पाकिस्तान: सिख लड़की की जबरन शादी और धर्म बदलवाने के मामले में सुलह

इमेज स्रोत, TWITTER @ChMSarwar
- Author, उमर दराज़ नांगियाना
- पदनाम, बीबीसी उर्दू संवाददाता
पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के ननकाना साहिब में एक सिख परिवार ने अपनी बेटी की जबरन शादी और धर्म परिवर्तन का जो आरोप लगाया था वह अब सुलझ गया है.
पंजाब के गवर्नर चौधरी मोहम्मद सरवर ने एक वीडियो ट्वीट में इसकी जानकारी दी है.
उन्होंने अपने ट्वीट में लिखा, "पाकिस्तान और पूरी दुनिया के सिख समुदाय के लिए अच्छी ख़बर है. ननकाना की बेटी का मामला संबंधित परिवारों की रज़ामंदी से सौहार्दपूर्ण तरीके से हल कर लिया गया है. बेटी सुरक्षित है और अपने परिवार के साथ संपर्क में है. हम पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों के अधिकार को पक्का करना जारी रखेंगे."
इस वीडियो में गवर्नर ने कहा, "पूरी दुनिया के लिए और पाकिस्तान के सिखों के लिए यह बड़े इत्मिनान की बात है कि दोनों घरों की आपस में बैठ कर सुलह हो गई है."
इसी वीडियो में लड़के के पिता ने कहा, "हमें गवर्नर साहब ने अपने दफ़्तर में बुला कर हमारे बीच सुलह करवाई है. हम इस मामले से खुद को अलग करते हैं, अगर वो अपने परिवार के साथ जाती है तो हमें कोई ऐतराज़ नहीं है."
इसके बाद इस वीडियो में दोनों पक्ष (लड़का और लड़की के पिता) गले मिलते हैं.
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सिख परिवार ने आरोप लगाया था कि छह लोगों ने उनकी बेटी को अगवा करके उसकी शादी एक मुस्लिम युवक से करा दी गई और उसका जबरन धर्म बदलवा दिया.
लड़की के भाई मनमोहन सिंह की शिकायत पर छह लोगों के ख़िलाफ़ ननकाना साहिब पुलिस स्टेशन में अपहरण का मुक़दमा दर्ज किया गया था.
बीबीसी से बातचीत में मनमोहन सिंह ने कहा था कि उनकी बहन की उम्र 18 साल से कम है. उन्होंने कहा, "वो 16-17 साल की है. उसका अब तक पहचान पत्र नहीं बना है."
सोशल मीडिया पर वीडियो
इससे पहले लड़की और लड़के का एक वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया था जिसमें यह लड़की इस्लाम अपनाती दिख रही थीं.
इस वीडियो में वह किसी तीसरे शख़्स से यह कहती है कि उसका नया नाम आयशा है.
मनमोहन सिंह मानते हैं कि उनकी बहन को इस्लाम धर्म अपनाने पर मजबूर किया गया है.
वह कहते हैं, "अगर आप वीडियो देखें तो उससे भी ऐसा लग रहा है."
पुलिस ने क्या बताया था?
हालांकि इस मामले में जब बीबीसी ने ननकाना साहिब के ज़िला पुलिस अधिकारी फ़ैसल शहज़ाद से बात की तो उन्होंने कहा था कि पुलिस जांच कर रही है और लड़की ने अदालत में बयान दिया है कि सेक्शन 164 के तहत अपनी मरज़ी से धर्म बदलने के बाद उसने मोहम्मद एहसान से शादी कर ली है.
उन्होंने यह भी बताया था कि लड़की ने कोर्ट में यह कहा है कि पुलिस उन्हें परेशान कर रही है और उनकी और उनके पति की जान को ख़तरा है. इसके बाद अदालत ने उन्हें शेल्टर होम भेज दिया.
पुलिस अधिकारी फ़ैसल शहज़ाद के मुताबिक, लड़की की उम्र 19 साल है. उनके पास आईडी कार्ड नहीं था, लेकिन फॉर्म बी था जिससे उनकी उम्र की पुष्टि हो पाई.
पुलिस के मुताबिक यह लड़का इस सिख परिवार के पास ही रहता था.
उधर पंजाब प्रांत के मुख्यमंत्री उस्मान बुज़दार ने मामले का संज्ञान लेते हुए इसकी जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति बनाई थी.
गौरतलब है कि इस साल पाकिस्तान के सिंध और पंजाब प्रांत में हिंदू लड़कियों को अगवा करके ज़बरन धर्मांतरण के मामले पहले भी आ चुके हैं.
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