You’re viewing a text-only version of this website that uses less data. View the main version of the website including all images and videos.
प्रीति पटेल: ब्रिटेन की गृह मंत्री क्यों घिरी हैं विवादों में
ब्रिटेन की गृह मंत्री प्रीति पटेल पर लग रहे स्टाफ़ से दुर्व्यवहार के आरोपों को लेकर प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने उनका समर्थन किया है.
गृह मंत्रालय के सबसे वरिष्ठ अधिकारी सर फ़िलिप रटनम ने शनिवार को इस्तीफ़ा दे दिया था. उनका कहना था कि उनके ख़िलाफ़ 'विद्वेषपूर्ण और योजनाबद्ध' अभियान चलाया जा रहा था.
बीबीसी को यह जानकारी भी मिली है कि प्रीति पटेल के व्यवहार को लेकर एक औपचारिक शिकायत उस समय हुई थी जब वह रोज़गार मंत्री थीं.
अपने ऊपर लग रहे स्टाफ़ के साथ दुर्व्यवहार के आरोपों को गृह मंत्री प्रीति पटेल ने ग़लत बताया है. वहीं, उत्तरी लंदन में एक कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने कहा कि उन्हें पटेल पर 'पूरा भरोसा' है.
उन्होंने कहा, "मुझे लगता है कि वह शानदार गृह मंत्री हैं. जो कोई गृह मंत्री रहा हो, वह बता सकता है कि यह सरकार के सबसे मुश्किल पदों में से एक है."
प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि वो 'सिविल सर्विस के लोगों और उनके काम का पूरा सम्मान' करते हैं.
क्या है आरोप
शनिवार को जारी बयान में सर फ़िलिप ने कहा था उन्हें पटेल द्वारा कर्मचारियों से 'बदज़बानी करने, उन्हें नीचा दिखाने और अनुचित मांगें रखने' जैसे आरोपों का पता चला था.
उनका कहना है कि वह इस्तीफ़ा देने के लिए मजबूर किए जाने को लेकर गृह मंत्रालय के ख़िलाफ़ क़ानूनी क़दम उठाने का इरादा रखते हैं.
बीबीसी के गृह मंत्रालय के संवाददाता डैनी शॉ को पता चला है कि पटेल के व्यवहार को लेकर उस समय एक औपचारिक शिकायत दर्ज करवाई गई थी जब वह डिपार्टमेंट फ़ॉर वर्क एंड पेंशंस में इम्प्लॉयमेंट मिनिस्टर थीं. शिकायत में क्या लिखा था और इस पर क्या कार्रवाई हुई, यह जानकारी उपलब्ध नहीं है.
माना जा रहा है कि यह शिकायत उनके प्राइवेट ऑफ़िस के किसी सदस्य ने की थी. प्राइवेट ऑफ़िस में छह से आठ नौकरशाह होते हैं जो मंत्री के साथ काम करते हैं.
पटेल की प्रवक्ता ने कहा कि उन्हें ऐसी किसी शिकायत के बारे में मालूम नहीं है. उन्होंने किसी दावे को ख़ारिज नहीं किया मगर कहा कि वह निजी विषयों पर बात नहीं करेंगी.
गृह मंत्रालय के सूत्रों का कहना है कि पटेल ने नौकरशाहों की क्षमता पर सवाल खड़े करके और उनके प्रदर्शन को ख़राब बताकर उनके लिए 'प्रतिकूल और नाख़ुशी भरा' वातावरण बना दिया था.
उन्होंने कहा, "उनके प्राइवेट ऑफ़िस के लोगों को देखकर बुरा लगा. उन्हें लग रहा था कि उन्हें सताया जा रहा है."
वरिष्ठ नौकरशाहों के संगठन के प्रमुख डेविड पेनमन ने कहा, "जबसे प्रीति गृह मंत्रालय में हैं, तबसे उनके ख़िलाफ़ कोई औपचारिक शिकायत नहीं करवाई गई मगर ध्यान देने की बात है कि मंत्रियों के ख़िलाफ़ शिकायत करने की कोई औपचारिक नीति नहीं है. न कोई कोड है, न प्रक्रिया और न पारदर्शिता."
'देना पड़ सकता है इस्तीफ़ा'
सिविल सेवा के पूर्व प्रमुख लॉर्ड कर्सलेक ने कहा कि अगर सर फ़िलिप क़ानूनी प्रक्रिया में जीत हासिल करते हैं तो गृह मंत्री को इस्तीफ़ा देना पड़ सकता है.
लेबर पार्टी के सलाहकार रहे लॉर्ड कर्सलेक कहते हैं कि सर फ़िलिप का इस तरह से जाना असाधारण है और इससे सिविल सेवा से जुड़े लोगों को झटका लगेगा.
बीबीसी संवाददाता इयैन वॉटसन के अनुसार, पटेल के सहयोगी निजी स्तर पर बता रहे हैं कि सर फ़िलिप ज़रूरतों के अनुरूप काम नहीं कर पा रहे थे.
गृह मंत्रालय को चुनाव के दौरान किए गए दो मुख्य वादे पूरे करने हैं- अधिक पुलिस अधिकारियों की भर्ती करनी है और ब्रेग्ज़िट के बाद प्रवासियों के लिए तुरंत एक नया सिस्टम बनाना है.
इसके साथ ही गृह मंत्रालय को विंडरश प्रकरण पर जल्द सार्वजनिक होने जा रही स्वतंत्र रिपोर्ट पर भी प्रतिक्रिया देनी होगी. इस मामले में 1958 से 1971 के बीच कैरेबियाई देशों से आए उन लोगों को गिरफ़्तार कर लिया गया था या वापस भेज दिया गया था, जिनके पास ब्रिटेन में रहने का अधिकार था.
प्रधानमंत्री कार्यालय के एक सूत्र ने पटेल को लेकर किए गए सवाल पर बताया कि जॉनसन को अपनी कैबिनेट पर पूरा भरोसा है.
(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)