चीन के वुहान में वॉटर पार्क में पार्टी करने पहुँची हज़ारों की भीड़

हज़ारों लोगों की भीड़, जो बिना मास्क लगाए वॉटर ट्यूब्स पर उछल-कूद कर रही है और म्यूज़िक फेस्टिवल का मज़ा ले रही है.

ये ऐसी तस्वीर है, जो कोविड-19 के दौरान साल 2020 में मिलना मुश्किल है. लेकिन, चीन के शहर वुहान में सप्ताहांत में कुछ ऐसा ही नज़ारा देखने को मिला.

इसी शहर से पिछले साल के अंत में कोरोना वायरस की शुरुआत हुई थी.

वुहान माया बीच वॉटर पार्क में पार्टी करने आए इन लोगों को देखकर लगेगा कि जैसे ये कोरोना के उस बुरे दौर से बाहर आ चुके हैं, जिससे दुनिया अब भी लड़ रही है.

ये तस्वीर उस वक़्त की तस्वीर से बिल्कुल अलग है, जब जनवरी में लॉकडाउन के बाद ये शहर सूनसान हो गया था. सड़क पर ना लोग, ना गाड़ियाँ बस हर तरफ सन्नाटा था.

अप्रैल में शहर से लॉकडाउन हटा दिया गया और मई मध्य के बाद से वुहान और हुबे प्रांत में घरेलू संक्रमण के कोई मामले नहीं आए हैं.

सामान्य ज़िंदगी की तरफ धीमे क़दम

वुहान में 23 जनवरी को तब लॉकडाउन कर दिया गया था, जब यहाँ कोरोना वायरस से 17 लोग मारे गए थे और 400 मामले आए थे.

इस हफ़्ते के बाद चीन ने वायरस की इंसान से इंसान में संक्रमण की पुष्टि की थी. इससे पहले ये प्रमाणित नहीं हो पाया था.

एक करोड़ 10 लाख की आबादी वाला ये शहर पूरे चीन से कट गया था. अगले कुछ महीनों में हज़ारों लोगों की जाँच हुई और उन्हें क्वारंटीन में रखा गया.

सभी सार्वजनिक सभाएँ रद्द कर दी गईं और लोगों को इकट्ठा होने से बचने के लिए कहा गया.

मार्च की शुरुआत तक लॉकडाउन में ढील दी जाने लगी. हर घर के एक सदस्य को अपने घर से दो घंटे के लिए निकलने की इजाज़त दी गई थी.

शॉपिंग मॉल खुलने, सार्वजनिक परिवहन चलने शुरू हो गए और लोगों ने धीरे-धीरे बाहर आना शुरू कर दिया था. सोशल डिस्टेसिंग का तब भी पालन करना और मास्क पहनना ज़रूरी था.

आठ अप्रैल को वुहान से पूरी तरह लॉकडाउन हटा लिया गया.

लॉकडाउन हटते ही लोगों ने महीनों के लंबे इंतज़ार के बाद फटाफट शादियाँ कर लीं.

कुछ समय के लिए ऐसा लगा जैसे ज़िंदगी फिर से सामान्य हो गई है. स्कूल खुल गए, बिजनेस धीरे-धीरे चलने लगे और सार्वजनिक परिवहन पूरी तरह खुल गया.

लेकिन 12 मई को कोरोना वायरस के छह और मामले सामने आ गए. इसके बाद तुरंत पूरे शहर की आबादी का टेस्ट किया गया और जल्दी ही संक्रमण पर फिर से काबू पा लिया गया.

जून तक रात में खुलने वाले बाज़ार लगने लगे. इन बाज़ारों में छोटी-छोटी गलियों के किनारों पर स्टॉल्स लगते हैं. उन्हें खुलने की इजाज़त दे दी गई.

एक महीने बाद जुलाई में चीन के कई हिस्सों में जीवन सामान्य होना शुरू हो गया था. कई इलाक़ों में सिनेमाघर खुल गए, कुछ पार्क, लाइब्रेरी और म्यूज़ियम को भी आधी क्षमता के साथ खोलने की अनुमति दे दी गई. साथ ही बड़ी सभाओं पर लगा प्रतिबंध भी हटा लिया गया.

पूरी तरह सामान्य ज़िंदगी लेकिन...

आज लगता है कि वुहान में ज़िंदगी पूरी तरह सामान्य हो चुकी है. होहा (एचओएचओ) वॉटर इलेक्ट्रिकल म्यूज़िकल फेस्टिवल में आए लोग इस बात का सबूत भी हैं.

फेस्टिवल के आयोजकों ने लोगों को लुभाने के लिए महिलाओं के लिए टिकट आधा कर दिया था.

वुहान हैप्पी होली ने अपने माया वॉटर पार्क को 25 जून को खोला था. लेकिन, इसके डिप्टी जनरल मैनेजर ने बताया कि उनके पास अगस्त में ज़्यादा लोग आने शुरू हुए हैं.

उन्होंने बताया कि एक सप्ताहांत में इस वॉटर पार्क में 15 हज़ार लोग आए. जबकि पिछले साल इसी दौरान आधे लोग वॉटर पार्क में आए थे.

चीन में सोशल मीडिया पर कुछ लोगों ने वुहान में इतने बड़े आयोजन की अनुमति देने पर हैरानी भी जताई है. लोगों ने ट्विटर और फ़ेसबुक पर भी इस बारे में लिखा है.

लेकिन वुहान में मई मध्य से कोरोना वायारस का कोई भी स्थानीय मामला सामने नहीं आया है. वहीं, शहर की 99 लाख आबादी का अब तक टेस्ट किया जा चुका है. यहाँ बड़ी सभाओं पर कोई प्रतिबंध नहीं है.

हालांकि, ऑस्ट्रेलियन नेशनल यूनिवर्सिटी में संक्रामक रोगों के विशेषज्ञ प्रोफेसर सांजया सेननयेक का कहना है कि भले की शहर की एक बड़ी आबादी का टेस्ट कर लिया गया है फिर भी कहीं और से लोगों के संक्रमित होने का ख़तरा है.

उन्होंने बीबीसी से कहा, "समस्या ये है कि हमने कोविड-19 को ख़त्म नहीं किया है और जब तक ये ख़त्म नहीं होता तब तक इसके फिर से होने का ख़तरा बना रहेगा. फिर चाहे ये ख़तरा बाहर से वायरस आने का हो या कहीं और से."

सांजया इस मामले में न्यूज़ीलैंड का उदाहरण देते हैं. वहाँ भी तीन महीनों तक स्थानीय स्तर पर संक्रमण के कोई मामले नहीं थे लेकिन पिछले हफ़्ते ही वहाँ कोरोना के नए मामले पाए गए हैं.

वह कहते हैं, "लंदन की एक स्टडी के मुताबिक़ कोविड-19 से संक्रमित 10-20 प्रतिशत लोग ही 80 प्रतिशत मामलों के लिए ज़िम्मेदार होते हैं. इसलिए जब आप बड़ी संख्या में लोगों को इकट्ठा कर रहे हैं तो आपको सावधान रहना होगा. अगर एक भी व्यक्ति में वायरस होगा तो मुश्किल खड़ी हो सकती है."

इस दौरान पूरा विश्व वायरस से लड़ने की कोशिश में लगा हुआ है. दक्षिण कोरिया जैसे देश जिन्होंने कोरोना वायरस पर सफलतापूर्वक काबू लिया था, लेकिन वहाँ संक्रमण की नई लहर आ गई है.

दूसरे देशों को ऐसी भीड़ भरी सभाएँ आयोजित करने में अभी लंबा वक़्त लगेगा.

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