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तुर्की का सीरिया पर हमलाः अब तक दर्जनों लड़ाके मारे गए
उत्तर सीरिया में कुर्द लड़ाकों के नियंत्रण वाले इलाकों में तुर्की की सैन्य कार्रवाई में मरने वालों की संख्या लगातार बढ़ रही है. हमले के बीच हज़ारों लोगों पलायन कर रहे हैं.
रिपोर्टों में बताया जा रहा है कि इस कार्रवाई में अब तक 11 नागरिकों की मौत हो गई है और कुर्द नेतृत्व वाले एसडीएफ़ और तुर्की समर्थित गुटों के कम से कम दर्जनों लड़ाके मारे गए हैं.
हालांकि इसी बीच तुर्की ने भी इस बात की पुष्टि की है कि उनका भी एक सैनिक इस कार्रवाई के दौरान मारा गया है.
तुर्की के इस हमले की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आलोचना हो रही है. इस हमले की वजह से हज़ारों लोगों को अपने घरों को छोड़कर सुरक्षित जगहों पर भागना पड़ा है.
बुधवार को तुर्की के लड़ाकू विमानों ने उत्तर सीरिया के कुछ हिस्सों पर बम बरसाना शुरू किया था. राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप के उत्तर सीरिया से अमरीकी सैनिकों को वापस बुलाने के विवादास्पद फ़ैसले के कुछ दिन बाद ही ये हमला किया गया है.
विश्लेषकों का कहना है कि सैनिकों को वापस बुलाने के अमरीकी फ़ैसले से तुर्की के लिए हमले की राह आसान हो गई.
अमरीकी प्रतिनिधि सभा में रिपब्लिकन पार्टी ने मंगलवार को यह घोषणा की है कि वो तुर्की के ख़िलाफ़ प्रतिबंध लगाने का एक विधेयक पेश करेगी.
उधर तुर्की का कहना है कि वो कुर्द लड़ाकों को हटाकर एक 'सेफ़-ज़ोन' तैयार करना चाहता है, जहां लाखों सीरियाई शरणार्थी भी रह सकेंगे. तुर्की इन कुर्द लड़ाकों को चरमपंथी मानता है.
वहीं अंतरराष्ट्रीय समुदाय के लिए बड़ी चिंता हज़ारों संदिग्ध आईएस कैदी हैं जिनमें से कई विदेशी नागरिक भी हैं जिनकी निगरानी क्षेत्र में कुर्द नेतृत्व वाली ताकतें करती हैं.
गुरुवार को तुर्की के सैनिकों ने रास अल-ऐन और ताल अब्याद के सीमावर्ती कस्बों को आंशिक रूप से घेर लिया.
कुर्दिश रेड क्रिसेंट ने कहा कि अब तक 11 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है और 28 गंभीर रूप से घायल हुए हैं जिनमें कुछ बच्चे भी हैं.
तुर्की के सीमावर्ती शहर पर कुर्दों की गोलाबारी में एक सीरियाई बच्चे सहित कम से कम पांच लोग मारे गए हैं.
सीरियन ऑब्जर्वेटरी फॉर ह्यूमन राइट्स के कार्यकर्ताओं के अनुसार एसडीएफ़ के 29 लोग और 17 तुर्की समर्थित सीरियाई विद्रोही मारे गए हैं. साथ ही 10 से ज़्यादा गांव तुर्की के कब्ज़े में आ गए हैं.
बाद की एक रिपोर्ट में उन्होंने कहा एसडीएफ़ के ताल अब्याद क्षेत्र के एक गांव को वापस लेने की कार्रवाई में तुर्की समर्थित बलों के सात सदस्यों को मार दिया गया उनमें से एक तुर्की का सैनिक भी था.
तुर्की की सेना ने एक सैनिक की मौत की पुष्टि की है और कहा कि तीन अन्य घायल हुए हैं.
वहीं तुर्की की एनाडोलू समाचार एजेंसी ने गुरुवार देर रात कहा कि अब तक 228 कुर्द चरमपंथी मारे गए हैं.
इस बीच एक शरणार्थी संकट भी पैदा हो रहा है. अंतरराष्ट्रीय बचाव समिति सहायता संगठन ने कहा कि लगभग 64 हज़ार लोग पहले ही अपने घर छोड़कर भाग गए हैं. सहायता समूहों का कहना है कि लगभग साढ़े चार लाख को पलायन करने के लिए मजबूर किया जा सकता है.
अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रियाएं
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने गुरुवार को यूरोपीय संघ के अपने पांच सदस्यों, ब्रिटेन, फ़्रांस, जर्मनी, बेल्जियम और पोलैंड के अनुरोध पर इस स्थिति पर चर्चा की है.
संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने बढ़ती हिंसा पर अपनी "गहरी चिंता" व्यक्त की.
शुक्रवार को नाटो महासचिव जेन्स स्टोलटेनबर्ग ने कहा कि उन्होंने तुर्की के विदेश मंत्री मेवलुत कैवुसोग्लू के साथ एक बैठक में इस ऑपरेशन के बारे में "गंभीर चिंता" जताई है.
तुर्की के राष्ट्रपति अर्दोआन ने ये कहते हुए अपनी कार्रवाई का बचाव किया है कि इसे यदि इसे क़ब्जा कहा गया तो वे उस इलाके में मौजूद सीरियाई शरणार्थियों को यूरोप भेज देंगे.
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