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हॉन्ग कॉन्ग : मास्क पर प्रतिबंध को लेकर हुआ सामूहिक प्रदर्शन
मास्क पर प्रतिबंध लगाए जाने की कार्रवाई के ख़िलाफ़ हॉन्ग कॉन्ग में मूसलाधार बारिश के बावजूद सरकार विरोधी हजारों प्रदर्शनकारी मार्च के लिए एकत्र हुए.
प्रतिबंध का जवाब देने के लिए मिलीजुली प्रतिक्रिया के तहत कई लोगों ने अपने चेहरों को ढंक रखा था. हाई कोर्ट ने रविवार को मास्क पर लगे प्रतिबंध को बरक़रार रखा था.
चीनी शहर के कुछ हिस्सों में मेट्रो सेवा शुरू हो गई है जिस पर शुक्रवार को दंगाइयों ने हमला किया था.
हाल के महीनों में मास्क लोकतंत्र समर्थक प्रदर्शनकारियों के लिए एक प्रमुख मुद्दा बन गया है.
पुलिस ने इस सप्ताह प्रदर्शनकारियों पर गोली चलाई थी जिसमें दो लोग घायल हो गए थे. इस घटना ने भी लोगों को सामूहिक प्रदर्शन करने के लिए उकसाने का काम किया.
हॉन्ग कॉन्ग की नेता कैरी लैम ने ब्रिटेन द्वारा औपनिवेशिक शासन को सौंपे गए अधिकार के दिनों से प्रतिबंध लगा दिया है.
प्रदर्शनकारियों को डर है कि चीनी शासन के तहत अर्द्ध स्वायत्त क्षेत्र में लोकतांत्रिक अधिकार समाप्त किया जा रहा है.
नया प्रदर्शन कैसे बड़ा है?
शुक्रवार के दंगों के बाद जब शनिवार को एक छोटा मार्च निकाला गया था तब इसमें काफ़ी सारे लोग शामिल हुए थे.
साउथ चइना मार्निंग पोस्ट ने खबर दी कि दो समूहों ने काउजवे बे और तसीम शा तसुई ज़िलों से एक ही समय पर प्रदर्शन शुरू किया.
दुकानों को जल्दी बंद कर दिया गया जबकि काउजवे बे में लग्जरी और चेन स्टोर बंद थे.
शुक्रवार को दंगाईयों ने व्यापारिक और रेलवे दोनों स्टेशनों पर हमला किया.
शहर के रोडनी स्ट्रीट पर एक बंद सड़क के नजदीक बीबीसी के साथ बातचीत में 18 वर्षीय हेजल चान ने बताया, "मैं आश्वस्त नहीं हूं कि हमें स्वतंत्रता के लिए और कितने मौके मिलेंगे."
हेजल ने एक सर्जिकल फेस मास्क पहन रखा था.
उन्होंने बताया, "मैं यह नहीं सोचती कि इससे सरकार के रूख पर बड़ा असर पड़ेगा बल्कि मुझे उम्मीद है कि हम अंतरराष्ट्रीय जगत का ध्यान आकर्षिक करेंगे और दुनिया को बताएंगे कि हम पर यह बुरा क़ानून लगाया गया है."
हेजल के साथ प्रदर्शन कर रही 19 वर्षीय रिल फंग ने बताया, "मुझे विरोध प्रदर्शन पर ज़्यादा भरोसा नहीं है क्योंकि लाखों लोगों के सामने आने के बाद भी हमारी मांगों को नजरअंदाज कर दिया."
हालांकि, उसने अपना विरोध प्रदर्शन जारी रखा.
अधिकारी कैसे जवाब दे रहे हैं?
लैम ने शनिवार को आगे हिंसा रोकने का वादा करते हुए कहा "हम दंगाइयों को अपने क़ीमती हांगकांग को और नुकसान पहुंचाने की अनुमति नहीं दे सकते."
उन्होंने प्रदर्शनकारियों के अत्यधिक हिंसा के कारण मास्क के खिलाफ लगाए गए प्रतिबंध को सही ठहराया. उन्होंने कहा कि अत्यधिक हिंसा से हांगकांग के जन सुरक्षा को ख़तरा है.
विपक्षी जन प्रतिनतिनिधियों द्वारा मास्क पर लगे प्रतिबंध को चुनौती देने वाली दूसरी याचिका को हाई कोर्ट ने ख़ारिजकर दिया.
जन प्रतिनिधियों ने तर्क दिया कि निषेध गैरक़ानूनी है क्योंकि यह अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और एकत्र होने की स्वतंत्रता पर रोक लगाता है.
स्थिति गंभीर कैसे है?
कई महीनों से पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच संघर्ष में हिंसा बढ़ रही है.
मंगलवार को पुलिस ने पहली बार एक प्रदर्शनकारी को गोली मार दी जिसमें 18 साल का एक व्यक्ति घायल हो गया था. उसने कथित तौर पर एक पुलिस अधिकारी पर हमला किया था.
शुक्रवार को शहर के पश्चिम में एक कस्बा यूएन लॉन्ग में 14 वर्षीय एक लड़के के पांव में गोली मार दी गई.
साउथ चाइना मार्निंग पोस्ट ने ख़बर दी है कि बाद में उसी इलाके में सादे कपड़े में एक पुलिस अधिकारी सहित एक पुलिस कार को आग लगा दी गई. कार पुलिस का था, इसका उस पर कोई निशान नहीं था.
हालांकि, अधिकारियों ने दोनों घटनाओं के बीच कोई संबंध नहीं बताया.
हांगकांग की स्थिति क्या है?
हॉन्ग कॉन्ग ब्रिटेन का एक उपनिवेश था जिसे 1997 में चीन को सौंप दिया गया.
यहां एक "एक देश, दो प्रणाली" का समझौता है और यहां के लोगों को कुछ स्वतंत्रता है जिसमें एकत्र होने और भाषण की स्वतंत्रता शामिल है.
हालांकि, वे स्वतंत्रताएं, बेसिक लॉ 2047 में समाप्त हो रही हैं और यह स्पष्ट नहीं है कि हांगकांग की स्थिति फिर क्या होगी.
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