनीता आनंद ने कहा कि इसे अमेरिका के साथ सटी सीमा से 100 मील की दूरी पर गिराया गया है. उन्होंने कहा कि "इससे यात्री विमानों के लिए ख़तरा पैदा हो रहा था."
उन्होंने कहा कि ये वस्तु उस बलून की तुलना में काफ़ी छोटी थी जिसे बीते शनिवार अमेरिका ने दक्षिण कैरोलिना के तट के पास गिराया था. ये बलून कऱीब 60 मीटर उंचा था.
ट्रूडो ने शनिवार को कहा कि उन्होंने आसमान में दिखी इस अनजान वस्तु को गिराने के लिए आदेश दिए थे और अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन से भी बात की थी.
सोशल मीडिया पर उन्होंने लिखा, "मैंने कनाडा के वायु क्षेत्र का उल्लंघन करने वाली अनजान वस्तु को गिराने के आदेश दिए हैं. युकोन के ऊपर सेना के नॉर्थ अमेरिकन एरोस्पेस डिफेन्स कमांड (नोराड) ने इस अनजान वस्तु को गिरा दिया है. अमेरिका और कनाडा ने साथ मिलकर काम किया और अमेरिका के एक एफ़-22 ने सफलतापूर्वक इस पर हमला कर इसे गिरा दिया है."
एक अन्य ट्वीट में उन्होंने नोराड को इसके लिए शुक्रिया किया और कहा, "मैंने इस मसले पर राष्ट्रपति बाइडन से बात की है. कनाडाई सेना अब इस अनजान वस्तु के मलबे को इकट्ठा करने का काम करेगी ताकि इसका विश्लेषण किया जा सके."
इससे पहले नोराड ने कहा था कि उसे उत्तरी कनाडा के आसमान में "बेहद अधिक ऊंचाई पर" एक अनजान वस्तु तैरती दिखाई दी है, जिस पर वो नज़र रख रहे हैं. नॉर्थ अमेरिकन एरोस्पेस डिफेन्स कमांड अमेरिका और कनाडा के वायु क्षेत्र की रक्षा के लिए ज़िम्मेदार है.
अमेरिकी व्हाइट हाउस ने भी कहा था इस वस्तु को ट्रैक कर रहे थे और "24 घंटों से इस पर उनकी बारीक़ नज़र थी."
"लेकिन सुरक्षा के लिहाज़ से और सेना की सलाह के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन और कनाडाई प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने इसे गिराने के आदेश दिए हैं. दोनों नेताओं में इस पर सहमति बनी है कि इसके मलबे को बरामद किया जाना महत्वपूर्ण है ताकि इसके उद्देश्य का पता किया जा सके और ये भी जाना जा सके कि ये कहां से आया.
अमेरिका ने क्या कहा
इस मिशन के बारे में और जानकारी देते हुए अमेरीका के रक्षा मंत्रालय ने बताया कि दो एफ़-22 फ़ाइटर जेट ने अलास्का के एंकोराज से एलमेन्ड्रोफ़-रिचर्जसन सैन्य अड्डे से उड़ान भरी, ओआईएम 9एक्स मिसाइल से इस अनजान वस्तु पर हमला कर उसे गिरा दिया गया.
वहीं, पेंटागन के प्रवक्ता पैट राइडर ने कहा है कि इस वस्तु के मलबे को तलाशने का काम कनाडाई अधिकारी करेंगे और इस दौरान एफ़बीआई भी कनाडाई पुलिस के साथ मिलकर काम करेगी.
अब तक ये स्पष्ट नहीं हो पाया है कि ये अनजान वस्तु क्या थी.
लेकिन उत्तर अमेरिका के आसमान में ये अनजान वस्तु ऐसे वक्त नज़र आई है जब कुछ दिन पहले अमेरिका में एक चीनी बलून देखा गया था.
इस बलून के अमेरिकी भूभाग से थोड़ा दूर जाने पर, अमेरिका ने इसे साउथ कैरोलिना के ऊपर समंदर में गिरा दिया था.
चीन ने अमेरिका की इस कार्रवाई की आलोचना की और कहा ये से मौसम संबंधी जानकारी जुटाने वाला मानवरहित बलून था जो रास्ता भटक कर अमेरिका की तरफ चला गया था. हालांकि, अमेरिका का कहना है कि ये एक जासूसी बलून था इसमें सर्विलांस की क्षमता थी.
अमेरिका-चीन लगा रहे एक-दूसरे पर आरोप
उत्तरी अमेरिका के आसमान में भी शुक्रवार को एक अनजान वस्तु को देखा गया था जिसे अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन के आदेश के बाद एक फ़ाइटर जेट ने गिरा दिया था.
अमेरिका सेना ने कहा था कि अलास्का नेशनल गार्ड के साथ मिलकर वो इस वस्तु के मलबे की खोज में जुटी है. सेना ने कहा था कि ये वस्तु क्या है और इसकी क्या-क्या क्षमता थी इसके बारे में अभी और जानकारी उपलब्ध नहीं है.
हालांकि, सेना ने ये सुनिश्चित किया है इसके मलबे की तलाश में एफ़बीआई की मदद ली जी रहा है.
सेना ने कहा, "आर्कटिक का हाड़ जमा देने वाला मौसम, तेज़ सर्द हवाएं, बर्फ और बेहद छोटे दिन होने के कारण इस काम में परेशानी आ रही है. साथ ही इस काम में लगे कर्मचारी सभी तरह की सुरक्षा बरतते हुए खोज को अंजाम दे रहे हैं."
चीनी गुब्बारे को पिछले शनिवार को गिराने के बाद रक्षा मंत्री लॉयड ऑस्टिन ने अपने चीनी समकक्ष को स्पेशल क्राइसिस लाइन पर संपर्क किया. लेकिन, रक्षा मंत्रालय के मुताबिक़ चीनी रक्षा मंत्री ने उनसे बात करने से इनकार कर दिया था.
चीनी अधिकारियों ने शुक्रवार को आरोप लगाया कि अमेरिका इस मामले का राजनीतिकरण कर रहा है और इसे बढ़ा-चढ़ाकर बता रहा है.
वहीं, राष्ट्रपति जो बाइडन ने गुरुवार को साक्षात्कार में चीनी गुब्बारे को लेकर अमेरिकी प्रतिक्रिया का बचाव किया था. हालांकि, ये भी कहा था कि ये कोई बड़ा उल्लंघन नहीं था.
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