कोरोना के लिए पाकिस्तान ने बजट में आवंटित किए 70 अरब रुपए: पाक उर्दू प्रेस रिव्यू

    • Author, इकबाल अहमद
    • पदनाम, बीबीसी संवाददाता

पाकिस्तान से छपने वाले उर्दू अख़बारों में इस हफ़्ते कोरोना वायरस के अलावा पाकिस्तान के आम बजट से जुड़ी ख़बरें सबसे ज़्यादा सुर्ख़ियों में रहीं.

सबसे पहले बात कोरोना की. कोरोना वायरस से अब तक दुनिया भर में क़रीब साढ़े 77 लाख लोग संक्रमित हो चुके हैं और चार लाख 29 हज़ार से ज़्यादा लोग मारे जा चुके हैं.

पाकिस्तान में अब तक 1.38 लाख से ज़्यादा लोग इस वायरस से संक्रमित हुए हैं और अब तक 2627 लोग मारे जा चुके हैं.

पंजाब प्रांत की हालत सबसे ज़्यादा ख़राब है. वहां अब तक 52 हज़ार से ज़्यादा लोग संक्रमित हुए हैं और 969 लोग मारे जा चुके हैं.

सिंध में भी क़रीब 50 हज़ार लोग संक्रमित हैं और 793 लोग मारे गए हैं.

राजधानी इस्लामाबाद में सात हज़ार से ज़्यादा लोग संक्रमित हुए हैं और अब तक 71 लोग मारे गए हैं.

कोरोना संक्रमित होने वालों में रेल मंत्री शेख़ रशीद, नेता प्रतिपक्ष शहबाज़ शरीफ़, पूर्व प्रधानमंत्री यूसुफ़ रज़ा गिलानी और शाहिद ख़ाक़ान अब्बासी, पूर्व क्रिकेटर शाहिद आफ़रीदी जैसे लोग भी शामिल हैं.

रेल मंत्री शेख़ रशीद की तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें शनिवार को सेना के अस्पताल में भर्ती कराया गया है. कोरोना पॉज़िटिव आने के बाद वो घर पर ही क्वारंटीन में थे.

विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार पाकिस्तान में सबसे ज़्यादा तेज़ी से कोरोना फैल रहा है. अख़बार जंग के मुताबिक़ विश्व स्वास्थ्य संगठन ने एक ख़त लिखकर पाकिस्तान को इसकी जानकारी दी है.

अख़बार के मुताबिक़ ख़त में कहा गया है कि लॉकडाउन में ढील देने की छह शर्तों में से पाकिस्तान ने एक भी शर्त पूरी नहीं की और फिर भी लॉकडाउन लगभग पूरी तरह ख़त्म कर दिया गया.

विश्व स्वास्थ्य संगठन के मुताबिक़ पाकिस्तान में कुल सैंपल जाँच के कोरोना टेस्ट पॉज़िटिव आने की दर 24 फ़ीसद है जो कि पाँच फ़ीसद होनी चाहिए. उनके मुताबिक़ पाकिस्तान के हर ज़िले में कोरोना फैल चुका है.

विश्व स्वास्थ्य संगठन ने पाकिस्तान में दो हफ़्ते सख़्त और उसके बाद दो हफ़्ते नरम लॉकडाउन लागू करने की सिफ़ारिश की है.

लेकिन पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान ख़ान का कहना है कि मौजूदा आर्थिक हालात को देखते हुए मुल्क में दोबारा लॉकडाउन लागू नहीं किया जा सकता है. उन्होंने कहा कि लॉकडाउन के बजाए कोरोना को लेकर जो स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (एसओपी) हैं उसको सख़्ती से लागू किया जाएगा.

इमरान ख़ान ने कहा कि जो कोई भी एसओपीज़ पर अमल नहीं करेगा उसके ख़िलाफ़ सख़्त कार्रवाई होगी लेकिन पूरी तरह लॉकडाउन मसले का हल नहीं है.

इमरान के अनुसार विपक्ष चाहता है कि मुकम्मल लॉकडाउन लागू करवा कर अर्थव्यवस्था को पूरी तरह से तबाह कर दिया जाए ताकि उससे लोगों की मौत हो.

लेकिन पंजाब की स्वास्थ्य मंत्री यासमीन रुशदा का कहना है कि विश्व स्वास्थ्य संगठन का सुझाव सही है और अगर कोरोना के मामले ज़्यादा बढ़ गए तो पंजाब में दोबारा लॉकडाउन लागू किया जाएगा.

विशेषज्ञों का कहना है कि पाकिस्तान में जुलाई और अगस्त के महीने में कोरोना का पीक होगा.

पाकिस्तान का सालाना बजट: कोरोना के लिए 70 अरब रुपए, रक्षा बजट में 11.8 फ़ीसद का इज़ाफ़ा

पाकिस्तान के वित्त मंत्री हम्माद अज़हर ने शुक्रवार को इमरान ख़ान की सरकार का दूसरा सालाना बजट पेश किया.

वित्त मंत्री ने 65 खरब और 73 अरब रुपए का बजट पेश किया जिसमें 34 खरब का घाटा दिखाया गया है, लेकिन कोई भी नया टैक्स नहीं लगाया गया है.

रक्षा बजट में पिछले साल की तुलना में 11.8 फ़ीसद की बढ़ोत्तरी की गई है जो कि अब कुल 12 खरब और 89 अरब रुपए हो गया है.

कोरोना से निबटने के लिए 70 अरब रुपए दिए गए हैं.

एहसास प्रोग्राम का बजट 187 अरब से बढ़ाकर 208 अरब रुपए कर दिया गया है. इमरान ख़ान ने इसका ज़िक्र भारत को कोरोना से लड़ने में मदद की पेशकश के तौर पर भी किया था.

इस प्रोग्राम के तहत ग़रीब परिवारों को 12 हज़ार रुपए कैश ट्रांसफ़र किया जाता है.

टिड्डी दल जिससे पाकिस्तान के अलावा भारत के कुछ राज्य भी परेशान हैं उसके ख़ात्मे के लिए 10 अरब रुपए रखे गए हैं.

लेकिन विपक्ष ने बजट को जन विरोधी क़रार दिया है.

पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी के अध्यक्ष बिलावल भुट्टो ने इसे पीटीआईएमएफ़ ( पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ़ और आईएमएफ़) बजट क़रार दिया.

अख़बार एक्सप्रेस के अनुसार बिलावल ने कहा कि "पीटीआईएमएफ़ बजट देश की अर्थव्यवस्था को सुनामी की तरह तबाह कर देगा."

बिलावल ने कहा कि ये बजट सिर्फ़ अमीरों के लिए है और इसमें ग़रीबों और आम जनता के लिए कुछ भी नहीं है.

अख़बार नवा-ए-वक़्त के अनुसार नेता प्रतिपक्ष शहबाज़ शरीफ़ ने इस बजट को तबाही का नुस्ख़ा क़रार दिया है.

बलात्कार और यौन हिंसा का आरोप लगाने वाली अमरीकी महिला ने तस्वीरें शेयर की

पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री यूसुफ़ रज़ा गिलानी और दो पूर्व केंद्रीय मंत्री रहमान मलिक और मख़्दूम शहाबुद्दीन पर यौन हिंसा का आरोप लगाने वाली अमरीकी महिला सिंथिया डी रिची ने इन लोगों के साथ अपनी तस्वीरें शेयर की हैं.

सिंथिया ने गिलानी और शहाबुद्दीन पर यौन हिंसा, जबकि पूर्व केंद्रीय गृहमंत्री रहमान मलिक पर बलात्कार का आरोप लगाया है.

ख़ुद को पेशे से पत्रकार, सामाजिक कार्यकर्ता और ब्लॉगर बताने वाली सिंथिया का कहना है कि वो पाकिस्तान में पिछले 10 सालों से रह रही हैं.

अख़बार के अनुसार इन लोगों के ज़रिए आरोपों को ख़ारिज किए जाने और सिंथिया के ख़िलाफ़ क़ानूनी कार्रवाई किए जाने के बाद सिंथिया ने तीनों नेताओं के साथ अपनी तस्वीरें शेयर की हैं.

तीनों नेताओं ने कहा था कि वो तो सिंथिया को ठीक से जानते तक नहीं हैं.

अख़बार दुनिया के अनुसार रहमान मलिक ने सिंथिया को 50 करोड़ रुपए के मानहानि का नोटिस भेजा है. लेकिन सिंथिया का कहना है कि वो अपने आरोपों को साबित करने के लिए किसी भी हद तक जाने के लिए तैयार हैं.

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