अमेरिका ने कहा- जयशंकर से भारत-चीन सीमा को लेकर बात हुई

अमेरिका

इमेज स्रोत, @DrSJaishankar

भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर और अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन की बीच शुक्रवार को मुलाक़ात हुई है. दोनों विदेश मंत्रियों की मुलाक़ात में कई अहम मुद्दों पर बातचीत हुई है.

इस मुलाक़ात को लेकर अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने एक प्रेस रिलीज़ जारी की है.

अमेरिका ने कहा है कि भारतीय विदेश मंत्री के साथ क्षेत्रीय शांति के लिए हिन्द-प्रशांत में भारत-अमेरिका सहयोग बढ़ाने और आर्थिक प्राथमिकताओं पर बात हुई है. इसके अलावा संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में सहयोग बढ़ाने और कोविड-19 महामारी पर भी बातचीत हुई है.

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अमेरिकी विदेश मंत्रालय के अनुसार ब्लिंकन और जयशंकर के बीच म्यांमार में तख़्तापलट और अफ़ग़ानिस्तान को लेकर भी बात हुई. दोनों विदेश मंत्रियों ने पारस्परिक आर्थिक हितों और क्षेत्रीय शांति, स्थिरता को सुनिश्चित करने के लिए सहयोग बढ़ाने का संकल्प लिया है.

दोनों नेताओं के बीच हुई द्विपक्षीय बातचीत में अमेरिकी एक्टिंग असिस्टेंट सेक्रेटरी डीन थॉम्पसन भी मौजूद थे.

उन्होंने बताया कि "भारत-चीन सीमा, म्यांमार में तख़्तापलट और अफ़ग़ानिस्तान के मामले में चर्चा हुई है. इन सभी घटनाक्रम पर हम पैनी नज़र रख रहे हैं और हमें उम्मीद है कि शांति से सभी मामलों का हल निकल सकेगा."

ब्लिंकन ने भी कहा कि दोनों पक्षों में भारत चीन सीमा को लेकर चर्चा हुई है और मित्र होने के नाते दोनों सभी विषयों पर मिल कर काम करेंगे.

चीन से जुड़े सवाल पर जयशंकर ने किसी देश का नाम लिए बग़ैर कहा कि दोनों पक्षों में हिंद प्रशांत इलाक़े और इसकी सुरक्षा से जुड़े मुद्दों को लेकर चर्चा हुई है.

वीडियो कैप्शन, COVER STORY: वायरस पर फिर चीन-अमेरिका में तनाव

एस जयशंकर ने भी ब्लिंकन से मुलाक़ात को लेकर ट्वीट किए हैं.

अपने ट्वीट में जयशंकर ने लिखा है, "अमेरिकी विदेश मंत्री से मुलाक़ात बहुत अच्छी रही. द्विपक्षीय, क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों के तमाम पहलुओं पर विस्तार से चर्चा हुई. हमने हिन्द-प्रशांत और क्वॉड के साथ अफ़ग़ानिस्तान, म्यांमार, सुरक्षा परिषद और अन्य अंतरराष्ट्रीय संस्थानों पर बात की."

"इसके अलावा हमने कोविड वैक्सीन की आपूर्ति को बढ़ाने पर भी बात की. इस वक़्त अमेरिका हमारे साथ मज़बूती से खड़ा रहा. हम इस बात की सराहना करते हैं. आज की बातचीत से हमारा साथ और मज़बूत होगा."

भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर अभी अमेरिका में हैं. गुरुवार को उनकी मुलाक़ात अमेरिकी रक्षा मंत्री लॉयड ऑस्टिन से हुई थी.

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ऑस्टिन से मुलाक़ात को लेकर जयशंकर ने ट्वीट कर कहा है, "अमेरिकी रक्षा मंत्री लॉयड ऑस्टिन से मुलाक़ात अच्छी रही. दोनों देशों के बीच सामरिक और रक्षा साझेदारी पर बात हुई. हमने वर्तमान सुरक्षा चुनौतियों पर भी अपनी-अपनी राय रखी. भारत में कोविड संकट के वक़्त में भारतीय सैनिकों की भूमिका सराहनीय थी."

इस मुलाक़ात को लेकर अमेरिकी रक्षा मंत्रालय की तरफ़ से भी बयान जारी किया गया है.

अमेरिकी रक्षा मंत्रालय की ओर से जारी बयान में कहा गया है, "भारतीय विदेश मंत्री के साथ क्षेत्रीय रक्षा चुनौतियों पर बात हुई है. दोनों मत्रियों ने हिन्द-प्रशांत को मुक्त और खुला रखने पर प्रतिबद्धता जताई. ऑस्टिन ने हिन्द-प्रशांत में एक तरह से सोचने वाले देशों के बीच कोविड महामारी को लेकर सहयोग बढ़ाने पर भी प्रतिबद्धता जताई. अगले साल दोनों देशों के बीच 2+2 मंत्रीस्तरीय संवाद होना है, जिसमें दोनों देशों के विदेश मंत्री और रक्षा मंत्री हिस्सा लेंगे. ऑस्टिन इस संवाद को लेकर भी बहुत उत्साहित हैं."

हाल के दिनों में अमेरिका और भारत में सहयोग बढ़ा है जबकि दोनों देशों का चीन से तनाव बढ़ा है. अमेरिका ने कोरोना वायरस की उत्पति चीनी लैब में हुई या जानवरों से इंसान में आया, इसे लेकर अपनी ख़ुफ़िया एजेंसियों से 90 दिनों के भीतर रिपोर्ट मांगी है.

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गुरुवार इस मामले में भारत ने भी अमेरिका के सुर में सुर मिलाते हुए विश्व स्वास्थ्य संगठन से अगले चरण की जांच के लिए कहा था. भारत का कहना है कि जाँच किसी निष्कर्ष तक पहुँचनी चाहिए.

चीन ने अमेरिका की इस जांच पर कड़ी आपत्ति जाताई है और कहा है कि अमेरिका कोविड महामारी को लेकर चीन को बदनाम करना चाहता है.

जयशंकर से मुलाक़ात के बाद अमेरिका के विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने भी ट्वीट किया है.

ब्लिंकन ने अपने ट्वीट में लिखा है, "भारतीय विदेश मंत्री से क्षेत्रीय सुरक्षा, आर्थिक प्राथमिकता, कोविड सहयोग और भारत-चीन सीमा पर वर्तमान स्थिति और अफ़ग़ानिस्तान पर गंभीरता से चर्चा हुई. एक दोस्त के नाते हम इन चिंताओं पर साथ मिलकर काम करेंगे."

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