You’re viewing a text-only version of this website that uses less data. View the main version of the website including all images and videos.
तुर्की के हमले के बाद सीरिया में एक लाख लोग विस्थापित
संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट के मुताबिक उत्तरी सीरिया में लगभग एक लाख लोग अपना घरबार छोड़कर जा चुके हैं. इस इलाक़े में तीन दिन पहले कुर्द लड़ाकों के ख़िलाफ़ शुरू हुए तुर्की के हमले में कम से कम 11 नागरिकों और दर्जनों कुर्द लड़ाकों की मौत हो गई है.
इनमें से तीन लोग सीमावर्ती इलाक़े अल कामिश्ली में हुए एक कार बम धमाके में मारे गए हैं. इसकी ज़िम्मेदारी चरमपंथी संगठन इस्लामिक स्टेट ने ली है.
कई लोगों ने अल हासका और तल तामेर शहर में स्कूलों और इमारतों में शरण ली है.
संयुक्त राष्ट्र ने सीरिया के मौजूदा हालात पर चिंता जताई है. जेनेवा में सीरिया के लिए संयुक्त राष्ट्र के विशेष दूत गैर पेडर्शन की प्रवक्ता जेनिफ़र फेंटन ने कहा कि ये लड़ाई कई और निर्दोष जानें ले सकती है.
जेनिफ़र फेंटन ने कहा, ''सीरिया के उत्तर पूर्व इलाक़े में नागरिकों, मानवाधिकार कार्यकर्ताओं और बुनियादी ढांचे की रक्षा को लेकर चिंताएं लगातार बढ़ती जा रही हैं. इस इलाक़े में पहले ही मानवीय संकट की स्थिति बनी हुई थी जो मौजूदा सैन्य अभियान के कारण और बढ़ गई है.''
बुधवार को तुर्की के लड़ाकू विमानों ने उत्तर सीरिया के कुछ हिस्सों पर बम बरसाना शुरू किया था. राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप के उत्तर सीरिया से अमरीकी सैनिकों को वापस बुलाने के विवादास्पद फ़ैसले के कुछ दिन बाद ही ये हमला किया गया है.
वहीं हमलों को लेकर संयुक्त राष्ट्र और पश्चिमी देशों की आपत्ति के बावजूद तुर्की अपने फैसले पर कायम है.
उसका कहना है कि वो कुर्द लड़ाकों को हटाकर एक 'सेफ़-ज़ोन' तैयार करना चाहता है, जहां लाखों सीरियाई शरणार्थी भी रह सकेंगे.
तुर्की के राष्ट्रपति रेचेप तैयप्प अर्दोआन ने सैन्य अभियान रोकने से साफ़ मना कर दिया है.
उन्होंने कहा, ''कुर्द लड़ाकों के ख़िलाफ़ शुरू की गई लड़ाई नहीं रोकेंगे. भले ही सीरिया की सरकार को ये पसंद न आए. हमें हर जगह से धमकियां मिल रही हैं. लेकिन इससे कोई फर्क नहीं पड़ता.''
आर्थिक प्रतिबंध
तुर्की के इस कदम की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई देशों ने निंदा की है. उसे आर्थिक प्रतिबंधों की चेतावनी भी मिल रही हैं.
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने गुरुवार को यूरोपीय संघ के अपने पांच सदस्यों, ब्रिटेन, फ़्रांस, जर्मनी, बेल्जियम और पोलैंड के अनुरोध पर इस स्थिति पर चर्चा की थी.
फ्रांस ने कहा है कि अगले हफ़्ते होने वाले यूरोपीय संघ सम्मेलन में तुर्की के ख़िलाफ़ प्रतिबंधों पर चर्चा की जाएगी. अमरीका में रिपब्लिकन पार्टी ने भी यह घोषणा की थी कि वो तुर्की के ख़िलाफ़ प्रतिबंध लगाने का एक विधेयक पेश करेगी.
हालांकि ब्रिटेन आर्थिक प्रतिबंधों के पक्ष में नहीं है. संयुक्त राष्ट्र में ब्रिटिश राजदूत ने कहा है कि सैन्य अभियान रुकना चाहिए लेकिन इस वक़्त वो प्रतिबंधों का समर्थन नहीं करतीं.
वहीं रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने इन हमलों से कुर्द लड़ाकों के कमज़ोर होने और इस्लामिक स्टेट का ख़तरा बढ़ने की आशंका जताई है. पुतिन ने कहा है कि इस सैन्य अभियान से रूस और अन्य देशों के लिए ख़तरा बढ़ गया है.
(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूबपर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)