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पाकिस्तान में क्यों चर्चा में है मरियम नवाज़ की चुप्पी: पाँच बड़ी ख़बरें
पाकिस्तान में पूर्व प्रधानमंत्री नवाज़ शरीफ़ की बेटी मरियम नवाज़ की चुप्पी इन दिनों चर्चा का विषय बनी हुई है.
मरियम नवाज़ अपनी पार्टी पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज़ की सबसे मुखर नेताओं में से एक हैं और वह खुलकर अपने परिवार के ऊपर लगने वाले आरोपों पर खुलकर जवाब देती रही हैं. मगर प्रधानमंत्री इमरान ख़ान की ओर से उनके पिता पर की गई ताज़ा टिप्पणी के बाद भी मरियम की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है..
प्रधानमंत्री इमरान ख़ान ने कहा था, "ऐसा लगता है जैसे लंदन जाने वाले विमान को देखकर नवाज़ शरीफ़ की सेहत में सुधार आ गया."
दरअसल, भ्रष्टाचार के मामले में सज़ा काट रहे पूर्व प्रधानमंत्री नवाज़ शरीफ़ को हाल ही में कोर्ट से इजाज़त मिलने के बाद इलाज के लिए लंदन ले जाया गया है.
इस बीच मरियम की चुप्पी को लेकर उठ रहे सवालों को लेकर उनकी पार्टी ने कहा है प्रधानमंत्री इमरान ख़ान अगर इसी तरह मरियम के पिता की आलोचना करते रहेंगे तो वह अधिक समय तक ख़ामोश नहीं रहेंगी.
पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज़ की प्रवक्ता मरियम औरंगज़ेब ने कहा है कि पूर्व प्रधानमंत्री की बेटी अपने पिता की बीमारी के कारण चिंतित हैं. उन्होंने कहा कि मरियम के लिए पिता सबसे पहले हैं और इसलिए इस वक्त उनकी सेहत पर ध्यान देना ज़रूरी है.
मरियम की चुप्पी को लेकर लगाए जा रहे क़यासों को ख़ारिज करते हुए पार्टी की प्रवक्ता ने कहा कि जब मरियम भावनात्मक रूप से ठीक होंगी, तब वह ज़रूर बोलेंगी.
महाराष्ट्र में सरकार के गठन के लिए आज अहम दिन
महाराष्ट्र में शिव सेना, एनसीपी और कांग्रेस की ओर से गठबंधन सरकार बनाने को लेकर आज घोषणा हो सकती है.
इससे पहले शुक्रवार को वर्ली के नेहरू सेंटर में तीनों पार्टियों के प्रमुख नेताओं की मीटिंग हुई. इस बैठक के ख़त्म होने के बाद एनसीपी प्रमुख शरद पवार ने ऐलान किया कि पार्टियों के बीच मुख्यमंत्री पद के लिए शिव सेना प्रमुख उद्धव ठाकरे के नाम पर सहमति बन गई है और बाक़ी मुद्दों पर बातचीत जारी रहेगी.
उद्धव ठाकरे ने मुख्यमंत्री पद के लिए उनके नाम पर सहमति बनने को लेकर ख़ुद तो कुछ नहीं कहा मगर शिव सेना नेता संजय राउत ने कहा है कि उद्धव सीएम पद स्वीकार करने के लिए तैयार हो गए हैं.
अगर शिवसेना, एनसीपी और कांग्रेस की गठबंधन सरकार बनती है तो वह सीएम बनने वाले ठाकरे परिवार के पहले सदस्य होंगे.
दो केंद्रशासित प्रदेशों का विलय करने की योजना
नरेंद्र मोदी सरकार दो केंद्रशासित प्रदेशों को मिलाकर एक केंद्र शासित प्रदेश बनाने जा रही है. केंद्रीय मंत्री अर्जुन मेघवाल ने बताया है कि दमन और दीव को दादरा और नगर हवेली के साथ मिलाया जाएगा.
ये दोनों केंद्रशासित प्रदेश भारत के पश्चिमी तट पर गुजरात के पास हैं. इन दोनों केंद्रशासित प्रदेशों को मिलाने के लिए अगले हफ़्ते एक विधेयक पेश किया जाएगा.
मेघवाल ने लोकसभा में कहा कि इन दादर और नगर हवेली व दमन और दीव के विलय का विधेयक अगले सप्ताह के लिए प्रस्तावित किया गया है.
बताया जा रहा है कि प्रशासन को बेहतर ढंग से चलाने के उद्देश्य से इन केंद्रशासित प्रदेशों को मिलाने की योजना बनाई गई है.
इससे पहले केंद्र सरकार ने पांच अगस्त को जम्मू-कश्मीर को दो केंद्रशासित प्रदेशों- जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में बांटने का फ़ैसला लिया था.
अफ़ग़ानिस्तान में भारत के साथ अमरीका
अमरीका ने कहा है कि वह अफ़ग़ानिस्तान में भारत की भूमिका जारी रहने का समर्थन करता है.
2001 में तालिबान के ख़िलाफ़ अमरीकी अभियान शुरू होने से लेकर अब तक भारत तीन अरब डॉलर का निवेश कर चुका है.
अफ़ग़ानिस्तान का प्रभार देखने वालीं अमरीका के विदेश मंत्रालय की अधिकारी नैंसी इज़ो जैक्सन ने कहा, "अफ़ग़ानिस्तान में भारत के अहम निवेश और उसकी ओर से दी जाने वाली सहायता की अमरीका स्वागत करता है."
हडसन इंस्टिट्यूट में 'अफ़ग़ानिस्तान में भारत की भूमिका' पर आयोजित कॉन्फ़्रेंस मे उन्होंने कहा, "अफ़ग़ानिस्तान में सम्मानजक और स्थायी समाधान के लिए होने वाली कोशिशों का समर्थन करना हम जारी रखेंगे ताकि अफ़ग़ानिस्तान के भविष्य के लिए किया गया हमारा योगदान सार्थक साबित हो."
भारत ने अफ़ग़ानिस्तान का नया संसद भवन बनाया है और बॉलीवुड फ़िल्मों की लोकप्रियता के दम पर अफ़ग़ानों के बीच अच्छी छवि बनी है. हालांकि, अफ़ग़ानिस्तान में भारत की मौजूदगी पाकिस्तान के लिए चिंता का विषय रही है.
ट्रंप को आया ग़ुस्सा
अमरीकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने कहा है कि अगर हाउस ऑफ़ रिप्रजेंटेटिव्स में उन पर यूक्रेन मामले में महाभियोग चलाने के समर्थन में वोट किया गया तो वो चाहेंगे कि सीनेट में बाक़ायदा मुक़दमा भी चले.
अमरीकी समाचार चैनल फ़ॉक्स न्यूज़ टेलिविज़न को दिए तक़रीबन एक घंटे लंबे इंटरव्यू में ट्रंप ने कहा कि इस हफ़्ते हुई सार्वजनिक सुनवाई में उन्होंने जो कुछ सुना, उससे उन्हें बहुत ग़ुस्सा आया.
उन्होंने कहा," सच कहूं तो मैं चाहता हूं कि मुक़दमा चले. मुझे लगता है कि ये हो सकता है. पहली बात तो ये कि कभी महाभियोग चलना ही नहीं चाहिए. ये महाभियोग है ही नहीं. मैंने कल ही आपके चैनल पर देखा...मैंने देखा कि पांच लोग कह रहे थे कि महाभियोग जैसा कोई मामला ही नहीं है."
ट्रंप ने कहा कि वो चाहते हैं कि वो अज्ञात विसलब्लोअर भी अपना बयान दर्ज कराए जिसने यूक्रेन के राष्ट्रपति के साथ उनकी बातचीत पर शक जताया था.
ट्रंप का ये बयान ऐसे वक़्त में आया है जब उनके ख़िलाफ़ महाभियोग से जुड़ी सार्वजनिक सुनवाई का पहला हफ़्ता पूरा हो चुका है.
राष्ट्रपति ट्रंप पर आरोप है कि उन्होंने अपने राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी जो बाइडेन और उनके बेटे के ख़िलाफ़ जांच शुरू करने के लिए यूक्रेन पर दबाव बनाया था.
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