चिली: ग़ैर-बराबरी के ख़िलाफ दस लाख लोग सड़कों पर

चिली में असमानता के ख़िलाफ़ विरोध प्रदर्शनों ने व्यापक रूप ले लिया है.

राजधानी सैंटियागो में क़रीब 10 लाख लोगों ने शांतिपूर्ण मार्च निकालते हुए सरकार से असमानता दूर करने की मांग की.

एक हफ़्ते पहले ये प्रदर्शन मेट्रो किराया बढ़ाए जाने के ख़िलाफ़ शुरू हुए थे. सरकार ने किराये में बढ़ोतरी का फ़ैसला तो वापस ले लिया, इसके बावजूद प्रदर्शन नहीं थमे.

देश में बढ़ती ग़ैर-बराबरी और रहन-सहन के खर्च में बढ़ोतरी की चिंताओं को लेकर प्रदर्शन जारी है.

चिली लैटिन अमरीका के सबसे अमीर देशों में गिना जाता है, लेकिन यहां लोगों में भारी आर्थिक असमानता भी है. यानी चुनिंदा लोगों के पास बहुत ज़्यादा धन है और ज़्यादातर लोग आर्थिक तौर पर संघर्ष कर रहे हैं.

36 सदस्य देशों वाले इकोनॉमिक कोऑपरेशन एंड डेवलपमेंट ऑर्गेनाइजेशन में चिली में आमदनी में समानता की स्थिति सबसे बुरी है.

बर्तन बजाकर किया विरोध

शनिवार को हुए मार्च में हिस्सा लेने वाले लोग कई किलोमीटर तक पैदल चले. ये लोग बर्तन बजा रहे थे, झंडे लहरा रहे थे और सुधारों की मांग कर रहे थे.

सैंटियागो के गवर्नर ने इसे देश के लिए 'ऐतिहासिक' पल बताया.

राष्ट्रपति सेबेस्टिन पिन्येरा ने कहा कि सरकार ने "संदेश को सुन लिया है."

उन्होंने ट्विटर पर लिखा, "हम सब बदल गए हैं. आज का मार्च शांतिपूर्ण और अच्छा रहा जिसमें चिली को एकजुट किए जाने की बात की. जो भविष्य के लिए बेहतर रास्ते खोलेगा."

इससे पहले शुक्रवार को नेताओं और अधिकारियों को संसद से कड़ी सुरक्षा के बीच निकाला गया, क्योंकि सरकार विरोधी कार्यकर्ता उनका रास्ता रोकने की कोशिश कर रहे थे.

मार्च में क्या हुआ?

सैंटियागो की गवर्नर ने कहा कि राजधानी में दस लाख लोगों ने मार्च किया - जो देश की पांच प्रतिशत आबादी से ज़्यादा हैं.

ट्विटर पर उन्होंने लिखा, "प्रदर्शनकारी नए चिली के सपने का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं."

चिली के हर बड़े शहर में प्रदर्शन हुए. सैंटियागो में 38 साल के एक प्रदर्शनकारी ने कहा, "हम न्याय, ईमानदारी और नैतिक सरकार की मांग कर रहे हैं."

कई प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रपति पिन्येरा के इस्तीफे की मांग की.

पिछले कई दिनों से जारी प्रदर्शनों के दौरान लूटपाट और हिंसा की घटनाएं हुई हैं, जिसमें कम से कम 16 लोगों की मौत हो गई, सैकड़ों लोग घायल हुए और सात हज़ार से ज़्यादा लोगों को हिरासत में लिया गया.

सुरक्षा के मद्देनज़र राजधानी सैंटियागो में सेना को तैनात कर दिया गया है. सैंटियागो में फिलहाल इमरजेंसी लागू है. वहां रात के वक्त कर्फ्यू लगा दिया जाता है और बीस हज़ार पुलिसकर्मी सड़कों पर गश्त कर रहे हैं.

राष्ट्रपति ने प्रदर्शनों को खत्म करने के लिए बुधवार को कई सुधारों की घोषणा की. जिनमें बेसिक पेंशन और न्यूनतम आय को बढ़ाना शामिल है. लेकिन प्रदर्शनकारियों को शांत करने के लिए ये नाकाफी बताया जा रहा है.

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