कोरोना वायरस: ब्रिटेन में सामान इकट्ठा कर रहे लोग, दुकानें खाली

सामान खरीदती एक महिला

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कोरोना वायरस का ख़तरा बढ़ने के साथ-साथ लोगों का डर भी बढ़ता जा रहा है. इसके चलते लोग अलग-अलग तरीके अपनाकर बचाव की कोशिश कर रहे हैं.

किसी भी मुसीबत से बचने के लिए ब्रिटेन में लोगों ने घर में सामान इकट्ठा करना शुरू कर दिया है. हालात बहुत बिगड़ने पर अगर उन्हें घर में रहना पड़े या बार-बार बाज़ार जाने से बचने के लिए वो ज़्यादा से ज़्यादा सामान खरीदे रहे हैं.

लेकिन सुपरमार्केट कंपनियों का कहना है कि लोगों की इस जल्दबाजी से दूसरों को ज़रूरत का सामान भी नहीं मिल पा रहा है.

सुपरमार्केट्स ने खरीदारों से अपील की है कि वो जितना सामान ज़रूरी है सिर्फ़ उतना ही खरीदें. कोरोना वायरस के डर के चलते घर में सामान इकट्ठा न करें.

एक संयुक्त पत्र में ब्रिटेन के खुदरा विक्रेताओं ने ग्राहकों से कहा है कि वो समझदारी से खरीदारी करें ताकि दूसरों के लिए बेहद ज़रूरी चीजों की कमी न पड़े.

साथ ही उन्होंने कहा, ''अगर हम मिलकर काम करें तो सबके लिए पर्याप्त सामान है.''

यह अपील तब की गई है जब कुछ दुकानों ने सामान पूरी तरह बिकने से रोकने के लिए कुछ सामानों की बिक्री पर रोक लगा दी थी.

इस पत्र में खुदरा विक्रेताओं ने लिखा है कि दिन-रात पूरी क्षमता के साथ लोगों की ज़रूरतों को पूरा करने के लिए काम किया जा रहा है.

खुदरा विक्रेताओं का कहना है कि वे सरकार और आपूर्तिकर्ताओं के साथ मिलकर काम कर रहे हैं.

वेट्रोज़ का स्टोर

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खाली हो रहे शेल्फ

पत्र में कहा गया है, ''हम आपकी चिंताओं को समझते हैं लेकिन ज़रूरत से ज़्यादा खरीदारी के चलते कई बार दूसरे लोग खाली हाथ रह जाते हैं.''

सैन्सबरी के सीईओ माइक कूप ने ग्राहकों को लिखे एक ईमेल में भी यही बातें लिखी हैं. उन्होंने कहा है, ''मांग बढ़ने के कारण दुकानों में शेल्फ खाली हो रहे हैं लेकिन हमारा नया स्टॉक लगातार आ रहा है और हम शेल्फ को भरे रखने की पूरी कोशिश कर रहे हैं.''

उन्होंने खरीदारों से अपील की है, ''कृप्या खरीदने से पहले सोचें और सिर्फ़ वही खरीदें जिसकी आपको और आपके परिवार को ज़रूरत हो.''

खुदरा विक्रेताओं की तरफ से ब्रिटिश रिटेल कंज़ोर्टियम के चीफ एग्ज़िक्यूटिव हेलेन डिकिन्सन ने कहा, ''कोरोना वायरस के कारण अचानक बढ़ने वाली मांग को देखते हुए खुदरा विक्रेताओं ने एकसाथ आकर अपने ग्राहकों से एक-दूसरे को मदद करने की अपील की है ताकि सभी तक ज़रूरत का सामान पहुंच सके.''

मास्क लगाए हुए एक महिला

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सामान खरीदने की सीमा तय

लोग दुकानों से ज़्यादा से ज़्यादा सामान ले जाने की कोशिश कर रहे हैं. टॉयलेट पेपर, हैंड सैनिटाइज़र, पास्ता और डिब्बाबंद खाना कुछ ऐसे सामान हैं जिनकी मांग बहुत ज़्यादा बढ़ने से आपूर्ति कम पड़ गई है.

इसके कारण कुछ सुपरमार्केट ने कुछ सामानों की बिक्री को सीमित कर दिया है. सुपरमार्केट कंपनी अल्दी ने हर सामान के ज़्यादा से ज़्यादा चार पैकेट खरीदने की सीमा तय कर दी है.

खुदरा कंपनी टेस्को ने कुछ सामानों के सिर्फ़ पांच पैकेट खरीदने की सीमा तय की है. इन सामानों में एंटी-बैक्टीरियल जैल, वाइप्स और स्प्रे, ड्राई पास्ता, यूएचटी मिल्क और कुछ डिब्बाबंद सब्जियां शामिल हैं.

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इसी तरह सुपरमार्केट कंपनी वेट्रॉस लिमिटेड ने अपनी वेबसाइट पर कुछ सामानों पर इसी तरह की अस्थायी सीमा लगा दी है. इन सामानों में एंटी-बैक्टीरियल साबुन और वाइप्स शामिल हैं.

बूट्स और एएसडीए कंपनी ने कुछ तरह के हैंड सैनिटाइज़र की दो से ज़्यादा बोतलें लेने पर प्रतिबंध लगा दिया है.

कुछ फूड बैंक्स का कहना है कि उनके पास कुछ मूलभूत सामानों की कमी हो गई है जिससे लोगों में खलबली मच हुई है.

स्टोर

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रात भर होगी डिलीवरी

सरकार का भी कहना है कि किसी भी सामान को इकट्ठा करने की ज़रूरत नहीं है. ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बॉरिस जॉनसन ने लोगों से ''जिम्मेदाराना व्यवहार करने और दूसरों के बारे में सोचने की'' अपील की है.

सरकार खुदरा विक्रेताओं के लिए वितरण के घंटों पर लगे प्रतिबंधों में ढील दे रही है ताकि दुकानों में बुनियादी वस्तुओं का स्टॉक बना रहे.

आमतौर पर सुपरमार्केट में डिलीवरी करने पर रात में रोक लगी होती है ताकि स्थानीय निवासियों को परेशान न हो.

एनवायरंमेंट सेक्रेटरी जॉर्ज यूस्टिस ने कहा कि रात के समय डिलीवरी की इजाजत देने से सामान को ज़्यादा तेजी से गोदामों से दुकानों पर पहुंचाया जा सकेगा.

इस बीच, कंपिटिशन एंड मार्केट अथॉरिटी वॉचडॉग ने खुदरा विक्रेताओं को चेतावनी दी है कि वो हैंड जैल और फेस मास्क जैसे सुरक्षात्मक सामानों की कीमत में बढ़ोतरी करके कोरोना वायरस के डर का फायदा न उठाएं.

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