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बांग्लादेश में एक स्टूडेंट की पीट-पीटकर हत्या
बांग्लादेश में एक कॉलेज छात्र की पीट-पीट कर हत्या कर दी गई है.
ढाका स्थित बांग्लादेश यूनिवर्सिटी ऑफ़ इंजीनियरिंग (बुएट) में अंडरग्रेजुएशन के छात्र अबरार फ़हद की सोमवार को उनके हॉस्टल में कई घंटों तक पिटाई की गई थी.
चश्मदीदों ने बीबीसी को बताया है कि फ़हद ने सरकार की आलोचना करते हुए ऑनलाइन पोस्ट डाला था जिसके बाद रविवार को कई घंटों तक उनकी पिटाई की गई, इसके कुछ देर बाद फ़हद की मौत हो गई.
फ़हद के साथी छात्रों ने बताया है कि कुछ लोग रात के क़रीब आठ बजे फ़हद को उनके कमरे से उठाकर ले गए थे और उसके बाद लगातार चार घंटे पिटाई करते रहे.
21 वर्षीय फ़हद के शव का पोस्टमॉर्टम करने वाले डॉक्टर ने बीबीसी से इस बात की पुष्टि की है कि उनके शरीर पर चोट के गहरे निशान थे.
आवामी लीग पार्टी के युवा संगठन बांग्लादेश छात्र लीग (बीसीएल) के कई सदस्यों को इस हत्या के मामले में हिरासत में लिया गया है.
बीसीएल पर छात्रों के साथ उत्पीड़न और उनका अत्याचार करने के आरोप लगते रहे हैं.
फ़हद जिस हॉस्टल में रहते थे उसके सीसीटीवी फ़ुटेज में देखा जा सकता है कि कई लोग फहद के शव को उठाकर ले जा रहे हैं.
पुलिस ने हॉस्टल से जुड़े नौ लोगों को हिरासत में लिया, इसमें से कम से कम पाँच लोग बीसीएल के कार्यकर्ता हैं.
मंगलवार तक गिरफ़्तार किए गए लोगों का आंकड़ा 13 पहुंच गया था. पुलिस ने कहा है कि वो गिरफ़्तार किए गए सभी लोग बुएट से हैं. इसके साथ ही छह अन्य संदिग्धों की तलाश जारी है.
ढाका के डिप्टी पुलिस कमिश्नर मुंतसिरुल इस्लाम ने भी इस बात की पुष्टि की है कि एक छात्र की पीट-पीटकर हत्या की गई है.
ढाका मेडिकल कॉलेज अस्पताल में फ़ॉरेंसिक विभाग के प्रमुख डॉक्टर सोहेल महमूद ने बीबीसी से कहा है, ''शव पर चोट के गहरे निशान थे, ऐसा लग रहा था कि उनके साथ बहुत ज़ोर ज़बरदस्ती की गई और उन्हें बहुत प्रताड़ित किया गया. हमें लगता है कि उनकी मौत किसी भारी चीज़ के वार से हुई है.''
स्थानीय मीडिया के साथ बातचीत में बीसीएल के सदस्यों ने कहा है कि फ़हद पर एक इस्लामिक पार्टी के साथ जुड़े होने के आरोप थे. उनके साथ इसी मामले पर सवाल पूछे गए और पीटा भी गया.
फ़हद ने सरकार की आलोचना में एक पोस्ट लिखा था जिसमें उन्होंने सरकार की भारत के साथ पानी के बंटवारे के लिए होने वाले समझौते की आलोचना की थी. इस पोस्ट के बाद ही उन्हें किसी इस्लामिक पार्टी से जुड़ा हुआ बताया जाने लगा था.
बीडी24.कॉम की रिपोर्ट के मुताबिक बीसीएल ने एक बयान जारी कर कहा है कि उन्होंने इस मामले की जांच के बाद अपने बुएट डिविजन के 11 सदस्यों को निकाल दिया है.
'प्लीज़ मुझे अस्पताल ले जाओ'
बुएट के एक छात्र ने बीबीसी से अपनी पहचान ज़ाहिर ना करने की शर्त पर कहा कि उन्होंने देर रात क़रीब दो बजे फ़हद को एक कमरे में ज़िंदा देखा था, उसी कमरे में उनकी पिटाई हुई थी.
उस छात्र ने बताया, ''मैंने अबरार को रूम नंबर 2005 में देखा था, वह उस वक़्त जीवित था...कुछ जूनियर छात्रों की मदद से मैं उसे ऊपर लेकर आया. वो बार-बार बोल रहा था कि प्लीज़ मुझे अस्पताल ले जाओ.''
इस घटना के बाद ढाका सहित अन्य शहरों में विरोध प्रदर्शन हुए. राजधानी की सड़कों पर छात्रों ने विरोध प्रदर्शन किए और सड़कों को ब्लॉक कर दिया.
यह विरोध प्रदर्शन मंगलवार को भी जारी रहा. बुएट के छात्रों ने इस हत्या में शामिल लोगों को मौत की सज़ा देने की मांग की है.
इसके साथ ही बुएट के पूर्व छात्रों और शिक्षकों ने भी प्रदर्शनों में हिस्सा लिया.
बुएट शिक्षक संघ के अध्यक्ष एकेएम मुसाद ने कहा है, ''एक छात्र की उसके हॉस्टल में इस तरह से मौत हो जाए. इसे स्वीकार नहीं किया जा सकता. अबरार फ़हद की मौत ने यह साबित कर दिया है कि प्रशासन छात्रों को सुरक्षा मुहैया करवा पाने में नाकामयाब रहा है.''
बांग्लादेश में छात्रों के साथ हिंसा
बीबीसी बंगाली के संवाददाता मीर सब्बीर के अनुसार बांग्लादेश के निजी विश्वविद्यालयों में सत्तारूढ़ दल के छात्र संगठन की तरफ़ से होने वाली हिंसा कोई नई बात नहीं है.
सब्बीर बताते हैं कि नए छात्रों को हॉस्टल में रुकने के लिए ज़बरदस्ती संगठन की रैलियों और बैठकों में हिस्सा लेने के लिए कहा जाता है, दूसरी विचारधारा वाले छात्रों को परेशान किया जाता है और पीटा जाता है.
आवामी लीग के एक वरिष्ठ नेता ने भी कहा है कि अब राजनीतिक पार्टियों को विचार करना होगा कि वो इस तरह की राजनीति कब तक करते रहेंगे.
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