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अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने विवाद के बाद चुनावी रैली टाली
अमरीका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कोरोना वायरस लॉकडाउन के बाद होने वाली अपनी पहली चुनावी रैली टाल दी है.
ये रैली ओक्लाहोमा के टल्सा में होने वाली थी. जिस दिन ये रैली होनी थी, उसी दिन अमरीका में गुलामी ख़त्म होने का जश्न मनाया जाता है और अवकाश होता है.
राष्ट्रपति ट्रंप ने ट्वीट किया कि जूनटीन्थ के मौक़े को देखते हुए 19 जून की रैली को एक दिन के लिए टाल दिया गया है. उन्होंने लिखा कि ये आदर के तौर पर किया गया है.
नस्लवाद-विरोधी प्रदर्शनों के बीच रैली के लिए ये तारीख़ चुनने को लेकर आलोचना हो रही थी.
रैली की जगह के चुनाव को लेकर भी विवाद हो रहा था, क्योंकि टल्सा में 1921 के दौरान अमरीकी इतिहास में काले लोगों का सबसे भयानक नरसंहार हुआ था.
गोरे लोगों की भीड़ ने ग्रीनवुड के काले लोगों के समृद्ध इलाक़े "ब्लैक वॉल स्ट्रीट" में बंदूकों और गोला-बारूद के साथ हमला कर दिया था. इस घटना में 300 से ज़्यादा लोगों की मौत हुई थी. क़रीब 1000 कारोबार और घर भी तबाह हो गए थे.
जूनटीन्थ सिर्फ एक देशव्यापी अवकाश नहीं है, बल्कि अफ्रीकी अमरीकी इसे एक ख़ास दिन के रूप में मनाते हैं.
राष्ट्रपति ट्रंप ने शुरुआत में रैली की टाइमिंग का बचाव किया था. उन्होंने फॉक्स न्यूज़ से कहा था, "इसे एक जश्न के तौर पर देखना चाहिए. मेरी रैली एक जश्न है. मुझे लगता है कि राजनीति के इतिहास में ऐसा कोई समूह या इंसान नहीं होगा, जिसने मेरी तरह रैली की हो."
लेकिन आलोचकों ने उनपर आरोप लगाया कि वो इस ख़ास तारीख़ और अमरीकी इतिहास में टल्सा की अहमियत का अनादर कर रहे हैं.
रैली टालने के अपने फैसले के बारे में जानकारी देते हुए ट्रंप ने ट्वीट किया, "मेरे कई अफ्रीकी अमरीकी दोस्तों और समर्थकों ने सुझाव दिया कि इस दिन के आदर में तारीख़ बदलने पर विचार करें. इसलिए इस मौक़े को और इसके पीछे की वजह को ध्यान में रखते हुए, मैंने हमारी रैली आगे बढ़ाकर 20 जून को करने का फैसला किया है."
ट्रंप रैली क्यों कर रहे हैं?
टल्सा में "मेक अमरीका ग्रेट अगैन" रैली राष्ट्रपति का 2 मार्च के बाद पहला चुनावी अभियान होगा, दरअसल इसके बाद कोरोना वायरस महामारी को देखते हुए लोगों के बड़ी तादात में इकट्ठा होने पर रोक लगा दी गई थी.
ट्रंप नवंबर 2020 में दोबारा चुनाव मैदान में उतरने जा रहे हैं. लेकिन पोल दिखाते हैं कि वो अपने डेमोक्रेटिक प्रतिद्वंदी जो बाइडन से पीछे हैं.
अपने वोटर बेस को बढ़ाने के लिए कैंपेन रैलियों को अहम माना जाता है, और ओक्लाहोमा को पारंपरिक तौर पर रिपब्लकिन का गढ़ माना जाता है.
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