ऋषि सुनक ने बोरिस जॉनसन की माफ़ी के बाद भी इस्तीफ़ा क्यों दिया?

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इमेज कैप्शन, साजिद जाविद, ऋषि सुनक और ब्रिटिश पीएम बोरिस जॉनसन

ब्रिटेन के वित्त मंत्री ऋषि सुनक और स्वास्थ्य मंत्री साजिद जाविद ने सरकार से इस्तीफ़ा दे दिया है. इन्होंने कहा है कि प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन के नेतृत्व में उनका अब भरोसा नहीं है.

ऋषि सुनक ने कहा कि लोग सरकार से उम्मीद करते हैं कि वह गंभीरता और ठीक से काम करे. वहीं साजिद जाविद ने अपने इस्तीफ़े में कहा है कि सरकार राष्ट्र हित में काम नहीं कर रही है. दोनों का इस्तीफ़ा प्रधानमंत्री बोरिस के माफ़ी मांगने के कुछ ही देर बाद आया.

प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने सांसद क्रिस पिंचर को सरकारी ज़िम्मेदारी देने के मामले में माफ़ी मांगी है. ब्रिटेन के शिक्षा मंत्री नादिम ज़हावी को वित्त मंत्रालय की ज़िम्मेदारी दी गई है और डाउनिंग स्ट्रीट के चीफ़ ऑफ स्टाफ़ स्टीव बार्सली साजिद जाविद की जगह लेंगे. वहीं उच्च शिक्षा मंत्री मिशेल डोनेलन को प्रोमोट कर शिक्षा मंत्री बनाया गया है.

प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने स्वीकार किया है कि पिंचर को इस साल की शुरुआत में डेप्युटी व्हिप चीफ़ बनाकर बड़ी ग़लती की थी. बोरिस जॉनसन को पिंचर पर लगे आरोपों के बारे में पता था तब भी उन्होंने उनकी नियुक्ति की थी.

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जॉनसन ने बीबीसी को दिए इंटरव्यू में कहा है कि ग़लती हुई है. जॉनसन ने कहा कि उनके फ़ैसले से जो भी प्रभावित हुए हैं, उनसे वह माफ़ी मांगते हैं. बोरिस जॉनसन के इस फ़ैसले की विपक्ष के साथ उनके ख़ुद के सांसद भी आलोचना कर रहे थे.

सुनक, जाविद के साथ बिम अफोलामी ने कंजर्वेटिव पार्टी के उपाध्यक्ष पद से भी इस्तीफ़ा दे दिया है. इसके अलावा एंड्र्यू मॉरिसन ने ट्रेड राजदूत से इस्तीफ़ा दे दिया है. मंत्रालय के सहयोगी जोनाथन गुलिस और साक़िब भाटी ने भी अपना पद छोड़ दिया है. लेकिन बीबीसी को मिली जानकारी के अनुसार विदेश मंत्री लिज़ ट्रस, मंत्री माइकल गव और अन्य कैबिनेट मंत्रियों ने बोरिस जॉनसन का समर्थन किया है.

संस्कृति मंत्री नैडिन डॉरिस के अलावा ब्रेग्ज़िट मंत्री जैकब रीस-मोग को बोरिस जॉनसन का वफ़ादार माना जाता है और इन्होंने सार्वजनिक रूप से प्रधानमंत्री का समर्थन किया है. दो सीनियर मंत्रियों के इस्तीफ़े से जॉनसन के नेतृत्व पर फिर से सवाल खड़े हुए हैं. हाल ही में उन्होंने अविश्वास प्रस्ताव जीता था. अगले साल जून तक पार्टी के नियम के अनुसार, बोरिस जॉनसन को कोई चुनौती नहीं मिलेगी.

विपक्ष नए चुनाव के लिए तैयार

बोरिस जॉनसन सरकार से इन इस्तीफ़ों को लेकर लेबर पार्टी के नेता प्रतिपक्ष कीर स्टर्मर ने कहा कि वह चुनाव का स्वागत करेंगे क्योंकि देश में सरकार बदलने की ज़रूरत है.

उन्होंने कहा, ''सारी फूहड़ता, सारी नाकामी से साफ़ है कि यह कंजर्वेटिव सरकार गिर रही है.'' अगला चुनाव 2024 में है लेकिन बोरिस जॉनसन चाहें तो यह पहले भी हो सकता है.

लिबरल डेमोक्रेट्स के नेता सर एड डेवेय ने कहा है कि यह सरकार बुरी तरह से नाकाम रही है. उन्होंने बोरिस जॉनसन से पद छोड़ने के लिए कहा है. स्कॉटिश फ़र्स्ट मिनिस्टर और एसएनपी नेता निकोला स्टर्जन ने कहा है कि बोरिस जॉनसन को अब जाना चाहिए. निकोला ने कहा कि मंत्री खुलेआम झूठ बोल रहे हैं.

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ऋषि सुनक और साजिद जाविद का इस्तीफ़ा क्यों?

क्रिस पिंचर को यौन दुराचार के मामले में पिछले हफ़्ते कंजर्वेटिव पार्टी के सांसद से निलंबित कर दिया गया था. हालांकि पिंचर ने यौन कदाचार के आरोपों को ख़ारिज किया है. बीबीसी ने उनसे 2019 में इन आरोपों को लेकर संपर्क किया था लेकिन उन्होंने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी थी.

पिंचर की नियुक्ति बोरिस जॉनसन ने की थी और उन्हें आरोपों के बारे में पता था. इस नियुक्ति को लेकर विपक्ष हमला बोल रहा था और साथ ही बोरिस जॉनसन के सांसद भी आलोचना कर रहे थे.

ऋषि सुनक ने अपने इस्तीफ़े में कहा है कि शायद उनका यह आख़िरी मंत्री पद होगा. सुनक ने कहा कि जो कुछ हुआ, उसके ख़िलाफ़ यह ज़रूरी था और इसीलिए वह इस्तीफ़ा दे रहे हैं. वहीं साजिद जाविद ने कहा है कि प्रधानमंत्री के रूप में बोरिस जॉनसन भरोसा खो चुके हैं. ऋषि सुनक के परिवार की जड़ें भारत से है और साजिद जाविद के परिवार का संबंध पाकिस्तान से है.

क्रिस पिंचर
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बोरिस जॉनसन ने बीबीसी के राजनीतिक संपादक क्रिस मैसन से कहा कि 2019 में वह पिंचर पर लगे आरोपों के बारे में जानते थे और कुछ ख़ास आरोपों का समाधान हो चुका था. लेकिन इस साल फ़रवरी में पिंचर को डेप्युटी चीफ़ व्हिप बनाना एक ग़लता फ़ैसला था.

बोरिस जॉनसन ने कहा, ''मेरे कारण जो बातें कही जा रही हैं, उनसे मैं थक चुका हूँ. अब मैं इसे स्पष्ट और सीधे निपटना चाहता हूँ.''

जॉनसन ने कहा, ''इस सरकार में शक्ति का दुरुपयोग करने वालों के लिए कोई जगह नहीं है. मैं इसे लेकर बहुत ही दुखी हूँ और मुझे इस नियुक्ति पर खेद है कि मैंने हस्तक्षेप नहीं किया.''

मज़ाक में पिंचर को नाम के आधार पर उनके स्वभाव को भी पिंचर यानी सताने वाला कहा जाता है और बोरिस जॉनसन ने भी इससे सहमति जताई है.

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बीबीसी के राजनीति संवाददाता, इयवॉटसन का विश्लेषण

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क्या यह बोरिस जॉनसन के अंत की शुरुआत है? मंत्रियों के इस्तीफ़े के बाद सरकार के आलोचकों ने प्रधानमंत्री जॉनसन पर इस्तीफ़े का दबाव बढ़ा दिया है. वित्त मंत्री ऋषि सुनक और पूर्व वित्त मंत्री साजिद जाविद ने ऐसा कर भी दिया है. अगर प्रधानमंत्री को हटाना है तो दोनों अपने इस्तीफ़े को ज़रूरी मानते हैं. दोनों भविष्य में नेतृत्व के लिए शायद अपनी स्थिति मज़बूत कर रहे हैं.

लेकिन अभी प्रधानमंत्री कार्यालय को उम्मीद है कि चीज़ें संभल जाएंगी. बोरिस जॉनसन के साथ अब भी विदेश, गृह, रक्षा और व्यापार मंत्री हैं. याद रखना चाहिए कि गॉर्डन ब्राउन भी मंत्री के इस्तीफ़े के बाद बच गए थे क्योंकि बाक़ी कैबिनेट की वफ़ादारी उनके साथ थी.

लेकिन बोरिस जॉनसन की कैबिनेट में और भी जूनियर मंत्री उनके ख़िलाफ़ हैं और वे सुनक की राह पकड़ सकते हैं. इससे पहले टेरीज़ा मे को भी पार्टी में वोटिंग का सामना करना पड़ा था. वह जीत गई थीं लेकिन छह महीने में ही ब्रेग्ज़िट के कारण इस्तीफ़ा देना पड़ा था.

बोरिस जॉनसन

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जॉनसन की सरकार हाल के महीनों में कई विवादों में घिरी रही है. इसका नतीजा यह रहा कि पार्टी के कई सांसदों ने बोरिस जॉनसन से इस्तीफ़े की मांग की.

डाउनिंग स्ट्रीट में कोविड लॉकडाउन के दौरान पार्टी को लेकर बोरिस जॉनसन के प्रति असंतोष बढ़ा था. कहा गया कि प्रधानमंत्री कार्यालय ही कोविड से जुड़े नियमों को तोड़ रहा था. यहाँ तक की बर्थडे पार्टी भी की गई और प्रधानमंत्री पर पुलिस ने जुर्माना लगाया था. इस जुर्माने का मतलब यह था कि बोरिस जॉनसन ब्रिटेन के पहले प्रधानमंत्री हैं, जिन पर क़ानून तोड़ने के मामले में कार्रवाई हुई.

कुछ पार्टी सांसद टैक्स बढ़ने के कारण नाराज़ हैं. जून महीने में हुए उपचुनाव में पार्टी की हार से बोरिस जॉनसन पर और दबाव बढ़ा है. इस हार के कारण कंजर्वेटिव पार्टी के प्रमुख ओलिवर डॉडेन को इस्तीफ़ा देना पड़ा था. मंगलवार की शाम नाटकीय सिलसिला शुरू हुआ. प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने डाउनिंग स्ट्रीट में पत्रकारों से बात की थी और उसके कुछ ही मिनट बाद साजिद जाविद ने ट्विटर पर अपना इस्तीफ़ा पोस्ट कर दिया.

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जाविद 2021 जून से स्वास्थ्य मंत्री थे. उन्होंने कहा कि वह इस सरकार के साथ अब नहीं रह सकते हैं. साजिद जाविद ने अपने इस्तीफ़े में कहा है, ''मैं स्वाभाविक रूप से एक टीम प्लेयर हूँ लेकिन ब्रिटिश जनता इस सरकार से ईमानदारी की उम्मीद करती है. एक नेता के रूप में जो आपने रुख़ तय किया है और जिन मूल्यों का प्रतिनिधित्व करते हैं, उसकी झलक आपके सहकर्मियों और आख़िरकार पार्टी के साथ देश में मिलती है.''

साजिद जाविद के इस्तीफ़े के कुछ ही मिनट बाद ऋषि सुनक ने भी इस्तीफ़ा दे दिया. बोरिस जॉनसन की कैबिनेट में शीर्ष के दो पद मिनटों में ख़ाली हो गए. सुनक को कंजर्वेटिव पार्टी में भविष्य के नेता के तौर पर देखा जाता है. सुनक ने कहा कि प्रधानमंत्री का जो रवैया है, वह विरोध के लिए पर्याप्त है.

फ़रवरी 2020 में वित्त मंत्री बनने के बाद से सुनक हमेशा आर्थिक नीति और सार्वजनिक खर्चों के मामले में प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन की लाइन पर नहीं रहे हैं. सुनक ने अपने इस्तीफ़े में कहा है, ''मैं आपके प्रति वफ़ादार रहा हूँ. मैंने पार्टी का नेता बनाने में आपका समर्थन किया और कई अन्य मामलों में भी साथ रहा. मैंने वित्त मंत्री की ज़िम्मेदारी आपके नेतृत्व में निभाई. मैं सरकार से हटने को लेकर दुखी हूँ लेकिन मैं अनिच्छा से ही इस निर्णय पर पहुँचा कि अब रहना मुश्किल है.''

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