UK ELECTION RESULTS: बोरिस जॉनसन भारी बहुमत के साथ सत्ता में लौटे

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ब्रिटेन के आम चुनाव में सत्ताधारी कंज़र्वेटिव पार्टी ने बड़ी जीत हासिल की है. पार्टी ने स्पष्ट बहुमत हासिल कर लिया है.
650 सीटों वाली संसद में पार्टी ने बहुमत के लिए ज़रुरी 326 सीटों का आँकड़ा पार कर लिया है. उसके खाते में 364 सीटें आई हैं. उसे पिछली बार की तुलना में 47 सीटों का फ़ायदा हुआ है.
विपक्षी लेबर पार्टी की सीटों की संख्या घटकर 203 रह गई है. पार्टी अपनी कई पारंपरिक सीटें गँवा बैठी. उसे पिछले चुनाव से 59 सीटें कम मिली हैं.
नतीजों के एलान के बाद ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने कहा है कि उन्हें अब एक नया जनादेश मिला है जिससे वो ब्रिटेन को यूरोपीय संघ से अलग करने वाली ब्रेग्ज़िट डील को लागू करवा सकेंगे और ब्रिटेन को एकजुट कर सकेंगे.
लेबर पार्टी के नेता जेरेमी कॉर्बिन ने नतीजों पर अफ़सोस जताते हुए इसे "लेबर पार्टी के लिए एक बहुत निराशाजनक रात" बताया है.
विश्लेषकों का कहना है कि लेबर पार्टी को कामगार तबक़े के लोगों का समर्थन नहीं मिला जिन्हें लगता था कि लेबर पार्टी ब्रेग्ज़िट पर 2016 में दिए गए उनके फ़ैसले का आदर नहीं कर रही.

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5 साल में तीसरा चुनाव
पिछले पाँच साल से भी कम समय में ब्रिटेन में यह तीसरा चुनाव है. बीते दो चुनाव 2015 और 2017 में हुए थे.
ब्रिटेन के इतिहास में पिछले लगभग 100 सालों में ये पहला चुनाव है जो दिसंबर के महीने में करवाया गया.
चुनाव लड़ने वाले अन्य दलों में स्कॉटलैंड की पार्टी स्कॉटिश नेशनल पार्टी (एसएनपी) का प्रदर्शन काफ़ी अच्छा रहा जिसकी सीटों की संख्या बढ़कर 48 हो गई है.
ब्रिटेन में तीसरी बड़ी पार्टी समझी जाने वाली लिबरल डेमोक्रेट्स की संख्या घटकर 11 तक सिमट गई है. पार्टी की प्रमुख जो स्विन्सन 149 वोटों से अपनी सीट हार गईं.
ग्रीन पार्टी को 1 और प्लाइड कुमरी को 4 सीटें मिली हैं जबकि ब्रेग्ज़िट पार्टी का खाता नहीं खुल सका.
31 जनवरी तक ब्रेग्ज़िट
यूरोपीय संघ ने ब्रिटेन को अलग होने यानी ब्रेग्ज़िट की समय सीमा अगले साल 31 जनवरी तक बढ़ा दी थी.
ईयू ने कहा है कि अगर ब्रितानी संसद 31 जनवरी से पहले किसी समझौते को मंज़ूरी दे देती है, तो ब्रिटेन ईयू से अलग हो सकता है.
साल 2016 में ब्रिटेन में हुए जनमत संग्रह में 52 फ़ीसदी लोगों ने ब्रेग्ज़िट का समर्थन किया था और 48 फ़ीसदी लोगों ने इसका विरोध किया था.
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