कैसे होगा महारानी एलिज़ाबेथ द्वितीय का अंतिम संस्कार

महारानी एलिज़ाबेथ

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    • Author, विज़ुअल जर्नलिज़्म टीम
    • पदनाम, बीबीसी न्यूज़

राजकीय सम्मान के साथ कई दिनों तक रखे रहने के बाद दिवंगत महारानी एलिज़ाबेथ द्वितीय का पार्थिव शरीर सोमवार सुबह अपना अंतिम सफ़र शुरू करेगा.

उन्हें पहले वेस्टमिंस्टर ऐबे ले जाया जाएगा, जहाँ हज़ारों लोगों की मौजूदगी में धार्मिक कार्यक्रम होगा.

इसके बाद उन्हें विंडसर कैसल ले जाया जाएगा, जहाँ उन्हें सम्मान प्रकट किया जाएगा और फिर अंत में उन्हें दफ़्न किया जाएगा, जिसमें परिवार के लोग शामिल होंगे.

ये भावनाओं, तड़क-भड़क और कार्यक्रमों से भरा आयोजन होगा. इसके जैसा आयोजन 1960 में विंस्टन चर्चिल के राजकीय अंतिम संस्कार के बाद से नहीं हुआ है. वो ब्रिटेन में हुआ पिछला अंतिम राजकीय अंतिम संस्कार था.

बकिंघम पैलेस के मुताबिक़ महारानी एलिज़ाबेथ ने स्वयं भी अपने अंतिम संस्कार की तैयारियां की थीं और व्यक्तिगत स्तर पर कुछ चीज़ें जुड़वाई थीं.

एक नज़र डालते हैं, आज सोमवार 19 सितंबर को होने वाले कार्यक्रम पर.(नोट- समय ब्रिटिश स्टैंडर्ड टाइम के मुताबिक़)

08.00 बजे समय

यहाँ से कुछ ही दूर पर स्थित वेस्टमिंस्टर ऐबे के दरवाज़े मेहमानों के आगमन के लिए खोल दिए जाएँगे. कार्यक्रम 11.00 बजे शुरू होगा.

दुनिया भर के देशों के राष्ट्राध्यक्ष और प्रमुख राजनेता लंदन पहुँचे हैं. ब्रिटेन के वरिष्ठ राजनेता और पूर्व प्रधानमंत्री भी वहाँ मौजूद रहेंगे.

यूरोप भर के शाही परिवारों के सदस्य भी पहुँचेंगे, जिनमें से कई से महारानी का ख़ून का रिश्ता भी था. बेल्जियम के किंग फिलीप और क्वीन माथिल्डे और स्पेन के किंग फिलीप और क्वीन लेटीज़िया भी मौजूद रहेंगी.

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इस समय अंतिम संस्कार का कार्यक्रम शुरू हो जाएगा.

महारानी के शव को उस खुली ताबूत गाड़ी से उठाया जाएगा, जहाँ वो बुधवार से रखा है. इसे वेस्टमिंस्टर ऐबे लाया जाएगा.

ब्रिटेन

महारानी के पार्थिव शरीर को रॉयल नेवी के स्टेट गन कैरेज से ले जाया जाएगा, जिसे 142 नाविक खींच रहे होंगे.

इस कैरेज का इस्तेमाल आख़िरी बार साल 1979 में प्रिंस फिलीप के अंकल, लॉर्ड माउंटबेटन और उससे पहले महारानी के पिता किंग जॉर्ज षष्ठम के अंतिम संस्कार में 1952 में हुआ था.

क्वीन की अंत्येष्टि कार्यक्रम

किंग जॉर्ज, उनके बेटे प्रिंस विलियम और प्रिंस हैरी के अलावा शाही परिवार के वरिष्ठ सदस्य अंतिम यात्रा में गन कैरेज के पीछे-पीछे चलेंगे.

स्कॉटलैंड और आयरलैंड रेजिमेंट के बैंड-बाजे अंतिम यात्रा में सबसे आगे होंगे. उनके साथ रॉयल एयरफोर्स और गोरखा के सदस्य भी होंगे.

इस रास्ते पर रॉयल नेवी और रॉयल मरीन के जवान खड़े होंगे और पॉर्लियामेंट स्क्वायर पर तीनों सेनाओं के जवान गॉर्ड ऑफ़ ऑनर (राजकीय सम्मान) देंगे. उनके साथ रॉयल मरींस का बैंड भी होगा.

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महारानी का अंतिम संस्कार वेस्टमिंस्टर ऐबे में शुरू होगा, जहाँ क़रीब दो हज़ार मेहमान जुटेंगे.

ये एक राजकीय अंतिम संस्कार होगा, जो सिर्फ़ किंग या क्वीन को ही दिया जाता है और इसके सख़्त नियम और प्रोटोकॉल होते हैं. जैसे कि सेना का मार्च और 'लाइंग इन स्टेट' (राजकीय सम्मान के साथ पार्थिव शरीर का रखा जाना).

द ऐबे, जहाँ ये अंतिम संस्कार हो रहा है, एक ऐतिहासिक चर्च है जहाँ ब्रिटेन के राजाओं और महारानियों का राज्याभिषेक होता रहा है. महारानी एलिज़ाबेथ का राज्याभिषेक भी यहीं 1953 में हुआ था. यहीं तब राजकुमारी रहीं एलिज़ाबेथ ने प्रिंस फिलीप से 1947 में शादी की थी.

वेस्टमिंस्टर ऐबे

18वीं सदी के बाद से वेस्टमिंस्टर ऐबे में किसी सम्राट का अंतिम संस्कार नहीं हुआ है. हालांकि क्वीन मदर का अंतिम संस्कार यहीं साल 2002 में हुआ था.

महारानी के अंतिम संस्कार की प्रार्थना वेस्टमिंस्टर केडीन डेविड होली आर्चबिशप ऑफ़ कैंटरबरी जस्टिन वेल्बी के साथ करेंगे. प्रधानमंत्री लिज़ ट्रस भी प्रार्थना करेंगी.

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वेस्टमिंस्टर ऐबे में अंतिम संस्कार की प्रार्थना के अंत में कम अवधि का बिगुल बजाया जाएगा और उसके बाद अंत में दो मिनट का मौन रखा जाएगा.

दिन के मध्य के समय (मध्याह्न) में राष्ट्रगान बजाया जाएगा और फिर महारानी का मुरलीवादक शोकगीत बजाएगा. इसी के साथ ये प्रार्थना सभा समाप्त होगी.

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इस प्रार्थना सभा के बाद, महारानी के ताबूत को वेस्टमिंस्टर ऐबे से पैदल मार्च के साथ वेलिंगटन आर्क लाया जाएगा. ये लंदन में हाइड पार्क के कोने पर स्थित है.

राजधानी लंदन की सड़कों से शवयात्रा धीमी गति से गुज़रेगी. इस दौरान ब्रितानी सेनाओं के जवान कतारबद्ध खड़े होंगे और बिग बेन हर मिनट पर घंटी बजाएगा. हाइड पार्क से हर एक मिनट पर तोपों की सलामी भी दी जाएगी.

इस रास्ते पर आम लोगों के देखने के लिए दर्शक दीर्घाएँ भी बनीं होंगी, जहाँ से वो शवयात्रा को देख सकेंगे.

शवयात्रा में सबसे आगे रॉयल कनेडियन माउंटेड पुलिस के घुड़सवार होंगे. शवयात्रा सात समूहों में बँटी होगी जिसमें हर समूह का अपना बैंड होगा. ब्रिटेन और कॉमनवेल्थ की सेनाओं के सदस्य, पुलिस और एनएचएस के सदस्य भी इसमें शामिल होंगे.

एक बार फिर किंग महारानी के ताबूत के पीछे चलते हुए शाही परिवार के सदस्यों का नेतृत्व कर रहे होंगे.

क्वीन कंसॉर्ट कैमिला, द प्रिंसेस ऑफ़ वेल्स, द काउंटेस ऑफ़ वेसेक्स और द डचेज़ ऑफ़ ससेक्स भी कारों में बैठकर इस शवयात्रा में शामिल होंगी.

वेलिंगटन आर्क पर पहुँचने के बाद दोपहर क़रीब एक बजे, ताबूत को एक नई शवगाड़ी में रखा जाएगा जहाँ से ये विंडसर कासल के लिए अपना अंतिम सफ़र करेगा.

बीते एक हज़ार सालों में विंडसर कासल कभी ख़ाली नहीं रहा है और इसमें ब्रिटेन के चालीस सम्राट-सम्राज्ञी रह चुके हैं. महारानी के जीवन में भी इसकी अहम भूमिका रही है.

दूसरे विश्व युद्ध के दौरान जब लंदन पर बमबारी का ख़तरा था, तब युवा एलिज़ाबेथ को सुरक्षा के लिए यहाँ भेज दिया गया था. हाल के सालों में कोरोना महामारी के दौरान महारानी ने विंडसर कासल को ही अपना स्थायी निवास बनाया था.

तीन बजे

विंडसर कासल की लॉंग वॉक पर ताबूत गाड़ी पहुँचेगी, जहाँ पैदल शवयात्रा निकलेगी. 5 किलोमीटर लंबी इस सड़क पर सेना के जवान खड़े रहेंगे.

आम लोगों को शवयात्रा को देखने के लिए इस सड़क के पास पहुँचने की अनुमति होगी.

इसके कुछ देर बाद किंग जॉर्ज और ब्रितानी शाही परिवार के वरिष्ठ सदस्य विंडसर कासल के अहाते में जुलूस में शामिल होंगे.

अंतिम यात्रा

कासल के मैदान से तोपों की सलामी दी जाएगी और यहाँ के सेबास्टोपोल और कर्फ्यू टॉवरों की घंटियां हर मिनट पर बजेंगी.

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इसके बाद प्रार्थना के लिए ताबूत को सेंट जॉर्ज चैपल में ले जाया जाएगा.

शाही परिवार की शादियाँ, बप्तिस्मा (नामकरण संस्कार) और अंतिम संस्कार सेंट जॉर्ज चैपल में होते रहे हैं. साल 2018 में ड्यूक एंड डचेज़ ऑफ़ ससेक्स प्रिंस हैरी और मेगन की शादी इसी चर्च में हुई थी. महारानी के दिवंगत पति का अंतिम संस्कार भी यहीं हुआ था.

क्वीन की अंत्येष्टि कार्यक्रम

विंडसर कैसल की प्रार्थना सभा अधिक व्यक्तिगत होगी और इसमें क़रीब 800 मेहमान होंगे. विंडसर के डीन डेविड कॉनर ऑर्चबिशप ऑफ़ कैंटरबरी जस्टिन वेल्बी के साथ ये प्रार्थना सभा कराएंगे.

इस प्रार्थना में वो परंपराएं भी शामिल होंगी, जो महारानी के राजकाज के अंत का प्रतीक होंगी.

क्राउन जूलर ताबूत के ऊपर से इंपीरियल स्टेट क्राउन (शाही ताज), राजसी आभूषणों और राजदंड को हटा लेंगे. इसी के साथ महारानी अंतिम बार ताज से अलग हो जाएँगी.

महारानी के आभूषण

अंतिम मंत्र के समय, किंग क्वीन के ग्रेनाडियर गार्ड के कंपनी कैंप कलर या ध्वज को ताबूत पर रखेंगे. ग्रेनाडियर गार्ड सम्राट के लिए अनुष्ठानिक ड्यूटी करने वाले सबसे वरिष्ठ पैदल गार्ड हैं.

इसी समय, द लॉर्ड चैंबरलेन, एमआई 15 के पूर्व प्रमुख बेरोन पार्कर, अपने कार्यकाल की छड़ी को तोड़ देंगे और ताबूत पर रख देंगे. इस सफ़ेद छड़ी का टूटना शाही घराने के सबसे वरिष्ठ अधिकारी के रूप में उनकी सेवा के अंत का भी संकेत होगा.

इसके बाद महारानी के ताबूत को शाही वॉल्ट में उतारा जाएगा. महारानी के वादक प्रार्थना संगीत बजाएंगे और गॉड सेव द किंग गीत गाया जाएगा. बकिंघम पैलेस के मुताबिक विंडसर कैसल में वादक की प्रस्तुति की गुज़ारिश स्वयं महारानी ने की थी.

शाम पौने पांच बजे

इसी के साथ अंत्येष्टि की प्रार्थना सभा समाप्त होगी और किंग और शाही परिवार के दूसरे सदस्य चैपल से चले जाएंगे.

शाम साढ़े सात बजे

इसी शाम, एक निजी पारिवारिक प्रार्थना के बाद, महारानी को अपने दिवंगत पति, ड्यूक ऑफ़ एडिनबरा के पास, किंग जॉर्ज षष्ठम स्मृति चैपल में दफ़न कर दिया जाएगा. ये सेंट जॉर्जेज़ चैपल के भीतर ही बना है.

उनके नाम के संगरमरमर के स्मृति लेख पर लिखा होगा- ELIZABETH II 1926-2022.

महारानी एलिज़ाबेथ