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बेलारूस में लुकाशेंको विरोधी प्रदर्शनों का नया दौर, हालात तनावपूर्ण
बेलारूस में राष्ट्रपति एलेक्ज़ेंडर लुकाशेंको के ख़िलाफ़ प्रदर्शनों का नया दौर शुरू हो गया है. रविवार को हज़ारों लोगों के सड़कों पर उतरने से हालात तनावपूर्ण हो गए हैं.
राजधानी मिंस्क में इंडिपेंडेंस स्क्वेयर जैसे कई अहम इलाक़ों में भारी पुलिस बल की तैनाती की गई है. देश के आंतरिक मामलों के मंत्रालय ने अब तक 125 लोगों की गिरफ़्तारी होने की जानकारी दी है.
दंगारोधी पुलिस के सामने डटे प्रदर्शनकारी 'शर्मनाक' और 'चले जाओ' जैसे नारे लगा रहे हैं.
बेलारूस में नौ अगस्त को संपन्न चुनावों के बाद से ही प्रदर्शन हो रहे हैं. प्रदर्शनकारी इन चुनावों में गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए राष्ट्रपति लुकाशेंको से पद छोड़ने के लिए कह रहे हैं.
लुकाशेंको पिछले 26 सालों से सत्ता में हैं. उन्होंने कहा है कि चुनाव में कोई धांधली नहीं हुई है. उन्होंने यह भी कहा है कि पद छोड़ने का उनका कोई इरादा नहीं है.
क्या हो रहा है सड़कों पर
बेलारूस, ख़ासकर राजधानी मिंस्क में हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं. दंगा पुलिस को बड़ी संख्या में जुटे प्रदर्शकारियों का सामना करना पड़ रहा है. लोगों के हाथों में गुब्बारे, फूल और विपक्ष के लाल और सफ़ेद रंग वाले झंडे हैं.
मिंस्क में मौजूद बीबीसी संवाददाता स्टीव रोज़नबर्ग कहते हैं कि पिछले दो रविवारों को जितनी पुलिस तैनात थी, इस बार उससे कहीं ज़्यादा फ़ोर्स तैनात की गई है.
उनका कहना है कि कुछ प्रदर्शनकारी सड़क पर लेट गए हैं ताकि पुलिस अपनी जगह से हिल न पाए. बाक़ी लोग 'शर्मनाक' और 'चले जाओ' जैसे नारे लगा रहे हैं.
लुकाशेंको हाल ही में 66 साल के हुए हैं. कुछ लोग उनका मज़ाक उड़ाने के लिए कॉकरोच के पुतले उठाए हुए गुनगुना रहे थे, 'जन्मदिन मुबारक हो रैट.'
प्रदर्शनकारियों का एक बड़ा समूह इंडिपेंडेंस पैलेस स्थित लुकाशेंको के आवास की तरफ़ मार्च करते हुए बढ़ चला था. हालांकि, दंगा पुलिस यहां बड़ी संख्या में तैनात है और पानी की बौछार करने वाली गाड़ियां भी खड़ी हैं. इलाक़े की रक्षा के लिए बख़्तरबंद वाहन भी हलचल करते नज़र आ रहे हैं.
पुलिस ने मिंस्क की कई सड़कों को बंद कर दिया था ताकि लोग मुख्य प्रदर्शन स्थल तक न पहुंच सकें. ब्रेस्ट और ग्रोंदो जैसे क़स्बों में भी छोटे पैमाने पर प्रदर्शन होने की ख़बरें हैं.
पत्रकारों को पूरे घटनाक्रम की रिपोर्टिंग करने में दिक्कतें आ रही हैं. शनिवार को प्रशासन ने 17 पत्रकारों की मान्यता वापस ले ली थी. इनमें से अधिकतर बेलारूस के ही नागरिक हैं जो विदेशी मीडिया के लिए काम कर रहे हैं.
बेलारूस सरकार के इस फैसले से प्रभावित होने वालों में बीबीसी की रूसी सेवा के दो पत्रकार भी हैं. बीबीसी ने इस संबंध में बयान जारी करके कहा है कि वह 'स्वतंत्र पत्रकारिता का दम घोंटने का मज़बूती से निंदा करती है.'
क्या है लुकाशेंको की प्रतिक्रिया
देश के आंतरिक मंत्रालय ने 125 प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार करने की बात तो कही है मगर इसके अलावा और कोई जानकारी नहीं दी गई है.
लुकाशेंको के प्रेस सचिव ने कथित तौर पर रूसी मीडिया को एक तस्वीर भेजी है जिसमें वह इंडिपेंडेंस पैलेस के बाहर एक मशीन गन लिए खड़े हैं. रविवार को वह एक असॉल्ट राइफ़ल लिए नज़र आए थे.
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने हाल ही में लुकाशेंको को उनके जन्मदिन पर फ़ोन करके मॉस्को आने का न्योता दिया था.
इसे बेलारूस के राष्ट्रपति को रूस की ओर से मिलने वाले समर्थन की ताज़ा कड़ी के रूप में देखा जा रहा है. हालांकि, लुकाशेंको रूस को लेकर हमेशा इतने सकारात्मक नहीं रहते थे.
मगर पुतिन ने कहा है कि उन्होंने ज़रूरत पड़ने पर बेलारूस में दखल के लिए पुलिस रिज़र्व फ़ोर्स बनाई है. हालांकि उनका कहना है कि इसे 'तब तक इस्तेमाल नहीं किया जाएगा, जब तक हालात काबू से बाहर न हो जाएं.'
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