बीबीसी पड़तालः निकाह मुता के लिए लड़कियों की दलाली में लगे हैं कुछ इराक़ी मौलवी

निकाह मुता
    • Author, नवल अल-मग़फ़ी
    • पदनाम, बीबीसी न्यूज़ अरबी

बीबीसी को अपनी अंडरकवर पड़ताल में पता चला है कि इराक़ की दो सबसे पवित्र जगहों बग़दाद और कर्बला में कुछ मौलवी बच्चों और युवा महिलाओं के यौन शोषण की एक गोपनीय दुनिया चला रहे हैं. मौलवी कमज़ोर लड़कियों को पहले इसके लिए तैयार करते हैं फिर शियाओं के उस विवादास्पद धार्मिक प्रथा का इस्तेमाल करते हुए उनकी दलाली करते हैं जिसे 'प्लेजर मैरिज' या 'निकाह मुता' कहा जाता है. हालांकि यह इराक़ में ग़ैर-क़ानूनी है.

इस धार्मिक प्रथा के अंतर्गत शिया मुसलमान पैसे ख़र्च करके अस्थायी पत्नी रख सकते हैं, लेकिन कुछ मौलवी इसका महिलाओं और बच्चों का शोषण करने में इस्तेमाल कर रहे हैं.

इन पवित्र स्थलों के पास कुछ मौलवी अपना मैरिज दफ़्तर चला रहे हैं. इन्हीं दफ़्तरों में अपने अंडरकवर पड़ताल में बीबीसी ने पाया कि अधिकांश मौलवी बहुत कम अवधि के लिए प्लेजर मैरिज (निकाह मुता) के वास्ते लड़कियों को देने के लिए तत्पर थे. कभी कभी तो बस एक घंटे के लिए ताकि केवल यौन संबंध बना सकें.

कुछ मौलवी इस निकाह मुता के लिए तो महज़ 9 साल की लड़कियां तक मुहैया कराने को तत्पर थे. वहीं कुछ ने इसके लिए कम उम्र की लड़कियां और महिलाओं को देने की पेशकश भी की.

डॉक्युमेंट्री से पता चलता है कि मौलवी दलाल के रूप में काम कर रहे हैं और बच्चों को यौन शोषण की दुनिया में भेजने में संलिप्त हैं.

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प्लेजर मैरिज या निकाह मुता

प्लेजर मैरिज या निकाह मुता वो विवादास्पद धार्मिक प्रथा है जिसका उपयोग शिया मुसलमान अस्थायी विवाह के लिए करते हैं और इसके लिए महिलाओं को पैसे दिए जाते हैं. सुन्नी बहुल देशों में तथाकथित मिस्यार निकाह भी इसी तरह की जाती है.

यह एक कॉन्ट्रैक्ट मैरिज की तरह है. माना जाता है कि इसकी शुरुआत किसी मुसलमान पुरुष को लंबी यात्रा के दौरान एक पत्नी को साथ ले जाने के लिए किया गया था, लेकिन आज इसका इस्तेमाल कम समय के लिए यौन संबंध बनाने में किया जा रहा है.

इस प्रथा को लेकर मुस्लिम विद्वान एकमत नहीं हैं. कुछ का मानना है कि इससे वेश्यावृति को मान्यता मिलती है और इस पर भी बहस है कि शादी कितनी छोटी अवधि की हो सकती है.

बीबीसी इराक़ और ब्रिटिश टीम ने 11 महीने तक अपनी पड़ताल की. इसमें मौलवियों को अंडरकवर फ़िल्माया गया और उन महिलाओं से मुलाक़ात की गई जिनका यौन शोषण किया गया था. साथ ही उन मुसलमान पुरुषों से भी बात की गई जिन्होंने निकाह मुता के लिए मौलवियों को पैसे दिए थे.

अनुमान है कि 15 वर्षों तक युद्ध की मार झेलते रहे इराक़ में क़रीब 10 लाख महिलाएं विधवा हैं और इससे कहीं अधिक संख्या विस्थापितों की है.

बीबीसी की टीम ने पाया कि कई महिलाएं और लड़कियां ग़रीबी के कारण निकाह मुता करने को मजबूर हुईं.

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धड़ल्ले से चल रहा कारोबार

डॉक्युमेंट्री टीम को सबूत मिले कि निकाह मुता इराक़ के दो सबसे पवित्र स्थलों के इलाक़े में धड़ल्ले से चल रहा है.

उदाहरण के लिए, वो बग़दाद के ख़दीमिया इलाक़े में 10 मौलवियों से मिले जो कि शिया मुसलमानों का एक महत्वपूर्ण पवित्र स्थल है.

आठ मौलवियों ने कहा कि वो निकाह मुता करवाते हैं, इनमें से आधे ने कहा कि वो इसके लिए 12 से 13 साल की लड़कियों को उपलब्ध करवा सकते हैं.

पूरी दुनिया में शिया मुसलमानों के सबसे पवित्र स्थल कर्बला में इस टीम ने चार मौलवियों से मुलाक़ात की. चारों मौलवियों को गुप्त रूप से फ़िल्माया गया. तीन निकाह मुता के लिए महिलाएं उपलब्ध कराने के लिए तैयार हुए. इनमें से दो मौलवी ने कहा कि वो निकाह मुता के लिए युवा लड़कियां देंगे.

बग़दाद में एक मौलवी सैय्यद राद ने बीबीसी के अंडरकवर रिपोर्टर को बताया कि शरिया क़ानून के तहत निकाह मुता के लिए कोई तय समय सीमा नहीं रखी गई है.

वे कहते हैं, "एक पुरुष चाहे जितनी भी महिलाओं से निकाह मुता कर सकता है. आप एक लड़की से आधे घंटे के लिए निकाह कर सकते हैं और जैसे ही यह ख़त्म होता है आप तुरंत दूसरा निकाह कर सकते हैं."

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निकाह मुता के लिए नौ साल से बड़ी लड़की स्वीकार्य

जब अपनी पड़ताल में बीबीसी ने सय्यद राद से पूछा कि क्या एक नाबालिग़ लड़की से निकाह मुता किया जाना स्वीकार्य है, तो उन्होंने जवाब दिया, "बस सावधान रहें कि वो अपनी वर्जिनिटी न खोए."

उन्होंने कहा, "आप उसके साथ काम क्रिया (फोरप्ले) कर सकते हैं, झूठ बोल सकते हैं, उसके स्तनों, उसकी शरीर को छू सकते हैं... लेकिन सामने से यौन संबंध नहीं बना सकते, हां अप्राकृतिक यौन संबंध ठीक है."

जब उनसे पूछा गया कि अगर लड़की को चोट लग गई तो क्या होगा, मौलवी ने अपना कंधा झटकते हुए कहा कि, "यह आपके और उसके बीच है कि वह कितना दर्द सह सकती है."

कर्बला के एक मौलवी शेख़ सलावी से सीक्रेट कैमरे पर पूछा गया कि निकाह मुता के लिए 12 साल की बच्ची स्वीकार्य है तो उन्होंने कहा, "हाँ, नौ साल से ऊपर की लड़की में कोई समस्या नहीं है. शरिया के मुताबिक़ इसमें कोई समस्या नहीं है."

सैय्यद राद की तरह ही उन्होंने भी केवल यही कहा कि लड़की का कौमार्य नहीं टूटना चाहिए. फोरप्ले की अनुमति है और यदि नाबालिग़ लड़की ने अपनी सहमति दे दी तो अप्राकृतिक यौन संबंध स्वीकार्य है. इतना ध्यान रखते हुए आप जो चाहें कर सकते हैं."

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फ़ोन पर ही निकाह करा डाली

मौलवी सैय्यद राद तो बिना लड़की से मिले फ़ोन पर ही यह निकाह करवाने को राज़ी हो गए. अंडरकवर रिपोर्टर के सामने वो टैक्सी में बैठ कर फ़ोन पर वो लड़की से पूछते हैं कि क्या उसे यह निकाह क़बूल है. उन्होंने एक दिन के निकाह के लिए उसे डेढ़ लाख दिनार के रक़म का ऑफ़र दिया. अंत में उन्होंने कहा, "अब आप दोनों का निकाह हो गया है साथ रहना हलाल है."

उन्होंने कुछ मिनटों के इस निकाह के लिए अंडरकवर रिपोर्टर से 200 डॉलर लिए और इस दौरान उनमें काल्पनिक लड़की को लेकर कोई चिंता नहीं दिखी.

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धर्म की आड़ में...

अजनबियों से यौन संबंध बनाने में निकाह मुता का इस्तेमाल करने वाले एक शादीशुदा व्यक्ति ने बीबीसी से कहा, "12 साल की लड़की मिलना बेशक़ीमती है क्योंकि वह अब भी फ्रेश है. लेकिन वह महंगी मिलेगी, क़रीब 500 से 800 डॉलर के बीच, और इस उम्र की लड़की के साथ केवल मौलवी ही निकाह मुता करा सकते हैं."

उनका मानना है कि इसके लिए उन्हें धार्मिक मान्यता प्राप्त है. वे कहते हैं, "अगर धर्म से जुड़ा एक व्यक्ति यह कहता है कि निकाह मुता हलाल है तो ऐसा करना पाप नहीं माना जा सकता."

इराक़ में महिलाओं के आश्रय का नेटवर्क चलाने वाली महिला अधिकार कार्यकर्ता यानर मोहम्मद कहती हैं कि लड़कियों को इंसानों की बजाय 'बेचने की वस्तु' माना जाता है.

वे कहती हैं, "इसमें लड़कियों को कुछ ख़ास तरीक़े से इस्तेमाल करने की अनुमति है. लेकिन उनकी वर्जिनिटी को बचा कर रखा जाता है ताकि भविष्य में उनसे बड़ी कमाई हो. बड़ी कमाई का मतलब शादी है."

वे कहती हैं, "जब एक लड़की की वर्जिनिटी पहले ही ख़त्म हो चुकी होती है तो उसे विवाह के योग्य नहीं देखा जाता और इस बात का ख़तरा भी रहता है कि कहीं उसका परिवार उसे मार न डाले. चाहे जो भी हो क़ीमत तो लड़की और महिलाओं को ही चुकानी पड़ती है."

कर्बला

दलाली नहीं तो और क्या?

डॉक्युमेंड्री में गुप्त रूप से मौलवियों के साथ बातचीत को फ़िल्माया गया. इसमें वो नाबालिग़ लड़कियों को निकाह मुता के लिए देने के लिए अपनी तत्परता दिखा रहे हैं.

इसमें एक नाबालिग़ का भी बयान है जो एक मौलवी पर अपनी दलाली का आरोप लगा रही हैं और जिनकी बात की अन्य गवाह तस्दीक़ कर रहे हैं.

टीम ने एक उस मौलवी को फ़िल्माया जिसने अंडरकवर रिपोर्टर के सामने उस लड़की की नुमाइश की जिसे उसने 24 घंटे के निकाह मुता के लिए ख़रीदा था.

निश्चित ही वह मौलवी एक दलाल के रूप में काम कर रहा था.

जब अंडरकवर रिपोर्टर ने निकाह मुता के लिए आगे बढ़ने से इनकार किया तो मौलवी ने उनसे कहा कि उन्हें एक नाबालिग़ लड़की पसंद आएगी और पूछा कि क्या वो उनके लिए नाबालिग़ ढूंढे.

मुस्लिम महिला

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किसकी, क्या हैं प्रतिक्रियाएं?

लंदन में निर्वासित इराक़ के पूर्व शिया धर्मगुरु गैथ तमीमी निकाह मुता के लिए लड़कियों का इस्तेमाल किए जाने की कड़े शब्दों में आलोचना करते हुए कहते हैं कि "जो वह आदमी कह रहा है वह अपराध है और उसे क़ानून के तहत सज़ा दी जानी चाहिए."

कुछ इराक़ी शिया धर्मगुरुओं ने लिखा है कि इस्लामी क़ानून बच्चों के साथ यौन क्रियाओं की अनुमति देता है.

तमीमी ने शिया नेताओं से इस प्रथा की निंदा करने का आह्वान किया है.

बीबीसी न्यूज़ अरबी ने जिन शिया मौलवियों को गुप्त रूप से फ़िल्माया उनमें से दो ने ख़ुद को शिया के सबसे शीर्ष शख्सियतों में से एक अयातुल्लाह सिस्तानी का अनुयायी बताया.

हालांकि बीबीसी से अयातुल्लाह सिस्तानी ने कहा, "अगर ये प्रथाएं आपके कहे मुताबिक़ चल रही हैं तो हम उसकी निंदा करते हैं."

वे कहते हैं, "निकाह मुता की सेक्स बेचने के साधन के रूप में मान्यता नहीं है, जिससे महिलाओं की गरिमा और मानवीय मूल्य प्रभावित होती हैं."

वहीं इराक़ी सरकार के एक प्रवक्ता ने बीबीसी अरबी को बताया, "अगर महिलाएं मौलवियों के ख़िलाफ़ अपनी शिकायतें लेकर पुलिस के पास नहीं जाती हैं, तो अधिकारियों के लिए कार्रवाई करना मुश्किल है."

वीडियो कैप्शन, हैदराबाद में शादी के नाम पर लड़कियों को बनाया जा रहा गुलाम.

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