पाकिस्तान ने कहा, अल अक़्सा मस्जिद पर हमला मंज़ूर नहीं, इसराइल की आलोचना

इमेज स्रोत, EPA
पूर्वी यरुशलम में जारी हिंसा के बीच पाकिस्तान ने कहा है कि अल अक़्सा मस्जिद पर हमला उसे मंज़ूर नहीं है.
पाकिस्तान के विदेश मंत्री समेत पक्ष-विपक्ष के नेताओं ने हमले की निंदा की और फलस्तीनियों के समर्थन की बात कही. पाकिस्तान के प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति पहले ही इसराइल के क़दम को ग़लत बता चुके हैं.
पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने अल अक़्सा मस्जिद पर हमले की निंदा करते हुए ट्विटर पर लिखा, "अल अक़्सा मस्जिद पर हमला करना, बच्चों को मारना और लोगों को ज़बरदस्ती बाहर निकालना बिल्कुल मंज़ूर नहीं है."
उन्होंने लिखा कि फ़लस्तीन के मुद्दे पर तुर्की से बात की है और वो इस्लामी सहयोग संगठन (ओआईसी) की मीटिंग बुलाने के पक्ष में हैं. उन्होंने लिखा, "इस्लामी सहयोग संगठन की मीटिंग बुलाने के लिए तुर्की की अपील का हम स्वागत करते हैं."
इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.
पोस्ट X समाप्त, 1
इस्लामी सहयोग संगठन ने 11 मई को एक आपातकालीन बैठक बुलाई है. 57 देश इस संगठन के सदस्य हैं.
कई पक्ष-विपक्ष के नेताओं ने जताया ग़ुस्सा
पकिस्तान के पंजाब प्रांत के शिक्षा मंत्री मुराद रास ने लिखा कि एक तरफ़ इसराइल के पास हथियार हैं, तो दूसरी ओर फ़लस्तीनी दशकों से ईंट-पत्थर से लड़ रहे हैं. उन्होंने ट्विटर पर लिखा, "फ़लस्तीन की मदद के लिए दिए गए पैसे कहाँ जाते हैं? वो अपनी सुरक्षा के लिए एक भी बंदूक क्यों नहीं ख़रीद सकते? उन पर बम और गोलियां बरसाई जा रहीं हैं. वो 2021 में भी पत्थर का इस्तेमाल कर रहे हैं."
इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.
पोस्ट X समाप्त, 2
पाकिस्तान के कई दूसरे नेताओं ने भी अल अक्सा मस्जिद पर हमले की निंदा की है. विपक्ष की सांसद शेरी रहमान ने शेम ऑन इसराइल (शर्म करो इसराइल) हैशटैग के साथ एक वीडियो शेयर किया जिसमें कुछ लोग हमले के बाद जश्न मनाते दिख रहे हैं.
इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.
पोस्ट X समाप्त, 3
पाकिस्तान के विपक्ष के नेता शहबाज़ शरीफ़ ने ट्वीट किया, "इसराइल के ग़ज़ा पर हमले से मरने वाले फ़लस्तीनियों में बच्चे भी हैं. दुनिया के लिए कितना आसान है निर्दोष फ़लस्तीनियों को मरते देखना. ये चुप्पी इसराइल के वॉर क्राइम के समर्थन की ओर इशारा कर रही है. आप इंसानियत के साथ हैं या आतंकवाद से साथ. अभी फ़ैसला करें. "
इसके पहले पाकिस्तान के प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति फ़लस्तीन को अपना समर्थन जता चुके हैं. रविवार को प्रधानमंत्री इमरान खान ने ट्वीट किया था, "रमज़ान के महीने में इसराइली सेना द्वारा अल अक्सा मस्जिद में फ़लस्तीनियों को निशाना बनाना, इंसनियत और अंतरराष्ट्रीय कानूनों के ख़िलाफ़ है. हम फ़लस्तीन को अपना समर्थन जताते हैं और अंतरराष्ट्रीय समुदाय के अपील करते हैं कि फ़लस्तीनियों के अधिकारों की रक्षा के लिए तुरंत क़दम उठाएँ."
इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.
पोस्ट X समाप्त, 4
इलके अलावा सऊदी अरब में क्राउन प्रिंस के साथ वार्ता के दौरान भी इमरान खान ने फलस्तीनियों के अधिकारों को समर्थन देने की बात कही थी.
पाकिस्तान के राष्ट्रपति ने रविवार लिखा था कि शांतिपूर्ण तरीक़े के प्रार्थना कर रहे मुसलमानों पर हुए हमले को मीडिया 'झड़प' बता रहा है.
उन्होंने लिखा, "उम्मीद मत छोड़ो मेरे भाइयों. वो वक्त नज़दीक है जब अंतरराष्ट्रीय राजनीति मूल्यों पर चलेगी, निहित स्वार्थ से नहीं."

इमेज स्रोत, EPA
दूसरे देशों ने की शांति की अपील
अमेरिका के विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकेन ने कहा है कि हमास को रॉकेट हमलों पर तुरंत रोक लगानी चाहिए. उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि सभी पक्षों को शांति बहाली के लिए थोड़ा पीछे हटना होगा.
वहीं व्हाइट हाउस की प्रवक्ता ने भी शांति बहाली की अपील का समर्थन किया और कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन भी यरुशलम में जारी हिंसा से लेकर चिंतित हैं.
एक ट्वीट में ब्रिटेन के विदेश मंत्री डॉमिनिक राब ने लिखा कि रॉकेट हमले तुरंत बंद होने चाहिए. साथ ही उन्होंने नागरिक आबादी को लक्ष्य बनाकर किये जाने वाले हमले रोकने का भी आह्वान किया है.

इमेज स्रोत, Reuters
यूरोपीय संघ के विदेश नीति प्रमुख जोसेप बोरेल ने कहा है कि वेस्ट बैंक, गाज़ा पट्टी और पूर्वी यरुशलम में बढ़ती हिंसा को तुरंत रोकने की ज़रूरत है.
सोमवार रात को फ़लस्तीनी चरमपंथियों ने यरुशलम पर कुछ रॉकेट दागे जिसके बाद वहाँ हिंसा बढ़ गई. इसके जवाब में, इसराइली सेना ने गज़ा पट्टी में कई चरमपंथी ठिकानों पर हवाई हमले किए.
गज़ा में फ़लस्तीनी स्वास्थ्य अधिकारियों ने बताया कि इसराइली हवाई हमलों में बच्चों समेत कम-से-कम 20 लोगों की मौत हुई है.
वहीं इसराइली सेना का कहना है कि चरमपंथी संगठन हमास के कम से कम तीन लोग इन हवाई हमलों में मारे गए.
पिछले कुछ दिनों में यरुशलम ने भयंकर हिंसा का सामना किया है. फ़लस्तीनी यरुशलम की अल-अक्सा मस्जिद में जाने पर लगाए गए प्रतिबंधों से नाराज़ हैं.
शुक्रवार रात को रमज़ान के आख़िरी जुम्मे के मौक़े पर हज़ारों लोग अल अक़्सा मस्जिद परिसर में जमा हुए, जिसके बाद हिंसा शुरू हुई थी.
(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूबपर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)















