पाकिस्तान में कोरोना के बढ़ते मामलों के बीच बढ़ी लोगों की चिंता?

    • Author, मानसी दाश
    • पदनाम, बीबीसी संवाददाता

भारत के पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान में धीरे-धीरे कोरोना वायरस संक्रमण के मामले बढ़ते जा रहे हैं.

पाकिस्तान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने इसी साल 26 फ़रवरी को सिंध प्रांत के कराची में कोरोना संक्रमण के पहले मामले की पुष्टि की थी.

इसके बाद पंद्रह दिनों के भीतर यहां संक्रमण के मामले बढ़ कर 20 हो गए और सिंध के अलावा दूसरे इलाक़ों से भी संक्रमण की ख़बरें मिलने लगीं. लेकिन फिर भी शुरुआत में मामले कम ही रहे.

दूसरे देशों की तरह कोरोना के बढ़ते क़दम रोकने के लिए पाकिस्तान सरकार ने लॉकडाउन लगाने पर कोई फ़ैसला नहीं लिया. प्रधानमंत्री इमरान ख़ान की दलील थी कि इससे पहले ही मुश्किलों में घिरी देश की अर्थव्यवस्था की हालत और बुरी हो जाएगी.

संक्रमण के मामले हज़ारों में पहुंचने के बाद अप्रैल 1 को सरकार ने लॉकडाउन लगाया जिसमें जल्द ही रियायत भी दी जाने लगी.

इस्लामाबाद से शुमाइला जाफ़री कहती हैं कि इमरान ख़ान लॉकडाउन नहीं लगाना चाहते थे और उनके इस फ़ैसले के लिए विपक्षी नेता उन पर आरोप भी लगाते हैं. विपक्ष का कहना है कि अगर समय रहते लॉकडाउन लगाया गया होता तो कोरोना पर कुछ हद तक लगाम लगाई जा सकती थी.

ये भी देखा गया कि जब लॉकडाउन लगाया भी गया तो कड़ाई से इसका पालन नहीं हुआ. इसके लिए भी विपक्ष सरकार की उदासीनता को ज़िम्मेदार ठहराती है.

देश में ईद के बाद कोरोना के मामलों में तेज़ी देखने को मिली है. 27 मई के बाद से देश में कोरोना संक्रमण के रोज़ाना 600 से अधिक मामले सामने आ रहे हैं.

इस्लामाबाद से बीबीसी संवाददाता सहर बलोच कहती हैं कि शुरूआत में प्रधानमंत्री ने कोरोना को लेकर जो संदेश दिए उससे काफ़ी कन्फ्यूज़न पैदा हुआ.

वो कहती हैं कि शुरुआत में चीज़ें बेहतर थीं लेकिन अब जैसे-जैसे मामले बढ़ रहे हैं लोगों में डर भी फैल रहा है.

जॉन्स हॉप्किन्स यूनिवर्सिटी के डैशबोर्ड के अनुसार पाकिस्तान में फ़िलहाल कोरोना के 116,189 मामले हैं जबकि अब तक 2297 मौतें हो चुकी हैं.

वहीं पाकिस्तान सरकार के अनुसार फ़िलहाल देश में कोरोना से कुल 71,127 एक्टिव मामले हैं जबकि 35,018 लोग कोरोना से ठीक हो चुके हैं.

पाकिस्तान के अलग-अलग प्रातों में कोरोना की स्थिति

  • पंजाब - 43460 संक्रमित, 773 की मौत
  • सिंध - 43790 संक्रमित, 679 की मौत
  • खैबर पख्तूनख्वाह - 14527 संक्रमित, 587 की मौत
  • इस्लामाबाद - 5963 संक्रमित, 52 की मौत
  • बलूचिस्तान - 7031 संक्रमित, 58 की मौत
  • गिलगित बल्तिसतान - 974 संक्रमित, 14 की मौत
  • पाकिस्तान प्रशासित कश्मीर - 444 संक्रमित, 9 की मौत

शुमाइला बताती हैं कि मंगलवार को विश्व स्वास्थ्य संगठन ने पंजाब प्रांत की स्वास्थ्य मंत्री मंत्री यास्मीन राशिद को एख पत्र लिख कर सुझाव दिया है कि संक्रमण के बढ़ते मामलों को देखते हुए वो दो-दो सप्ताह के लिए लॉकडाउन लगाएं. संगठन का कहना है कि जहां एक सप्ताह के लिए कड़ाई से लॉकडाउन लगाया जाए वहीं दो सप्ताह के लिए इसमें ढील दी जाए.

पंजाब न केवल सबसे अधिक आबादी वाला प्रांत है बल्कि कोरोना के सबसे अधिक मामले भी यहीं हैं.

सहर बलोच कहती हैं कि कुछ दिन पहले इमरान ख़ान ने देश में सभी के लिए कुछ सार्वजनिक जगहों पर मास्क पहनना अनिवार्य कर दिया. मस्जिदों, बाज़ारों, दुकानें, शॉपिंग मॉल्स और सार्वजनिक परिवहन (हवाई यात्रा, ट्रेन, बस और कारों) में मास्क पहनना अनिवार्य होगा.

इधर रविवार को इमरान ख़ान ने स्पष्ट कर दिया है कि कोरोना को लेकर दुकान बाज़ार बंद नहीं किए जाएंगे. उन्होंने लॉकडाउन को 'अभिजात्य' विचार कहा और कहा कि ये अर्थव्यवस्था को ध्वस्त कर देगा और ग़रीबी बढ़ाएगा. ऐसे में लोगों में कन्फ्यूज़न फैल रहा है.

वो कहती हैं कि अब धीरे-धीरे अस्पतालों में दबाव पड़ना शुरु हो गया है और सरकार को अधिक वेन्टिलेटर्स की ज़रूरत पड़ सकती है. डॉक्टर्स भी बीते महीनों से पीपीई किट्स की माँग कर रहे हैं.

सहर बलोच कहती हैं कि अब तक पाकिस्तान में कोरोना का पीक नहीं आया है और कहा जा रहा है कि ये जुलाई में आ सकता है. और देश के सामने बड़ी चुनौती आ सकती है.

शुमाइला कहती हैं कि वित्त मंत्रायल ने शुक्रवार को बताया है कि कोरोना का बुरा असर देश की अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है.

मंत्रालय का कहना है कि इस कारण 30 लाख लोगों का रोज़गार प्रभावित हो सकता है जिसमें 10 लाख फ़ैक्ट्री लेबरर और 20 लाख सर्विस सेक्टर के लोग हो सकते हैं.

साथ ही सरकार का कहना है कि कोरोना के कारण देश में ग़रीबी 24.3 फ़ीसदी से बढ़ कर 33.5 फ़ीसदी तक जा सकती है.

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