You’re viewing a text-only version of this website that uses less data. View the main version of the website including all images and videos.
कोरोना वायरस: अमरीका में 51 हज़ार लोग मरे, क्या बेकाबू हैं हालात?
जॉन्स हॉपकिंस यूनिवर्सिटी के मुताबिक़ अमरीका में कोरोना वायरस से मरने वालों की संख्या 51 हज़ार के आँकड़े को पार कर चुकी है.
यहाँ पिछले 24 घंटों में 3000 से ज़्यादा मौतें हो चुकी हैं और पूरे देश में अब तक आठ लाख सत्तर हज़ार संक्रमण के मामले हैं.
हालांकि मौजूदा आँकड़ों के मुताबिक़ यूरोप के ज़्यादातर देशों की तुलना में अमरीका में मृत्यु दर कम है. व्हाइट हाउस टास्ट फ़ोर्स यह बात ज़ोर देकर कहती भी है.
लेकिन इस बीच ख़बर यह है कि अमरीका के कई हिस्सों में हफ़्तों के लॉकडाउन के बाद दुकानें अब खुलने लगी हैं.
जॉर्जिया, अलास्का और ओक्लाहोमा में शुक्रवार को कुछ दुकानें खुलीं.
दुनिया भर में कोरोना से सबसे ज़्यादा अमरीका में अब तक लोग मरे हैं और संक्रमितों की संख्या भी यहाँ सबसे ज़्यादा है.
हालांकि अमरीका की जनसंख्या 33 करोड़ है जो कि दूसरे सबसे बुरी तरह से प्रभावित देशों स्पेन और इटली से काफ़ी अधिक है.
व्हाइट हाउस कोविड-19 टास्ट फोर्स के विशेषज्ञ डॉक्टर डेबोराह बिरक्स का कहना है कि "दुनिया में सबसे कम मृत्यु दर अमरीका में है."
प्रति व्यक्ति दर के हिसाब से अमरीका में कोरोना से होने वाली मौजूदा मृत्यु दर स्पेन, इटली, फ्रांस, बेल्जियम और ब्रिटेन से कम है.
अगर सबसे ज्यादा प्रभावित देशों की सूची देखे तो अमरीका सबसे ऊपर दिखता है लेकिन यह इस तस्वीर का पूरा सच नहीं है.
जनसंख्या के हिसाब से देखे तो यूरोप के कई देशों में वहाँ की जनसंख्या के अनुपात में अमरीका से कहीं अधिक मौतें हुई हैं और अगर पूरे यूरोप की बात करें तो वहाँ ज़्यादा मौतें हुई हैं.
लेकिन हमें बड़ें देशों की तुलना इस तरह करने से बचना चाहिए.
अब देखिए न्यूयॉर्क की तस्वीर अमरीका की तस्वीर से अलग दिखती है और ऐसा ही दूसरे देशों के साथ भी है.
इटली में महामारी के दो केंद्र हैं- एक देश के उत्तरी हिस्से में जहाँ स्वास्थ्य सेवाएँ बेहतर हैं और दूसरा देश के दक्षिणी हिस्से में जहाँ स्वास्थ्य सेवाएँ उतनी बेहतर हालत में नहीं हैं.
मृत्यु दर इस पर निर्भर करता है कि आप मृतकों की संख्या कैसे गिन रहे हैं. फ्रांस अपने यहाँ मरने वालों में केयर होम में होने वाली मृत्यु को भी गिन रहा है तो वहीं बेल्जियम संदिग्ध मरीज़ों की संख्या भी मृतकों में शामिल कर रहा है. इससे वहाँ मरने वालों की संख्या ज़्यादा दिखती है.
अमरीका में हर रोज़ मरने वालों की संख्या में अचानक आई बढ़ोतरी की एक वजह यह भी है कि उसने वायरस से आशंकित मौतों को भी मरने वालों की संख्या में शामिल करना शुरू किया है.
अमरीकी सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल ने 14 अप्रैल को बताया कि मृतकों की संख्या में पुष्ट और संभावित मरीज़ों की संख्या को शामिल किया जाएगा.
मरने वाले संभावित मरीज़ों में उन्हें शामिल किया जाता है जिनमें लक्षण तो दिखते हैं लेकिन जिनकी टेस्टिंग से जिनकी पुष्टि नहीं हुई है.
यह भी यहाँ ध्यान देना महत्वपूर्ण है कि कोविड-19 के कई ऐसे हल्के मामले हैं जिनकी रिपोर्टिंग नहीं हो पा रही इसलिए संक्रमण की पुष्टि वाली जो मृत्यु दर है, वो कुल मौतों के बराबर नहीं है.
टेस्टिंग की मदद से ही वास्तविक मृत्यु दर और संक्रमण का पता चल पाएगा.
टास्क फोर्स की अगुवाई करने वाले माइक पेंस ने बताया है कि अमरीका 49 लाख टेस्ट अब तक कर चुका है और अलग-अलग राज्यों के गर्वनर से इसे और अधिक करने पर काम हो रहा है.
अमरीकी संसद में 484 अरब डॉलर की आर्थिक मदद की घोषणा की गई है. इसका एक हिस्सा टेस्टिंग के ऊपर भी खर्च किया जाएगा.
अमरीका की ओर से यह चौथी राहत पैकेज की घोषणा है. इसके अलावा अस्पताल और छोटे व्यवसायों को क़र्ज़ देने की भी बात कही गई है.
अमरीका में अभी क्या हैं हालात?
विशेषज्ञों और राष्ट्रपति ट्रंप की चेतावनी के बाद भी अमरीका में कई राज्यों ने अपने यहाँ लागू पाबंदियों में ढील देनी शुरू की है. इसके बाद अमरीका में मरने वालों की संख्या में इजाफ़ा भी देखा गया है.
जॉर्जिया में बहुत तेज़ी से बाज़ार खुल रहे हैं. सैलून और दूसरी इस तरह की व्यक्तिगत देखभाल वाली सेवाएँ भी तेज़ी से शुरू कर दी गई हैं. सोमवार से जॉर्जिया में रेस्तरां और थियेटर खुलने वाले हैं.
गुरुवार को ट्रंप अपनी न्यूज़ ब्रीफ़िंग में राज्य की अपनी ही पार्टी गर्वनर और उनकी टीम से इस बात को लेकर ख़ुश नहीं थे.
उन्होंने कहा, "मैं जॉर्जिया के लोगों को सुरक्षित देखना चाहता हूँ. मैं नहीं चाहता कि यह बात बढ़े क्योंकि आपने जो करने का फ़ैसला लिया है, वो गाइडलाइन में नहीं है."
ट्रंप की आलोचना के बाद केम्प ने रेस्तरां में सैनिटाइजेशन और सोशल डिस्टेंसिंग को लेकर और सख़्त आदेश दिए हैं.
राष्ट्रपति ट्रंप को उस वक़्त आलोचनाओं का सामना करना पड़ा था जब उन्होंने कोरोना के मरीज़ के इलाज के लिए रोगाणुनाशक का इंजेक्शन देने की बात कही थी.
- कोरोना महामारी, देश-दुनिया सतर्क
- कोरोना वायरस के क्या हैं लक्षण और कैसे कर सकते हैं बचाव
- कोरोना वायरस से बचने के लिए मास्क पहनना क्यों ज़रूरी है?
- कोरोना: मास्क और सेनेटाइज़र अचानक कहां चले गए?
- अंडे, चिकन खाने से फैलेगा कोरोना वायरस?
- कोरोना वायरस: बच्चों को कोविड-19 के बारे में कैसे बताएं?
- कोरोना वायरस: संक्रमण के बाद बचने की कितनी संभावना है
- कोरोना वायरस: क्या करेंसी नोट और सिक्कों से भी फैल सकता है?
(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)