इमरान ख़ान की पूर्व पत्नी जेमाइमा और मरियम नवाज़ क्यों भिड़ गईं?

पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज़ शरीफ़ की बेटी मरियम नवाज़ और प्रधानमंत्री इमरान ख़ान की पूर्व पत्नी जेमाइमा गोल्डस्मिथ के बीच मंगलवार को ट्विटर पर बहस छिड़ गई.

बात यहाँ तक बढ़ गई कि लंदन में पाकिस्तानी मूल के एक शख़्स ने मरियम नवाज़ के ख़िलाफ़ 'हेट स्पीच' की शिकायत तक दर्ज करा दी.

हालाँकि, इस बहस की शुरुआत मरियम या जेमाइमा से नहीं बल्कि इमरान ख़ान के एक बयान से हुई थी.

इमरान ख़ान ने पाकिस्तान प्रशासित कश्मीर में एक रैली के दौरान मरियम नवाज़ के बेटे जुनैद सफ़दर के पोलो खेलने को लेकर तंज कसा था.

नवाज़ शरीफ़ की लंदन में अपने नवासे जुनैद का पोलो मैच देखते हुए कुछ तस्वीरें सामने आई थीं.

इन तस्वीरों को लेकर इमरान ने कहा था, "कमज़ोर जेलों में जाएं और ताक़तवर एनआरओ ले लें और बाहर जाकर बैठ जाएं और अपने पोते का पोलो मैच देखें. ये जो पोता ब्रिटेन में खेल रहा है, मेरे से पूछें... आपके कश्मीर में कितने लोग बाहर रहते हैं?''

इमरान ने कहा,''मैं आपके कितने ही रिश्तेदारों से लंदन और मैनचेस्टर में मिला हूं, कभी उनसे पूछें कि वहां किस तरह का इंसान पोलो खेल सकता है. वो आपको बताएंगे कि ये बादशाहों का खेल है. ये खेल आम आदमी नहीं खेल सकता. वहां घोड़ा रखना, पोलो खेलना, बड़ा पैसा चाहिए. ये बताएं कि पोते जी के पास पैसा किधर से आया? ये आपका पैसा है. ये यहां से बाहर गया है."

मरियम का जेमाइमा पर निशाना

मरियम नवाज़ भी इन दिनों पाकिस्तान प्रशासित कश्मीर में अपनी पार्टी पीएमएल(एन) के प्रचार में जुटी हैं.

उन्होंने भी जवाब में इमरान ख़ान पर तीखा हमला किया और उनके बच्चों को लेकर तंज कसा.

मरियम ने एक रैली में कहा, "मेरा बच्चा आज वहां की पोलो टीम का कैप्टन बनकर पाकिस्तान की इज्ज़त में इज़ाफ़ा कर रहा है. वो कहता है कि वो पोता. पोता नहीं वो नवासा है, वो बाहर जाकर पोलो खेल रहा है. बच्चों को भी नहीं बख्श़ता.''

मरियम ने कहा, "कहता है, उसके पास पोलो के लिए पैसे कहां से आए हैं. तो मैं बच्चों तक नहीं जाना चाहती थी, लेकिन जैसी बात करोगे मुंहतोड़ जवाब मिलेगा. वो नवाज़ शरीफ़ का नवासा है गोल्डस्मिथ का नवासा नहीं है. वो यहूदियों की गोद में नहीं पल रहा है. किस मुंह से तुम नाम लेते हो?"

मरियम नवाज़ का इशारा जेमाइमा गोल्डस्मिथ और उनके बच्चों की तरफ़ था. जेमाइमा इमरान ख़ान की पूर्व पत्नी हैं और उनके दो बच्चे भी हैं.

वो यहूदी मूल की हैं जिसे लेकर उन पर कई बार टिप्पणियां भी की गई हैं.

इसके बाद जेमाइमा गोल्डस्मिथ भी इस बहस में आ गईं और उन्होंने मरियम पर यहूदी विरोधी बयान देने का आरोप लगाया.

जेमाइमा ने मरियम के बयान की ख़बर को ट्वीट करते हुए लिखा, "आज मरियम नवाज़ ने बताया कि मेरे बच्चे यहूदियों की गोद में पल रहे हैं. मैंने दशकों तक मीडिया और नेताओं से यहूदी विरोधी हमले (और हर हफ़्ते जान से मारने की धमकियां और घर के बाहर प्रदर्शन) झेलने के बाद 2004 में पाकिस्तान छोड़ दिया था. लेकिन, ये अब भी जारी है."

मामला यहां तक आकर नहीं रुका और मरियम नवाज़ ने भी ट्वीट के ज़रिए जेमाइमा को जवाब दिया.

उन्होंने लिखा, "मेरी आपमें, आपके बच्चों में या आपकी निज़ी ज़िंदगी में वाकई कोई दिलचस्पी नहीं है क्योंकि मेरे पास करने के लिए इससे बेहतर चीज़ें हैं, लेकिन अगर आपके पूर्व पति (इमरान ख़ान) दूसरों के परिवारों को घसीटते हैं तो दूसरों के पास कहने के लिए भी बुरी बातें हैं. आपको सिर्फ़ अपने पूर्व पति को दोष देना चाहिए."

इस मामले में लंदन में रहने वाले पाकिस्तानी मूल के एक व्यक्ति ने मरियम नवाज़ के ख़िलाफ़ 'हेट स्पीच' का मामला भी दर्ज करा दिया है. शख़्स ने मरियम नवाज़ के लंदन में प्रवेश पर रोक लगाने की माँग की है.

कौन हैं जेमाइमा गोल्डस्मिथ?

जेमाइमा गोल्डस्मिथ ब्रिटेन के एक समृद्ध परिवार से ताल्लुक रखने वाले अरबपति कारोबारी की बेटी हैं. उन्होंने इमरान ख़ान से 1995 में शादी की थी. उनके दो बेटे भी हैं सुलेमान ख़ान और क़ासिम ख़ान.

यह शादी नौ साल तक चली और साल 2004 में दोनों ने तलाक़ ले लिया.

जेमाइमा से शादी के कारण इमरान ख़ान को 'यहूदी एजेंट' भी कहा गया और उनकी शादी को 'एक साज़िश' बताया गया था.

हालांकि, जेमाइमा से अलग होते हुए इमरान ख़ान ने कहा था, "मेरा घर और भविष्य पाकिस्तान में है जबकि जेमाइमा पाकिस्तान में रहने की बहुत कोशिश कर रही हैं. पर मेरे राजनीतिक जीवन ने उनका यहाँ रहना मुश्किल बना दिया है."

सोशल मीडिया पर भी छिड़ी बहस

मरियम और जेमाइमा के बीच छिड़ी बहस जल्द ही सोशल मीडिया पर भी छा गई और लोग दोनों के समर्थन और विरोध में बंट गए.

शोधकर्ता और सामाजिक कार्यकर्ता अम्मार अली ने जेमाइमा के ट्वीट के जवाब में लिखा, "आपके ख़िलाफ़ मरियम नवाज़ का बयान बिल्कुल ठीक नहीं हैं. पाकिस्तान के लोग आपके परिवार की इज्ज़त करते हैं. उम्मीद है कि ये आलोचना उन लोगों के लिए सीख होगी जो राजनीतिक विरोधियों के ख़िलाफ़ पूर्वाग्रह का इस्तेमाल करते हैं."

अनवा-उल-हक़ ने लिखा, "एक महिला जो अपना देश छोड़कर पाकिस्तान में आई, उन्हें पाकिस्तान में नहीं रहने दिया गया और वापस जाने के लिए मजबूर किया गया. तब से उस महिला ने पाकिस्तान और इस्लाम के बारे में कुछ भी ग़लत नहीं कहा. लेकिन ये लोग फिर भी उस महिला और उसके बच्चों को निशाना बनाते हैं."

इसी तरह ब्लॉगर हारून रियाज़ ने मरियम नवाज़ की आलोचना करने हुए लिखा, "बेहद आपत्तिजनक. मरियम नवाज़ को माफ़ी मांगनी चाहिए. दुर्भाग्य से पाकिस्तान में यहूदी विरोधी रवैया क़ायम है."

हालांकि, कुछ लोगों ने जेमाइमा गोल्डस्मिथ से भी सवाल पूछे और मरियम का समर्थन किया.

लोगों ने पूछा कि क्या जेमाइमा ने अपने पूर्व पति के मरियम नवाज़ के बेटे को लेकर दिए बयान को सुना? क्या वो आपको आपत्तिजनक नहीं लगा?

सऊद नाम के ट्विटर यूज़र ने लिखा, "अगर जेमाइमा ने अपने बच्चों का बचाव में एक क़दम और आगे बढ़ते हुए इमरान ख़ान के हमले की भी आलोचना की होती तो मामले में कुछ वज़न होता."

कई लोगों का कहना था कि अगर इमरान ख़ान नवाज़ शरीफ़ की ब्रिटेन में रहने और पोलो मैच देखने को लेकर आलोचना करना चाहते थे, तो उन्हें करना चाहिए, लेकिन उनके पोते को इसमें नहीं घसीटना चाहिए.

पाकिस्तान पीपल्स पार्टी के नेता शर्जिल इनाम मेमन ने ट्वीट किया, "दुर्भाग्य से हमारे देश में राजनीतिक विरोधियों के परिवारों पर निजी हमले करना एक नई संस्कृति बन गई है. ऐसे निजी हमले बंद होने चाहिए."

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