इसराइलः धार्मिक आयोजन के दौरान भगदड़, 44 की मौत

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इसराइल में एक धार्मिक त्योहार के दौरान भगदड़ मचने से कम-से-कम 44 लोगों की मौत हो गई है. अधिकारियों के अनुसार 38 अन्य लोगों की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है और कई अन्य लोग घायल हैं.
ये त्योहार इसराइल में कोरोना महामारी शुरू होने के बाद से हुआ सबसे बड़ा आयोजन था जिसके लिए हज़ारों लोग जमा हुए थे.
इसराइली राष्ट्रपति बिन्यामिन नेतन्याहू ने इस घटना को 'बड़ी विपदा' बताया है और कहा है कि वो हताहतों के लिए प्रार्थना कर रहे हैं.
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क्या हुआ
पूर्वोत्तर इसराइल में माउंट मेरॉन पहाड़ के नीचे मेरॉन शहर में हर साल हज़ारों परंपरावादी यहूदी लोग लाग-बोमर का त्यौहार मनाने जाते हैं.
इस जगह पर दूसरी सदी के यहूदी संत रब्बी शिमॉन बार योचाइ का मकबरा है. इसे यहूदी जगत के सबसे धार्मिक स्थलों में से एक माना जाता है.
लाग-बोमर उत्सव के समय वहाँ श्रद्धालु आग जला कर प्रार्थना करते हैं और नाचते गाते हैं.

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बीते साल कोरोना महामारी को देखते हुए ये आयोजन रद्द कर दिया गया था लेकिन इस बार इसराइल में टीकाकरण मिल जाने के कारण इसका आयोजन किया गया था.
टाइम्स ऑफ़ इज़राइल के मुताबिक आयोजकों का कहना है कि गुरुवार की रात आयोजन में एक लाख लोग शामिल हुए थे और कई लोग शुक्रवार को आने वाले थे.
हादसे के बारे में शुरुआती रिपोर्टों में बताया गया कि वहाँ एक ढाँचा गिर पड़ा, मगर अधिकारियों ने बाद में बताया कि वहाँ भगदड़ मच गई थी.
पुलिस सूत्रों ने अख़बार हारेत्ज़ को बताया कि भगदड़ तब मची जब कुछ लोग सीढ़ियों पर गिर पड़े और उस वजह से बहुत सारे लोग गिरते चले गए.
इंटरनेट पर पोस्ट किए गए वीडियो में दिखता है कि इस आयोजन के लिए हज़ारों लोग जमा हैं और फिर वहाँ अफ़रा-तफ़री मच जाती है.
एक रूढ़िवादी यहूदी वेबसाइट के संवाददाता ने बीबीसी को बताया कि 'एक हज़ार से ज़्यादा लोग एक बेहद सँकरे रास्ते से एक छोटी जगह पर जाने की कोशिश कर रहे और वो एक-दूसरे पर गिरते चले गए'.
इससे पहले अधिकारियों ने बताया कि उन्होंने कोरोना वायरस की वजह से पाबंदियाँ भी लगाई थीं मगर भीड़ की वजह से उनको लागू करवा पाना संभव नहीं रहा.
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