पाकिस्तान बोला, भारत की ज़िद से कुलभूषण मामले में हो रही दिक़्क़त - उर्दू प्रेस रिव्यू

- Author, इक़बाल अहमद
- पदनाम, बीबीसी संवाददाता
पाकिस्तान से छपने वाले उर्दू अख़बारों में इस हफ़्ते सरकार और विपक्षी महागठबंधन के बीच रस्साकशी, कुलभूषण जाधव, अफ़ग़ानिस्तान शांति प्रक्रिया और कोरोना से जुड़ी ख़बरें सुर्ख़ियों में थीं.
सबसे पहले बात कुलभूषण जाधव की.
पाकिस्तान का कहना है कि भारत के ज़िद्दीपन के कारण पाकिस्तान में जासूसी करने के आरोप में सज़ा काट रहे भारतीय नागरिक कुलभूषण जाधव के ख़िलाफ़ क़ानूनी कार्रवाई आगे बढ़ाने में मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है.
अख़बार नवा-ए-वक़्त के अनुसार पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय का कहना है कि भारत कुलभूषण जाधव के लिए वकील पर ऐतराज़ जताकर कुलभूषण जाधव पर चल रहे मुक़दमे की क़ानूनी कार्रवाई को आगे बढ़ने नहीं देना चाहता है.
पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि भारतीय उच्चायोग को कहा गया कि वो कुलभूषण जाधव के लिए कोई वकील करें लेकिन उन्होंने कुलभूषण जाधव के लिए वकील करने से इनकार कर दिया.
पाकिस्तानी प्रवक्ता के अनुसार, पाकिस्तान भारतीय उच्चायोग को दो बार काउंसलर एक्सेस दे चुका है और तीसरी बार कुलभूषण जाधव तक एक्सेस देने की पेशकश मौजूद है.
पाकिस्तानी प्रवक्ता के अनुसार इस मामले पर दोबारा विचार करने के संबंध में सभी ज़रूरी क़दम उठाए गए हैं.
भारतीय उच्चायोग ने मांगा वक़्त

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भारतीय उच्चायोग ने इस्लामाबाद हाई कोर्ट को सूचित किया है कि कुलभूषण जाधव के लिए क़ानूनी प्रतिनिधि नियुक्त करने के संबंध में दिल्ली में बातचीत जारी है और इस आशय का फ़ैसला अगले दो-तीन हफ़्ते में कर लिया जाएगा.
कुलभूषण जाधव के बारे में पाकिस्तान का दावा है कि वो भारतीय नौसेना के मौजूदा अधिकारी हैं जिन्हें 2016 में पाकिस्तान के बलूचिस्तान से गिरफ़्तार किया गया था.
पाकिस्तान एक लंबे अर्से से भारत पर आरोप लगाता रहा है कि वो बलूचिस्तान में सक्रिय पाकिस्तान विरोधी चरमपंथी गुटों की मदद करता है.
भारत इन आरोपों से इनकार करता रहा है और कुलभूषण जाधव के बारे में भारत का कहना है कि वो एक रिटायर्ड अधिकारी हैं और वो अपने बिज़नेस के सिलसिले में ईरान गए थे और पाकिस्तान-ईरान सीमा पर उनको अग़वा किया गया था.

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पाकिस्तान की एक सैन्य अदालत ने अप्रैल 2017 में कुलभूषण जाधव को जासूसी और दहशतगर्दी के आरोप में दोषी क़रार देते हुए मौत की सज़ा सुनाई थी.
इस फ़ैसले के ख़िलाफ़ भारत ने मई 2017 में अंतरराष्ट्रीय अदालत (आईसीजे) का दरवाज़ा खटखटाया था और माँग की थी कि कुलभूषण जाधव की सज़ा ख़त्म की जाए और उनकी रिहाई के आदेश दिए जाएं.
लंबी सुनवाई के बाद साल 2019 में आईसीजे ने भारत की इस माँग को तो ठुकरा दिया था लेकिन पाकिस्तान को आदेश दिया था कि वो जाधव को काउंसलर एक्सेस दे और उनकी सज़ा पर पुनर्विचार करे.
अदालत ने ये भी कहा था कि जब तक पुनर्विचार याचिका पर फ़ैसला नहीं आ जाता कुलभूषण जाधव को फाँसी न दी जाए.
इमरान ख़ान और विपक्षी महागठबंधन की लड़ाई पहुँची लाहौर

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विपक्षी महागठबंधन पाकिस्तान डेमोक्रैटिक मूवमेंट (पीडीएम) और इमरान ख़ान के बीच जारी राजनीतिक जंग का अगला पड़ाव लाहौर है जहां पीडीएम 13 दिसंबर को रैली करने की तैयारी कर रहा है.
इससे पहले विपक्षी महागठबंधन सरकार के ख़िलाफ़ अब तक गुजरांवाला, कराची, क्वेटा, पेशावर और मुल्तान में बड़ी रैलियां कर चुका है जिनमें हज़ारों लोग शरीक हुए थे.
अख़बार दुनिया के अनुसार पूर्व प्रधानमंत्री शाहिद ख़ाक़ान अब्बासी ने कहा, "हमारी किसी से निजी लड़ाई नहीं है. हमारी जंग संविधान तोड़ने वालों और अर्थव्यवस्था को तबाह करने वालों के ख़िलाफ़ है. संविधान का शासन पीडीएम का सिर्फ़ एक सूत्री एजेंडा है. पीडीएम का मक़सद सत्ता हासिल करना नहीं है, पीडीएम व्यवस्था बदलने का आंदोलन है."
उन्होंने कहा कि इमरान ख़ान को कुर्सी छोड़नी पड़ेगी. उधर इमरान ख़ान का कहना है कि वो कुर्सी छोड़ सकते हैं लेकिन भ्रष्टाचार में संलिप्त लोगों को माफ़ नहीं करेंगे.
अख़बार एक्सप्रेस के अनुसार इमरान ख़ान ने एक निजी न्यूज़ चैनल से कहा, "पीडीएम को लाहौर में रैली करने की इजाज़त हरगिज़ नहीं देंगे लेकिन जलसे की राह में किसी क़िस्म की रुकावट भी नहीं डालेंगे. लेकिन क़ानून का उल्लंघन करने वाले रैली आयोजकों के ख़िलाफ़ केस दर्ज होंगे क्योंकि लाहौर में कोरोना वायरस तेज़ी से फैल रहा है. कोरोना के कारण मैंने अपने जलसे भी स्थगित कर दिए हैं."
अफ़ग़ानिस्तान-तालिबान शांति समझौता

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अफ़ग़ानिस्तान सरकार और तालिबान के बीच शांति वार्ता के हवाले से शुरुआती समझौता हो गया है. अख़बार एक्सप्रेस के अनुसार अफ़ग़ानिस्तान में पिछले 19 साल से जारी गृह युद्ध में सरकार और तालिबान के बीच यह पहला लिखित समझौता है.
संयुक्त राष्ट्र, अमेरिका और पाकिस्तान ने इसका स्वागत करते हुए इसे एक अहम डिवेलपमेंट क़रार दिया है.
इस समझौते से आगे की बातचीत का रास्ता साफ़ हो गया और वार्ताकार युद्धबंदी समेत ठोस समस्याओं पर आगे बढ़ सकेंगे. क़तर की राजधानी दोहा में कई महीने की बातचीत के बाद सरकार और तालिबान के बीच यह समझौता हुआ है.
अफ़ग़ानिस्तान शांति वार्ता के लिए अमेरिका के विशेष दूत ज़िलमै ख़लीलज़ाद के अनुसार तीन पेज के इस समझौते में युद्ध को बंद करने और सियासी प्रक्रिया शुरू करने के लिए बातचीत के तौर-तरीक़े पर सहमति जताई गई है.
नवाज़ शरीफ़ को सज़ा सुनाने वाले जज की कोरोना से मौत

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पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज़ शरीफ़ को भ्रष्टाचार के एक मामले में सात साल क़ैद की सज़ा सुनाने वाले नेशनल एकाउंटीबिलिटी ब्यूरो (नैब) के पूर्व जज अरशद मलिक की कोरोना से मौत हो गई है.
अख़बार एक्सप्रेस के अनुसार जज अरशद मलिक पिछले 25 दिनों से इस्लामाबाद के एक निजी अस्पताल में भर्ती थे और पिछले पाँच दिनों से वेंटिलेटर पर थे. शुक्रवार को उनका निधन हो गया.
जज अरशद मलिक ने दिसंबर 2018 में नवाज़ शरीफ़ को सात साल की सज़ा सुनाई थी. जुलाई 2019 में नवाज़ शरीफ़ की बेटी और मुस्लिम लीग (नवाज़ गुट) पार्टी की उपाध्यक्ष मरियम नवाज़ ने एक वीडियो सार्वजनिक किया था जिसमें दावा किया गया था कि जज अरशद मलिक ने दबाव में फ़ैसला सुनाया था.
सुप्रीम कोर्ट ने इसका संज्ञान लेते हुए अरशद मलिक को नैब के जज की कुर्सी से हटा दिया था और उन्हें ज़िला सेशन जज बना दिया गया था.
बाद में लाहौर हाईकोर्ट की एक कमेटी ने भी उन्हें वीडियो स्कैंडल में दोषी पाया था और उन्हें ज़िला सेशन जज के पद से भी बर्ख़ास्त कर दिया गया था. अरशद मलिक ने अपनी बर्ख़ास्तगी को लाहौर हाईकोर्ट में चुनौती दी थी जिस पर अभी तक फ़ैसला नहीं आया था.
पाकिस्तान में कोरोना की स्थिति

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पाकिस्तान में कोरोना की दूसरी लहर में तेज़ी आ गई है. पाकिस्तान में अब तक कोरोना संक्रमितों की संख्या चार लाख 10 हज़ार से ज़्यादा हो गई है जिनमें 51 हज़ार से ज़्यादा केस एक्टिव हैं.
पाकिस्तान में कोरोना से अब तक आठ हज़ार से ज़्यादा लोग मारे जा चुके हैं. शुक्रवार (चार दिसंबर) को पूरे पाकिस्तान में कोरोना से निजात पाने के लिए विशेष प्रार्थना की गई.
उधर प्रधानमंत्री इमरान ख़ान ने संयुक्त राष्ट्र महासभा को संबोधित करते हुए कोरोना वायरस से निजात पाने के लिए 10 सूत्री एजेंडा पेश किया.
इमरान ख़ान ने कोरोना पर क़ाबू पाने के लिए 500 अरब डॉलर के इमरजेंसी फ़ंड क़ायम करने का सुझाव दिया. उन्होंने विकासशील देशों के क़र्ज़ों की अदायगी में मोहलत देने की माँग की. इमरान ख़ान ने कहा कि दुनिया में हर किसी को वैक्सीन दी जानी चाहिए.
वहीं, पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी के चेयरमैन बिलावल भुट्टो कोरोना को मात देने में कामयाब हो गए हैं. कोरोना संक्रमित होने के बाद पिछले 15 दिनों से बिलावल अपने घर में ही क्वारंटीन में थे. लेकिन अब उनकी कोरोना रिपोर्ट निगेटिव आ गई है.
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