क्राइमिया में रूसी सैन्य ठिकानों पर धमाकों के पीछे कौन?

रूसी सैन्य अड्डे से उड़ता हुआ धुआं

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    • Author, फ्रैनसेस्का जिलेट
    • पदनाम, बीबीसी न्यूज़

यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की ने कहा है कि यूक्रेन युद्ध की शुरुआत क्राइमिया से हुई थी और इसका अंत भी क्राइमिया की आज़ादी के साथ होगा.

यूक्रेन के राष्ट्रपति क्राइमिया में रूसी एयरबेस पर हुए सिलसिलेवार विस्फोटों के बाद मीडिया से बात कर रहे थे. इस हमले में एक व्यक्ति की मौत हुई है.

ज़ेलेंस्की ने मंगलवार को हुए धमाकों का ज़िक्र तो नहीं किया लेकिन कहा, "क्राइमिया यूक्रेन का हिस्सा है और हम उसे वापस लेने की कोशिश कभी नहीं छोड़ेंगे."

रूस के विदेश मंत्रालय ने कहा है कि एयरबेस पर हुई घटना वहां रखे गोला-बारूद के फटने की वजह से हुई है. इस बीच यूक्रेन ने भी एयरबेस पर हुए धमाकों में शामिल होने से इंकार किया है.

यूक्रेन के अधिकारियों ने बताया है कि एक अन्य घटना में यूक्रेन के द्विप्रोपेट्रोवस्क में हुए रूसी हमले में 11 लोगों की मौत हो गई है.

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर क्राइमिया यूक्रेन का हिस्सा है लेकिन ब्लैक सी पर स्थित इस इलाक़े पर साल 2014 में रूस ने कब्ज़ा कर लिया था. रूस ने जिस जनमत संग्रह के बाद क्राइमिया पर कब्ज़ा किया था उसे दुनिया स्वीकार नहीं करती. अधिकतर यूक्रेनवासी भी उसी घटना को मौजूदा युद्ध की शुरुआत के रूप में देखते हैं.

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क्राइमिया पर रूस ने कब और कैसे कब्ज़ा किया

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  • रूस ने मार्च 2014 में क्राइमिया पर कब्ज़ा किया था.
  • इस क्षेत्र में रूसी भाषा बोलने वाले बहुसंख्यक हैं.
  • एक जनमत संग्रह में यहां के बाशिंदों ने रूस के साथ जाने का निर्णय किया था.
  • यूक्रेन और पश्चिमी देश उस जनमत संग्रह को वैध नहीं मानते हैं.
  • मार्च 2014 में हुए जनमत संग्रह से पहले ही रूसी सेनाओं ने क्राइमिया में कई रणनीतिक ठिकानों को अपने कब्ज़े में ले लिया था.

मंगलवार को एयरबेस पर धमाके

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क्राइमिया के पश्चिम में स्थित साकी मिलिट्री बेस पर कल विस्फोट हुए थे. इस बेस के क़रीब मौजूद नोवोफ़ेदोरिव्का नामक इलाक़ा रूसी पर्यटकों के बीच काफ़ी मशहूर है.

नोवोफ़ेदोरिव्का और साकी, क्राइमिया में सेवास्तोपोल से सिर्फ़ 50 किलोमीटर दूर स्थित है. सेवास्तोपोल में रूसी सेना का सबसे बड़ा ठिकाना है. रूस का ब्लैक सी फ़्लीट यहीं तैनात है.

यूक्रेन की आर्थिक और सैनिक नाकेबंदी भी इसी रूसी सैन्य ठिकाने से होती रही है. यहीं से रूस यूक्रेन के अंदरूनी इलाक़ों पर हमले करता रहा है.

सोशल मीडिया पर सामने आ रहे वीडियो में विस्फोट के बाद समुद्र किनारे छुट्टियों का लुत्फ़ लेते लोगों की भगदड़ को देखा जा सकता है. कुछ प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया है कि उन्होंने 12 धमाके सुने थे.

क्राइमिया में रूसी प्रशासन ने कहा है कि धमाकों में एक व्यक्ति की मौत हो गई है और आठ अन्य घायल हुए हैं.

रूसी रक्षा मंत्रालय ने साफ़ किया है कि उनके ठिकाने पर हुआ विस्फोट, सैन्य अड्डे पर रखे गोला-बारूद की वजह से हुआ है. मंत्रालय ने कहा है कि धमाकों का किसी बाहरी हमले से कोई ताल्लुक़ नहीं है.

रूसी सरकार के इस दावे की बीबीसी स्वतंत्र रूप पुष्टि नहीं कर पाया है.

रूसी सैन्य अड्डे से उड़ता हुआ धुआं

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आगे क्या हो सकता है?

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उधर यूक्रेन के राष्ट्रपति के सलाहकार मिखाइलो पोदोलयाक ने इस बात से इंकार किया है कि रूसी ठिकाने पर हमले के पीछे उनका हाथ है.

उन्होंने एक टीवी चैनल को बताया, "बिल्कुल नहीं. हमारा इस हमले से क्या संबंध?"

क्राइमिया पर किसी भी हमले को रूस काफ़ी गंभीरता से लेगा. पिछले महीने रूस के पूर्व राष्ट्रपति डिमित्री मेदवेदेव ने कहा था कि अगर यूक्रेन ने क्राइमिया को निशाना बनाया तो यूक्रेन का सामना क़यामत से होगा.

मंगलवार को अपने भाषण में ज़ेंलेस्की ने क्राइमिया के विषय में बहुत कुछ कहा.

उन्होंने कहा, "हम ये नहीं भूल सकते कि यूक्रेन के ख़िलाफ़ रूसी युद्ध की शुरुआत, क्राइमिया पर रूस के कब्ज़े के साथ हुई थी. और जंग क्राइमिया की आज़ादी के साथ ख़त्म होगी."

ज़ेलेंस्की की ताज़ा टिप्पणियों से पता चलता है कि वे युद्ध ख़त्म होने से पहले क्राइमिया को वापस लेना चाहते हैं. लेकिन अतीत में वे क्राइमिया के विषय में अलग ही स्टैंड रखते आए हैं.

वीडियो कैप्शन, पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने छापे को राजनीति से प्रेरित बताया.

वो पहले कह चुके हैं कि अगर रूस 24 फ़रवरी 2022 की स्थिति में लौट जाए तो यूक्रेन जंग रोकने के लिए तैयार रहेगा. इसका तो यही अर्थ था कि क्राइमिया को दोबारा अपने नियंत्रण में लेना, जंग रोकने की शर्त में शामिल नहीं था.

क्राइमिया पर हमले से बढ़ेगी जंग

विल वरनॉन, बीबीसी न्यूज़, मॉस्को

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अगर ये साफ़ हो जाता है कि क्राइमिया में रूसी सैन्य अड्डे पर हमले के पीछे यूक्रेन था तो युद्ध और भीषण हो जाएगा. ये क्राइमिया के भीतर पहला बड़ा हमला है.

जून 2022 में क्राइमिया में रूस द्वारा नियुक्त किए गए लीडर ने कहा था कि यूक्रेन की सेना ने ब्लैक सी में तेल के कुओं पर गोलीबारी की है जिसमें कई लोगों की मौत हुई है.

इसके बाद जुलाई के अंत में भी रूसी अधिकारियों ने कहा था कि क्राइमिया के रूसी नौसैनिक अड्डे पर ड्रोन से हमला हुआ था जिसमें छह लोग घायल हुए थे.

क्राइमिया को अब भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर यूक्रेन के अधीन होने की मान्यता है. लेकिन रूस पिछले आठ साल से क्राइमिया पर राज कर रहा है. क्राइमिया में रूसी मिलिट्री बेस और कई रूसी ठिकाने मौजूद हैं.

रूस के लिए क्राइमिया एक तरह से 'आध्यात्मिक' महत्व रखता है. रूस ने इसे रूसी ज़मीन मानता है जिसे 2014 में दोबारा रूस में मिलाया गया था. क्राइमिया के भीतर हमला राष्ट्रपति पुतिन के लिए बहुत शर्मिंदा करने वाली घटना होगी.

इन विस्फोटों के बाद ये डर जताया गया है कि क्राइमिया के भीतर यूक्रेन की तरफ़ से हमले बढ़ सकते हैं. अगर ऐसा होता है तो इसके परिणाम काफ़ी गंभीर हो सकते हैं.

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