सऊदी अरब की शहज़ादी ने रिहाई की मांग का किया ट्वीट, बाद में डिलीट

सऊदी अरब की एक नामी शहज़ादी के ट्विटर अकाउंट पर एक अपील पोस्ट की गई है जिसमें वो अपने चाचा शाह सलमान से उन्हें हिरासत से रिहा करने की गुज़ारिश कर रही हैं.

शहज़ादी बस्मा बिन्त सऊद के एक ट्वीट में कहा गया है कि उन्हें "अनुचित तरीक़े से अल-हाईर जेल में रखा गया है" और उनकी "सेहत बिगड़ रही है".

एक और ट्वीट में शाह और उनके बेटे शहज़ादे मोहम्मद से कहा गया है कि वे उनके मामले पर दोबारा विचार कर उन्हें रिहा करें क्योंकि उन्होंने कुछ भी ग़लत नहीं किया है.

सऊदी अधिकारियों की ओर से अभी इस बारे में कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है और यह ट्वीट अब डिलीट किया जा चुका है

मगर सऊदी अरब में हाल के वर्षों में सऊदी राजपरिवार की कई बड़ी हस्तियों को हिरासत में लिया गया है.

शाह सऊद की सबसे छोटी बेटी

56 वर्षीया शहज़ादी बस्मा शाह सऊद की सबसे छोटी बेटी हैं जो 1953 से 1964 तक सऊदी अरब के शासक रहे थे.

पिछले कई सालों से उन्होंने सऊदी राजपरिवार के भीतर ख़ुद को मानवीय मुद्दों और संवैधानिक सुधारों की हिमायत करने वाली एक आवाज़ के तौर पर स्थापित किया है.

पिछले साल ऐसी अपुष्ट रिपोर्टें आई थीं कि उन्हें उनकी एक बेटी के साथ नज़रबंद कर दिया गया है.

जर्मन प्रसारक डोएचे वेले ने उनके एक क़रीबी स्रोत के हवाले से बताया था कि उन्हें देश छोड़कर जाने के संदेह में पकड़ लिया गया.

शहज़ादी को पिछले कई महीनों से ना देखा गया है ना सुना गया है.

सउदी शाह को संबोधित किए गए उनके एक ट्वीट में लिखा है, “आपको पता होगा कि मुझे अनुचित तरीक़े से अल-हाईर जेल में रखा गया है, बिना किसी आपराधिक या किसी और आरोप के.”

“मेरी सेहत लगातार बिगड़ते हुए गंभीर हो गई है और मेरी मौत हो सकती है. मैंने शाही अदालत को जेल से चिट्ठियाँ लिखीं पर मुझे ना तो कोई मेडिकल मदद मिली ना ही कोई जवाब आया. मुझे बिना कुछ बताए अपनी एक बेटी के साथ पकड़कर जेल में पटक दिया गया“.

इस अपील को शहज़ादी के आधिकारिक ट्विटर एकाउंट से रीट्वीट किया गया है और साथ में पिछले साल उनकी कथित हिरासत से जुड़े कई लेखों के लिंक भी दिए गए हैं. हालांकि, ये ट्वीट अब डिलीट भी किए जा चुके हैं.

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