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अलास्का के आसमान में उड़ रही 'अनजान वस्तु' को अमेरिकी F-22 ने गिराया
- Author, सैम कब्रेल और क्लोई किम
- पदनाम, वॉशिंगटन से बीबीसी संवाददाता
अमेरिका ने अलास्का के आसमान में बहुत ऊंचाई पर उड़ रही एक अनजान वस्तु को जेट से हमला कर नीचे गिरा दिया है. अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने शुक्रवार को इसे गिराने के आदेश दिए थे.
रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता जॉन किर्बी ने बताया कि ये अनजानी वस्तु 'एक छोटी कार के आकार' की है और यात्री विमानों के लिए 'ख़तरा बन गई थी'.
जॉन किर्बी ने कहा कि ये वस्तु कहां से आई थी और इसका क्या उद्देश्य है, ये अभी तक साफ़ नहीं है.
ये फ़ैसला ऐसे वक्त आया है जब सप्ताह भर पहले अमेरिका के आसमान में उड़ रहे एक चीनी बलून को साउथ कैरोलीना तट पर सेना के एक विमान ने गिरा दिया था.
शुक्रवार को व्हाइट हाउस में जॉन किर्बी ने बताया कि अलास्का के आसमान में मिली वस्तु को वायु सेना के एफ़-22 फाइटर जेट ने शुक्रवार को नीचे गिराया गया था. इसका मलबा चीनी बलून के मलबे के मुक़ाबले बहुत कम है.
उन्होंने बताया कि ये वस्तु अलास्का के उत्तरी तट पर 40 हज़ार फीट की ऊंचाई पर उड़ रही थी. जबकि यात्री विमान 40 से 45 हज़ार फीट की ऊंचाई पर उड़ते हैं. ऐसे में ये यात्री विमानों के लिए ख़तरा बन सकता था.
उन्होंने बताया कि जब इस वस्तु को गिराया गया तो ये 64 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ़्तार से नॉर्थ पोल की तरफ़ बढ़ रही थी.
हवा में कैसे उड़ रही थी ये वस्तु?
इस वस्तु के मलबे की तलाश के लिए ब्यूफ़ोर्ट सागर के जमे हुए पानी के आसपास हेलीकॉप्टर और ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ़्ट को तैनात किया गया है.
जॉन किर्बी ने कहा, "हमें नहीं पता कि ये किसका है. ये किसी सरकार का है या किसी कंपनी का या व्यक्ति की निजी वस्तु है."
गुरुवार रात को पहली बार इस वस्तु को आसमान में देखा गया था, हालांकि अधिकारियों ने इसके देखे जाने समय की पुष्टि नहीं की है.
किर्बी ने कहा, "हम अपने हवाई क्षेत्र को लेकर बेहद सजग रहते हैं. राष्ट्रपति देश की सुरक्षा के दायित्व को सबसे ऊपर रखते हैं."
उन्होंने कहा कि सबसे पहले दो फ़ाइटर विमानों ने इस वस्तु के आसपास चक्कर लगाया और ये सुनिश्चित किया कि इसमें कोई व्यक्ति सवार नहीं है.
एबीसी न्यूज़ के मुताबिक़ इस वस्तु को कोई और चीज़ संचालित नहीं कर रही थी.
मीडिया संस्थान के वैश्विक मामलों के पत्रकार मार्था रेडेट्ज़ ने एक अमेरिकी अधिकारी के हवाले से लिखा था, "ये वस्तु हवा में तैर रही थी. ये सिलिंडर आकार की थी और चांदी की चमक वाले स्लेटी रंग की थी."
रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल पैट राइडर ने बताया कि ये वस्तु पिछले हफ़्ते मिले "चीनी गुब्बारे के आकार और ढांचे की तरह नहीं थी".
उन्होंने पुष्टि की कि एफ़-22 जेट ने इस वस्तु को शुक्रवार को यूरोपीय समयानुसार एक बज तक 45 मिनट पर साइडविंडर मिसाइल से गिरा दिया था. जनरल राइडर ने कहा कि अभी तक काफ़ी मलबा इकट्ठा कर लिया गया है. इसे जहाजों पर लादकर 'विश्लेषण के लिए प्रयोगशाला' में लाया जा रहा है.
अधिकारियों का कहना है कि अभी ये साफ़ नहीं हुआ है कि इस वस्तु का उद्देश्य निगरानी करना था या नहीं. हालांकि उन्होंने संवाददता सम्मेलन के दौरान एक पत्रकार से कहा कि ये वस्तु बलून नहीं थी
जॉन किर्बी ने ये पूरी तरह साफ़ नहीं किया कि ये कहां गिराया गया है लेकिन फेडरल एविएशन एडमिनिस्ट्रेशन का कहना है कि गिरने से पहले ये वस्तु उत्तरी अलास्का के डेडहोर्स के ऊपर अमेरिकी हवाई क्षेत्र के लगभग 10 वर्ग मील के नज़दीक था.
ये जगह कनाडा की सीमा से 130 मील दूर है. कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने ट्विटर पर कहा कि उन्हें अमेरिकी हवाई क्षेत्र का उल्लंघन करने वाली इस वस्तु के बारे में जानकारी दी गई थी और 'वो इस कार्रवाई का समर्थन करते हैं'.
वहीं व्हाइट हाउस के मुताबिक़ फिलहाल अमेरिका के हवाई क्षेत्र में चिंता पैदा करने वाली कोई वस्तु नहीं है.
जॉन किर्बी ने कहा कि इस वस्तु को चलाने के लिए चीनी गुब्बारे जैसा इसमें कुछ नहीं था. ये हवा की गति से साथ बहता हुआ लग रहा था.
चीनी गुब्बारे को पिछले शनिवार को गिराने के बाद रक्षा मंत्री लॉयड ऑस्टिन ने अपने चीनी समकक्ष को स्पेशल क्राइसिस लाइन पर संपर्क किया. लेकिन, रक्षा मंत्रालय के मुताबिक़ चीनी रक्षा मंत्री ने उनसे बात करने से इनकार कर दिया था.
चीनी अधिकारियों ने शुक्रवार को आरोप लगाया कि अमेरिका इस मामले का राजनीतिकरण कर रहा है और इसे बढ़ा-चढ़ाकर बता रहा है.
वहीं, राष्ट्रपति जो बाइडन ने गुरुवार को साक्षात्कार में चीनी गुब्बारे को लेकर अमेरिकी प्रतिक्रिया का बचाव किया था. हालांकि, ये भी कहा था कि ये कोई बड़ा उल्लंघन नहीं था.
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