नवाज़ शरीफ़ के भाषण की ख़ुशी भारत में मनाई गई: इमरान ख़ान - पाक उर्दू प्रेस रिव्यू

नवाज़ शरीफ़

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पाकिस्तान से छपने वाले उर्दू अख़बारों में इस हफ़्ते संयुक्त राष्ट्र महासभा में इमरान ख़ान के संबोधन, पेशावर आर्मी पब्लिक स्कूल पर हुए हमले की रिपोर्ट और विपक्षी पार्टियों की बैठक से जुड़ी ख़बरें सुर्ख़ियों में थीं.

सबसे पहले बात इमरान ख़ान की विपक्षी पार्टियों पर दिए गए बयान की.

इमरान ख़ान ने पूर्व प्रधानमंत्री नवाज़ शरीफ़ पर हमला करते हुए कहा है कि विपक्ष का सिर्फ़ एक ही एजेंडा है कि कैसे सरकार और सेना को लड़वा दिया जाए.

अख़बार नवा-ए-वक़्त के अनुसार टीवी चैनलों के एडिटरों से बातचीत के दौरान इमरान ख़ान ने कहा कि नवाज़ शरीफ़ मायूस हो चुके हैं.

इमरान के अनुसार, नवाज़ शरीफ़ ने जो पाकिस्तानी सेना के ख़िलाफ़ भाषण दिया, उसकी ख़ुशियाँ भारत में मनाई गईं. उन्होंने कहा कि विपक्ष की सबसे बड़ी तकलीफ़ यही है कि जब भी कोई समस्या आती है सेना सरकार के पीछे खड़ी रहती है.

रविवार यानी 20 सितंबर को पाकिस्तान में सभी विपक्षी पार्टियों ने एक साथ मिलकर इमरान ख़ान की सरकार के ख़िलाफ़ राजधानी इस्लामाबाद में एक कॉन्फ़्रेंस का आयोजन किया था जिसका नाम रखा गया था ऑल पार्टी कॉन्फ़्रेंस (एपीसी).

नवाज़ शरीफ़ ने वीडियो कॉन्फ़्रेंसिंग के ज़रिए रैली को संबोधित किया था. नवाज़ शरीफ़ की तबीयत ठीक नहीं है और वो इन दिनों लंदन में रहकर अपना इलाज करवा रहें हैं. अपने भाषण में नवाज़ शरीफ़ ने सेना पर हमला करते हुए कहा था कि इमरान ख़ान नहीं, उन्हें सत्ता में बिठाने वाले (पाकिस्तानी सेना) के ख़िलाफ़ असल लड़ाई है.

पेशाव में आर्मी स्कूल पर हुए हमले के बाद व्यापक प्रदर्शन हुए थे
इमेज कैप्शन, पेशावर में आर्मी स्कूल पर हुए हमले के बाद व्यापक प्रदर्शन हुए थे

पेशावर स्कूल पर हुए हमले की रिपोर्ट

16 दिसंबर, 2014 को पेशावर के आर्मी पब्लिक स्कूल पर तालिबानी चरमपंथियों ने हमला किया था जिसमें 132 बच्चों समेत 140 से ज़्यादा लोग मारे गए थे.

उस चरमपंथी हमले की जाँच के लिए एक न्यायिक कमेटी का गठन किया गया था.

सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर न्यायिक कमेटी की रिपोर्ट और सरकार के एक्शन टेकेन रिपोर्ट को सार्वजनिक कर दिया गया है.

यह ख़बर पाकिस्तान के सारे अख़बारों में प्रमुखता से छपी. न्यायिक रिपोर्ट में कहा गया है कि स्कूल पर चरमपंथी हमला, सुरक्षा चूक के कारण हुआ और चरमपंथियों को स्थानीय लोगों से भी मदद मिली थी.

अख़बार दुनिया के अनुसार, रिपोर्ट को सार्वजनिक करने के मामले में सुप्रीम कोर्ट में हुई सुनवाई के दौरान पाकिस्तान के चीफ़ जस्टिस गुलज़ार अहमद ने कहा कि "ये देश की त्रासदी है कि हर बड़े मामले का ज़िम्मेदार छोटे अधिकारियों को ठहराकर मामला ख़त्म कर दिया जाता है और बड़े लोगों के ख़िलाफ़ कार्रवाई नहीं होती. ये सिलसिला ख़त्म होना चाहिए. ऊपर से कार्रवाई की शुरुआत करें."

अख़बार जंग के अनुसार, सरकार ने बताया है कि सेना ने विभागीय कार्रवाई करते हुए एक ब्रिगेडियर समेत 15 सैन्य अधिकारियों के ख़िलाफ़ सख़्त कार्रवाई की है.

लेकिन फिर भी सुप्रीम कोर्ट ने सरकार को एक महीने के अंदर न्यायिक कमेटी की रिपोर्ट की रोशनी में लाइन ऑफ़ एक्शन बनाने का आदेश दिया है. चीफ़ जस्टिस ने कहा कि जब आम जनता ही सुरक्षित नहीं तो इतने बड़े सुरक्षा इंतज़ाम की क्या ज़रूरत है. अदालत ने सख़्त लहज़े में कहा कि सरकार कार्रवाई करे वरना अदालत ख़ुद कार्रवाई करेगी.

संयुक्त राष्ट्र में इमरान ख़ान का भाषण

संयुक्त राष्ट्र में इमरान ख़ान का भाषण

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पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान ख़ान के संयुक्त राष्ट्र महासभा में दिए गए भाषण से जुड़ी ख़बरें हर जगह छाई हुई हैं.

शुक्रवार को संयुक्त राष्ट्र महासभा के 75वें अधिवेशन को संबोधित करते हुए इमरान ख़ान ने कहा था कि भारत इस्लामोफ़ोबिया को बढ़ावा दे रहा है और दुनिया में इस्लामोफ़ोबिया के ख़ात्मे के लिए एक अंतरराष्ट्रीय दिवस तय किया जाना चाहिए.

अपने भाषण में इमरान ख़ान ने भारत प्रशासित कश्मीर में कथित मानवाधिकार के उल्लंघन, भारत में धार्मिक अल्पसंख्यकों पर कथित ज़ुल्म और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के हिंदुत्ववादी एजेंडे का भी ज़िक्र किया.

वीडियो कैप्शन, यूएन में पाकिस्तान के आरोपों से भारत नाराज़, दिया जवाब

भारत ने इमरान ख़ान की स्पीच का सख़्त जवाब दिया है लेकिन उसका ज़िक्र किसी भी अख़बार में देखने को नहीं मिला.

भारत ने इमरान ख़ान की स्पीच को एक नई राजनयिक गिरावट क़रार देते हुए उसे झूठ, निजी हमलों, युद्ध की भावना को भड़काने, पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों पर होने वाले कथित ज़ुल्म और सीमा पार दहशतगर्दी पर पर्दा डालने की एक कोशिश क़रार दिया है.

दुनिया भर की दौलत के एक बड़े हिस्से पर सिर्फ़ 26 लोगों का क़ब्ज़ा

इमरान ख़ान ने कहा है कि अमीर मुल्क, ग़रीब मुल्क से लूटी दौलत वापस करें.

अख़बार जंग के अनुसार, गुरुवार को न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा अधिवेशन के इतर अंतरराष्ट्रीय वित्तीय एकाउंटेबिलिटी, ट्रांस्पेरेंसी और इंटेग्रिटी (एफ़एसीटीआई) की रिपोर्ट को जारी करते हुए इमरान ख़ान ने कहा कि व्हाइट कॉलर क्राइम के ज़रिए विकासशील देशों से सालाना एक खरब डॉलर ग़ैर-क़ानूनी तौर पर विकसित देशों तक पहुँच जाते हैं.

उन्होंने कहा कि विकासशील देशों से पैसों की लूट को फ़ौरन रोका जाना चाहिए और विकासशील देशों को उनका पैसा लौटाने के लिए अंतरराष्ट्रीय क़ानून बनाया जाना चाहिए.

उन्होंने कहा कि दुनिया में बढ़ती ग़रीबी से विश्व शांति को भी ख़तरा है. उन्होंने कहा कि दुनिया भर की दौलत के एक बड़े हिस्से पर सिर्फ़ 26 अमीर लोगों का क़ब्ज़ा है.

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