चीनी विदेश मंत्री ने क्यों कहा, ''अमरीका में राजनीति का वायरस फैल रहा है''

चीन के विदेश मंत्री वॉन्ग यी ने कहा है कि अमरीका के भीतर कुछ राजनीतिक ताक़तें चीन-अमरीका संबंध को अपने फ़ायदे के लिए ग़लत दिशा में ले जा रही हैं और वो दोनों देशों को नए शीत युद्ध में धकेल रही हैं.

उन्होंने रविवार को एक प्रेस कॉन्फ़्रेंस में कहा, ''यह एक ख़तरनाक कोशिश है जो हमें पीछे ले जाएगी. चीन अपनी संप्रभुता की रक्षा करेगा और प्रगति की राह पर भी बढ़ने का अधिकार है. अमरीका में बदलाव पर चीन की कोई दिलचस्पी नहीं है और अमरीका चीन को प्रगति के पथ पर बढ़ने से रोक नहीं सकता.''

चीनी विदेश मंत्री ने कहा, "अमरीका की कुछ राजनीतिक शक्तियों ने चीन-अमरीका संबधों को अपनी गिरफ़्त में ले लिया है और वो दोनों देशों को एक नए शीत युद्ध की ओर ले जा रहे हैं. ये इतिहास के पहिए को घुमाने की एक ख़तरनाक कोशिश है.''

वॉन्ग यी ने कहा कि चीन और अमरीका की राजनीतिक व्यवस्था अलग है और ये दोनों ही देशों के अपने लोगों की मर्ज़ी से तय हुई है.

उन्होंने कहा, "वो अपने रास्ते से हट रहे हैं, पर इसका मतलब ये नहीं कि सहयोग की कोई संभावना नहीं है. दोनों पक्षों के बीच दुनिया के कई बड़े मुद्दों पर सलाह और चर्चा की ज़रूरत है."

चीनी विदेश मंत्री ने कहा कि चीन और अमरीका के बीच सहयोग की परंपरा रही है और ऐसा कोरोना संकट के दौरान भी हुआ.

उन्होंने कहा, "कोविड-19 के शुरू होने के समय हमने मेडिकल उपकरणों को लेकर एक-दूसरे की मदद की. 12 अरब से ज़्यादा मास्क अमरीका भेजे जा चुके हैं. पर अफ़सोस है कि अमरीका में राजनीति का वायरस फैल रहा है."

वॉन्ग यी ने साथ ही कहा कि चीन और रूस ने इस राजनीतिक वायरस के ख़िलाफ़ एक अभेद्य क़िला बनाया है और अपने रणनीतिक तालमेल की ताक़त भी प्रदर्शित की है. उन्होंने कहा, "रूस और चीन ने कोविड-19 के दौरान एक-दूसरे की मदद की है. जब तक हम दोनों मिलकर काम करते रहेंगे, हम दुनिया में विविधता की रक्षा करते रहेंगे, शांति और न्याय की रक्षा करते रहेंगे."

उन्होंने विश्व स्वास्थ्य संगठन पर अमरीका की ओर से लगाए गए आरोपों पर भी टिप्पणी की और कहा कि वैश्विक स्वास्थ्य समस्याओं से निपटने में डब्ल्यूएचओ की भूमिका अहम है. डब्ल्यूएचओ जिंदगियां बचाने में मदद कर रहा है.

वॉन्ग यी ने कहा, ''हमें उम्मीद है कि सभी देश यह समझेंगे कि मानवता एक समुदाय है जिसका साझा भविष्य है. हमें एक दूसरे का अधिक से अधिक सहयोग चाहिए और कम से कम आरोप-प्रत्यारोप हों. हम सभी देशों से सभी के लिए एक बेहतर दुनिया बनाने की अपील करते हैं.''

उन्होंने कहा कि डब्ल्यूएचओ पर कीचड़ उछालने वाले लोग खुद पर ही धब्बा लगाएंगे. ताइवान के मामले में चीनी विदेश मंत्री ने कहा कि यह चीन का आंतरिक मुद्दा है और इस पर किसी का भी दख़ल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.

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