पीके हालदार: कौन है भारत की जेल में बंद ये शख़्स जिसे बांग्लादेश वापस मांग रहा है

बांग्लादेश ने भारत में गिरफ़्तार किए गए अपने नागरिक प्रशांत कुमार हालदार को वापस लौटाने की मांग की है.
प्रवर्तन निदेशालय (ई़़डी) ने पीके हालदार को पश्चिम बंगाल के उत्तरी 24 परगना ज़िले में रविवार को पैसे के अवैध लेन-देन के आरोप में गिरफ़्तार किया था.
मंगलवार को कोलकाता की एक अदालत ने हालदार को पूछताछ के लिए 10 दिनों की हिरासत में भेज दिया.
इससे पहले शनिवार को जब उन्हें कोर्ट में पेश किया गया था तो ईडी ने पूछताछ के लिए दो दिनों का समय मांगा था.
बांग्लादेश के विदेश सचिव मसूद बिन मोमिन ने मंगलवार को पत्रकारों से कहा कि भारत की अपनी क़ानूनी प्रक्रिया है और उसी के मुताबिक़ आगे की कार्रवाई होगी.
हालांकि मसूद बिन मोमिन ने ये भी कहा कि भारत अपनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद हमसे सहयोग करेगा और हमारे अनुरोध पर विचार करेगा. भारत ने हमें सहयोग का भरोसा दिलाया है.
बांग्लादेश के अधिकारियों का कहना है कि भारत और बांग्लादेश के बीच क़ैदियों की अदला-बदली कार्यक्रम के तहत पीके हालदार का प्रत्यर्पण कराया जाएगा.

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बांग्लादेश के विदेश सचिव और भारतीय उच्चायुक्त की मुलाकात
मंगलवार को विदेश सचिव मसूद बिन मोमिन और ढाका में भारत के उच्चायुक्त विक्रम कुमार दोराईस्वामी के बीच हुई मुलाकात के दौरान पीके हालदार के मुद्दे पर चर्चा हुई.
मसूद बिन मोमिन ने भारतीय उच्चायुक्त को हालदार के ख़िलाफ़ बांग्लादेश में लंबित मुद्दों के बारे में बताया और उन्हें भारत वापस लाने में सहयोग मांगा.
मसूद बिन मोमिन से पत्रकारों ने जब ये पूछा कि क्या उन्होंने भारत से उन्हें वापस सौंपने के लिए क्या औपचारिक रूप से भी आग्रह किया है तो इसपर उन्होंने कहा, "हमने उन्हें सहयोग करने के लिए कहा है. इसका मतलब हुआ कि बांग्लादेश में उनके ख़िलाफ़ जो मामले लंबित हैं, उसके सिलसिले में उन्हें यहां वापस लाने की ज़रूरत है."
उन्होंने कहा कि डिप्लोमैटिक चैनल के रास्ते पीके हालदार को वापस लाने के लिए आग्रह किया जाएगा.
इस पर भारत के उच्चायुक्त ने कहा है कि बांग्लादेश द्वारा दी गई जानकारी की मदद से ही हवाला कारोबारी प्रशांत कुमार हालदार की गिरफ़्तारी हो पाई है.
उन्होंने कहा, "ये आपकी सरकार है जिन्होंने भारतीय एजेंसियों के साथ इनफॉरमेशन शेयर किया था. भारतीय एजेंसियों ने उस पर कार्रवाई की और हालदार की गिरफ़्तारी हुई."
हालदार के भारत प्रत्यर्पण के सवाल पर उन्होंने कहा, "इसमें क़ानूनी प्रक्रिया का मुद्दा शामिल है. हालदार को पिछले हफ़्ते गिरफ़्तार किया गया था. हमारे पास जो भी सूचना है, उसके बारे में हम बांग्लादेश को जानकारी देंगे. आपको ये समझने की ज़रूरत है कि ये क्रिसमस कार्ड का आदान-प्रदान नहीं है... इसमें वक़्त लगेगा."

ईडी की कार्रवाई
प्रवर्तन निदेशालय ने रविवार को छह बांग्लादेशी नागरिकों को गिरफ़्तार किया था. ईडी की ये कार्रवाई सीमा पार के रास्ते होने वाले पैसे के अवैध लेन-देन की जांच के सिलसिले में हुई थी. गिरफ़्तार किए गए लोगों में कुछ के पास फर्जी भारतीय पहचान पत्र भी थे.
इन्हीं में इस 'ग्रुप के मास्टरमाइंड' कहे जाने वाले प्रशांत कुमार हालदार भी शामिल थे. पीके हालदार पर बांग्लादेश में बैंक के 10,000 करोड़ टका की धोखाधड़ी का आरोप है.
समाचार एजेंसी पीटीआई ने प्रवर्तन निदेशालय के हवाले से रिपोर्ट दी है कि पीके हालदार के कई नाम हैं. वे प्रशांत हालदार के अलावा भारत में शिव शंकर हालदार के नाम से भी जाने जाते हैं. उन पर इंटरपोल ने ग्लोबल अरेस्ट वॉरंट जारी कर रखा है.
ईडी का कहना है कि पीके हालदार के पास भारत और बांग्लादेश के अलावा कैरिबियाई देश ग्रेनाडा के पासपोर्ट हैं. प्रिवेंशन ऑफ़ मनी लॉन्ड्रिंग ऐक्ट (पीएमएलए) के तहत गिरफ़्तार किए गए लोगों में पीके हालदार के अलावा स्वपन माइत्र उर्फ स्वपन मिस्त्री, उत्तम माइत्रा उर्फ उत्तम मिस्त्री, इमाम हुसैन उर्फ इमॉन हालदार, अमाना सुल्तान उर्फ शर्मी हालदार और प्राणेश कुमार हालदार हैं.
शनिवार को उन्हें अदालत में पेश किया गया था. ईडी ने बताया कि बांग्लादेशी नागरिक पीके हालदार से जुड़े 11 ठिकानों पर पश्चिम बंगाल में अलग-अलग जगहों पर छापेमारी की गई थी. पीके हालदार पहचान छुपाकर भारतीय नागरिक शिवशंकर हालदार के नाम से रह रहे थे. उनके पास पश्चिम बंगाल में जारी राशन कार्ड, मतदाता पहचान पत्र, पैन और आधार कार्ड सभी दस्तावेज़ थे.
ईडी का ये भी कहना है कि गिरफ़्तार किए गए बांग्लादेशी नागरिकों ने फर्जी पहचान पत्रों की मदद से पश्चिम बंगाल में प्रॉपर्टी में निवेश कर रखा है और भारत में कंपनियां भी खोल ली हैं.

कौन हैं पीके हालदार
बीबीसी की बांग्ला सेवा के अनुसार, पीके हालदार बांग्लादेश में एक बैंक और एक अन्य वित्तीय संस्थान के प्रबंध निदेशक रह चुके हैं.
और वे लंबे समय से फरार हैं. बांग्लादेश के भ्रष्टाचार रोधी आयोग ने पीके हालदार और उनके सहयोगियों के ख़िलाफ़ 34 मामले दर्ज करा रखे हैं.
इन मामलों में उन पर हज़ारों करोड़ रुपये के ग़बन का आरोप है.
बांग्लादेशी मीडिया की रिपोर्ट के अनुसार, किसान पिता और टीचर मां के घर में पैदा हुए पीके हालदार का बचपन अभाव में गुज़रा था.
लेकिन पढ़ाई-लिखाई में मेहनती हालदार ने पहले इंजीनियरिंग, फिर एमबीए के रास्ते कामयाबी की सीढ़ियां चढ़ी. बैंकिंग सेक्टर में दस साल का तजुर्बा हासिल करते-करते वे साल 2009 में बांग्लादेश के रिलायंस फिनांस के प्रबंध निदेशक और छह साल एनआरबी ग्लोबल बैंक के एमडी के ओहदे तक पहुंच गए.
उन पर आरोप है कि उन्होंने इसी दौर में कई वित्तीय संस्थानों के जरिए 10,000 करोड़ टका का ग़बन किया.
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