क्या यूरोप भी चुकाएगा चीन से कर्ज़ लेने की असल कीमत

पेलजेसैक ब्रिज
इमेज कैप्शन, क्रोएशिया में चीन निर्मित पेलजेसैक ब्रिज
    • Author, निक बीक
    • पदनाम, बीबीसी संवाददाता

चीन के अरबों डॉलर कुछ यूरोपीय अर्थव्यवस्थाओं को बढ़ावा दे रहे हैं, लेकिन कुछ सौदों को लेकर आलोचकों का कहना है कि ये एक तरह का 'कर्ज़ जाल' है. जहां चीन को चुनने का अधिकार है कि अगर कर्ज़ नहीं चुकाया गया तो क्या होगा.

चीन इस बात पर ज़ोर देता है कि वो एक विश्वसनीय निवेश भागीदार है लेकिन चीन को श्रमिकों के शोषण और पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने के आरोपों का भी सामना करना पड़ रहा है.

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ग्रीस की राजधानी एथेंस के पास, पीरियस के विशाल ग्रीक बंदरगाह पर एक डॉक वर्कर को शिपिंग कंटेनरों के एक बड़े ढेर के पास टहल रहा था. अचानक व्यक्ति देखता है कि एक के बाद एक बड़े कंटेनर उसकी तरफ आ रहे हैं.

व्यक्ति अपने को बचाते हुए दूर भागता है और दो बड़े विशालकाय कंटेनर जैसे दिखने वाले बक्से नीचे खाली खड़ी गाड़ी पर जा गिरते हैं. इस हादसे में व्यक्ति बाल बाल बचता है.

वीडियो कैप्शन, कंटेनर के गिरने का वीडियो

चीनी कंपनियों पर शोषण का आरोप

लेकिन पिछले साल पीरियस के बंदरगाह पर काम करने वाला व्यक्ति इतना भाग्यशाली नहीं था. 45 साल के दिमित्रिस डगक्लिस एक क्रेन दुर्घटना में मारे गए थे.

बंदरगाह में डॉकर्स ट्रेड यूनियन के अध्यक्ष मार्कोस बेक्रिस कहते हैं, ''उनकी मौत, हमारा काम बढ़ने की वजह से हुई और इस जगह पर पर्याप्त सुरक्षा के उपाय नहीं थे.''

डगक्लिस की मौत के बाद से बंदरगाह पर कर्मचारियों की कमी को लेकर कई यूनियन हड़ताल पर चली गई. बंदरगाह पर चीन की कंपनी कॉस्को का दो तिहाई स्वामित्व है.

पूरे यूरोप में सरकारें यूक्रेन में कोरोना महामारी के बाद रूस के आक्रमण के बारे में चिंतित हैं. वहीं चीन यूरोपीय बंदरगाहों और खदानों को चलाने से लेकर सड़कों, पुलों के निर्माण तक में खुद का विस्तार कर रहा है. जहां कोई पैसा खर्च नहीं करता वहां वो पैसा लगा रहा है.

लेकिन देशों को चीन के साथ समझौते पर हस्ताक्षर करने के फायदे और नुकसान का आकलन करना पड़ रहा है. कई सरकारें कथित 'कर्ज जाल' से सावधान हैं. कर्ज़ नहीं चुकाने की स्थिति में चीन आर्थिक और राजनीतिक रियायतें ऐसे देशों से ले सकता है.

ऐसे दावे हैं कि चीनी कंपनियां वेतन, काम की शर्तों और कर्मचारियों की संख्या को लेकर श्रमिकों का शोषण कर रही है. हमने कॉस्को कंपनी से दिमित्रिस डैग्क्लिस की मौत, पीरियस में कर्मचारियों की संख्या और बंदरगाह विस्तार में पर्यावरण संबंधी चिंताओं के बारे में सवाल पूछे. कंपनी ने इंटरव्यू देने से मना कर दिया और कहा कि वे आगे हमारी मदद नहीं कर सकती है.

मार्कोस बेक्रिस
इमेज कैप्शन, मार्कोस बेक्रिस

मार्कोस बेक्रिस इसके लिए केवल चीन को दोष नहीं देते. वे इसे रोज़गार के अधिकारों पर हमले की तरह देखते हैं. वे कहते हैं कि वैश्विक वित्तीय संकट के बाद पूंजीवादी व्यवस्था ने श्रमिकों की कीमत पर किसी भी विदेशी कंपनी को ज्यादा से ज्यादा मुनाफा कमाने दिया है.

एथेंस में बंदरगाह पर चीन का कब्जा

साल 2008 में दुनिया आर्थिक संकट से जूझ रही थी. इस मंदी के बाद ग्रीक सरकार को इस बंदरगाह और दूसरी सार्वजनिक संपत्तियां बेचने के लिए मजबूर होना पड़ा. इसमें कोई संदेह नहीं है कि इसे बेचने के बाद चीन के निवेश ने बंदरगाह पर काम को फिर से चलाने का काम किया है.

जब हम एक छोटी मोटर बोट में तट के पास जाते हैं तो विशाल कंटेनरों से भरे जहाजों की एक कतार देखते हैं. जिनमें सैकड़ों हजारों टन, ज्यादातर चीन का बनाया सामान भरा हुआ है, जो यूरोप के अलग अलग कोनों में भेजे जाने के लिए तैयार है.

पीरियस में उछाल, स्थानीय लोगों के लिए रोजगार और ग्रीस के मजबूत होते वित्तीय स्थिति में बदलाव को दिखाता है. ये अब सबसे तेज़ी से बढ़ती यूरोपीय संघ की अर्थव्यवस्थाओं में से एक है.

लेकिन अपने सभी यूरोपीय पड़ोसियों की तरह ये भी यूक्रेन युद्ध के प्रभाव से निपटने के लिए हाथ पांव मार रहा है. देश अब पुनर्मूल्यांकन कर रहे हैं कि चीन के साथ व्यापार करने का क्या मतलब है. बीजिंग ने फरवरी में अपने सहयोगी मास्को के साथ मिलकर एक नई वैश्विक व्यवस्था की घोषणा की है.

अपने विंटर ओलंपिक उद्घाटन के दिन चीन ने घोषणा की थी कि रूस के साथ साझेदारी की उसकी कोई सीमा नहीं है. इसके साथ चीन ने रूस को पश्चिम के खिलाफ और अधिक सहयोग करने का वादा भी किया. तब से चीन ने यूक्रेन पर राष्ट्रपति पुतिन के हमले की निंदा भी नहीं की है.

डॉकसाइड

पीरियस में बंदरगाह विस्तार के कारण कथित पर्यावरण को हुए नुकसान ने स्थानीय लोगों को चीनी कंपनी कॉस्को के मालिकों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई के लिए प्रेरित किया है. स्थानीय लोगों की विशेष रूप से चिंता है कि समुद्र तल की ड्रेजिंग, ज़हरीले प्रदूषण के साथ साथ समुद्र और जमीन दोनों पर ट्रैफिक बढ़ गया है.

वकील एंथी जियानौलू जो चट्टानों से भरे तट पर खेलकर बड़ी हुई हैं उन्हें अपने समुदाय के भविष्य को लेकर चिंता है. वे कहती हैं, ''इसमें पीरियस को कोई फायदा नहीं होगा बल्कि उन लोगों को फायदा होगा जो यहां नहीं रहते''

वे कहती हैं, ''पीरियस वास्तव में एक छोटा शहर है. जो लोग अभी भी यहां रहते हैं वे कई पीढ़ियों से रह रहे हैं. इसलिए यहां हो रहे निवेश में हमारी भी सुनी जानी चाहिए, हमें बाहर नहीं किया जा सकता''

क्या है चीन का 'कर्ज जाल'

मध्य एथेंस में बने एक सरकारी भवन की संगमरमर वाली लॉबी में ग्रीस के विदेश मंत्री निकोस डेंडियास हमारा स्वागत करते हैं. वे बताते हैं कि पीरियस में निवेश से दोनों देशों को फायदा हुआ है. वे याद करते हुए बताते हैं कि चीन अकेला देश था जो निवेश के लिए आगे आया था जब ग्रीक सरकार को बंदरगाह बेचने के लिए मजबूर होना पड़ा था.

कोस डेंडियास कहते हैं, ''आर्थिक संबंधों से दोनों देशों को लाभ हुआ है. चीन के पास यूरोपीय संघ, बाल्कन, मध्य और पूर्वी यूरोप में अपने उत्पादों को ले जाने के लिए ये एक एंट्री प्वाइंट है. दूसरी तरफ हमारे पास एक बड़ा वाणिज्यिक बंदरगाह है''

2008 की आर्थिक मंदी के बाद यूरोपीय आयोग, यूरोपीय सेंट्रल बैंक और अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष का तथाकथित 'यूरोपीय ट्रोइका' इस बात पर अड़ा था कि ग्रीस के बढ़ते कर्ज़ को कम करने के लिए बंदरगाह को बेचा जाए.

''सच्चाई यह है कि चीन ने पीरियस को अपने कब्जे में ले लिया और अब पीरियस यूरोप के सबसे बड़े बंदरगाहों में से एक है. अगर वे जो कहते हैं वह सच है तो मेरे पास इस पर संदेह करने का कोई कारण नहीं है कि ये शायद पूरे यूरोप में नंबर एक या नंबर दो पर आ जाएगा. इसलिए ये बहुत बड़ा सुधार और पर्याप्त निवेश है''

काम करते हुए लोग

लेकिन संभावित 'कर्ज़ जाल' का क्या, जो भविष्य में ग्रीस में किसी भी चीनी निवेश के साथ आ सकता है? क्या पीरियस बंदरगाह बीजिंग के साथ एथेंस के संबंधों का हाई प्वाइंट है?

मंत्री मानते हैं कि उनकी सरकार ने चीन के साथ अब और बड़े सौदे नहीं किए हैं. लेकिन उनका सुझाव है कि मामले के आधार पर भविष्य के अवसरों का आकलन करेंगे.

उनका सुझाव है कि सरकार भविष्य की संभावनाओं को जैसा मामला होगा उसे देखकर तय करेगी. वे कहते हैं, ''ग्रीस में कोई और अधिक महत्वपूर्ण चीनी निवेश नहीं है लेकिन हम वाणिज्यिक आधार पर किसी निवेश का आकलन करते हैं. मेरा मतलब है कि अगर चीन निवेश करना चाहता है तो हम एक स्वतंत्र देश और एक स्वतंत्र अर्थव्यवस्था हैं''

सर्बियाई शहर बोर में चीन का बड़ा निवेश

ग्रीस यूरोप का अकेला हिस्सा नहीं है जहां चीन अरबों का निवेश कर रहा है. सर्बियाई शहर बोर के सामने पहाड़ी पर खड़े होकर आपको लगेगा कि ये एक चीनी प्रांत है. यहां काम करने वाले लोग चीनी भाषा में बात करते हैं. लाल झंडे लगे हुए हैं और प्रशासन संभाल रहे लोगों के दफ्तर मंदिरों की तरह दिखाई देते हैं.

चीन यहां पर तांबे की खदान में पैसा डाल रहा है. धातु के निष्कर्षण ने आस-पास की कुछ झीलों और जलाशयों के पानी को प्रदूषित कर दिया है. पानी ऐसे दिखता है जैसे जंग लग गया हो.

तांबा खदान
इमेज कैप्शन, सर्बियाई शहर बोर के पास तांबा खदान

ये इस बात को भी दिखाता है कि कैसे चीनी कम्युनिस्ट पार्टी का लाल रंग इस महाद्वीप में अपनी छाप छोड़ रहा है.

यूरोपीय संघ के बाहर यूरोप में सर्बिया के पास श्रमिकों के समान स्तर के अधिकार नहीं है जिसकी उम्मीद आप डबलिन, मैड्रिड या वियना में करते हैं. इस पर हमारा ध्यान तब गया जब हम राजधानी बेलग्रेड के उत्तर में बसे ज़्रेनजानिन शहर में 35 साल के एक व्यक्ति से मिले. ये व्यक्ति वियतनाम का रहने वाला था.

'हमारे साथ गुलामों की तरह व्यवहार करते हैं'

तीन बच्चों के पिता ने धीमी आवाज में कहा, ''चीनी कंपनी हमारे साथ बहुत बुरा व्यवहार करती है. वे हमारा सम्मान नहीं करते हैं.''

डंग (काल्पनिक नाम) ने कहा कि सर्बिया में लिंग लॉन्ग टायर फैक्ट्री में निर्माण का काम करने के लिए उसे 1200 पाउंड के बराबर का भुगतान किया गया था लेकिन इसका जल्द ही उन्हें पछतावा होने लगा. ''उन्होंने हमें और अधिक काम करने के लिए मजबूर किया, लेकिन उन्होंने आपूर्ति ठीक से नहीं की. जब मैं पहली बार यहां आया तो मुझे दोगुना खाना मिला था''

डंग ने बताया कि एक ही जगह काम करने वाले 400 से अधिक वियतनामी श्रमिकों को चीनी श्रमिकों के मुकाबले कम पैसे दिए गए थे. ''एक कंटेनर में 20 से 30 काम करने वाले एक साथ रहते हैं. वे हमारे साथ गुलामों की तरह व्यवहार करते हैं''

डंग ने पांच महीने बाद अपनी नौकरी छोड़ने की कोशिश की लेकिन उन्हें काम देने वाले ने बताया कि वियतनाम लौटने के लिए कोई फ्लाइट नहीं है. घर से हजारों किलोमीटर दूर डंग फंस गए थे.

उसके बाद हमने सुना कि डंग अपने परिवार के पास वापस लौटने में कामयाब रहा, लेकिन इसके लिए उन्हें 1500 पाउंड का कर्ज़ लेना पड़ा.

ना केवल काम करने के लिए खराब स्थितियां कुछ चैरिटी को चिंतित कर रही हैं बल्कि इसमें वे अनुबंध भी हैं जिन पर श्रमिकों को हस्ताक्षर करने के लिए कहा जाता है.

सर्बिया जो यूरोपीय संघ में शामिल होने की महत्वाकांक्षा रखता है. हमने वहां पर रोजगार से जुड़े दस्तावेज़ों को देखा और पाया कि इन्हें मध्य पूर्वी देशों में विदेशी श्रमिकों के उपयोग किए जाने दस्तावेज़ों से कॉपी पेस्ट किया गया है. ये वे देश हैं जहां मौत की सज़ा दी जाती है.

सर्बिया में लिंग लॉन्ग टायर फैक्ट्री
इमेज कैप्शन, सर्बिया में लिंग लॉन्ग टायर फैक्ट्री

सर्बिया की एक गैर लाभकारी संगठन ने हमें सबसे पहले लिंग लॉन्ग टायर फैक्ट्री की स्थितियों के बारे में बताया. वे कहते हैं कि जब उन्हें पता चला कि वहां क्या हो रहा है तो वे हैरान थे.

गैर लाभकारी संगठन 'ए 11 इनिशिएटिव' के डैनिलो क्यूसिक कहते हैं, ''ये देश में मानव तस्करी और श्रम शोषण का अब तक का सबसे स्पष्ट मामला है.''

उनका कहना है कि फैक्ट्री में जो हुआ वो यूरोप के बाकी हिस्सों के लिए एक चेतावनी है, क्योंकि चीन का व्यवसाय पूरे महाद्वीप में फैल रहा है. वो कहते हैं, ''अगर दूसरे देशों में चीनी कंपनियां आ रही हैं और आपके पास ऐसे संस्थान नहीं हैं जो मानवाधिकारों और श्रम मानकों के उल्लंघन को रोकने के लिए मजबूत हो तो आप दूसरी कंपनियों के साथ भी नहीं लड़ पाएंगे''

लिंग लॉन्ग फैक्ट्री ने डंग और दूसरे लोगों के उन पर लगाए आरोपों का जवाब नहीं दिया. वहीं दूसरी तरफ सर्बिया में स्थानीय मीडिया ने ये खबरें चलाई हैं कि ये कंपनी श्रमिक कल्याण के उच्च मानकों के लिए प्रतिबद्ध है.

सर्बियाई सरकार का तर्क है कि चीन से निवेश ने उसके आर्थिक विकास को गति दी है. राष्ट्रपति अलेक्जेंडर वुसिक का कहना है कि थोड़े से वियतनामी श्रमिकों के चलते चीनी निवेश को खतरे में नहीं डाला जा सकता.

चीन के यूरोप में कथित मानवाधिकारों का उल्लंघन, उसके अपने यहां शिनजियांग प्रांत में वीगर मुसलमानों के साथ हो रहे बर्ताव की प्रतिध्वनि है. लेकिन चिंता करने के कई दूसरे कारण भी हैं.

'कर्ज़ जाल' के बाद चीन का 'डेटा जाल'

ब्रिटेन की विदेशी जासूसी एजेंसी MI6 के प्रमुख रिचर्ड मूर ने चीन के 'कर्ज जाल' के साथ 'डेटा जाल' की भी चेतावनी दी है. पिछले साल उन्होंने बीबीसी को बताया था कि चीन के पास दुनिया भर से डेटा इकट्ठा करने की क्षमता है और पैसे की मदद से लोगों से मनचाहा काम करवाता है. चीन ऐसे आरोपों को खारिज करता है.

लेकिन, यूके में, चीनी दूरसंचार दिग्गज ख्वावे को ब्रिटिश 5G बुनियादी ढांचे से प्रतिबंधित कर दिया गया है. कंपनी को अपनी सिक्योरिटी प्रैक्टिस को लेकर भी जांच का सामना करना पड़ रहा है कि क्या इसका चीन की सरकार के साथ संबंध है. इस आरोप से कंपनी इनकार करती है. अमेरिका ने कंपनी पर प्रतिबंध लगाए हैं.

बेलग्रेड में सड़कों पर 8 हजार सिक्योरिटी कैमरे लगे हैं. मानवाधिकार समूहों को चिंता है कि कैमरों के साथ ख्वावे की बायोमेट्रिक तकनीक का इस्तेमाल किया जा सकता है. लेकिन सर्बिया की सरकार का कहना है कि चेहरा पहचानने वाली तकनीक का इस्तेमाल अभी नहीं किया जाएगा.

मोंटेनेग्रो का हाइवे

मोंटेनेग्रो में चीनी निवेश

जहां तक चीनी कर्ज़ के जाल का सवाल है, बीजिंग के आलोचक यूरोप में एक और बड़ी परियोजना की ओर इशारा करते हैं. सर्बिया की तरह मोंटेनेग्रो में इस पर यूरोपीय संघ के नियमों लागू नहीं होते.

देश के इकलौते हाईवे पर गाड़ी चलाना एक शानदार अनुभव है. इस रोड का लंबे समय से विचार बाल्कन देश में व्यापार को बढ़ावा देना था. जिसे दक्षिण में एड्रियाटिक सागर पर बार के बंदरगाह को उत्तर में सर्बिया की सीमा से जोड़ना है. लेकिन यूरोपीय अध्ययनों ने निष्कर्ष निकाला कि ये बहुत जटिल और महंगा होगा.

चीन 79.9 करोड़ पाउंड के साथ आगे आया. ये मोंटेनेग्रो को चीन का गिफ्ट नहीं है ये वो पैसा है जो उसे कर्ज के रूप में चुकाना होगा.

निर्माण काम शुरू होने के 6 साल बाद केवल 41 किलोमीटर ही इसे बनाया जा सका है. ये दुनिया के सबसे महंगे मोटर मार्ग में से एक बन गया है.

पुलों और सुरंगों से होते हुए हम लोग सड़क के अंत तक पहुंचते हैं. ये परियोजना भ्रष्टाचार और रिश्वत के आरोपों से घिरी हुई है. इसमें पहले से ही दो साल देर हो चुकी है. कुछ लोगों को हैरानी होती है कि क्या ये कभी पूरा भी होगा.

चीन के साथ समझौते की शर्तों में कहा गया है कि यदि मोंटेनेग्रो कर्ज की किस्तों का भुगतान नहीं कर पाता है तो वो नुकसान को लेकर फैसला बीजिंग करेगा. इसके साथ चीन अन्य संपत्तियों को भी जब्त करने में सक्षम होगा जिसमें संभावित रूप से बार का बंदरगाह भी शामिल है.

34 साल के मिलोज्को "मिकी" स्पाजिक जो मोंटेनिग्रिन सरकार में मंत्री हैं उन्हें ये परियोजना विरासत में मिली है. जब हम जूम पर मिले थे तो वे काफी उत्साहित थे और उन्होंने बताया कि कैसे उन्होंने कर्ज चुकाने की व्यवस्था तैयार की है ताकि ये परियोजना कभी भी अपने देश को दिवालिया न कर सके.

उनके लिए मोंटेनेग्रो की स्थिति कई छोटे देशों की तरह है जो बुनियादी ढांचा परियोजनाओं को शुरू करने और अपनी अर्थव्यवस्थाओं को बढ़ावा देने के लिए पैसे की तलाश कर रहे हैं.

वे कहते हैं, ''हमें निवेश की ज़रूरत है. अगर चीन ही आप में निवेश करने में इच्छा रखता है तो मैं कहूंगा कि आपको उसके लिए हां कर देनी चाहिए. लेकिन निवेश की शर्तों के बारे में सावधान रहें और ये सुनिश्चित करें कि सब कुछ आपकी नीतियों के हिसाब से है''

हालांकि, पिछले हफ्ते एक नई अल्पसंख्यक सरकार बनने पर स्पाजिक सरकार का हिस्सा नहीं है. अब मोटरवे को आगे बनाने और चीन को कर्ज चुकाने का काम अगली सरकार का होगा.

चीन की तमाम आलोचनाओं से अलग एक परियोजना है जिसे कुछ लोग पूर्व और पश्चिम के बीच प्रभावी सहयोग के उदाहरण के रूप में देखते हैं. यह मोंटेनेग्रो-क्रोएशिया में एड्रियाटिक तट के ठीक ऊपर है.

क्रोएशिया में चीनी निवेश

रविवार का दिन है. यात्रा करते हुए देखते हैं कि पेलजेसैक पुल पर काम जोरों से चल रहा है.

ये क्रोएशिया का सबसे बड़ा इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट है जो पेलजेसैक प्रायद्वीप को क्रोएशियाई मुख्य भूमि से जोड़ेगा. इस समय मुख्य भूमि तक पहुंचने के लिए क्रोएशियाई लोगों को पड़ोसी बोस्त्रिया से संबंधित तट के एक हिस्से से गुज़रना पड़ता है.

पेलजेसैक पुल
इमेज कैप्शन, पेलजेसैक पुल

नए पुल के ज्यादातर बिल का भुगतान यूरोपीय संघ ने किया है जिसका क्रोएशिया एक सदस्य है. लेकिन ये बुल बीजिंग ने बनाया है. यहां पेंट, झाड़ू लगाने और ठेला लगाने वाले मजदूरों की फौज सभी चीनी हैं.

हालांकि, यह परियोजना विवाद से मुक्त नहीं है. चीनी राज्य के स्वामित्व वाली कंपनी द चाइना रोड एंड ब्रिज कॉर्पोरेशन का टेंडर अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी से 20 प्रतिशत सस्ता था. यूरोपीय प्रतिद्वंद्वियों ने इस सौदे पर आपत्ति जताई लेकिन इसे नहीं रोक पाए.

क्रोएशिया में पुला विश्वविद्यालय के प्रोफेसर ब्रानिमिर विदमारोविक के लिए, पेलजेसैक ब्रिज एक उदाहरण है जहां यूरोपीय देश पूर्व और पश्चिम के बीच संतुलन ढूंढ सकते हैं और अमेरिका को दुनिया के सबसे बड़े बाजार से अलग नहीं कर सकते.

वे कहते हैं, ''अगर हम जरूरी टेक्नॉलजी को बाहर कर देते हैं और हम रेलवे, बुनियादी ढांचा परियोजनाओं जैसी चीजों पर सहयोग करते हैं तो मुझे नहीं लगता कि यूरोपीय संघ, नाटो, अमेरिका और चीन को संतुष्ट करने में कोई समस्या है''

बाइडन ने भी ट्रंप की तरह कई क्षेत्रों में बीजिंग पर अपनी स्थिति को नरम नहीं किया है उन्होंने यूरोप से चीनी फंडिंग और एहसान को नकारने की अपील की है.

यूरोप में इसके विस्तार के पीछे बीजिंग की सोच के बारे में और जानने के लिए हमें एक शीर्ष, वर्तमान चीनी राजनयिक से बात करने की उम्मीद थी. लेकिन जिन पांच चीनी राजदूतों से हमने संपर्क किया उनमें से कोई भी उपलब्ध नहीं था.

चाहे यूरोपीय संघ के अंदर, जैसे ग्रीस और क्रोएशिया इसकी सीमा पर, जैसे कि सर्बिया और मोंटेनेग्रो, यूरोपीय देशों को चीन के साथ सौदा करते हुए नफा नुकसान का आकलन करना होगा.

तथ्य यह है कि राष्ट्रपति शी जिनपिंग के सबसे अच्छे दोस्त व्लादिमीर पुतिन हैं. पुतिन ने द्वितीय विश्व युद्ध के बाद से यूरोप को अपने सबसे बड़े सुरक्षा संकट में डाल दिया है. ये एक ऐसी चीज है जो लिए गए हर निर्णय को प्रभावित करेगी.

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