ताइवान ट्रेन हादसा: 'क्या आप उसे आख़िरी बार गले लगाने दे सकते हैं?'

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छह साल की अपनी बेटी के गतिहीन शरीर को गोद में उठाए पिता से लेकर एक महिला जिसने अपने पूरे परिवार को इस हादसे में खो दिया, ताइवान की मीडिया में शुक्रवार को हुए ट्रेन हादसे में जीवित बचे लोगों की दिल दहला देने वाली कहानियाँ छाई रहीं.

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शुक्रवार को पूर्वी ताइवान की एक सुरंग में मेनटेनेंस के काम में लगे एक ट्रक के रेलवे ट्रैक पर आ जाने से 500 यात्रियों को ले जा रही टारोको एक्सप्रेस 408 के टकराने से यह दुर्घटना हुई जिसमें कम से कम 50 लोगों की मौत और 200 से अधिक लोग घायल हो गए.
यह ट्रेन ताइवान की राजधानी ताइपे से ताइतुंग शहर को जा रही थी. ट्रेन में सवार अधिकांश यात्री ताइवान के लोकप्रिय 'टॉम्ब स्वीपिंग फ़ेस्टिवल'का जश्न मनाने जा रहे थे.

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मृतकों के अंतिम संस्कार और शोक सभाओं के बीच हादसे में जीवित बचे कुछ लोगों और बचाव दल के सदस्यों ने इस द्वीप पर हुए सबसे भीषण रेल हादसे के अपने अनुभवों को साझा किया.

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"हम उस ट्रेन में नहीं आने वाले थे"
चुंग हुई मेई का परिवार शुक्रवार को उस ट्रेन से नहीं आने वाला था.
परिवार ने उस से पहले की एक ट्रेन में टिकट बुक की थी- लेकिन वो उसे पकड़ने से चूक गए. उन्हें टारोको एक्सप्रेस 408 में खड़े हो कर सफ़र करने का टिकट मिला, क्योंकि सभी सीटें पहले ही बुक की जा चुकी थीं.

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चार सदस्यीय उनका परिवार 'टॉम्ब स्वीपिंग फ़ेस्टिवल' में शामिल होने के लिए हुलिएन शहर जाने के लिए उत्सुक था. चीन के इस पारंपरिक त्योहार में लोग मृतकों के प्रति सम्मान व्यक्त करते हैं.

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चुंग याद करती हैं कि जब ट्रेन उनके स्टेशन के क़रीब पहुँचने वाली थी तब उन्होंने ट्रेन के कंडक्टर के हॉर्न बजाने की आवाज़ सुनी थी. उन्होंने रिपोर्टर्स से कहा कि "इसका मतलब था कि उसे लगा था कि आगे कुछ हुआ है... लेकिन उसने ट्रेन धीमी नहीं की."

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कुछ सेकेंड के बाद, एक जाँच के मुताबिक ठीक 6.9 सेकेंड बाद, ट्रेन लॉरी से टकराई जो फिसल कर पटरी पर जा गिरी थी. जाँचकर्ताओं ने कहा कि जब लॉरी गिर कर पटरी पर आई तो ट्रेन उससे केवल 250 मीटर दूर थी और दुर्घटना में मारे गए ट्रेन के ड्राइवर के पास तेज़ी से ट्रेन को रोकने के लिए पर्याप्त समय नहीं रहा होगा.

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दुर्घटना के तुरंत बाद चुंग रेंगते हुए ट्रेन के डिब्बे के चारों ओर सूटकेस के ढेर के बीच अपने 22 वर्षीय बेटे और पति को ढूंढने लगीं. वो दोनों उन्हें मिले भी लेकिन उनमें से किसी की सांसे नहीं चल रही थी.

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वे बेतहाशा अपने बेटी को आवाज़ देने लगीं, तभी उन्हें धातुओं से उलझे हिस्से के नीचे से एक 20 वर्षीय लड़की की मद्धम सी आवाज़ सुनाई पड़ी- "मैं यहाँ हूं."

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चुंग ने बड़ी मुश्किल से मलबे को हटाया, लेकिन जब उन्हें उस ढेर से किसी अन्य व्यक्ति की आवाज़ सुनाई पड़ी कि "आंटी, कृपया क्या आप ऐसा करना बंद कर सकती हैं? मुझे चोट पहुँच रही है" तो वे रुक गईं.
इसके ठीक बाद, उनकी बेटी की आवाज़ आनी बंद हो गई और वे शांत हो गईं.

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"क्या आप मुझे उसे फिर गले लगाने दे सकते हैं?"
शुक्रवार को, छह वर्षीय यांग ची-चेन भी अपनी 9 वर्षीय बहन और पिता के साथ टोरोको एक्सप्रेस 408 में सवार थीं. वे भी इस ट्रेन हादसे में जीवित नहीं बच सकीं.
वो उस वीकेंड में चिल्डेन डे की छुट्टियां मनाने ताइतुंग जा रहे थे.
उनका परिवार सबसे आगे के डिब्बे में सवार था- यह उन तीन डिब्बों में से था, जिसे इस हादसे में सबसे अधिक नुकसान झेलना पड़ा था.
इस हादसे में राहतकर्मियों को मिले यांग अपने परिवार की पहले सदस्य थे. 42 वर्षीय यांग का शरीर लगभग निर्जीव पड़ा था और राहतकर्मी डामो ली को उन्हें बाकी के रास्ते ले जाने का काम सौंपा गया था.
ली याद करते हैं कि जब उन्होंने यांग को अपनी पीठ पर उठाया तो वे धीरे से उनके कान में बुदबुदाए, "ट्रेन में मेरी दो लड़कियाँ हैं, क्या आप जल्दी से बाहर निकलने में उनकी मदद करेंगे."
ली ने बाद में अपने एक फ़ेसबुक पोस्ट में लिखा कि उन्होंने यांग को आश्वासन दिया कि उनकी टीम अपना बेहतरीन काम करेगी और उन्हें कहीं बैठने और आराम करने के लिए सुरक्षित रखा जाएगा.
जैसे ही राहतकर्मी मलबे की ओर मुड़े उन्होंने अपने सहकर्मी को एक बच्ची के बेजान शरीर को ले जाते देखा. उसके अंग शिथिल पड़ गए थे और चेहरा सुन्न पड़ा हुआ था. ये ची-चेन थीं.
तभी यांग चिल्लाए, "क्या आप मुझे उसे फिर से गले लगाने दे सकते हैं?"

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यांग की बड़ी बेटी को भी राहतकर्मियों ने ढूंढ लिया लेकिन फिलहाल वे आईसीयू में हैं, जहाँ उनके सिर में लगी चोट का इलाज चल रहा है.
शनिवार को दुर्घटनास्थल पर ताओवादियों ने धार्मिक शोक सभा का आयोजन किया. यहाँ अपने जज्बातों पर काबू पाते हुए यांग ने रिपोर्टर्स के बात की.
उन्होंने कहा, "हम तो केवल एक मस्ती के सफ़र पर जाना चाहते थे... मैं चाहता हूँ कि अगली ज़िंदगी में वह एक बार फिर मेरी ही बेटी के रूप में पैदा हो."
बाद में जब परिवार के लोग पीड़ितों के लिए धार्मिक रस्म कर रहे थे और गुज़र चुके लोगों की आत्मा की घर वापसी की प्रार्थना कर रहे थे तब यांग को ची चेन का नाम लेकर शोक विलाप करते हुए सुना गया.
वे कह रहे थे, "अपने पापा के पास घर लौट आओ!"

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'उसने मुझे बचाया, लेकिन खुद को नहीं बचा सका'
ली जिया-सिंग और उनकी पत्नी अवकाश पर अपने होम टाउन ताइतुंग जाना चाहते थे. उत्तर ताइवान में दोनों एक कंस्ट्रक्शन के क्षेत्र में काम करते थे. वे सार्वजनिक छुट्टियों में ही अपने घर जा सकते थे.
वे दो डिब्बे को जोड़ने वाले हिस्से में खड़े थे. जब ट्रेन पटरी से उतरी, ली ने फूर्ति से अपनी पत्नी को एक किनारे की तरफ धकेल दिया ताकि उन्हें झटका न लगे. उनकी यह तरकीब काम कर गई और वे बच गईं लेकिन इस हादसे में ली न बच सके.
बाद में अस्पताल में चल रहे इलाज के बीच उनकी घायल पत्नी यांग ने रिपोर्टर्स को बताया, "उन्होंने मुझ बचा लिया, लेकिन खुद को नहीं बचा सके."
इस ट्रेन के दर्दनाक सफ़र पर जाने से पहले ली ने अपनी बड़ी बहन को फ़ोन करके स्टेशन पर लेने आने के लिए उन्हें याद दिलाया था.
हुएलिन में शनिवार को अंतिम संस्कार स्थल पर ली की शोकाकुल बहन ने रिपोर्टर्स से कहा, "ये नहीं पता था कि उन्हें अपने भाई की जगह उनके शव को लेने आना पड़ेगा."
शोकसभा में उन्होंने कहा, "तुम्हारी बहन तुम्हें घर ले जाने आई है."
'ओलाफ़ गर्ल' और राहतकर्मी की भावुक श्रद्धांजलि
स्थानीय मीडिया में एक 'ओलाफ़ गर्ल' की चर्चा भी रही.
यह महिला हुएलिन अंतिम संस्कार स्थल पर पीड़ितों के परिवार की एक सदस्य थीं. उनकी पीठ पर बड़े आकार के ओलाफ़ के चेहरे वाला एक स्टफ्ड टॉय था. ओलाफ़ डिज़नी के कार्टून फ्रोज़न का कैरेक्टर स्नोमैन है.
उन्होंने मीडिया से बात करने से इनकार कर दिया लेकिन उनके बारे में रिपोर्ट आई कि ये उनके फियॉन्से का वैलेंटाइन डे गिफ़्ट था, जो इस दुर्घटना में मारे गए हैं.
रिपोर्ट में यह बताया गया कि ये दोनों एक दूसरे को बीते तीन सालों से डेट कर रहे थे और अगले ही महीने इनकी शादी होने वाली थी.

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इस बीच ज़ेंग के सरनेम वाले रेड क्रास के वॉलंटियर ने जिन कुछ पीड़ितों को मलबे से निकाला था उनके लिए श्रद्धांजलि लिखीं. ये वायरल हो गईं.
उन्होंने अपने फ़ेसबुक पोस्ट में लिखा, "घुंघराले बालों वाली बच्ची, सुनो बिग ब्रदर क्या कह रहा है. अब सब कुछ ठीक है, तुम अपनी आँखे मूंद सकती हो."
अन्य पीड़ितों को संबोधित करते हुए उन्होंने लिखा, "मैं आपके नाम नहीं जानता, लेकिन उम्मीद करता हूं कि अब आप शांति से प्रस्थान कर सकते हैं. हमने घटनास्थल से सभी को बचा लिया है."
"बहुत ज़्यादा मत सोचिए, हम चीज़ों का ख्याल रखेंगे. मैं प्रार्थना करता हूं कि आपकी अंतिम यात्रा अच्छी हो."
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