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इमरान ख़ान ने अफ़ग़ानिस्तान शांति वार्ता के लिए ख़ुद को दिया श्रेय- उर्दू प्रेस रिव्यू
- Author, इक़बाल अहमद
- पदनाम, बीबीसी संवाददाता
पाकिस्तान से छपने वाले उर्दू अख़बारों में इस हफ़्ते कोरोना के अलावा, अफ़ग़ान शांति वार्ता की शुरुआत और लाहौर हाइवे पर गैंग रेप की एक घटना से जुड़ी ख़बरें सुर्ख़ियों में थीं.
सबसे पहले बात अफ़ग़ानिस्तान और तालिबान के बीच शांति वार्ता की.
पिछले चार दशकों से अफ़ग़ानिस्तान में जारी हिंसा को रोकने और शांति बहाल करने के लिए क़तर की राजधानी दोहा में अफ़ग़ानिस्तान सरकार और तालिबान के बीच शनिवार को बातचीत शुरू हुई.
अमरीका, पाकिस्तान और भारत समेत पूरी दुनिया की निगाहें इस बातचीत पर टिकी हुई हैं.
इसी साल फ़रवरी में अमरीका और तालिबान के बीच हुए समझौते के बाद तालिबान और अफ़ग़ानिस्तान सरकार के बीच बातचीत शुरू होनी थी लेकिन कुछ तालिबान क़ैदियों की रिहाई और फिर कोरोना महामारी के कारण ये बातचीत टाल दी गई थी.
'हमारी कोशिशों के कारण वार्ता शुरू हुई'
शनिवार को दोहा में शुरू हुई इस बातचीत की अहमियत का अंदाज़ा इसी बात से लगाया जा सकता है कि अमरीकी विदेश मंत्री माइम पॉम्पियो इसमें शामिल होने के लिए ख़ुद दोहा आए.
अमरीका इस समय कोरोना से सबसे ज़्यादा प्रभावित देश है जहां दो लाख के क़रीब लोगों की मौत हो चुकी है और दो महीने से भी कम समय में वहाँ राष्ट्रपति चुनाव होने वाले हैं.
इस शांति प्रक्रिया में पाकिस्तान की ख़ास अहमियत है और इसी कारण पाकिस्तान के सारे अख़बारों में ये ख़बर सबसे ज़्यादा छाई हुई है.
अख़बार जंग के अनुसार पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान ख़ान ने कहा है कि उनकी कोशिशों के कारण अफ़ग़ान शांति वार्ता शुरू हुई है.
प्रधानमंत्री दफ़्तर से जारी बयान में कहा गया है, "आख़िरकार हमारे संयुक्त प्रयास ने रंग लाया. वो दिन आ गया जिसका अफ़ग़ान जनता को कई वर्षों से इंतज़ार था. पाकिस्तान ने अपनी ज़िम्मेदारी पूरी कर दी, अब अफ़ग़ानिस्तान नेतृत्व पर निर्भर है कि वो इस ऐतिहासिक मौक़े से फ़ायदा उठाएं."
इमरान ख़ान ने कहा कि पाकिस्तान ने अथक कोशिशों से अफ़ग़ानिस्तान शांति प्रक्रिया में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है जिसके नतीजे में आज ये दिन आया है.
लाहौर हाइवे गैंगरेप का मामला
पाकिस्तान में देर रात अपने बच्चों के साथ रास्ते में फँसी एक महिला के साथ हुए गैंगरेप की ख़बर पूरी मीडिया में छाई हुई है.
मामला सोमवार-मंगलवार की रात का है.
बलात्कार की शिकार महिला के रिश्तेदार की ओर से दर्ज करवाई गई एफ़आईआर के अनुसार महिला अपने बच्चों के साथ ख़ुद कार चलाकर लाहौर से गुजरांवाला जा रही थीं.
लाहौर-सियालकोट मोटरवे पर एक टोल प्लाज़ा पार करते ही गाड़ी या तो पेट्रोल ख़त्म होने या किसी और वजह से रुक गई. उन्होंने अपने रिश्तेदारों और पुलिस दोनों को फ़ोन किया और उनके आने का इंतज़ार करने लगीं.
लेकिन ये दोनों में से कोई आता उससे पहले ही दो लोग आ गए और पिस्तौल दिखाकर पास के एक खेत में ले जाकर महिला का गैंगरेप किया. लुटेरों ने उनके पैसे, गहने और अन्य सामान भी छीन लिए.
इस घटना के बाद पाकिस्तान में मीडिया और सोशल मीडिया में महिलाओं के साथ होने वाले यौन अपराधों को लेकर बहस छिड़ी हुई है और पुलिस को लोग ख़ास निशाना बना रहे हैं.
अख़बार जंग के अनुसार शुक्रवार को पाकिस्तान के कई शहरों में इस घटना के विरोध में लोग सड़कों पर आ गए और प्रदर्शन करने लगे.
जंग ने संपादकीय लिखा है कि आख़िर लाहौर हाइवे इतना असुरक्षित कैसे है.
मामले ने राजनीतिक रूप ले लिया है और प्रधानमंत्री और पूर्व प्रधानमंत्री से लेकर सुप्रीम कोर्ट के चीफ़ जस्टिस तक इस पर अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं.
अख़बार दुनिया के अनुसार पाकिस्तान के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस गुलज़ार अहमद ने कहा कि हाइवे पर महिला के साथ गैंगरेप निहायत शर्मनाक है, पुलिस में राजनीतिक दख़लअंदाज़ी आम हो चुकी है और यह घटना भी उसी का नतीजा है.
अख़बार जंग के अनुसार पंजाब के क़ानून मंत्री राजा बशारत की अध्यक्षता में एक कमिटी गठित की गई है जो इस केस की मॉनिटरिंग करेगी. पंजाब के मुख्यमंत्री सरदार उस्मान बज़दार ने कहा कि यह एक टेस्ट केस है और इसके मुजरिमों को किसी भी हालत में बख़्शा नहीं जाएगा.
अख़बार एक्सप्रेस के अनुसार पुलिस ने शक की बुनियाद पर जिन 12 लोगों को शुरू में हिरासत में लिया था उनके डीएनए मैच नहीं होने के बाद प्रशासन ने घटना वाली जगह के आस-पास रहने वाले सभी नागिरकों का डीएनए टेस्ट कराने का फ़ैसला किया है जिसके लिए फ़ील्ड अस्पताल बनाया जाएगा.
शनिवार शाम तक पंजाब पुलिस का कहना है कि उसने अभी तक दो लोगों की पहचान की है. शनिवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में इंस्पेक्टर जनरल ऑफ़ पुलिस ईनाम ग़नी ख़ान ने बताया कि घटना में शामिल दो आदमियों की पहचान की गई है, जिनके नाम आबिद अली और वकार उल हसन हैं.
वहीं पंजाब प्रांत के मुख्यमंत्री उस्मान बाज़दार ने कहा कि इन अभियुक्तों की गिरफ़्तारी में मदद करने वाले को 25 लाख रुपये दिए जाएंगे.
एफ़एटीएफ़ की बैठक
पाकिस्तान पर कार्रवाई करने के सिलसिले में बातचीत करने के लिए फ़ाइनांशियल एक्शन टास्क फ़ोर्स (एफ़एटीएफ़) के एशिया-पैसेफ़िक संयुक्त ग्रुप की बैठक बुलाई गई है.
अख़बार एक्सप्रेस के अनुसार 15-16 अक्तूबर को दो दिवसीय वर्चुअल बैठक होगी जिसमें अमरीका, ब्रिटेन, फ़ांस, जर्मनी, चीन, ऑस्ट्रेलिया, न्यूज़ीलैंड, पाकिस्तान और भारत शामिल होंगे.
पाकिस्तान फ़िलहाल ग्रे लिस्ट में है और पिछली बैठक में उसे 27 बिंदुओं पर आधारित एक एक्शन प्लैन पर कार्रवाई करने के लिए कहा गया था. पाकिस्तान के ज़रिए उठाए क़दमों के आधार पर यह तय होगा कि उसे ग्रे लिस्ट में रखा जाए, या उससे बाहर कर लिया जाए या फिर उसे ब्लैक लिस्ट में डाल दिया जाए. एशिया-पैसेफ़िक संयुक्त बैठक में इसी बात पर फ़ैसला किया जाएगा.
और अब बात कोरोना की
पाकिस्तान में कोरोना के मामले लगातार कम होते जा रहे हैं. अख़बार एक्सप्रेस के अनुसार पिछले 24 घंटों में कोरोना संक्रमण के सिर्फ़ 556 नए मामले सामने आए और पाँच लोगों की मौत हुई है. पाकिस्तान में अब तक कोरोना संक्रमितों की संख्या 300833 हो गई है, जिनमें से 288493 लोग पूरी तरह रिकवर हो चुके हैं. एक्टिव कोरोना संक्रमितों की संख्या अब केवल 5968 रह गई है.
पाकिस्तान में कोरोना से अब तक 6377 लोग मारे जा चुक हैं.
हालात में लगातार सुधार होने के कारण सरकार ने शिक्षण संस्थानों को धीरे-धीरे खोलने का फ़ैसला किया है. अख़बार जंग के अनुसार सात सितंबर को राज्यों के शिक्षा मंत्रियों के साथ होने वाली बैठक में ये फ़ैसला लिया गया.
बैठक के बाद पाकिस्तान के केंद्रीय शिक्षा मंत्री शफ़क़त महमूद ने कहा कि 15 सितंबर से सेकंडरी स्कूल, कॉलेज और यूनिवर्सिटी खुल जाएंगे, मिडिल स्कूल 23 सितंबर और प्राइमरी स्कूल 30 सितंबर से खोल दिए जाएं. पाकिस्तान के सभी शिक्षण संस्थान कोरोना के कारण 13 मार्च को बंद कर दिए गए थे. स्कूल-कॉलेज खोलने के संबंध में सरकार ने स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (एसओपी) भी जारी कर दिया है जिसके तहत मास्क पहनने और सोशल डिस्टेंसिंग के पालन करने से लेकर कई सावधानियां बरतने के लिए निर्देश दिए गए हैं. इसके अलावा हर स्कूल और कॉलेज में हर दो हफ़्ते में कोरोना टेस्ट कराया जाएगा.
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