अफ़ग़ानिस्तान में बीते 24 घंटों में कैसे तेज़ी से बदले हालात?

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अमेरिकी सैनिकों के अफ़ग़ानिस्तान से बाहर जाने के फ़ैसले के बाद तेज़ी से पैर पसारते हुए तालिबान ने महज़ कुछ सप्ताह के भीतर देश की राजधानी काबुल पर कब्ज़ा कर लिया है.
इसके बाद राष्ट्रपति अशरफ़ ग़नी देश छोड़ कर भाग गए हैं और तालिबान ने कहा है कि बीस साल के इंतज़ार के बाद वो सत्ता के बेहद क़रीब पहुंचा है. तालिबान ने यहां एक के बाद एक शहरों पर कब्ज़ा किया. कई शहरों के गर्वनरों ने उनके सामने खुद की आत्मसपर्मण कर दिया और उसके लड़ाकों को कोई संघर्ष नहीं करना पड़ा.
इस बीच कई देश काबुल में मौजूद अपने दूतावासों से अपने राजनयिकों और नागरिकों को निकालने की कोशिशें तेज़ कर रहे हैं. राजधानी में अफ़रा-तफ़री का माहौल देखने को मिल रहा है और लोग जल्द से जल्द देश छोड़ कर भागने की कोशिश कर रहे हैं.
अफ़ग़ानिस्तान में अब तक क्या-क्या हुआ उस पर डालते हैं एक नज़र -
- तालिबान ने एक नया वीडियो जारी कर कहा है कि अब अफ़ग़ानिस्तान के लोगों की ज़िंदगी बेहतर करने का समय आ गया है. तालिबान के गठन में शामिल रहे मुल्ला बरादर अखुंद ने वीडियो में कहा है, "अब आज़माइश का वक़्त आ गया है, हम सारे देश में अमन लाएँगे, हम लोगों की ज़िंदगी बेहतर बनाने के लिए जहाँ तक बन पड़ेगा प्रयास करेंगे. जिस मुक़ाम पर हैं उसकी हमें उम्मीद नहीं थी."

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- अमेरिकी अख़बार वॉल स्ट्रीट जनरल के मुताबिक़, काबुल एयरपोर्ट के यात्री टर्मिनल पर सोमवार सुबह हुई गोलीबारी की एक घटना में तीन लोगों की मौत हो गयी है. हालांकि, इस रिपोर्ट में ये नहीं बताया गया है कि गोलियां किस ओर से चलाई गयी हैं. इससे पहले ख़बर आई थी कि अफरा-तफरी के माहौल में आम लोगों को हवाई जहाज़ में चढ़ने से रोकने के लिए अमेरिकी सैनिकों ने हवा में गोलियाँ चलाई थीं.
- इससे पहले सोमवार को अमेरिकी सेना ने अपने और अपने सहयोगी देशों के कर्मचारियों को सुरक्षित निकालने के लिए काबुल एयरपोर्ट परिसर और एयर ट्रैफ़िक कंट्रोल को अपने हाथ में ले लिया था.

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- अफ़ग़ानिस्तान को लेकर चौतरफ़ा आलोचनाओं से घिरे अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन से पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस्तीफ़े की मांग की है. उन्होंने दावा किया कि अगर वो राष्ट्रपति होते तो अमेरिका का वहां से निकलना 'बेहद अलग और बहुत सफलतापूर्वक होता.'
वहीं, बाइडन प्रशासन ने उन पर जवाबी हमला करते हुए कहा है कि अमेरिका और तालिबान के बीच समझौता ट्रंप के राष्ट्रपति कार्यकाल के दौरान ही हुआ था.
- अफ़ग़ानिस्तान से भागने के बाद राष्ट्रपति अशरफ़ ग़नी ने सोशल मीडिया पर एक बयान जारी करते हुए कहा कि देश में रक्तपात रोकने के लिए उन्होंने यह क़दम उठाया है.
- अफ़ग़ानिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति हामिद करज़ई ने एक वीडियो फ़ेसबुक पर जारी करते हुए अपने प्रशंसकों से कहा है कि वो काबुल में ही रहेंगे. अमेरिका के देश में सैन्य अभियान के बाद 2001 में करज़ई देश के नेता बने थे.
- काबुल अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर सभी कमर्शियल उड़ानों को निलंबित कर दिया गया. वहां से केवल सैन्य विमानों के संचालन की अनुमति दी गई है.

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- इससे पहले तालिबान ने दावा किया कि उसने काबुल में राष्ट्रपति भवन को अपने नियंत्रण में ले लिया है. इसके कुछ घंटों बाद अल जज़ीरा ने एक वीडियो जारी किया जिसमें तालिबान के लड़ाके राष्ट्रपति भवन के भीतर नज़र आए. तालिबान ने ये भी दावा किया कि उसने काबुल के कई ज़िला केंद्रों में अपनी पहुंच बना ली है और उनमें से 11 को अपने नियंत्रण में ले लिया है.
- अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने कहा कि अमेरिका ने अफ़गानिस्तान स्थित अपना दूतावास काबुल एयरपोर्ट पर शिफ़्ट कर दिया है. दूतावास की इमारत पर लगा झंडा भी उतारकर एयरपोर्ट ले जाया गया है. बाद में इसे अफ़गानिस्तान से हटा लिया जाएगा.
- भारतीय समयानुसार रविवार देर शाम तक अफ़ग़ानिस्तान के राष्ट्रपति अशरफ़ ग़नी और उपराष्ट्रपति अमीरुल्लाह सालेह ने देश छोड़ दिया था. दूसरी तरफ तालिबान ने एक बयान जारी कर कहा कि उसके लड़ाके अधिकारिक तौर पर काबुल के इलाक़ों में दाख़िल हो रहे हैं और दफ्तरों के कब्ज़े ले रहे हैं. तालिबान के क़ब्ज़े में आने और अफ़गान राष्ट्रपति के देश छोड़ने के बाद वहाँ कई जगहों पर गोलियों की आवाज़ सुनी गई.

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- रविवार को अफ़ग़ानिस्तान में तेज़ी से बदलते घटनाक्रम के बीच ब्रिटेन सकार ने अफ़ग़ानिस्तान के छात्रों की शेवनिंग स्कॉलरशिप रोक दी और कहा कि अगले महीने से ब्रिटेन में स्कॉलरशिप पर पढ़ने जा रहे छात्रों का अब दाख़िला नहीं हो पाएगा. हालांकि इसके कुछ घंटों बाद ब्रितानी प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने कहा कि ऐसे अफ़ग़ान छात्रों की मदद के लिए उन्हें वीज़ा देने की कोशिश की जाएगी. सरकार के इस फ़ैसले का असर 35 अफ़ग़ान छात्रों पर पड़ेगा, जिनमें से लगभग आधी महिलाएं हैं.
- तालिबान ने काबुल के बाहरी इलाक़े में मौजूद बगराम एयरफ़ील्ड और जेल को क़ब्ज़े में लेने का दावा किया. इसी सैन्य हवाई अड्डे से अमेरिका ने अफ़ग़ानिस्तान में अपने बीस साल चले युद्ध को संचालित किया था.
- अफ़ग़ानिस्तान के कार्यवाहक गृह मंत्री अब्दुल सत्तार मीरज़कवाल ने टोलो न्यूज़ को दिए एक बयान में कहा है कि सत्ता का हस्तांतरण शांतिपूर्ण तरीके से होगा और अंतरिम सरकार बनेगी. उन्होंने कहा कि काबुल पर हमला नहीं होगा.
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- ताजा रिपोर्टों के मुताबिक तालिबान ने बिना किसी ख़ास प्रतिरोध के बामियान प्रांत पर भी कब्ज़ा कर लिया है. तालिबान ने 20 साल पहले यहां मौजूद बुद्ध की प्रसिद्ध मूर्ति को बारुद से उड़ा दिया था.
- अफ़ग़ानिस्तान की महिला सांसद फ़रज़ाना कोचाई ने बीबीसी से कहा है कि लोग राजधानी काबुल छोड़कर भागने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन भागने के लिए कोई जगह ही नहीं बची है. उन्होंने बीबीसी से कहा कि तालिबान के नियंत्रण में आने वाले इलाक़ों में महिलाओं ने काम पर जाना बंद कर दिया है. वो स्कूल या दफ्तर नहीं जा रही हैं.
- अफ़ग़ानिस्तान में तेज़ी से बदलते घटनाक्रम को देखते हुए अमेरिका ने अपने नागरिकों की सुरक्षा के लिए अतिरिक्त जवान काबुल भेजे. दूसरी तरफ़ अमेरिका अपने नागरिकों और दूतावास कर्मचारियों को भी काबुल से तेज़ी से निकालने के काम में जुट गया.

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- रविवार को अफ़ग़ानिस्तान की राजधानी काबुल से महज़ कुछ घंटों की दूरी पर मौजूद जलालाबाद शहर पर कब्ज़ा करने के बाद तालिबान के लड़ाके क़ाबुल के बाहरी इलाक़ों तक पहुंच गए. इससे एक दिन पहले तालिबान ने मज़ार-ए-शरीफ़ शहर पर कब्जा कर लिया था.
- इसके बाद तालिबान ने कहा कि वो अफ़ग़ान सरकार के साथ शांतिपूर्ण सत्ता हस्तांतरण को लेकर बातचीत कर रही है और जब तक बातचीत जारी है उसके लड़ाके राजधानी में प्रवेश नहीं करेंगे. तालिबान की तरफ़ से जारी किए गए अधिकारिक बयान में कहा गया कि काबुल एक घनी आबादी वाला शहरी इलाक़ा है जहां नागरिक आबादी को ख़तरा हो सकता है.
- इसी दौरान अफ़ग़ान राष्ट्रपति अशरफ़ ग़नी ने अपने ट्विटर हैंडल पर एक संदेश पोस्ट कर नागरिकों से भरोसा दिलाया कि राजधानी में स्थिति नियंत्रण में है.
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