TWA85: कहानी दुनिया के सबसे लंबे विमान हाईजैकिंग की

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- Author, रॉलैंड ह्यूज़
- पदनाम, बीबीसी न्यूज़

आज यक़ीन करना भले मुश्किल हो, लेकिन 1960 के दशक में एक दौर ऐसा भी था जब अमरीका में हर छह दिन में एक हवाई जहाज हाईजैक हो जाता था. एक रिपोर्ट के मुताबिक़ 50 साल पहले, राफेले मिनिचिलो नाम के शख़्स ने दुनिया का सबसे लंबे समय तक चले हाईजैकिंग को अंजाम दिया था जिसे एक हद तक आकर्षक भी कहा जा सकता है. उस विमान से यात्रा करने वाले लोग कभी उसे माफ़ कर पाए?

21 अगस्त, 1962
दक्षिणी इटली की पहाड़ियों यानी नेपल्स से उत्तर पूर्व में अचानक से ज़मीन हिलने लगी, लेकिन स्थानीय लोगों के लिए ये कोई अचरज नहीं हुआ क्योंकि ये भूकंप के लिहाज से यूरोप का सबसे संवेदनशील इलाका है और यहां के लोगों को इसकी आदत पड़ चुकी थी. शाम के शुरू होते ही आए इस भूकंप की तीव्रता रेक्टर स्केल पर 6.1 थी, जो डराने के लिए काफी था लेकिन इसके बाद आए दो तेज झटकों ने ज्यादा नुकसान किया था.
भूकंप के केंद्र से 20 किलोमीटर की दूरी और कुछ सौ मीटर उत्तर में मिनिचिलो का परिवार रहा था, तब राफेले की उम्र थी 12 साल. भूकंप के तीसरे झटके के बाद उनका गांव मिलिटो इरपिनो एकदम निर्जन हो चुका था. मिनिचिलो के परिवार के पास कुछ नहीं बचा था, राफेले ने बाद में याद किया कि अधिकारियों में से कोई मदद के लिए भी नहीं आया था.
नुक़सान इतना ज्यादा था कि पूरा का पूरा गांव को खाली करके फिर नए सिरे से बसाना पड़ा था. कई परिवार अपने गांव लौट आए थे लेकिन मिनिचिलो के परिवान ने बेहतर जीवन के लिए अमरीका जाना बेहतर समझा.
लेकिन राफेले मिनिचिलो ने अपने जीवन में युद्ध, आघात और कुख्याति ही हासिल की.

01:30, 31 अक्टूबर, 1969
फौजी ड्रेस पहने राफेले मिनिचिलो ने जहाज के अंदर कदम रखा, उनके हाथ में लॉस एंजलिस से सैन फ्रांसिस्को जाने के लिए 15.50 डॉलर का टिकट था.
यह ट्रांसवर्ल्ड एयरलाइंस की फ्लाइट 85 का अमरीका में अंतिम ठिकाना था. जहाज ने अपनी उड़ान कई घंटे पहले बाल्टीमोर से शुरू की थी, इसके बाद सेंट लुइस और कानसास सिटी होते हुए विमान यहां पहुंची थी.
कॉकपिट में तीन पायलट का दल था, जिनकी मदद के लिए चार युवा फ्लाइट एटेंडेंट मौजूद थीं, इनमें से अधिकांश की नौकरी कुछ ही महीने पुरानी थी. चारों में सबसे अनुभवी थीं चार्लेनी डेलमोनिको. मिजोयरी की रहने वाली 23 साल की डेलमोनिको के बाल बॉब कट वाले थे और वह बीते तीन सालों से एयरलाइंस के साथ काम कर रहीं थीं. डेलमोनिको ने अपनी शिफ्ट बदली थी क्योंकि वह हैलोवीन वाली रात छुट्टी चाहती थीं.
कनसास सिटी से उड़ान भरने से पहले 31 साल के कैप्टन डोनल्ड कुक ने फ्लाइट एटेंडेंट को एक सूचना दी थी जो आम चलन से हटकर थी, इस सूचना के मुताबिक़ कॉकपिट में आने के लिए दरवाज़ा खटखटाने के बदले दरवाजे़ के बाहर लगी घंटी बजानी थी.
फ्लाइट लॉस एंजलिस में देर रात पहुंची थी. कुछ यात्री जहाज से उतर गए जबकि कुछ नींद भरी आंखों के साथ सैन फ्रांसिस्को की छोटी उड़ान के लिए जहाज में सवार हो गए. रोशनी इतनी मद्धिम थी कि विमान में सवार यात्रियों की नींद में खलल ना पड़े. जब यात्री विमान में सवार हो रहे थे तब फ्लाइट अटेंडेंट शांति से उनका टिकट चेक कर रही थीं, लेकिन डेलमोनिको का एक यात्री खासकर यात्री के बैग पर ध्यान गया.
यह यात्री फौजी कपड़ों में था, उसके लंबे भूरे बाल सिमटे हुए थे, वह नर्वस भी दिख रहा था लेकिन विनम्रता के साथ उसने जहाज में कदम रखा था. उसके बैकपैक से एक पतला कंटेनर बाहर निकला हुआ दिख रहा था.
डेलमोनिको फर्स्ट क्लास कंपार्टमेंट की ओर बढ़ रही थीं, और उनकी सहयोगी तान्या नावाकॉफ और रार्बटा जॉनसन यात्रियों को उनकी सीट बता रही थीं. तभी डेलमोनिको ने अपने सहयोगियों से पूछा कि उस युवा आदमी के बैकपैक से बाहर क्या निकला हुआ था. इसका जवाब मिला- फिशिंग रॉड- मछली पकड़ने वाला रॉड. जवाब सुनने के बाद डेलमोनिको का डर दूर हुआ और वह जहाज के पीछे की ओर लौट गईं.


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फ्लाइट में बहुत भीड़ नहीं थी, केवल 40 यात्री विमान में सवार थे. हर किसी के लिए काफी जगह थी, इतनी जगह कि आदमी अपनी कतार चुनकर उसमें आराम से पसर सकता था.
इन यात्रियों में पॉप ग्रुप हार्पर्स बिजायर के शीर्ष पांच कलाकार भी शामिल थे, जो उसी शाम एक विचित्र अनुभव से भरे कंसर्ट के बाद थके हुए थे. पासाडेना में आयोजित कंसर्ट को आडिटोरियम की बालकनी से चीखते एक शख्स की वजह से थोड़ी देर के लिए रोकना पड़ गया था. इस बैंड के सबसे हिट गाने (सिमोन और गारफंकल के 59वें स्ट्रीट ब्रीज गाने पर आधारित) को आए हुए दो साल हो गए थे, लेकिन अब वे कुछ घंटों के बाद प्रसिद्धि के शिखर पर पहुंचने वाले थे.
गिटार बजाने वाले और गायक डिक स्कोपेटोने और ड्रमर जॉन पेटेरसन विमान की बायीं ओर अपनी अपनी सीटों पर आराम कर रहे थे, उन्होंने अपनी सिगरेट भी जलाई हुई थी. 31 अक्टूबर, 1969 की शुक्रवार को सुबह 01:30 बजे टीडब्ल्यूए 85 ने लॉस एंजलिस से सैन फ्रांसिस्को के लिए उड़ान भरी. 15 मिनट के बाद, विमान को हाईजैक किए जाने की शुरुआत हुई.

शांति से सो रहा कोई भी शख्स विमान के टेकऑफ के दौरान थोड़ा डिस्टर्ब होता है. टेक ऑफ के लिए विमान के इंजनों की ताकत बढ़ाने के लिए बोइंग 707, टेक ऑफ के बाद इंजनों में पानी डालता है, जिसे इंडस्ट्री में वाटर वैगन का निक नेम मिला हुआ है. इससे जहाज के अंदर तेज आवाज उत्पन्न होती है, जिसे तेज गड़गड़ाहट के साथ यात्री सुनते हैं.
जहाज के अंदर अंधेरा था, क्योंकि फ्लाइट अटेंडेंट ने सारी लाइटें बंद कर दी थी. अब एक तरह से शांति थी, चार्लेनी डेलमोनिको जहाज के अंदर दिए जाने वाले रिफ्रेशमेंट के सामानों को समेटना शुरु कर चुकी थी, 21 साल की ट्रैसी कोलमेन भी उनके साथ काम कर रही थी. ट्रैसी कोलमेन लैंग्वेज ग्रेजुएट थी जिन्हें टीडब्ल्यूए ज्वाइन किए हुए महज पांच महीना हुआ था.
फौजी कपड़े वाला नर्वस यात्री पहले तो उनके पास आया और उनके साथ खड़ा हो गया. उसके हाथ में एम1 रायफल थी. डेलमोनिको ने शांत और पेशेवर अंदाज में कहा, आपके हाथ में यह नहीं होनी चाहिए थी. इसके जवाब में उस यात्री ने 7.62एमएम की एक बुलेट डेलमोनिको को थमाई जो इस बात का संकेत था कि उसकी रायफल भरी हुई है. इसके बाद उसने डेलमोनिको को कॉकपिट चलकर इसे अपने दल को दिखाने को कहा.


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डिक स्कोपेटोन सोने की कोशिश कर रहे थे लेकिन गलियारे की हलचल ने उन्हें जगा दिया. उन्होंने देखा कि डेलमोनिको के पीछे एक आदमी चल रहा है जिसने डेलमोनिको की पीठ पर बंदूक लगा रखी है. बैंड के उनके साथ जॉन पीटरसन कुछ आगे की सीट पर बैठे थे, उन्होंने पीछे मुड़कर देखा और आंखें फाड़कर देखा मानो पूछ रहे हों ,"क्या ये वास्तव में हो रहा है?"
जहाज के पीछे बैठे एक यात्री जिम फिंडले ने मिनिचिलो को चुनौती देने के लिए खड़े हुए. मिनिचिलो ने मुड़कर उन्हें देखा और चिल्लाते हुए डेलमोनिको को रूकने के लिए कहा.
डेलमोनिको को लगा कि ये आदमी सेना का जवान है.

उसने फिंडले को अपनी सीट पर बैठ जाने को कहा और उनके बैठने के बाद डेलमोनिको और मिनिचिलो केबिन की तरफ बढ़ गए. डेलमोनिको ने पर्दा हटाते हुए फर्स्ट क्लास कंपार्टमेंट में प्रवेश किया, उनके घुटने थरथरा रहे थे, उन्होंने अपनी दोनों फ्लाइट अटेंडेंट से कहा, "मेरे पीछे बंदूक लिए एक आदमी है." इसके बाद दोनों तेजी से रास्ते से हट गईं.
कुछ यात्रियों ने मिनिचिलो को डेलमोनिको पर चिल्लाते हुए सुना भी. मिनिचिलो कॉकपिट के दरवाजे पर पहुंचने के साथ ही ज्यादा आक्रामक दिखने लगा था. हालांकि पूरे रास्ते में वह विनम्र था और डेलमोनिको का सम्मान भी कर रहा था. डेलमोनिको के शब्दों में वह अच्छे बच्चे की तरह बर्ताव कर रहा था. लेकिन अब उसके अंदर का उन्माद बाहर निकलने लगा था.
डेलमोनिको को फ्लाइट के कैप्टन का निर्देश याद था- दरवाजा खटखटाएं नहीं बल्कि घंटी बजाएं. लेकिन मिनिचिलो को लगा कि ये कोई चाल हो सकती है लिहाजा उसने डेलमोनिको को घंटी बजाने से रोक दिया.
डेलमोनिको को दरवाजा ही खटखटना पड़ा और उन्हें लगा कि इससे पायलटों का दल अलर्ट हो जाएगा. लेकिन दरवाजा खुला और डेलमोनिको ने सावधान चालक दल से बताया कि उनके पीछे एक आदमी बंदूक लिए खड़ा है.
मिनिचिलो तब तक कॉकपिट के अंदर आ चुके थे, उन्होंने कॉकपिट में मौजूद तीनों चालक- कैप्टन कुक, फर्स्ट ऑफिसर वेनज़ेल विलियम्स और फ्लाइट इंजीनियर लॉयड होलराह, पर रायफल तान दी.
विलियम्स को लगा कि मिनिचिलो काफी प्रशिक्षित और सशस्त्र हैं. उन्हें ये मालूम था कि चालक दल से क्या लेना और वह हासिल करने के लिए प्रतिबद्ध भी थे. जब डेलमोनिको कॉकपिट से बाहर निकल गईं तब मिनिचिलो ने चालक दल से भारी आवाज़ में अंग्रेजी में कहा, "जहाज को न्यूयार्क की तरफ मोड़ो."


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जहाज के अंदर बंदूक लिए आदमी को जिन यात्रियों ने देखा, उन सबने इसका नोटिस लिया. क्योंकि यह एक असमान्य घटना थी.
हार्पर्स बिजायर ग्रुप के सभी सदस्य, मिनिचिलो के पास से गुजरने के कुछ ही सेकेंडों में आसपास बैठ चुके थे. उनकी शाम अजीब अनुभव वाली थी जो अब और भी अजीब होने लगी थी. वे सब अनुमान लगा रहे थे कि इस आदमी ने जहाज के अंदर रायफल कैसे निकाल लिया?अब वे लोग कहां जा रहे हैं? हॉन्गकॉन्ग, शायद? ये लोग कभी हॉन्गकॉन्ग नहीं गए थे, उन्हें लग रहा था कि वहां जाना किसी फन से कम नहीं होगा.
यहां पर जूडी प्रोवेंस की ट्रेनिंग ने भी अपना काम शुरू कर दिया. टीडब्ल्यूए की फ्लाइट अटेंडेंट जूडी ऑफ ड्यूटी पर थीं और सैन फ्रांसिस्को अपने घर लौट रही थीं. वह एशियाई फ्लाइट में आठ दिन लगातार काम करने के बाद अपने घर लौट रही थीं.
हर साल, जूडी और टीडब्ल्यूए के कर्मचारियों को ट्रेनिंग दी जाती है कि अपातकालीन परिस्थितियों में किस तरह रिएक्ट करें. इन अपातकालीन परिस्थितियों में हाईजैकिंग भी शामिल है. जो सबसे बात उन्हें बताई जाती है वह इन परिस्थितियों में शांत बने रहना है. दूसरी अहम बात ये बताई जाती है कि किसी भी सूरत में हाईजैकर के प्यार में नहीं पड़ना है क्योंकि हाईजैकर हवाईकर्मी दल से सहानुभूति हासिल करने की कोशिश करते हैं.

प्रोवेंस ने शांति से अपने आस पास के लोगों को बताया कि उन्होंने किसी को बंदूक के साथ कॉकपिट में जाते हुए देखा है. उन्हें यह सिखाया गया है कि ऐसी स्थिति में घबराहट नहीं दिखानी है और शांति के साथ स्थिति को संभालना है.
जिम फिंडले ने पहले भी दखल देने की कोशिश की थी, वे टीडब्ल्यूए के पायलट रह चुके हैं और यात्री के तौर पर विमान पर सवार थे. उन्होंने हाईजैकर के बैग का पता लगाया और उसकी तलाशी ली ताकि उसकी पहचान से जुड़ा कुछ उन्हें मिले. और वो सुनिश्चित करना चाहते थे कि विमान पर और कोई हथियार तो मौजूद नहीं है. हालांकि बाद में यात्रियों को पता चला कि रायफल गोलियों से भरी हुई थी.
कैप्टन कुक की आवाज़ लाउडस्पीकर पर सुनाई दी. वे कह रहे थे, "हमारे पास एक बेहद घबराया हुआ युवक आया है और वह जहां ले जाना चाहता है हम विमान को वहां ले जा रहे हैं."

विमान सैन फ्रांसिस्को से जब दूर होने लगा तो यात्रियों को कई संदेश मिलने लगे या फिर उनके बीच आपस में फैलने लगी कि ये विमान इटली जा रहा है, डेनेवर जा रहा है, या फिर काहिरा जा रहा है या क्यूबा जा रहा है.
कॉकपिट के अंदर मौजूद चालक दल को अपनी जान का डर सता रहा था लेकिन कुछ यात्रियों के लिए यह एडवेंचर जैसा था. हालांकि थोड़े अलग किस्म का लेकिन यह एडवेंचर तो था ही.
टीडब्ल्यूए 85 पर सवार यात्रियों को लग रहा था कि विमान क्यूबा की ओर जा रहा है. क्योंकि लंबे समय से क्यूबा हाईजैकरों के लिए पसंदीदा ठिकाना बना हुआ था.
1960 के दशक की शुरुआत में, ढेरों अमरीकी मोहभंग होने और कम्यूनिस्ट आदर्श को नहीं स्वीकार किए जाने के चलते क्यूबा की फिडेल कास्त्रो की क्रांति के चलते वहां चले गए थे. इस द्वीप से अमरीकी जहाज उड़ान नहीं भरा करते थे, ऐसे में हाईजैकिंग के जरिए वहां जाया जा सकता था. अमरीकी विमान के हाईजैकरों का कास्त्रो के यहां स्वागत होता था, इससे एक ओर तो वे अपने दुश्मन देश को शर्मसार करते थे और बाद में जहाज की वापसी के लिए पैसों की मांग भी करते थे.
1961 के तीन महीने में विमानों के हाईजैकिंग का सिलसिला शुरू हुआ था. एक मई, 1961 को अंतूलियो रेमिरेज ऑर्टिज ने नेशनल एयरलाइंस की मियामी से फर्जी नाम से उड़ान पकड़ी. उन्होंने एक चाकू के सहारे कैप्टन को धमका कर जहाज पर नियंत्रण हासिल कर लिया. उन्होंने विमान को क्यूबा ले जाने की मांग की थी, अंतूलियो कास्त्रो को चेतावनी देना चाहते थे कि उनकी हत्या की योजना बनाई जा रही है, जो पूरी तरह से उनकी अपनी कल्पना पर आधारित था.
इसके अगले दो महीनों में दो और विमानों का हाईजैक किया गया. ब्रैंडन आई कोर्नर ने अपनी किताब द स्काईज बिलांग टू अस- लव एंड टेरर इन द गोल्डन एज ऑफ हाइजैकिंग में लिखा है कि अगले 11 साल में अमरीका में 159 व्यवसायिक उड़ानों को हाईजैक किया गया.

विमान को हाईजैक करके क्यूबा ले जाने का चलन इतना सामान्य हो गया था कि इसके बारे में ब्रैंडन आई कोर्नर ने अपनी किताब में लिखा है, "एक समय ऐसा आ गया था जब अमरीकी एयरलाइंस के कैप्टनों को कैरेबियन द्वीर समूह का नक्शा और स्पेनिश भाषा की गाइड्स दी जाती थी कि क्या पता उन्हें हवाना की उड़ान भरनी पड़ जाए. इतना ही नहीं फ्लोरिडा एयर ट्रैफिक कंट्रोलर्स और क्यूबा के बीच एक सीधी फोन लाइन स्थापित की गई. ये भी प्रस्ताव रखा गया था कि हवाना एयरपोर्ट की नकल वाला एक एयरपोर्ट फ्लोरिडा में बनाया जाए ताकि विमान को बंधक बनाने वाले लोगों को मूर्ख बनाया जाए और वे सोचने लगें कि विमान क्यूबा पहुंच गया है."
इतनी बड़ी संख्या में हाईजैकिंग इसलिए हो पाए थे क्योंकि उस जमाने में एयरपोर्ट पर सुरक्षा की पर्याप्त व्यवस्था नहीं हुआ करती थी. उस वक्त यात्रियों के सामान की जांच करने की जरूरत इसलिए भी नहीं समझी जाती थी क्योंकि हाईजैकिंग की शुरुआत से पहले किसी की वजह से किसी को कभी मुश्किल नहीं हुई थी.
हाईजैकिंग की शुरुआत के बाद भी कई सालों तक यात्रियों के सामानों की जांच नहीं होती थी क्योंकि एयरलाइन कंपनियों को डर था कि इससे उनके यात्रियों को बुरा अनुभव होगा और यात्रियों की संख्या में कमी आ सकती है.
लॉस एंजलिस इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर 1960 के दशक में टीडब्ल्यूए के गेट एजेंट रहे जॉन प्रॉक्टर बताते हैं, "हम अलग ही दुनिया में रह रहे थे. तब लोग हवाई जहाज को उड़ाते नहीं थे. वे विमान का हाईजैक कर भी लेते थे तो ज्यादा से ज्यादा क्यूबा जाना चाहते थे, वे हवाई जहाज को उड़ाने की कोशिश नहीं करते थे."

बाद में इसका पता चला था कि राफेले मिनिचिलो ने अपनी रायफल को टुकड़ों में अलग करके एक ट्यूब में भरकर टीडब्ल्यूए में लेकर आए थे. फिर उन्होंने उसे बाथरूम में बाहर निकलकर बंदूकर तैयार कर लिया. प्रॉक्टर बताते हैं कि विमान के अंदर तक बंदूक लाना बहुत आसान रहा होगा क्योंकि गेट एजेंट केवल बैकपैक को वजन किया करते थे उसकी जांच नहीं करते थे.
जिस समय टीडब्ल्यूए 85 को हाईजैक किया गया, समाचार एजेंसी एपी की उस दौर की एक रिपोर्ट के मुताबिक 1969 में उस समय तक 54 विमानों को हाईजैक किया जा चुका था. यानी हर छह दिनों में एक विमान को हाईजैक हो रहा था. बावजूद इसके किसी भी हाईजैक विमान को अब तक किसी दूसरे महाद्वीप पर ले जाना संभव नहीं हुआ था.
उधर चालक दल को अपने घबराए हुए यात्री से मिश्रित संदेश मिल रहे थे- वह न्यूयार्क जाना चाहता था या फिर रोम. अगर उसका ठिकाना न्यूयार्क होता तो भी एक समस्या थी- जहाज में ईंधन सैन फ्रांसिस्को तक ही उड़ान भरने जितना था यानी ईंधन के लिए विमान को कहीं और भी उतरना होता और अगर ठिकाना रोम होता तो इससे भी बड़ी मुश्किल सामने थी, चालक दल के किसी सदस्य के पास अंतरराष्ट्रीय उड़ान की पात्रता नहीं थी.
इस बीच कैप्टन कुक को केबिन में आकर यात्रियों से बातचीत करने की अनुमति मिल गई थी. उन्होंने यात्रियों से कहा, "अगर आप लोगों ने सैन फ्रांसिस्को के लिए कोई योजना बनाई हो तो उसे रद्द कर दीजिए क्योंकि हम लोग न्यूयार्क जा रहे हैं."
कुछ देर की बातचीत के बाद, मिनिचिलो ने कैप्टन को विमान डेनवर में उतारने की इजाजत दे दी ताकि पूर्वी तट तक पहुंचने लायक ईंधन लिया जा सके. कोलोराडो के ऊपर से कुक ने ट्रैफिक कंट्रोल को पहली बार बताया कि विमान हाईजैक हो चुका है.

इसके बाद मिनिचिलो ने अपनी योजना फिर से बदली- वह 39 यात्रियों को डेनवर में विमान से उतारने के लिए तैयार हो गया लेकिन उसने एक फ्लाईट अटेंडेंट को विमान में रखने के लिए जोर डाला. विमान में कौन अटेंडेंट रुके, इसके लिए थोड़ी चर्चा भी हुई. मिनिचिलो डेलमोनिको को रोकना चाहता था, उन्होंने डेलमोनिको को ही गनप्वाइंट पर लेकर कॉकपिट का दरवाजा खुलवाया था. जबकि कैप्टन कुक रॉबर्टा जॉनसन को रोकना चाहते थे क्योंकि चारों अटेंडेंट में वे जॉनसन को सबसे ज्यादा जानते थे.
डेलमोनिको ने विमान में सवार सभी यात्रियों का विवरण लिखना शुरू किया तभी ट्रैसी कोलमैन कॉकपिट में चालक दल के लिए कॉफी लेकर पहुंचीं थी. जब वह वहां से निकलने लगीं तब उन्होंने डेलमोनिको से कहा, "मैं जाना चाहती हूं."
कोलेमैन का ब्वॉयफ्रेंड न्यूयार्क में रहता था, कोलेमैन के मुताबिक वह वहां उससे मिलना चाहती थी. लेकिन डेलमोनिको को अंदाजा था कि न्यूयार्क विमान का अंतिम ठिकाना नहीं हो सकता. उन्होंने कोलमैन से कहा, "तुम कोई न्यूयार्क में ठहरने नहीं जा रही हो. वह वहां रूकेगा नहीं. अगर वह वहां रुकेगा तो बाहर निकलने पर उसे गिरफ्तार कर लिया जाएगा. वह कहीं और जाएगा, कहां जाएगा यह मैं नहीं जानती लेकिन वह कहीं और जाएगा."
इस हाईजैकिंग के बाद कोलेमैन ने टीडब्ल्यूए स्काइलाइनर मैग्जीन को दिए इंटरव्यू में बताया था कि वह जानती थी कि उसने क्या दांव पर लगा दिया था. उन्होंने कहा था, "यह केवल इसलिए नहीं था कि मैं न्यूयार्क तक जाना चाहती थी. बल्कि मुझे डर इस बात का था कि अगर एक फ्लाइट अटेंडेंट विमान पर नहीं रही तो वह डेनवर में यात्रियों को रिहा करने से इनकार कर सकता है."

उधर मिनिचिलो ने ये मांग रखी कि प्लेन के उतरते ही डेनवर के स्टेपेलटन इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर सभी लाइट्स बंद कर दिए जाएं. उनके मुताबिक़ वे कोई सरप्राइज नहीं चाहते थे और उन्होंने वादा किया कि अगर कोई मुश्किल नहीं पेश आई तो वे सभी यात्रियों को रिहा कर देंगे.
हालांकि यह भी दिख रहा था कि मिनिचिलो धीरे धीरे शांत हो रहे थे. वे काफी हद तक एडजस्ट करने वाले हाईजैकर साबित हो रहे थे. टीडब्ल्यूए के पायलट लेकिन छुट्टियों पर यात्रा कर रहे जिम फिंडले जब बाहर निकलने पर हुए तब उन्हें याद आया कि हॉन्गकॉन्ग में खरीदी हैलोवीन की ड्रेस अंदर ही रह गई है. उन्होंने मिनिचिलो से पूछा कि क्या वे प्लेन के अंदर जाकर ड्रेस ले सकते हैं, तब मिनिचिलो ने विनम्रता से जवाब दिया, "निश्चित तौर पर."
जब सभी यात्री विमान से नीचे आए तब सर्द और धुंध भरा मौसम था और सूर्य उगने में अभी दो घंटे का वक्त बाकी था. इन लोगों की मुलाकात ओवरकोट पहने एक सख्त चेहरे वाले एफबीआई एजेंट से हुई. जहाज से रिहा होने की राहत इन सबके चेहरे पर मौजूद थी, इन्हें टर्मिनल में एक अंधेरे कॉरिडोर के रास्ते से ले जाया गया. आखिर में एक कमरा था, जहां कई एफबीआई एजेंट मौजूद थे, जो बेहद कम समय के नोटिस पर एयरपोर्ट पहुंचे थे. ये सब लोग 39 यात्रियों और तीन फ्लाइट अटेंडेंट के बयान दर्ज करने का इंतजार कर रहे थे.

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हार्पर्स बिजायर बैंड के सदस्यों को अपने मैनेजर की एक बात याद थी. उनके मैनेजर ने एक बार कहा था कि अगर कभी किसी मुश्किल में फंस जाओ तो हर हाल में सबसे पहले मैनेजर को ही फोन करना, पुलिस स्टेशन और अस्पताल जाने से भी पहले. बैंड के सदस्य जैसे ही टर्मिनल पर पहुंचे, उन्होंने सबसे पहले यही किया, हालांकि जहां उनका मैनेजर मौजूद था वहां आधी रात का वक्त था.
उनकी इस तरकीब का असर हुआ, जब उन्होंने अपना कथन दे दिया, तब वे दूसरे कमरे में पहुंचे जहां कैमरा की फ्लेश लाइट की रोशनी ने उनका स्वागत किया, रिपोर्टर बैंड्स का नाम पुकार रहे थे और उनकी फोन की घंटियां लगातार बज रही थीं क्योंकि अमरीका के तमाम न्यूज प्रकाशन उनकी कहानी जानना चाहते थे. डिक स्केपेपेटोने ने बीबीसी से कहा, "यह हमारे लिए सबसे अच्छा प्रचार साबित हुआ था."
वहां जुटे फोटोग्राफर, दीवारों का सहारा लिए थके हुए यात्रियों की तस्वीर उतार रहे थे. दूसरे यात्री मुस्कुराते हुए जो कुछ घटा था उसे बता रहे थे. तीनों फ्लाइट अटेंडेंट ने एफबीआई को अपना बयान दर्ज कराया. चार्लेनी डेलमोनिको ने हाथ से लिखे 13 पन्ने जमा कराए थे.
दिन भर इंटरव्यू का दौर चलने के बाद, देर शाम में तीनों फ्लाइट अटेंडेंट को कनसास सिटी में घर जाने का मौका मिला. टीवी चैनल लगातार इस खबर को अपडेट कर रहे थे क्योंकि हाईजैक की स्थिति बनी हुई थी.
बिना नींद के पूरा दिन गुजारने के बाद डेलमोनिको अपने घर में थीं, शाम में उनका टेलिफोन बजा. एफबीआई के एजेंट पूछ रहे थे कि क्या वे अभी मिलने आ सकते हैं? रात के 11 बजे वे आए और उनके हाथ में एक फोटो थमाई. यह तस्वीर राफेले मिनिचिलो की थी, डेलमोनिको ने कहा कि यह वही है.
इस चेहरे से डेलमोनिको की मुलाकात एक बार फिर 40 साल बाद हुई.

डेनवर से तीन घंटे की उड़ान शांतिपूर्ण ढंग से पूरी हुई. मिनिचिलो फर्स्टक्लास कंपार्टमेंट में बैठे थे और उनके पास में बंदूक रखी हुई थी. वे शांत नजर आ रहे थे. उन्होंने अपने लिए एक असमान्य कॉकटेल ड्रिंक बनाई- कनाडाई क्लब विहस्की और जिन को मिलाकर. टीडब्ल्यूए 85 में अब केवल पांच लोग सवार थे- कैप्टन कुक, फर्स्ट ऑफिसर वेंजेल विलियम्स, फ्लाइट इंजीनियर लॉयड होलाराह, फ्लाइट अटेंडेंट ट्रैसी कोलेमैन और हाईजैकर खुद.
प्लेन सुबह में जॉन एफ कैनेडी एयरपोर्ट पर लैंड हुआ और उसे टर्मिनल्स से काफी दूर पार्क किया गया. डेनवर की तरह ही, कॉकपिट से आदेश दिया गया कि विमान की ओर कम से कम आदमी आएं. लेकिन यहां एफबीआई पूरी तैयारी के साथ थी. वह हाईजैकर को रोकने की तैयारी के साथ थी, वह हर हाल में इस चलन की शुरुआत नहीं होने देना चाहती थी कि हाईजैकर घरेलू उड़ान को हाईजैक करके किसी दूसरे महाद्वीप में ले जाए. टीडब्ल्यूए 85 के नज़दीक करीब 100 एजेंट इतंजार कर रहे थे, कई तो मैकेनिक की वेशभूषा में थे ताकि विमान में घुसा जा सके.
विमान के लैंड होने के कुछ ही मिनटों में, जब ईंधन भरा जाना शुरू ही होने वाला था, एफबीआई एजेंटों ने विमान की ओर बढ़ना शुरू किया. हालांकि कॉकपिट के विंडो से कुक एक एजेंट से बात कर रहे थे, वह एजेंट मिनिचिलो से बात करना चाहता था और इसके लिए उन्हें विंडो के नजदीक बुला रहा था लेकिन मिनिचिलो इसके लिए तैयार नहीं हुए.

वेंजेल विलियम्स ने इस घटना के 50 साल पूरे होने पर बीबीसी से कहा, "राफेले मिनिचिलो गलियारे में इधर से उधर दौड़ रहे थे ताकि एजेंट लोग विमान के अंदर नहीं झांक पाएं. उन्हें लग रहा था कि अगर वे विंडो के पास गए तो उन्हें गोली मार दी जाएगी."
कैप्टन की एक आंख अपने यात्री पर थी, उन्होंने एजेंट को चेतावनी दी कि वे लोग प्लेन से दूर रहें. इसके तुरंत बाद ही गोली चलने की आवाज़ आयी.
इस घटना की जो स्वीकृत दस्तावेज हैं उसके मुताबिक मिनिचिलो का इरादा गोली चलाने का नहीं था. आक्रामक स्थिति में, कॉकपिट दरवाजे़ के ठीक बाहर, उनकी ऊंगली रायफल की ट्रिगर पर दब गई थी.
गोली छत से पार निकल कर ऑक्सीजन टैंक से टकराती है, लेकिन टैंक में छेद नहीं कर पाई और ना ही विमान के मुख्य धड़े में प्रवेश किया. अगर यह विमान के मुख्य धड़े में प्रवेश कर जाती तो प्लेन उड़ान नहीं भर पाता. अगर यह ऑक्सीजन टैंक में छेद कर देती तो विस्फोट होता और ना तो प्लेन बचता, ना ही हाईजैकर और चालक दल.
हालांकि गोली गलती से चली थी लेकिन इससे चालक दल के सदस्यों की कंपकंपी छूट गई. उन्हें याद आया कि उनका जीवन दांव पर लगा हुआ है.
कैप्टन कुक इस बात को लेकर निश्चिंत थे कि गोली उद्देश्य के तहत चलाई गई है, इसलिए वे विंडो से एजेंट पर चिल्लाने लगे, उसे उलाहना देने के अंदाज में कहा कि विमान बिना ईंधन भरे तुरंत उड़ान भरने जा रहा है.


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इस बीच टीडब्ल्यूए के दो कैप्टन बिली विलियम्स और रिचर्ड हैस्टिंग्स, जिन्हें 24 साल का अनुभव तो था ही साथ में अंतरराष्ट्रीय उड़ान भरने की अनुमति भी थी, ने एफबीआई एजेंटों के बीच में से जगह बनाते हुए विमान में सवार हो गए. विमान से कोई उतरा नहीं.
कुक ने बाद में न्यूयार्क टाइम्स से कहा, "एफबीआई की जो योजना थी उससे पूरा चालक दल मारा जाता. हम उसके साथ छह घंटे से थे. इस दौरान हमने उन्मत पागल युवा को काफी हद तक शालीन और बुद्धिमान युवक के तौर पर वापस तब्दील कर दिया था, जो काफी मजाकिया स्वभाव का भी था. फिर ये मूर्ख लोग आ गए, गैर जिम्मेदाराना व्यवहार करते हुए वे अपना मन बना कर आए थे कि किस तरह से इस युवा को हैंडल करना है. जबकि उनके पास कोई सूचना नहीं थी. हम लोगों ने छह घंटे में जो भरोसा जीता था वह सब पूरी तरह नष्ट हो गया."
अब विमान में दो नए पॉयलट सवार थे, जो हाईजैकर के साथ मजाक के मूड में बिलकुल नहीं थे, उन्होंने विमान की कमान संभाल ली. मिनिचिलो ने हर किसी को कॉकपिट में सिर पर हाथ रखकर रहने को कहा.
विमान ने तेजी से उड़ान भरी, हालांकि उसमें रोम तक पहुंचने के लिए ईंधन नहीं था.

न्यूयार्क हवाई अड्डे से उड़ान भरने के 20 मिनट के बाद, गोली से छत में हुई छेद के साथ विमान में तनाव कम हुआ.
ऐसा कुक की वजह से हुआ जो मिनिचिलो को ये समझाने में कामयाब रहे कि कैनेडी एयरपोर्ट पर जो कुछ भी हुआ उसके लिए चालक दल जिम्मेदार नहीं है.
वहां जो भी हुआ उसके चलते विमान में ईंधन नहीं भरा जा सका था. इसलिए एक घंटे के अंदर टीडब्ल्यूए 85, अमरीका के उत्तरी पूर्वी सीमा पर स्थित बैंगोर, माइने में उतरा. वहां विमान ने अटलांटिक महासागर को पार करने के हिसाब से पर्याप्त ईंधन ले लिया. तब तक दोपहर का वक्त हो गया था. इस विमान के हाईजैक होने और न्यूयार्क में हुए ड्रामे को अमरीकी मीडिया में पर्याप्त जगह मिल चुकी थी. इसलिए बैंगोर के इंटरनेशनल एयरपोर्ट टर्मिनल्स पर फोटोग्राफरों और रिपोर्टरों की भीड़ जमा थी.
प्रेस के लोग विमान से पर्याप्त दूरी पर रहें इसके लिए 75 पुलिस अधिकारियों को तैनात थे. इस बार डर यह था कि लोगों को आसपास देखकर हाईजैकर फिर से गुस्से में ना आ जाए.
एयरपोर्ट पर होने वाले गतिविधियों को देखने के लिए सैकड़ों लोग अपनी कारों से एयरपोर्ट आ गए थे. हालांकि इन लोगों को टर्मिनल से आधी मील पहले ही रोक लिया गया था. वैसे मिनिचिलो ने विमान से ही देख लिया कि पड़ोस की इमारत से दो लोग विमान पर नजर रखे हुए हैं. कुक उड़ान भरने के लिए उत्सुक थे, उन्होंने कंट्रोल टॉवर को रेडियो संदेश भेजा, "आप लोग जल्दबाजी में हैं. वह कह रहा है कि वह उस इमारत पर गोलियां चलाने जा रहा है, अगर वहां से लोग नहीं हटे तो." दोनों लोग तेजी से वहां से हट गए.

अब विमान इंटरनेशनल एयरस्पेस में आने वाला था, लिहाजा विमान के चालक दल में एक तरह से एकजुटता का भाव उत्पन्न हो चुका था, आख़िर हाईजैकर के साथ वे बीते नौ घंटे से विमान में थे. विमान के अंदर वे मिनिचिलो को खुश रखने की कोशिश जरूर कर रहे थे लेकिन चालक दल के सदस्यों को अपने जीवन का डर भी सता रहा था.
चूंकि विमान में नए पायलटों ने कमान संभाल ली थी, लिहाजा कुक फर्स्ट क्लास कंपार्टमेंट में आकर मिनिचिलो के पास बैठ गए. दोनों एक दूसरे को अपनी अपनी कहानियां सुनाने लगे. कुक ने अमरीकी एयरफोर्स के साथ एयर ट्रैफिक कंट्रोलर के तौर पर बिताए गए समय को याद किया. दोनों के बीच में रायफल आराम की मुद्रा में थी लेकिन किसी भी वक्त कुक ने उस पर कब्जे की कोशिश नहीं की क्योंकि ज्यादातर वक्त यही डर था कि पता नहीं मिनिचिलो की प्रतिक्रिया क्या होगी.
मिनिचिलो, कुक से बार बार यह पूछते रहे कि क्या वह शादीशुदा है? कुक वैसे तो कंवारे थे लेकिन उन्होंने कह दिया कि वे शादीशुदा हैं. कुक ने बाद में न्यूयार्क टाइम्स से कहा, "ऐसा बताना अच्छा रहा." कुक ने संभवत यह मान लिया था कि बंदूक लिए चिड़चिड़ा आदमी, परिवार वाले चालक दलों के लिए कम हानिकारक साबित होगा.
उन्होंने न्यूयार्क टाइम्स से ये भी बताया था, "उन्होंने मुझसे ये भी पूछा कि मेरे कितने बच्चे हैं? मैंने बता दिया कि एक बच्चा है. फिर उसने चालक दल के अन्य सदस्यों के बारे में पूछा. मैंने कहा कि सब शादीशुदा हैं." जबकि हकीकत यह थी कि चार सदस्यों में केवल एक सदस्य शादीशुदा था.
अटलांटिक महासागर को पार करने के दौरान ट्रैसी कोलेमैन ने भी मिनिचिलो से बातचीत शुरू कर दी थी. ट्रैसी पहली बार अमरीका से बाहर उड़ान भर थीं, पहली बार ऐसी उड़ान में थी जो चार घंटे से ज्यादा समय की हो चुकी थी. मिनिचिलो ने ट्रैसी को कार्ड गेम्स भी सिखाए.

बाद में ट्रैसी ने याद किया था कि 'मिनिचिलो से बात करना बेहद सहज था.' इस दौरान मिनिचिलो ने ये भी बताया कि उनका परिवार अमरीका आ गया था और उन्हें अमरीका में थोड़ी सैन्य मुश्किल भी हुई थी और अब वह अपने घर इटली लौटना चाहता है. ये बातें कोलेमैन ने एक एयरलाइन इंडस्ट्री मैगजीन को बताई थीं.
बैंगोर से आयरलैंड की पश्चिमी सीमा पर स्थित शैनोन हवाई अड्डे की छह घंटे की उड़ान के दौरान कोलेमैन थोड़ी देर सो भी गईं. मध्य रात्रि में टीडब्ल्यूए 85 एक बार फिर से ईंधन लेने के लिए शैनोन हवाई अड्डे उतरा. विमान पर सवार दूसरे लोग भी थोड़ी नींद ले सके थे.
वेंजेल विलियम्स ने याद करते हुए कहा था, "हमें उसकी जरूरत थी."हालांकि विमान में खाने के लिए कुछ नहीं था सिवाए बॉल्टीमोर से लॉस एंजलिस की उड़ान में कुछ कप वाले केक बचे हुए थे. विलियम्स ने बीबीसी को बताया, "खाना कोई मसला नहीं था. जब आप गन प्वाइंट पर हों तो बाकी सारे मसले पीछे छूट जाते हैं."
टीडब्ल्यूए 85 के आयरलैंड पहुंचते ही समय क्षेत्र बदल गया, 31 अक्टूबर का दिन 1 नवंबर हो गया, मिनिचिलो का 20वां जन्मदिन आ गया, लेकिन किसी ने सेलिब्रेट नहीं किया.
आयरलैंड के एयरपोर्ट पर आधे घंटे तक खड़े रहने के बाद टीडब्ल्यूए 85 ने एक बार फिर से उड़ान भरी, अब 11 हज़ार किलोमीटर लंबी यात्रा का यह आख़िरी चरण था.

सुबह में टीडब्ल्यूए 85 ने रोम के फ्यूमिसिनो एयरपोर्ट का चक्कर लगाया. मिनिचिलो ने एक और मांग रखी- विमान को टर्मिनल से दूर पार्क किया जाए और वह बिना शस्त्र वाले पुलिस अधिकारी से मिलेंगे. अब यह हाईजैक खत्म होने वाला था, करीब साढ़े 18 घंटे पहले यह सेंट्रल कैलिफोर्निया के आसमान से शुरू हुआ था. न्यूयार्क टाइम्स ने उस वक्त लिखा था, "यह विश्व की सबसे आकर्षक और लंबे समय तक चली हाइजैकिंग है."
विलियम्स के मुताबिक उड़ान के आखिरी मिनटों में हाईजैकर ने चालक दल को विमान लैंड करने के बाद होटल ले चलने का प्रस्ताव दिया था जिसे चालक दल ने विनम्रता से अस्वीकार कर दिया था. मिनिचिलो को यह डर भी था कि चालक दल को सजा भी मिलेगी क्योंकि जब उन लोगों ने बंदूक चुराने का मौका मिलने के बाद भी ऐसा नहीं कर पाए.
मिनिचिलो ने कैप्टन कुक से कहा, "मैंने आप लोगों को काफी कष्ट दिया है." कैप्टन कुक ने जवाब दिया, "कोई बात नहीं, हम लोगों ने इसे पर्सनली नहीं लिया है."
पांच बजे सुबह के बाद, एयरपोर्ट पर एक अकेली अल्फा रोमियो कार विमान की ओर बढ़ती दिखाई दी. इसमें से पेएत्रो गुली निकले, जो डिप्टी कस्टम अधिकारी थे. उन्होंने खुद ही हाईजैकर से मिलने की पेशकश की थी. उन्होंने हाथ ऊपर किए विमान में कदम रखा और मिनिचिलो उनसे मिलने बाहर निकले.

मिनिचिलो ने विमान से निकलते वक्त कैप्टन से कहा, "इतने लंबे समय तक मैंने आप लोगों को जो भी कष्ट दिया, उसका मुझे खेद है." मिनिचिलो ने कुक से कानसास सिटी का उसका पता नोट किया ताकि अलग होने के बाद की घटनाओं के बारे में वह उन्हें लिख पाए.
दोनों आदमी उतरकर कार की ओर बढ़ चले. मिनिचिलो के हाथ में अभी भी रायफल थी. फर्स्ट आफिसर वेंजेल विलियम्स के मुताबिक विमान चालक दल के सभी छह सदस्यों ने पूरी तरह से राहत महसूस की. अब वे एक बार से फिर से आजाद थे. लेकिन सबने यह उम्मीद जताई हाईजैकिंग का अगल चरण मिनिचिलो और उनके नए बंधक के लिए सुरक्षित खत्म हो.
लॉस एंजलिस, डेनवर, न्यूयार्क, बैंगोर, शैनोन और रोम के बाद अब एक ही ठिकाना बचा हुआ था. मिनिचिलो ने पिएत्रो गुली से कहा कि मुझे नेपल्स ले चलो. वह अपने घर पहुंचना चाहते थे.
चार पुलिस कारें अल्फा रोमियो के पीछे थीं और अधिकारियों की आवाज़ गुली के रेडियो पर गूंज रही थी. मिनिचिलो पिछली सीट पर बैठे थे, उन्होंने रेडियो का स्विच बंद किया था और खुद से निर्देश देने लगे कि कहां चलना है.
रोम के करीब छह मील दूर बाहरी हिस्से में पीछा करती कारों को चकमा देने के लिए अल्फा रोमियो पतली गलियों में प्रवेश कर गई, जो लगातार संकरी होती जा रही थी. एक वक्त ऐसा आया जब रास्ता बंद हो गया और तब दोनों ने कार से बाहर कदम रखा. मिनिचिलो को महसूस हुआ कि अब कुछ ही विकल्प बचे हुए हैं वह घबराहट में तेजी से भाग निकला.


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टीडब्ल्यूए 85 के लॉस एंजलिस छोड़ने करीब 23 घंटे बाद मिनिचिलो की यात्रा पूरी हुई. ऐसा केवल इस हाईजैकिंग को मिली पब्लिसिटी के चलते संभव हो पाया. रोम के पहाड़ी इलाकों में सैकड़ों पुलिस अधिकारी, कुत्तों और हेलिकाप्टरों के सहारे मिनिचिलो को पांच घंटे से ज्यादा समय तक तलाशते रहे. लेकिन आखिरकार उसे एक पादरी ने तलाशा.
एक नवंबर शनिवार का दिन था, इस दिन को पादरियों के लिए ऑल सेंट्स डे के तौर पर मनाने की परंपरा रही है. सेंक्चुयरी ऑफ डिवाइन लव चर्च में सुबह सुबह भीड़ थी. अच्छे कपड़े पहने लोगों की भीड़ में मिनिचिलो गंजी और शार्ट्स पहने थे और अलग ही दिख रहे थे.
मिनिचिलो ने चर्च में पनाह लेने से पहले अपने फौजी कपड़ों और रायफल को छुपा दिया था. लेकिन अब तक उनका चेहरा मशहूर हो चुका था और इसके चलते ही चर्च के उप पादरी डॉन पास्कले सिला ने उन्हें पहचान लिया.
जब पुलिस ने चर्च में मौजूद मिनिचिलो को बाहर से पूरी तरह घेर लिया तब वह एकदम हक्के बक्के रह गए थे. उन्होंने ये भी पूछा कि था, "मेरे अपने लोग, मुझे क्यों गिरफ्तार कर रहे हैं?" उनके इस हाव भाव को संवाददाताओं ने युवा अपराधी का अहंकार बताया था.
कुछ घंटे बाद संवाददाताओं से बात करते वक्त भी मिनिचिलो का अंदाज कुछ ऐसा ही था. रोम पुलिस स्टेशन में संक्षिप्त पूछताछ के बाद उसके हाथ खुले हुए थे.
एक संवाददाता ने उनसे पूछा कि आपने ऐसा क्यों किया? तो उनका जवाब था, "मैं नहीं जानता." एक दूसरे संवाददाता ने जब हाईजैक किए गए विमान के बारे में पूछा तो उन्होंने घबराई हुई आवाज में कहा, "क्या विमान? मैं नहीं जानता आप किस बारे में बात कर रहे हैं."

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हालांकि एक अन्य इंटरव्यू में मिनिचिलो ने हाईजैक करने की असली वजहों के बारे में बताया था.
मिनिचिलो की गिरफ्तारी की खबर तक दुनिया भर में फैल गई थी. ओटिस टर्नर कैलिफोर्निया स्थित मैरीन बैरक की मेस में नाश्ते के लिए बैठे थे. तभी कोने में रखे टेलिविजन सेट पर हाईजैक की खबर आने लगी और इटली में हाईजैक करने वाले को पकड़ने के लिए अभियान की खबर भी थी.
टर्नर ने बीबीसी को बताया, "तभी उन्होंने राफेले की तस्वीर दिखाई. मैं तो गिरते गिरते बचा." मिनिचिलो और टर्नर, वियतनाम में एक ही सैन्य टुकड़ी में तैनात थे. टर्नर बताते हैं, "मैं तो पहले कंफ्यूज हो गया. लेकिन जब मैंने बाद में सोचना शुरू किया तब मुझे ध्यान आया कि उसकी कुछ मुश्किलें थीं और अब वही सब इक्ट्ठे होकर बाहर निकली हैं."
जब ये हाईजैकिंग हुई थी, तब अमरीकी सैन्य बलों को वियतनाम की जमीन पर पहुंचे साढ़े चार साल हो चुके थे और सैगन की हार में अभी भी पांच साल का वक्त बचा हुआ था. हालांकि अमरीका को अपने मिशन के पूरी तरह नाकाम होने के बाद वियतनाम छोड़ना पड़ा था. इस संघर्ष में 58 हजार अमरीकी सैनिक और लाखों वियतनामी (जिसमें सैनिक और नागरिक) मारे गए थे.
1969 के आखिरी महीनों में अमरीका के अंदर इस युद्ध को लेकर विरोध चरम पर था. वियतनाम के साथ युद्ध को रोकने के लिए करीब बीस लाख लोगों ने प्रदर्शन किया था- इसे अमरीकी इतिहास के सबसे बड़े विरोध प्रदर्शन के तौर पर रिपोर्ट किया जाता है- यह हाईजैकिंग से दो सप्ताह पहले हुआ था.

इस युद्ध में शामिल होने वाले युवाओं के नामों की लॉटरी निकलने में अभी एक महीने का वक्त था. लेकिन इससे पहले हजारों युवा युद्ध के लिए वॉलेंटियर कर चुके थे. इन युवाओं को यह लग रहा था कि उत्तरी वियतनाम में कम्युनिस्टों के खिलाफ युद्ध सही है. राफेले मिनिचिलो उनमें एक थे.
मई 1967 में, 17 साल की उम्र में मिनिचिलो सिएयटल को छोड़ा था. वहां वे अपने परिवार के साथ रहते थे, जो परिवार इटली में 1962 में आए भूकंप के बाद यहां पहुंचा था. वे सैन डियेगो गए ताकि मैरीन सैन्य टुकड़ी में शामिल हो पाएं. जो लोग मिनिचिलो को जानते थे उनके लिए यह अचरज की बात नहीं थी क्योंकि वह बचपन से जिद्दी थे और लड़ाई झगड़े को लेकर थोड़े उत्साही भी.
मिनिचिलो मुश्किल से अंग्रेजी बोल पाते थे. स्कूल की कक्षा के साथी नियोपेलिटन एक्सेंट (नेपल्सवासियों के उच्चारण का अंदाज) के लिए मिनिचिलो को छेड़ा करते थे, इसके चलते उन्होंने स्कूल की पढ़ाई बीच में ही छोड़ दी. इसके साथ ही कॉमर्शियल पायलट बनने का उनका सपना पूरा नहीं हो पाया. लेकिन उन्हें अपने अपनाए गए नए देश पर गर्व पर था और वे देश के लिए युद्ध में हिस्सा लेना चाहते ताकि उन्हें पूरी तरह से अमरीकी नागरिक मान लिया जाए.


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ओटिस टर्नर उसी वक्त वियतनाम पहुंचे थे जब मिनिचिलो पहुंचे थे. दोनों एक ही मैरीन पलटन की अलग अलग टुकड़ी में तैनात थे. शुरुआती महीनों में दोनों की भूमिका ग्रंटस यानी जंगल से भरे पहाड़ी इलाके में सबसे आगे की लाइन में तैनात सैनिकों की थी जिन्हें कम्यूनिस्ट सैन्य बल से लड़ना था.
आयोवा में रहने वाले टर्नर बताते हैं, "आपको कोई भी बता देगा कि मैरीन सैन्य टुकड़ी के लिए यह सबसे मुश्किल काम होता है. मानसून के मौसम में हम 49 डिग्री सेल्सियस तापमान में रह रहे थे. यह भयावह था."
अब जब टर्नर जब पीछे मुड़कर देखते हैं तो उस वक्त उन्होंने जो किया था उसको लेकर शर्मिंदगी का भाव दिखता है. उनका मिशन कितना क्रूरता से भरा था, इसके बारे में वे खुद बताते हैं, "जब से हमने मैरीन सैन्य टुकड़ी को ज्वाइन किया था तब से हमें केवल मारना, मारना सिखाया गया था. वे हमसे केवल यही चाहते थे. शुरुआती ट्रेनिंग में भी उन्होंने यही बात हमारे अंदर भर दी थी."
मिनिचिलो की भूमिका ने उन्हें उस आग में झोंक दिया, जिसमें उनके करीबी दोस्तों की मौत हो गई थी और कई दूसरे खतरे में थे. अब टर्नर के सामने इन लोगों को बचाने की चुनौती थी. उन्हें क्रास गैलेंटरी अवार्ड से सम्मानित किया था, यह युद्ध में बेहतरीन शौर्य दिखाने वाले सैनिकों को दक्षिण वियतनाम सरकार द्वारा दिया जाने वाला सम्मान था.

लेकिन अमरीका में रोजमर्रा के जीवन से तालमेल बिठाना मुश्किल होता जा रहा था. टर्नर ने बीबीसी को बताया, "यहां फिर से समूह बनाने का कोई विकल्प नहीं था ताकि आपका दिमाग और शरीर एक बार फिर से एक यूनिट के तौर पर काम कर सके."
टर्नर के मुताबिक, "किसी के पास कोई समय नहीं था, हमें केवल उन्हें मारना था और फिर यह सोचते थे कि क्या करके आए हैं. पेशवरों से मदद लेनी पड़ रही थी. ढेरों बीमार लोग थे, कंफ्यूजड लोग थे. राफेले की भी यही मनस्थिति थी. जब हमने वियतनाम छोड़ा तब हम सबकी यही स्थिति थी."
टर्नर के मुताबिक उनके और मिनिचिलो के पलटन में- कई सदस्यों को जिसमें वे खुद शामिल थे, पोस्ट ट्रॉमैटिक स्ट्रेस डिसऑर्डर (पीटीएसडी) का इलाज कराना पड़ा था. अमरीका में बुजुर्गों से संबंधित मामलों के विभाग के मुताबिक वियतनाम में तैनात लोगों में 30 प्रतिशत लोग अपने जीवन में कभी ना कभी पीटीएसडी से पीड़ित रहे थे- यानी करीब आठ लाख दस हजार लोग इसकी चपेट में रहे हैं.
राफेले मिनिचिलो का इलाज 2008 तक नहीं हुआ. वह इलाज के लिए जरूरी पात्रता को पूरा नहीं कर रहे थे क्योंकि सेना से डिस्चार्ज होते वक्त उन्हें कम मानदेय मिला था, इस फैसले को बदलने के लिए उनकी पलटन अभी भी संघर्ष कर रही है.
नेपल्स में मिनिचिलो के पिता संवाददाताओं से घिरे हुए थे- उस वक्त वे कैंसर की अंतिम स्थिति वाले मरीज थे और इटली लौट आए थे. उन्हें तुरंत पता चल गया कि किस कारण से उनके बेटे ने विमान को हाईजैक किया होगा.
लुइगी मिनिचिलो ने संवाददाताओं से कहा, "युद्ध ने उनके दिमाग में सदमे की स्थिति को पैदा कर दिया होगा. नहीं तो इससे पहले वह हमेशा समझदारी की बातें करता रहा."

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हालांकि इसके बाद विमान हाईजैक करने की दूसरी वजह भी सामने आ गई. वियतनाम में तैनाती के दौरान मिनिचिलो मैरीन सेविंग्स फंड के लिए पैसे भेजा करते थे. उन्होंने 800 डॉलर जमा किए थे. लेकिन जब वे कैलिफोर्निया स्थिति बेस कैंप पेंडलटन पहुंचे तो उन्होंने देखा कि उनके एकाउंट में 600 डॉलर जमा थे. यह इतना पैसा नहीं था कि वे अपने मरणासन्न पिता को देखने के लिए इटली जा पाते.
मिनिचिलो ने अपने वरिष्ठ अधिकारियों के सामने अपनी चिंता रखी और मांग रखी कि उनके खाते में 200 डॉलर जमा करा दिए जाएं. लेकिन उनके वरिष्ठों ने एक ना सुनी और उनकी शिकायत को खारिज कर दिया. इसके बाद मिनिचिलो ने मामले को अपने हाथों में ले लिया हालांकि वे अनाड़ी साबित हुए. एक रात उन्होंने बेस स्थित स्टोर का ताला तोड़ दिया ताकि 200 डॉलर का सामान चुरा सकें. लेकिन दुर्भाग्य यह रहा कि वे उन्होंने यह काम आठ बोतल बीयर पीने के बाद किया, जिसके चलते वे स्टोर के अंदर ही सो गए. अगली सुबह वह पकड़े गए.
टीडब्ल्यूए 85 को हाईजैक करने से एक दिन पहले उन्हें कैंप पेंडलटन में कोर्ट मार्शल के लिए पेश होना था, लेकिन जेल जाने के डर से मिनिचिलो वहां नहीं गए. वे वहां से गायब होकर पहुंच गए लॉस एंजलिस. अपने साथ उन्होंने एक चाइनीज रायफल ले ले थी, जिसे उन्होंने वियतनाम में वार ट्रॉफी के तौर पर रजिस्टर्ड कराया था.
इन सबके बाद भी मिनिचिलो इटली में हीरो के तौर पर उभरे. वहां उन्हें ऐसे युवा के तौर पर मशहूरी मिली जो अपने वतन लौटने के लिए कुछ भी कर सकता था. उन्हें वहां मुश्किलों से घिरे गनमैन या फिर यात्रियों को धमकाने वाले युवा के तौर पर चित्रित नहीं किया गया. उनके मामले की सुनवाई इटली में हुई- उनकी गिरफ्तारी के बाद अधिकारियों ने इस बात पर जोर दिया था कि उन्हें अमरीका प्रत्यार्पित नहीं किया जाएगा, वहां जाने पर उन्हें मौत की सजा हो सकती थी.
उनकी सुनवाई के दौरान उनके वकील गियूसिपे सोतगियू ने मिनिचिलो को गरीब पीड़ित शख्स बताया- एक ऐसे विदेशी युद्ध का पीड़ित गरीब इतालवी जिस युद्ध को सही नहीं ठहराया जा सकता.
वकील ने अदालत में कहा था, "मुझे भरोसा है कि इतालवी न्यायाधीश इस बात को समझेंगे और एयरक्राफ्ट और युद्ध की हिंसा वाली सभ्यता के चलते हुई घटना के लिए इन्हें माफ कर देंगे. वह सभ्यता ऐसी थी जिसने इस गरीब किसान के दिमाग पर असर डाला था."
मिनिचिलो को इटली में सजा सुनाई गई लेकिन केवल उसी अपराध की जो उसने इटालियन एयरस्पेस में किया था. इस अपराध के लिए साढ़े सात साल कैद की सजा दी गई. हालांकि बाद में अपील किए जाने पर उनकी सजा को तेजी से कम कर दिया गया और वे एक मई, 1971 को रिहा हो गए.
21 साल की उम्र में भूरे रंग के सूट में जब मिनिचिलो वेटिकन के पास मौजूद क्वीन ऑफ हेवन जेल से बाहर निकले तो फोटोग्राफरों और कैमरामैनों की भीड़ उनका इंतजार कर रही थी.
इतने लाइमलाइट मिलने के चलते मिनिचिलो आतंकित भी हो गए. उनके चेहरे की खुशी अचानक से घबराहट और चुप्पी में तब्दील हो गई. उन्होंने रिपोर्टरों से बात करना बंद कर दिया. एक संवाददाता ने उनसे पूछा था, "आपने जो किया उसके लिए आपको खेद है?" जिसका मुस्कुराते हुए मिनिचिलो ने उत्तर दिया था, "मुझे खेद क्यों होना चाहिए?"
इसके बाद उनकी मुश्किलें कम नहीं हुई. उनका करियर कभी परवान नहीं चढ़ा. न्यूड मॉडल के तौर पर करियर बनाना चाहते थे, लेकिन वह संभव नहीं हो पाया.
एक प्रॉड्यूसर ने मिनिचिलो को फिल्म सितारा बनाने का वादा किया था, लेकिन वह अपने वादों पर खरा नहीं उतरे. हालांकि कई सालों तक ये अफवाह भी रही फिल्म सिरीज़ जॉन रैम्बो का मुख्य किरदार मिनिचिलो पर आधारित था. आखिरकार रैम्बो भी वियतनाम युद्ध में हिस्सा ले चुके सैनिक का किरदार है जिसे गलत समझा गया लेकिन रैम्बो को रचने वालों ने इसे गलत बताया.
जेल से निकलने के बाद मिनिचिलो रोम में ही बस गए. वहां उन्होंने बारटेंडर की नौकरी की. इसी दौरान बार के मालिक की बेटी सेनजिआ से बात की, दोनों का एक बेटा भी है. एक समय ऐसा भी आया जब मिनिचिलो एक पिज्जा रेस्टोरेंट के मालिक था, इस रेस्टोरेंट का नाम था हाईजैकिंग.

23 नवंबर, 1980
1962 में राफेले मिनिचिलो के घरेलू शहर में आया भूकंप एक तरह से आने वाली तबाही का संदेश था. इसके 18 साल बाद दक्षिण इटली में रेक्टर स्केल पर 6.9 की तीव्रता वाल भूकंप आया. इस बार भूकंप का केंद्र, 1962 में आए भूकंप के केंद्र से महज 20 मील दूर था.
यह सत्तर सालों में इटली में आया सबसे भीषण भकूंप था. यह इरपिनो वाले इलाके में भारी तबाही लेकर आया. इस भूकंप के चलते इलाके में 4,690 लोगों की मौत हुई और करीब 20 हजार घर नष्ट हो गए. इसमें ज्यादातर घर 1962 के भूकंप के दौरान कमजोर हो चुके थे, इस बार नष्ट हो गए थे.
इसके बाद पूर्वी नेपल्स के इलाके में इतालवी लोग बड़े समूहों में पहुंचने लगे, पीड़ितों की मदद के लिए. इनमें राफेले मिनिचिलो भी शामिल थे.


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31 साल के मिनिचिलो तब रोम में ही रह रहे थे. लेकिन लोगों की मदद करने के लिए दो सप्ताह के दौरान वे तीन बार वहां पहुंचे, करीब 300 मील की दूरी तय करके. उन्होंने दिसंबर, 1980 में पीपल्स मैग्जीन को दिए इंटरव्यू में कहा था, "मैं इरपिनिया के भूकंप के बारे में सब जानता हूं. इस इलाके में मेरा जन्म हुआ था और यहीं से मेरी मुश्किल शुरू हुई थी."
अमरीकी मैरीन सैन्य टुकड़ी के दौरान पनपा अधिकारियों पर अविश्वास अभी तक उनके साथ था. उन्होंने कहा, "मेरा संस्थानों पर भरोसा नहीं है, इसलिए मैं लोगों की निजी तौर पर मदद करने आया हूं. मैं ऐसे लोगों के बारे में जानता हूं जो अपने वादे पूरे नहीं करते."
मिनिचिलो को पर्वतीय इरपिनिया में लोग पहचानने लगे थे लेकिन उनकी पहचान वैसी सेलिब्रेटी की नहीं थी जैसे 11 साल पहले टीडब्ल्यूए 85 के लैंड होने के दौरान वे हो गए थे. उस दौरान उनकी इमेज- चमकते हुए घुंघराले बाल, दाएं हाथ में सिगरेट और चेहरे पर बनावटी हंसी- दुनिया भर की पत्रिकाओं के कवर पर छपी थी.
इस भूकंप के बाद और भी ज्यादा पश्चाताप करने वाले शख्स के तौर पर मिनिचिलो उभरने लगे. उन्होंने कहा, "मैं जो था उससे अब काफी अलग हूं. मैं विमान पर सवार लोगों के साथ जो किया मुझे उसका खेद है."
वैसे मिनिचिलो की मुक्ति इरपिनिया भूकंप के साथ नहीं आई. यह कहानी बेहद अलग तरह से समाप्त हो सकती थी, अगर दूसरे हमले की उनकी योजना कामयाब हो जाती. हालांकि यह योजना हाईजैक की तुलना में बेहद औसत दर्जे की थी.


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फरवरी, 1985 में सेनजिआ गर्भवती हुई. मिनिचिलो और सेनजिया को दूसरे बच्चे की उम्मीद थी. प्रसव के समय सेनजिया को अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां सेनजिया और नवजात बच्चे दोनों की चिकित्सीय लापरवाही से मौत हो गई.
मिनिचिलो को एक बार फिर से काफी गुस्सा आया और अधिकारियों को सबक सिखाने का ख्याल आया. उन्होंने रोम में एक प्रेस कांफ्रेंस करके यह बताने कि कोशिश की चिकित्सीय लापरवाही ने उनकी पत्नी और बच्चे की जान ले ली. उन्होंने अपने एक परिचित के माध्यम से बंदूकों की व्यवस्था की ताकि हिंसक बदला लिया जा सके.
जब मिनिचिलो यह योजना बना रहे थे तब उनकी दोस्ती एक युवा साथी टोनी से हुई. टोनी उनकी पीड़ा को समझ गया था. टोनी ने मिनिचिलो का परिचय बाइबिल से कराया और उसका पाठ जोर से करने को कहा. मिनिचिलो ने टोनी की बात सुनी और समय के साथ उन्होंने अपना जीवन ईश्वर के प्रति समर्पित कर दिया. उन्होंने हमले की योजना को रद्द कर दिया.

1999 में मिनिचिलो ने हाईजैक के बाद पहली बार अमरीका लौटने का फैसला लिया. उन्हें उसी साल पता चला कि उनके खिलाफ अमरीका कोई गंभीर आपराधिक मुकदमा दर्ज नहीं है, हालांकि उनके ऐसे गायब होने की बात संज्ञान में थी. चूंकि मिनिचिलो कोर्ट मार्शल से पहले फरार हुए थे, इस वजह से उन्हें मैरीन की ओर से 'बिना सम्मान वाला'डिस्चार्ज किया गया. उनके पलटन के पुराने साथ आज भी उनके डिस्चार्ज को सामान्य बनाने की लड़ाई लड़ रहे हैं, हालांकि उन्हें अब तक कामयाबी नहीं मिली है.
उनके पुराने साथी ओटिस टर्नर ने बीबीसी को बताया, "राफेले एक शानदार मैरीन सैनिक थी. बेहद शानदार. वे हमेशा चुनौती के लिए तैयार रहते थे. वे सबकुछ करने को तैयार होते थे. उन्होंने लोगों की जिंदगियां बचाईं. उन्होंने अपने देश के लिए जो किया, वियतनाम में जो किया, उसे कोई ऐसे हटाकर फेंक नहीं सकता."
जब उनकी पलटन उनके हक की लड़ाई लड़ रही थी तब मिनिचिलो ने उनसे एक और मदद मांगी- टीडब्ल्यूए 85 में सवार लोगों का पता लगाने की मांग ताकि वह उनसे माफी मांग सके.

8 अगस्त, 2009
2009 की गर्मियां आने तक, चार्लेने डेलमोनिको को रिटायर हुए आठ साल से ज्यादा हो गए थे. टीडब्ल्यू के फ्लाइट अटेंडेंट के तौर पर 35 साल के करियर के बाद वह रिटायर हुई थीं. जनवरी, 2001 में उनके रिटायर होने के एक साल के भीतर ही टीडब्ल्यूए एयरलाइंस दिवालिया हो गई और उसका अधिग्रहण अमरीकन एयरलाइंस ने कर लिया.
ऐसे में एकदम अप्रत्याशित तौर पर, डेलमोनिको एक निमंत्रण पत्र मिला, क्या वह उस आदमी से मिलने को इच्छुक हैं जिसने उन्हें एक बार गन प्वाइंट पर रखा था?
यह निमंत्रण ओटिस टर्नर और राफेले के पलन के दूसरे सदस्यों की तरफ से आया था. टर्नर ने बताया, "यह आइडिया क्रेजी था. लेकिन मैंने सोचा और विचार किया कि क्यों ना कोशिश की जाए?"
वैसे निमंत्रण को लेकर डेलमोनिको की पहली प्रतिक्रिया झटका लगने जैसी थी. हाईजैकिंग ने उनके जीवन को प्रभावित किया था, नया रूप दिया था. उन्हें उस आदमी से क्यों मिलना चाहिए जिसने उनकी पीठ पर बंदूक तान दी थी? लेकिन उनकी दूसरी प्रतिक्रिया, अलग थी.
इसके बारे में उन्होंने बीबीसी को बताया, "मैं अचरज में थी. मुझे अजीब महसूस हुआ. काफी डराने वाला और संवेदनाओं को झकझोरने वाला. इसके चलते मैंने फिर से सोचा. मैंने सोचा कि हमें दूसरो को माफ करना सिखाया गया है. हालांकि मैं नहीं जानती थी कि उससे कैसे मिलूंगी."

अगस्त, 2009 में, डेलमोनिको ने अपने घर से दक्षिण की ओर 150 मील की दूरी तय करके ब्रैंसन मिजोयरी पहुंचीं. जहां मिनिचिलो और उनकी पुरानी पलटन ने रीयूनियन आयोजित किया था. डेलमोनिको यहां वेंजेल विलियम्स से से मिलीं. विलियम्स टीडब्ल्यूए 85 के फर्स्ट आफिसर थे, इस निमंत्रण को स्वीकार करने वाले वे दूसरे शख्स थे.
कैप्टन कुक ने आने से इनकार कर दिया था. उनकी इस प्रतिक्रिया से मिनिचिलो को दुख भी पहुंचा था क्योंकि उनका मानना था कि कैप्टन कुक के साथ फर्स्ट क्लास कंपार्टमेंट में बैठकर बात करने के चलते उनके साथ एक बॉडिंग बन चुकी है.
क्लेरियन होटल के साइड रूम में एक गोल टेबल के साथ विलियम्स और डेलमोनिको बैठे थे, उनके साथ मिनिचिलो के पलटन के सदस्य भी थे. पुराने सैनिकों ने इन दोनों को एक पत्र प्रेजेंट किया जिसमें यह लिखा हुआ था कि वे इस मीटिंग से क्या हासिल करने की उम्मीद कर रहे हैं. वे लोग मिनिचिलो का समर्थन कर रहे थे और उनकी बातों से डेलमोनिको को भी महसूस हुआ कि इस आदमी के लड़ाई लड़ी जानी चाहिए.
इसके कुछ समय बाद मिनिचिलो कमरे में आए और बैठ गए. वातावरण में तनाव पसर गया था, लेकिन जैसे ही सवाल आने लगे तो मिनिचिलो ने बताना शुरू किया कि उनके साथ क्या क्या हुआ. समूह के सदस्यों में थोड़ी और नजदीकी हो गई.

इमेज स्रोत, Otis Turner
मिनिचिलो को विलियम्स ने अलग अंदाज में देखा- कहीं ज्यादा छोटा और कहीं ज्यादा नरमी से बात करने वाले शख्स के तौर. जब मिनिचिलो कमरे में पहुंचे तो उनमें हाईजैंकिंग के अपराध बोध से वजन कम करने की कोशिश दिखाई दी लेकिन उनके पछतावे में विलियम्स को ईमानदारी झलकी.
वहीं डेलमोनिको ने बताया, "मैं थोड़ा नजदीक थी, मैंने मिनिचिलो को अलग नजर से देखा. मुझे उनके लिए दुख हो रहा ता. मैं सोचती थी कि वह काफी विनम्र था, लेकिन वह हमेशा से विनम्र था."
विदा होने से पहले मिनिचिलो ने दोनों को बाइबिल के दूसरे हिस्से न्यू टेस्टामेंट की एक एक प्रति थमाई.
जिसके अंदर लिखा हुआ था:
आपने अपना समय दिया, इसके लिए बहुत धन्यवाद.
आपको नुकसान में डालने वाली मेरी हरकतों को आपने माफ किया, इसकी मैं प्रशंसा करता हूं.
मेरा जीवन बदलने वाली इस पुस्तक को कृप्या स्वीकार करें.
ईश्वर का आप पर बहुत आशीर्वाद बना रहे, राफेले मिनिचिलो.
नीचे उन्होंने ल्यूक के 23:34 कथन को जोड़ा था.
बाइबिल के ल्यूक 23:34 में जीसस कहते हैं, "फादर, इन्हें माफ़ करना, इन्हें नहीं मालूम कि ये क्या कर रहे हैं."
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