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कोरोना वायरस: 10 दिन में पूरे वुहान का कोरोना टेस्ट करने की चीन में क्षमता है?
- Author, रियलिटी चेक टीम
- पदनाम, बीबीसी न्यूज़
चीन के जिस वुहान शहर से कोविड-19 महामारी की शुरुआत हुई, उस शहर की पूरी आबादी का 10 दिन के भीतर कोरोना टेस्ट करने की योजना चीन ने बनाई है.
चीन की सरकार ने यह घोषणा इस सप्ताह की शुरुआत में तब की, जब वुहान के एक रिहायशी इलाक़े में छह लोगों को कोरोना वायरस से संक्रमित पाया गया.
इन छह नए मामलों से पहले अप्रैल के शुरुआती दिनों में वुहान के भीतर कोरोना संक्रमण का कोई मामला नहीं मिला था, नए मामले आने बंद हो गए थे और शहर से लॉकडाउन भी हटा लिया गया था.
लेकिन कोरोना वायरस संक्रमण के इन नए मामलों ने स्थानीय प्रशासन की चिंताएं एक बार फिर बढ़ा दी हैं.
पहले चीन ने कहा था कि वो 10 दिन के भीतर वुहान में रहने वाले क़रीब एक करोड़ लोगों का कोविड-19 टेस्ट करेगा, लेकिन ज़मीनी हक़ीक़त को देखते हुए अब चीन के प्रशासन ने अपने बयान में थोड़ा बदलाव किया है.
टेस्टिंग में कितना समय लगेगा?
अप्रैल के अंत तक, हूबे प्रांत की सरकार वुहान शहर में प्रतिदिन 63 हज़ार लोगों का कोविड-19 टेस्ट कर रही थी. लेकिन 10 मई तक यह संख्या घटकर 40 हज़ार टेस्ट प्रतिदिन रह गई थी.
'हूबे डेली' अख़बार के अनुसार वुहान शहर में 60 से ज़्यादा टेस्टिंग सेंटर हैं जिनकी अधिकतम क्षमता एक दिन में एक लाख टेस्ट करने की है जिसे देखते हुए यह नहीं लगता कि पूरे शहर का कोविड-19 टेस्ट 10 दिन में करना संभव है.
इसलिए स्थानीय प्रशासन ने अब संकेत दिये हैं कि सभी टेस्ट 10 दिन के अंतराल में ही शुरू और समाप्त नहीं किये जाएंगे.
वुहान सेंटर फ़ॉर डिज़ीज़ कंट्रोल का कहना है, "शहर के कुछ ज़िलों में जाँच 12 मई से शुरू हो चुकी है और कुछ में 17 मई से शुरू होगी. सभी ज़िले दस-दस दिन में अपने यहाँ कोविड-19 टेस्ट का कार्य समाप्त करेंगे."
लेकिन 13 मई को समाचार एजेंसी रॉयटर्स ने ख़बर दी थी कि वुहान शहर के कुल 13 ज़िलों में से सिर्फ़ दो ज़िलों में इसकी तैयारियाँ शुरू हुई हैं.
कितने लोगों की जाँच हो चुकी है?
स्थानीय मीडिया के अनुसार 14 मई तक वुहान शहर में 27 लाख से ज़्यादा लोगों की जाँच हो चुकी है.
लेकिन वुहान यूनिवर्सिटी में बायोलॉजी डिपार्टमेंट के डायरेक्टर यांग ज़ुहानकी ने चीन के 'ग्लोबल टाइम्स' अख़बार को बताया है कि 'जब वुहान में संक्रमण की शुरुआत हुई थी, तब से लेकर अब तक क़रीब 40-50 लाख लोगों का टेस्ट हो चुका है. यानी शहर की लगभग आधी आबादी का टेस्ट हो चुका है.'
सरकारी आंकड़ों के अनुसार वुहान शहर में एक करोड़ 10 लाख लोग रहते हैं जिसमें कोरोना वायरस महामारी के दौरान कुछ अंतर आया है.
स्थानीय प्रशासन कह चुका है कि जब 23 जनवरी को वुहान में लॉकडाउन शुरू हुआ, तब तक क़रीब 50 लाख लोग चीनी नव वर्ष की छुट्टियाँ मनाने के लिए शहर से जा चुके थे.
चीन की सरकार के अनुसार वुहान में 23 जनवरी से शुरू हुआ लॉकडाउन आठ अप्रैल तक रहा और इस बात की कोई स्पष्ट जानकारी नहीं है कि अब तक कितने लोग वुहान शहर में लौट आये हैं.
क्या सबका टेस्ट होना चाहिए?
वुहान यूनिवर्सिटी के यांग ज़ुहानकी कहते हैं कि उन ज़िलों या इलाक़ों के बाशिंदों की जाँच का अब कोई मतलब नहीं है, जहाँ कोविड-19 का कोई केस आया ही ना हो.
वुहान शहर में स्थानीय प्रशासन ने कोविड-19 टेस्ट की जो ताज़ा रणनीति बनाई है, उसके अनुसार उन सभी लोगों का पहले टेस्ट किया जाएगा जो इस बीमारी की वजह से ज़्यादा ख़तरे में समझे जाते हैं. जैसे- बूढ़े लोग, अधिक घनी आबादी में रहने वाले ग़रीब लोग और स्वास्थ्यकर्मी.
प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि जिन लोगों का बीते सात दिनों में कोविड-19 टेस्ट हो चुका है, उनका इस योजना के तहत दोबारा टेस्ट नहीं किया जाएगा.
वैज्ञानिकों और डॉक्टरों में भी बेतहाशा टेस्टिंग को लेकर मतभेद है. कुछ का मानना है कि टेस्टिंग के ज़रिये ही इस समस्या को नियंत्रित करने में मदद मिल सकती है. लेकिन इसकी सफलता पर भी कुछ लोग सवाल उठाते हैं.
चीन के सेंटर फ़ॉर डिज़ीज़ कंट्रोल एंड प्रिवेंशन के प्रमुख वू ज़ुनयु ने सरकारी टीवी चैनल से बातचीत में कहा कि "वायरस कमज़ोर प्रतिरक्षा वाले रोगियों में ख़ुद को प्रकट करने में अधिक समय लगा सकता है और ये लोग 'ऑन' और 'ऑफ़' लक्षणों से भी ग्रस्त हैं. यानी इनके लक्षण कभी दिखाई देते हैं, कभी नहीं."
यांग ज़ुहानकी कहते हैं, "आप नहीं जानते कि जिस इंसान को आपने टेस्ट में नेगेटिव पाया, वो भी संक्रमित हों!"
वहीं अमरीका स्थित काउंसिल फ़ॉर फ़ॉरेन अफ़ेयर्स के वरिष्ठ रिसर्चर यांगज़ॉन्ग हुआंग कहते हैं, "भविष्य में अलग-थलग संक्रमण फैलने की संभावना हमेशा रहेगी, जिसे इससे भी बड़े पैमाने की टेस्टिंग योजना से रोकना मुश्किल होगा."
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