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अमेरिका में प्रवेश के लिए जहाज़ों का जाम क्यों लग गया है?
- Author, जैक गुडमैन और माइका लक्सेन
- पदनाम, बीबीसी रिएलिटी चेक
ग्लोबल सप्लाई चेन्स को काफ़ी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है. कैलिफ़ोर्निया में बड़े बंदरगाहों के किनारों पर मालवाहक जहाज़ जिन्हें कंटेनर या कार्गो शिप्स भी कहा जाता है उनकी रिकॉर्ड रूप से लाइनें लगी हुई हैं.
लॉन्ग बीच, कैलिफ़ोर्निया के मेयर कहते हैं, "वैश्विक महामारी के कारण उत्पादन में आए बदलावों और दशकों पुरानी सप्लाई चेन की चुनौतियों के कारण लॉन्ग बीच और लॉस एंजिल्स के बंदरगाहों पर हम कार्गो की अभूतपूर्व बाढ़ का सामना कर रहे हैं."
जाम की क्या वजह है और यह कितना ख़राब है?
लॉन्ग बीच और लॉस एंजिल्स के बंदरगाहों की सैटेलाइट तस्वीरें देखें तो वहां पर कार्गो जहाज़ों की भीड़ इकट्ठा है जिनसे सामान उतारा जाना है.
ये ऐसे मालवाहक जहाज़ हैं जो एशिया से प्रशांत महासागर होते हुए अमेरिका के पश्चिमी तट तक हर सामान पहुंचाते हैं, इनमें खिलौनों से लेकर टेनिस रैकेट तक होते हैं.
जहाज़ों को ट्रैक करने वाली वेबसाइट मरीन ट्रैफ़िक का कहना है कि लॉन्ग बीच और लॉस एंजिल्स के बंदरगाहों पर 13 अक्तूबर को 50 से अधिक कंटेनर जहाज़ खड़े थे.
वहीं सितंबर में यहां पर रिकॉर्ड रूप से जहाज़ खड़े थे.
लॉयड्स लिस्ट एडिटोरियल बोर्ड की चेयर जेनेट पोर्टर कहती हैं कि इन दो बंदरगाहों पर चीन से आने वाले जहाज़ों की भीड़ रहती है और अगर यहां पर एक बार जाम शुरू हुआ तो यह कुछ दिनों में बेहद ख़तरनाक रूप ले सकता है.
"जहाज़ आने जाने का पूरा चक्र धीमा हो गया है. इस समय जहाज़ों को अपना सामान उतारने के लिए कुछ दिनों या यहां तक के कुछ हफ़्तों का भी इंतज़ार करना पड़ रहा है."
कंटेनर ट्रेड्स स्टैटिस्टिक्स के अनुसार, 2019 में महामारी से पहले के समय में और साल 2021 के शुरुआती आठ महीनों में एशिया से अमेरिका में 25 फ़ीसदी अधिक कार्गो जहाज़ आए. वहीं, एशिया और यूरोप के बीच जहाज़ों की संख्या बराबर ही रही.
वहीं पूर्वी तट रेखा पर जॉर्जिया में सवाना बंदरगाह पर भी जहाज़ों की लाइन लगी हुई है. अगस्त दूसरा सबसे व्यस्त महीना बीता था.
शिपयार्ड्स में कंटेनर भरे हुए हैं और उन्हें आगे तक पहुंचाने की प्रक्रिया कोरोना महामारी के कारण प्रभावित हुई है. वहीं, सप्लाई में भी काफ़ी कमी देखी गई है क्योंकि चीन और बाक़ी जगहों पर कई बंदरगाह बंद हैं.
क्या अमेरिकी अधिक सामान ख़रीद रहे हैं?
इसका जवाब हां है, अमेरिकी छुट्टियों पर जाने की जगह या डिनर पर जाने की जगह यह कर रहे हैं.
महामारी से पहले की हालत की तुलना की जाएगी तो इसमें उपभोक्ता वस्तुओं की मांग में 22 फ़ीसदी की बढ़ोतरी हुई है. इस बढ़ोतरी के आंकड़े की तुलना फ़रवरी 2020 और अगस्त 2021 के बीच की गई है.
कैपिटल इकोनॉमिक्स समूह के अनुमान के मुताबिक़ खिलौने, गेम्स और खेल के सामान में 74% की और घरेलू सामानों में 49% की बढ़ोतरी हुई है.
वहीं, यूनिवर्सिटी ऑफ़ कैलिफ़ोर्निया लॉस एंजिल्स के प्रोफ़ेसर क्रिस्टोफ़र टैंग इस आयात की कुछ और वजहें गिनाते हैं.
वो कहते हैं, "वर्तमान में कई मालवाहक जहाज़ त्योहारों के लिए सामान ला रहे हैं जिसमें हैलोवीन की सजावट के सामान के अलावा अरबों डॉलर के क्रिसमस का सजावटी सामान और आर्टिफ़िशियल क्रिसमस ट्री और लाइटें हैं."
महामारी के अलावा भी हैं वजहें?
प्रोफ़ेसर टैंग कहते हैं कि अमेरिका वापस अर्थव्यवस्था को पटरी पर ला रहा है जिसके कारण मांग में बढ़ोतरी हुई है.
निजी कंपनियां वापस अपने कर्मचारियों को दफ़्तर बुला रही हैं जिसके बाद दफ़्तर के सामान की मांग में बढ़ोतरी हुई है, इनमें कंप्यूटर, प्रिंटर, सर्वर हैं. एशिया से आने वाले अधिकतर कंटेनरों में यही सामान है जो बंदरगाहों पर फंसा हुआ है.
साथ ही दफ़्तरों में उन सामानों की भी मांग बढ़ी है ताकि कोरोना वायरस के फैलने की आशंका को कम किया जा सके.
प्रोफ़ेसर टैंग कहते हैं, "कई एयर फ़िल्टर्स समेत वेंटिलेशन का सामान इन कंटेनरों में है जिसको उतारे जाने का इंतज़ार किया जा रहा है."
पीटरसन इंस्टीट्यूट फ़ॉर इंटरनेशनल इकोनॉमिक्स के सीनियर फ़ेलो गैरी हैफ़बावर कहते हैं कि यहां पर कुशल लोगों की समस्या भी खड़ी हो गई है क्योंकि बंदरगाह पर मज़दूरों, ट्रक ड्राइवरों और रेल क्रू की कमी है, जो सामान को ले जा सकें.
"बड़े स्तर पर यह डेल्टा वेरिएंट के कारण आए असर को दिखाता है, लेकिन इसमें रिटायरमेंट भी एक बड़ी वजह है. ट्रक ड्राइवरों ने भी बड़ी संख्या में रिटायरमेंट लिया है."
क्या इसको टाला जा सकता था?
पोर्टर कहती हैं, "मुझे नहीं लगता है कि मांग में इतनी भारी बढ़ोतरी का किसी ने पूर्वानुमान लगाया था और ख़ासकर तब जब महामारी के दौरान जहाज़ लगभग बंद हो गए थे."
कैलिफ़ोर्निया के तट पर जहाज़ों की भारी भीड़ ने अमेरिका में सप्लाई चेन को लेकर भारी बहस छेड़ दी है क्योंकि काफ़ी पहले से इन्फ़्रास्ट्रक्चर में सुधार की मांग की जा रही थी.
व्हाइट हाउस चीफ़ ऑफ़ स्टाफ़ ने कहा है कि बाइडन प्रशासन 'सप्लाई चेन की समस्या' से निपट रहा है और यह उन्हें पिछली सरकार ने विरासत में दिया है.
हालांकि, विशेषज्ञ अमेरिकी बंदरगाहों पर महामारी से भी काफ़ी पहले लॉजिस्टिक्स की क्षमता में समस्याओं की ओर ध्यान दिलाते रहे हैं.
हैफ़बावर कहते हैं, "यह दिखाता है कि अपर्याप्त निवेश हुआ है. बंदरगाह की क्षमता बहुत जल्द कमज़ोर नहीं होती है."
व्हाइट हाउस टास्क फ़ोर्स का गठन किया गया है जो जहाज़ के जाम को कम करने की कोशिशें करेगा और लॉस एंजिल्स के बंदरगाह को लंबे समय तक खोला जाएगा ताकि इस समस्या को ठीक किया जा सके.
हालांकि, उद्योग के विशेषज्ञों को उम्मीद नहीं है कि यह जाम अभी जल्द ख़त्म हो पाएगा.
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