सीरिया को लेकर तुर्की और अमरीका में बढ़ा तनाव

तुर्की ने उत्तरी सीरिया में संघर्ष विराम लागू करने की अमरीका का मांग को ठुकरा दिया है. तुर्की के राष्ट्रपति रिचेप तैयप्प अर्दोआन का कहना है कि जब तक 'सेफ ज़ोन' बनाने का उनका मिशन पूरा नहीं हो जाता, तब तक उत्तरी सीरिया में उनके हमले जारी रहेंगे.

इस बीच अमरीका के राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने उत्तर पूर्वी सीरिया से सुरक्षाबलों को वापस बुलाने के अपने फ़ैसले की आलोचना करने वालों को जवाब दिया है.

इस बात को लेकर ट्रंप की आलोचना की जा रही है कि उन्होंने मध्यपूर्ण के संघर्षरत इस इलाक़े से अमरीका सेनाओं को वापस बुलाकर कभी उसके समर्थक रहे कुर्दों के ख़िलाफ़ हमले को हरी झंडी दे दी थी.

ट्रंप का कहना है कि कुर्द सेनाओं के ख़िलाफ़ तुर्की के हमले, अमरीका की समस्या नहीं है. उन्होंने कहा कि कथित चरमपंथी संगठन इस्लामिक स्टेट के ख़िलाफ़ कुर्दों ने जो समर्थन दिया, उसके बदले में उन्हें अमरीका ने बहुत-सा पैसा दिया था.

पिछले एक सप्ताह से तुर्की और उसके समर्थक सीरियाई विद्रोही तुर्की से सटी सीमा के नज़दीक कुर्द लड़ाकों को पीछे खदेड़ने के लिए अभियान चला रहे हैं. तुर्की की सरकार इन लड़ाकों को चरमपंथी मानती है.

तुर्की अपनी सीमा से लगने वाले सीरियाई हिस्से से कुर्द लड़ाकों को हटा कर वहां 32 किलोमीटर तक का एक "सेफ़ ज़ोन" बनाना चाहता है, जहां बीस लाख सीरियाई शरणार्थियों को फिर से बसाना चाहता है.

अमरीका के उप राष्ट्रपति माइक पेंस और विदेश मंत्री माइक पोम्पियो के नेतृत्व में वरिष्ठ अधिकारियों का एक प्रतिनिधिमंडल तुर्की जा रहा है, जो राष्ट्रपति अर्दोआन को हमले रोकने के लिए मनाने की कोशिश करेगा.

तुर्की के राष्ट्रपति अर्दोआन ने कहा है कि वो तुर्की आ रहे अमरीका के उप राष्ट्रपति से गुरुवार को मिलेंगे. इससे पहले वो मिलने से इनकार कर रहे थे.

इससे पहले तुर्की की संसद में भाषण देते हुए आर्दोआन ने कहा था कि जब तक उनका लक्ष्य पूरा नहीं हो जाता, कोई भी ताकत सीरिया में कुर्दों के ख़िलाफ़ उनके हमलों को नहीं रोक सकती है.

बुधवार को अर्दोआन ने स्काई न्यूज़ से कहा था कि माइक पेंस और माइक पोम्पियो समेत अमरीकी प्रतिनिधिमंडल सिर्फ अपने समकक्षों से मिलेंगे.

उन्होंने कहा था, "मैं उनसे नहीं मिलूंगा. मैं तब बात करूंगा, जब ट्रंप आएंगे."

उनके इस बयान के बाद अमरीकी उप राष्ट्रपति की एक प्रवक्ता ने कहा था कि इसके बावजूद वो तुर्की आएंगे.

अर्दोआन के कम्युनिकेशन डायरेक्टर ने फिर एक ट्वीट करके साफ किया है, "राष्ट्रपति कल अमरीकी उपराष्ट्रपति की अगुवाई वाले प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात करने की योजना बना रहे हैं."

आर्दोआन ने क्या कहा?

बुधवार को राष्ट्रपति आर्दोआन ने कहा कि उत्तरी सीरिया में "चरमपंथी संगठन" हथियार डाल दें तो तुर्की की सेना भी अपना अभियान बंद कर देगी.

उन्होंने कहा, "हमारा ऑफर है कि सभी आतंकवादी आज रात तुरंत हथियार डाल दें. अपने ठिकानों के नष्ट कर दें और सेफ ज़ोन को छोड़कर चले जाएं."

आर्दोआन ने इस मामले में विदेशी नेताओं के मध्यस्थता की पेशकश को भी ठुकरा दिया.

अमरीका की प्रतिबंध की धमकी

सोमवार को माइक पेंस ने चेतावनी देते हुए कहा था कि "तुर्की तुरंत संघर्ष विराम लागू करे, नहीं तो अमरीका उस पर प्रतिबंध लगा देगा."

इसके उत्तर में मंगलवार को आर्दोआन ने कहा कि तुर्की कभी भी संघर्ष विराम लागू नहीं करेगा.

उन्होंने कहा, "वो अभियान रोकने के लिए हम पर दबाव बना रहे हैं. वो प्रतिबंधों का एलान कर रहे हैं. हमारा लक्ष्य साफ है. हमें किसी प्रतिबंध की चिंता नहीं है."

रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने भी आर्दोआन के साथ स्थिति पर चर्चा की है. रूसी सरकार के एक प्रवक्ता के मुताबिक़ आर्दोआन ने इस महीने रूस आने के न्योते को भी स्वीकार कर लिया है.

रूस ने ये भी साफ़ किया है कि वो तुर्की और सीरियाई सेनाओं के बीच झड़पों को अनुमति नहीं देगा.

सीरिया में मौजूदा हालात

तुर्की के सैन्य अभियान में अब तक दर्जनों नागरिकों के मारे जाने की खबर है और संयुक्त राष्ट्र के मुताबिक़ कम से कम एक लाख साठ हज़ार लोग अपना घर छोड़कर चले गए हैं.

मंगलवार को कुर्द लड़ाकों की मदद कर रही सीरिया सरकार की सेना रणनीतिक रूप से अहम मानबिज शहर में दाखिल हो गई है. तुर्की इसी इलाके में "सेफ ज़ोन" बनाना चाहता है.

इस बीच तुर्की सेना और तुर्की समर्थक सीरियाई सरकार-विरोधी लड़ाके भी मानबिज के नज़दीक इकट्ठा हो गए हैं.

पिछले दो साल तक इस रणनीतिक रूप से अहम शहर में सैंकड़ों अमरीकी सैनिकों को पट्रोल करते देखा जाता है, लेकिन अब वो यहां से चले गए हैं.

मंगलवार को रूस ने कहा था कि उसकी सेना, सीरियाई सेना और तुर्की सेना के बीच की "लाइन ऑफ कंट्रोल" के पास पट्रोलिंग कर रही है.

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