यरुशलम हिंसा: इसराइल और ग़ज़ा के बीच हमले जारी, मरने वालों की संख्या बढ़ी

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फ़लस्तीनी चरमपंथियों और इसराइली सेना के बीच रॉकेट और हवाई हमलों में ग़ज़ा और इसराइल में कई लोगों की मौतें हुई हैं.
सोमवार रात से अब तक चरमपंथियों ने इसराइल की ओर 300 से अधिक रॉकेट दागे हैं जिनमें दो इसराइलियों की मौत हुई है.
वहीं, इसराइल ने कहा है कि उसने इसके जवाब में ग़ज़ा में 150 जगहों को निशाना बनाया है. स्वास्थ्य अधिकारियों ने बताया है कि 26 फ़लस्तीनियों की अब तक मौतें हुई हैं.

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अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने दोनों पक्षों से इन हमलों को बंद करने के लिए कहा है.
ग़ज़ा का नियंत्रण करने वाले चरमपंथी समूह हमास ने कहा है कि वह यरुशलम में अल-अक़्सा मस्जिद की इसराइली आक्रमण और आतंकवाद' से हिफ़ाज़त कर रहा है.
यह जगह यहूदियों और मुसलमानों के लिए बेहद पवित्र समझी जाती है.
सोमवार को यहाँ पर इसराइली पुलिस और फ़लस्तीनियों के बीच झड़पें हुई थीं, जिनमें 200 से अधिक लोग घायल हुए थे.
'सीमा रेखा पार की'

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इसराइली प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू ने कहा है कि हमास ने कई सालों में यरुशलम की ओर रॉकट दागकर 'सीमा रेखा पार कर दी' है.
मंगलवार दोपहर को सैन्य प्रमुखों के साथ बैठक के बाद नेतन्याहू ने चेतावनी दी कि वे ग़ज़ा पर अधिक और मज़बूती से हमले करने पर सहमत हो गए हैं और हमास 'पर इस तरह से हमला किया जाएगा जिसकी उन्होंने कल्पना भी नहीं की होगी.'
2017 के बाद से बीते दिनों में यरुशलम में अब तक की सबसे बुरी हिंसा हुई है.
इसकी शुरुआत पूर्वी यरुशलम में फ़लस्तीनी परिवारों को निकालने की धमकी के बाद शुरू हुईं. इसके कारण शहर के कई हिस्सों में प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच कई बार झड़प हुईं.
क्या हैं ताज़ा हालात
हमले पूरी रात और मंगलवार को भी जारी रहे कभी फ़लस्तीनी रॉकेट दागे जाते तो कभी इसराइली हवाई हमले हो रहे होते थे.
सुबह को दक्षिणी इसराइली शहर एशकेलोन में दो घरों पर रॉकेट गिरे. इसराइली स्वास्थ्यकर्मियों के मुताबिक़, इसमें 40 वर्षीय पुरुष को गंभीर चोटें आई थीं और उनकी पत्नी और दो बच्चे भी घायल हुए हैं.
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मंगलवार दोपहर को स्वास्थ्यकर्मियों ने बताया कि एशकेलोन में ही रॉकेट हमले में दो महिलाओं की मौत हुई है.
वहीं, एक शख़्स बुरी तरह घायल है और पाँच लोग मामूली रूप से घायल हैं. उन्होंने बताया कि अस्पताल में कुल 84 लोगों का इलाज चल रहा है.
हमास ने कहा है कि उसने अशदोद शहर और उसके आसपास पाँच मिनट में 137 रॉकेट दागे थे और चेतावनी दी थी कि अगर लड़ाई जारी रही तो उसने 'कई सरप्राइज़' तैयार किए हुए हैं.
इसराइली सेना ने कहा है कि उसने सोमवार को शाम 6 बजे तक 300 से अधिक रॉकेट दागे थे और उसमें से 90% उसके आयरन डोम मिसाइल डिफ़ेंस सिस्टम से दागे गए थे.

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इसराइली सेना ने कहा है कि उसने बीती रात ग़ज़ा में 130 'आतंकी ठिकानों' को निशाना बनाया है जिसमें इसराइली सीमा पर हमले के लिए खोदी गईं दो सुरंगें भी शामिल हैं.
इसके साथ ही इन हमलों में हमास ख़ुफ़िया केंद्र, हथियार फ़ैक्टरी और हथियारों को रखने की जगहों को भी निशाना बनाया गया है.
बाद में सेना और शिन बेट सुरक्षा एजेंसी ने घोषणा की कि उसने इस्लामिक जिहाद समूह के स्पेशल रॉकेट यूनिट के प्रमुख समाह अबेद अल-ममलूक को मार दिया है. इस्लामिक जिहाद ने ममलूक और दो अन्य वरिष्ठ नेताओं के मारे जाने की पुष्टि की है.
ग़ज़ा में हमास के नेतृत्व वाले स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया है कि इसराइली हमले में उसके यहाँ कम से कम 26 फ़लस्तीनी मारे गए हैं जिनमें 9 बच्चे शामिल हैं और 120 लोग घायल हैं.
बताया गया है कि मंगलवार सुबह हुए हमलों में 59 वर्षीय महिला और उसके अपाहिज बेटे की मौत हुई है.

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सोमवार रात को बैत हनून में एक धमाके में एक परिवार के सात लोगों की मौत हुई है जिनमें तीन बच्चे शामिल हैं. धमाके की वजह अब तक स्पष्ट नहीं हो पाई है.
इसराइली सेना ने कहा है कि मरने वालों में 15 लोग चरमपंथी समूहों के हैं और वह इस बात का ध्यान रख रहा है किआम लोगों को कम से कम नुक़सान पहुँचे.
दुनियाभर में क्या है चर्चा
अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकेन ने कहा है कि हमास को 'तुरंत' हमले रोक देने चाहिए और 'सभी पक्षों को तनाव कम करने की ज़रूरत है.'
ब्रिटेन के विदेश मंत्री डोमिनिक राब ने ट्वीट किया है कि यरुशलम और ग़ज़ा में हिंसा 'रुकनी चाहिए' और 'तुरंत सभी पक्षों को पीछे हटने और आम लोगों को निशाना बनाना बंद करने की' मांग की है.

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यूरोपीय संघ की विदेश नीति प्रमुख के प्रवक्ता जोसेफ़ बॉरेल ने कहा है कि हिंसा में बढ़ोतरी को 'तुरंत रोका जाना चाहिए' और उन्होंने चेतावनी दी कि इसराइली आम लोगों को रॉकेट से निशाना बनाना 'बिलकुल अस्वीकार्य है और यह केवल तनाव को बढ़ाएगा.'
संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार कार्यालय ने कहा है कि बढ़ता तनाव 'चिंतित करने वाला' है और उसने हिंसा बढ़ाने की निंदा की है.
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने सोमवार को इस मुद्दे पर बैठक की थी लेकिन कोई बयान जारी नहीं किया था.
एक फ़लस्तीनी अधिकारी ने रॉयटर्स समाचार एजेंसी से कहा है कि संयुक्त राष्ट्र, मिस्र और क़तर लड़ाई बंद करने के लिए बातचीत की कोशिश कर रहे हैं.
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