पाकिस्तान में मरियम नवाज़ का इंटरव्यू जबरन रोका गया, कटघरे में इमरान सरकार

पाकिस्तान में गुरुवार को पूर्व प्रधानमंत्री नवाज़ शरीफ़ की बेटी मरियम नवाज़ का एक इंटरव्यू प्रसारित किया जा रहा था जिसे अचानक बीच में रोक दिया गया.

इसके बाद एक बार फिर पाकिस्तान की इमरान ख़ान सरकार सवालों के घेरे में है. कुछ दिन पहले ही मरियम की प्रेस कॉन्फ्रेंस को लाइव करने वाले कुछ चैनलों को सरकार की तरफ से नोटिस भेजा गया था.

ताज़ा मामले में मरियम 'हम न्यूज़' के पत्रकार नदीम मलिक को इंटरव्यू दे रही थीं.

बाद में इस इंटरव्यू को ज़बरदस्ती रोके जाने को लेकर नदीम मलिक ने ट्वीट भी किया. साथ ही इस इंटरव्यू का एक लिंक भी शेयर किया.

उनके ट्वीट के बाद चैनल ने भी ट्वीट किया कि "अभिव्यक्ति की आज़ादी को कायम रखना हमारा कर्तव्य है. लेकिन इसके साथ ही हम संविधान और देश की अदालत का भी सम्मान करते हैं."

आखिर क्या है मामला?

पूर्व प्रधानमंत्री नवाज़ शरीफ़ अजीजिया स्टील मिल भ्रष्टाचार मामले में 7 साल की जेल की सज़ा काट रहे हैं.

बीते शनिवार (6 जुलाई) को मरियम ने एक वीडियो जारी किया था जिसमें जज यह कहते हुए दिख रहे हैं कि वे सज़ा सुनाने के लिए मजबूर थे.

मरियम ने दावा किया है कि "जज मलिक ने नवाज़ शरीफ़ के ख़िलाफ़ दबाव में फ़ैसला लिखने की बात ख़ुद स्वीकार की थी."

पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज़ (पीएमएलएन) की नेता मरियम नवाज़ ने अपने आरोपों को साबित करने के लिए शनिवार को एक प्रेस कांफ्रेंस कर वीडियो जारी किया.

इस वीडियो में कथित रूप से जज अरशद मलिक पीएमएलएन के समर्थक नसीर बट्ट से ये कहते हुए दिखाई दे रहे हैं कि शरीफ़ के ख़िलाफ़ फैसला लिखने के लिए उन्हें 'ब्लैकमेल किया गया और दबाव' डाला गया.

जब शनिवार को यह वीडियो जारी किया गया था तब भ्रष्टाचार के मामलों की सुनवाई करनेवाली इस्लामाबाद की जवाबदेही कोर्ट के जज मोहम्मद अरशद मलिक ने मरियम नवाज़ के इन आरोपों को झूठा क़रार दिया.

इस वीडियो के जारी होने के बाद पाकिस्तान में हंगामा खड़ा हो गया इसके बाद जज की ओर से अदालत के रजिस्ट्रार ने रविवार की दोपहर एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर इसका खंडन किया और इसे ग़लत, धोखाधड़ी और बेबुनियाद बताया.

जज अरशद मलिक ने सरकार से वीडियो के मामले में नोटिस जारी करके इसमें शामिल लोगों के ख़िलाफ़ कार्रवाई की मांग की है. इसके बाद हुकूमत ने वीडियो के फॉरेंसिक जांच के आदेश दिये हैं.

'हम न्यूज़' पर अपने ताज़ा इंटरव्यू के दौरान मरियम इस पूरे मामले का ज़िक्र करते हुए यह दावा कर रही थीं कि नवाज़ शरीफ़ को जेल भेजने पर जज मलिक को पछतावा हो रहा है और उन्होंने इसके लिए माफ़ी भी मांगी है.

जेल में बंद नवाज़ शरीफ़ की तबियत कैसी है?

'हम न्यूज़' पर इस इंटरव्यू में सबसे पहले मरियम से जेल में बंद उनके पिता और पूर्व प्रधानमंत्री नवाज़ शरीफ़ की तबियत की बात पूछी गई.

इस पर मरियम ने कहा, "उनकी तबियत कुछ अरसे से ख़राब है लेकिन जब भी मैं उनसे मिलती हूं वो मुझसे कहते हैं कि मेरी तबियत का ज़िक्र नहीं करना और पिछले दिनों से हुकूमत-ए-पंजाब ने घर से जो खाना उनको जाता था वो बंद कर दिया है. उन्होंने मुझे खुद बताया कि वो जेल का खाना खा रहे हैं."

"ये बहुत छोटी हरकतें करते हैं. कभी स्टेडियम में पानी छोड़ दिया, कभी जलसे की इजाज़त नहीं दी, खाना बंद कर दिया, डॉक्टर को इजाज़त नहीं दी, पांच से छठा बंदा उनसे मिल नहीं सकता. जेल के खाना को लेकर मुझे ऐतराज़ नहीं है. उन्होंने मुझे सख्त हिदायत दी कि तुम इसके बारे में न तो ज़िक्र करना, न ही किसी से फरियाद करना और न ही कोर्ट जाना. मुझे जो मिल रहा है वो मैं खाऊंगा."

इसके साथ ही मरियम ने कहा, "मैं अपने वालिद की ज़िंदगी की सलामती के लिए इस हुकूमत पर भरोसा नहीं कर सकती."

"उनकी उम्र 70 साल है और उनके परिवार को एक महीने बाद मिलने की इजाज़त दी गई. वो भी तब जब मैं कोर्ट गयी."

"उनकी हार्ट की स्थिति यह है कि उन्हें हफ़्ते में तीन से चार दफे एंजाइना (सीने में बार-बार होने वाला वह दर्द) होता है."

इस दौरान मरियम ने कहा, "वो चिकन पसंद करते हैं लेकिन जेल के खाने में उन्हें आलू, शोरबा और बहुत बड़ी रोटी मिलती है."

69 वर्षीय पूर्व प्रधानमंत्री और पीएमएलएन के मुख़िया रहे नवाज़ शरीफ़ इस समय लाहौर की कोट लखपत जेल में बंद हैं.

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